टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: भारत ने साउथ अफ्रीका को धो डाला, ईशान किशन की तूफानी पारी ने दिलाई जीत

नवी मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम 4 फरवरी (बुधवार) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबला खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 30 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की. मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 241 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम सात विकेट पर 210 रन ही बना सकी. भारतीय टीम की जीत में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की अहम भूमिका रही. ईशान ने तूफानी अर्धशतक लगाया. वहीं अभिषेक ने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया. भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में उतरेगी, जहां उसका पहला मुकाबला 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से होना है. रनचेज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45* रन ट्रिस्टन स्टब्स ने बनाए. स्टब्स ने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. विकेटकीपर बल्लेबाज रयान रिकेल्टन ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 44 रन बनाए. वहीं कप्तान एडेन मार्करम ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 19 गेंदों पर 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 2 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जेसन स्मिथ ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 23 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन ने 31 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला. भारतीय बल्लेबाजों का धांसू प्रदर्शन टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 240 रन बनाए. ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन ने 7 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 20 गेंदों पर 53 रनों का योददान दिया. वहीं चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर 41 रनों की इनिंग्स खेली. तिलक ने अपनी इनिंग्स में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. वहीं अक्षर पटेल 23 बॉल पर 35 रन बनाकर नॉटआउट रहे, जिसमें 2 छक्के और दो चौके शामिल थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी बैटिंग करते हुए 30-30 रनों का योगदान दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से एनिरक नॉर्किया, कॉर्बिन बॉश, मार्को जानसेन और क्वेना मफाका ने एक-एक सफलता हासिल की. टी20 विश्व कप के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और कुलदीप यादव. टी20 विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया और कगिसो रबाडा.   recent visitors 32

UPSC के नए दिशा-निर्देश: IAS-IFS के लिए सिविल एग्जाम की पुनः अनुमति नहीं, IPS को मिलेगा नया विकल्प

 नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साल 2026 के एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत उम्मीदवार 4 फरवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 के बीच एप्लीकेशन फॉर्म फिल कर सकते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जल्द से जल्द आवेदन कर लें.  नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने कई नए बदलाव भी किए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.  इतने पदों पर निकली भर्ती  इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है. नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को लेकर भी कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं.  फेस ऑथेंटिकेशन पर होगा जोर  इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में नए तरह से ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा. सुरक्षित और सही तरह से परीक्षा प्रक्रिया को करवाने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा. योग्यता  जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.  बदलावों पर दें ध्यान  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं. बता दें कि आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. वे CSE के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी. वहीं, IPS के लिए भी एक नया नियम है. अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा.  उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान   UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से 'ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.  वन-टाइम अपॉर्चुनिटी गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए). लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.  डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया  AI और आधार लिंक: परीक्षा केंद्रों पर पहचान की चोरी (Impersonation) रोकने के लिए AI-बेस्ड फेशियल रिकॉग्निशन और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. अब पुराने OTR के बजाय चार-चरणों वाला एक नया डिजिटल पोर्टल है जहां आधार वेरिफिकेशन के जरिए ही फॉर्म भरा जाएगा.  recent visitors 37

स्पेस वॉर की तैयारी? विशालकाय अंतरिक्ष युद्धपोत पर काम कर रहा चीन, जानिए इसकी ताकत

बीजिंग  चीन ने दुनिया के सामने एक ऐसी कल्पना पेश की है जिसे अब तक सिर्फ साइंस फिक्शन फिल्मों में ही देखा गया था. बीजिंग ने ‘लुआननियाओ’ नाम के एक विशाल अंतरिक्ष विमान वाहक (Space Aircraft Carrier) का खाका तैयार किया है. यह प्रोजेक्ट चीन के ‘नांतियानमेन’ या ‘साउथ हेवनली गेट’ मिशन का हिस्सा है. दावा किया जा रहा है कि यह भविष्य का युद्धपोत होगा. यह पृथ्वी के वायुमंडल की सीमा पर रहकर पूरे ग्रह पर नजर रख सकेगा. चीन के सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो के मुताबिक लुआननियाओ एक विशाल ग्रे रंग का त्रिकोणीय जहाज होगा. इसकी लंबाई 242 मीटर और चौड़ाई 684 मीटर बताई जा रही है. इसका वजन लगभग 1,20,000 टन होगा जो आज के किसी भी आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर से बहुत ज्यादा है. यह स्पेस कैरियर 88 ‘शुआन नू’ मानवरहित लड़ाकू विमानों को अपने साथ ले जाने में सक्षम होगा. ये जेट इतने एडवांस होंगे कि वे स्टील्थ तकनीक से लैस होकर हाइपरसोनिक मिसाइलें दाग सकेंगे. क्या चीन अंतरिक्ष में अमेरिका को मात देगा? डिफेंस एक्सपर्ट पीटर लेटन का कहना है कि अगर चीन इसे बनाने में सफल रहा तो यह दुनिया की हर डिफेंस सिस्टम को फेल कर देगा. यह विमान वाहक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और मौजूदा फाइटर जेट्स की पहुंच से बहुत ऊपर होगा. यह सीधे टारगेट के ऊपर जाकर हमला कर सकता है. इससे चीन को ताइवान और साउथ चाइना सी में अमेरिका के खिलाफ बड़ी बढ़त मिल सकती है. चीन अपनी रॉकेट और सैटेलाइट तकनीक पर भारी निवेश कर रहा है जो अमेरिका की चिंता बढ़ा रहा है. क्या यह सिर्फ एक चीनी प्रोपेगेंडा है? इतनी बड़ी योजना के बावजूद दुनिया भर के एक्सपर्ट्स इसे लेकर काफी संशय में हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस जहाज को पृथ्वी की कक्षा में भेजने या हवा में टिकाए रखने के लिए जिस प्रोपल्शन सिस्टम और ईंधन की जरूरत है वह फिलहाल मौजूद नहीं है. इसे ऑर्बिट में भेजने के लिए चीन को एलन मस्क की स्पेसएक्स जैसे रियूजेबल रॉकेट चाहिए. चीन अभी ऐसी तकनीक विकसित करने से कम से कम 10 से 15 साल दूर है. कई लोग इसे चीन का एक ‘पब्लिसिटी स्टंट’ मान रहे हैं. साउथ हेवनली गेट प्रोजेक्ट क्या है? यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक जहाज तक सीमित नहीं है. इसमें ‘बैदी’ जैसे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं जो अंतरिक्ष के करीब जाकर ऑपरेट कर सकते हैं. चीन ने 2024 के विमानन मेले में इसका मॉडल भी दिखाया था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन ऐसी घोषणाएं अपनी जनता को प्रेरित करने और पड़ोसी देशों को अपनी ताकत दिखाने के लिए करता है. यह एक मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हो सकता है जिससे चीन खुद को दुनिया का सबसे एडवांस सैन्य पावर साबित करना चाहता है. हवा में ही खत्म हो जाएंगे दुश्मन के सारे रडार? चीन का यह फ्लाइंग  स्पेस रेस में चीन की मौजूदा स्थिति क्या है? भले ही लुआननियाओ अभी एक कल्पना जैसा लगे लेकिन चीन के हालिया मिशन हकीकत हैं. 2024 में चीन के ‘चांग-ई-6’ मिशन ने चंद्रमा के सबसे दूर वाले हिस्से से नमूने लाकर इतिहास रचा था. अब चीन ‘चांग-ई-7’ के जरिए चांद पर पानी खोजने की तैयारी में है. अमेरिका की रफ्तार जहां कुछ धीमी पड़ी है वहीं चीन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. लुआननियाओ का सपना साकार होने में भले ही 20-30 साल लगें लेकिन इसने भविष्य की जंग का खाका जरूर खींच दिया है. recent visitors 32

ग्वालियर भर्ती अपडेट: आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 65 करोड़ का टेंडर मंजूर, प्रक्रिया फिर शुरू

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के एक बड़े जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खत्म होने की कगार पर है। नगर निगम ने आउटसोर्स मैनपावर की नई टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एमआईसी (Mayor-in-Council) के समक्ष रखा जाएगा। एमआईसी की मंजूरी और परिषद से पास होने के बाद नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे निगम के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो जाएगा। गलत गणना बनी थी विवाद की जड़ दरअसल, वर्ष 2024 में नगर निगम द्वारा आउटसोर्स मैनपावर के लिए करीब 65 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसमें सर्विस चार्ज की गणना में गंभीर त्रुटि सामने आई, जिससे निगम को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति होने की आशंका थी। इसी कारण निगमायुक्त ने परिषद द्वारा पारित ठहराव पर पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन परिषद ने उसे अस्वीकार कर दिया। यदि उस समय कार्यादेश जारी होता, तो निगम पर 3.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता। शासन ने किया हस्तक्षेप मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2025 में निगमायुक्त ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने 7 जनवरी को परिषद के सभी ठहरावों को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब नगर निगम को दोबारा से सही और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की अनुमति मिल गई है। recent visitors 31

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, MP में जंबो कार्यकारिणी खत्म, संगठन ने जारी किया सख्त आदेश

भोपाल  कांग्रेस संगठन के ताज़ा निर्देशों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के सख्त आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस में टेंशन का माहौल बन गया है। अब जिलों में मनमाने तरीके से बड़ी कार्यकारिणी बनाने पर रोक लगा दी गई है। जिला अध्यक्षों को मिला सीधा आदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी राज्यों की इकाइयों और जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि — बड़े जिलों में अधिकतम 55 सदस्य छोटे जिलों में सिर्फ 35 सदस्य ही जिला कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे। यह फैसला AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया। 15 दिन में कार्यकारिणी गठन के निर्देश वेणुगोपाल ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी जिलों को 15 दिन के भीतर नई गाइडलाइन के अनुसार जिला कार्यकारिणी का गठन करना होगा। MP में पहले ही तोड़ी जा चुकी है गाइडलाइन मध्य प्रदेश में गुटबाजी को साधने के लिए लंबे समय से जम्बो कार्यकारिणी बनाने की परंपरा रही है। लेकिन नए निर्देश आने से पहले ही 30 जनवरी को कांग्रेस ने तीन जिलों की कार्यकारिणी जारी कर दी, जिनमें तय सीमा से कहीं ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए। आंकड़े जो बढ़ा रहे हैं संगठन की मुश्किल छिंदवाड़ा: 240 सदस्य सागर: 150 से ज्यादा पदाधिकारी मऊगंज (छोटा जिला): 40 सदस्य भोपाल शहर: 106 नामों की सूची भोपाल ग्रामीण: 85 सदस्यों की सूची तैयार इन आंकड़ों ने अब कांग्रेस संगठन को असमंजस में डाल दिया है।  अब क्या बदलेगी MP कांग्रेस की रणनीति? राष्ट्रीय नेतृत्व के सख्त रुख के बाद सवाल यह है कि— क्या जारी की गई जम्बो कार्यकारिणियों में कटौती होगी? या फिर संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ेगा? फिलहाल, कांग्रेस के नए फरमान ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई बेचैनी और सियासी हलचल जरूर पैदा कर दी है। recent visitors 35

यूरोप में बढ़ी सख्ती, ऑस्ट्रेलिया के बाद स्पेन और ग्रीस भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगा सकते हैं बैन

मैड्रिड  ऑस्ट्रेलिया के बाद अब स्पेन और ग्रीस भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने की तैयारी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच पर प्रतिबंध लगा दिया था, और अब यूरोप में भी इसी तरह की सख्ती देखने को मिल रही है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि उनका देश 16 साल से कम उम्र के बच्चों को हानिकारक कंटेंट जैसे पोर्नोग्राफी और हिंसा से बचाने के लिए सोशल मीडिया बैन करना चाहता है। वहीं ग्रीस भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर सकता है। स्पेन और ग्रीस की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब कई देश सोशल मीडिया को एडिक्टिव और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मान रहे हैं। यूरोप में ब्रिटेन और फ्रांस भी सोशल मीडिया पर सख्त रुख अपनाने की दिशा में हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुका है। स्पेन के इस प्रस्ताव पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के मालिक एलन मस्क ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।  मस्क ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ को सोशल मीडिया पर अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया और उन्हें “तानाशाह” करार दिया। मस्क ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सरकार के इस कदम का विरोध किया। हाल के समय में AI-जेनरेटेड कंटेंट और बिना सहमति के यौन छवियों के निर्माण की रिपोर्टों ने सोशल मीडिया के जोखिमों को उजागर किया है। विशेष रूप से नाबालिगों से जुड़ी घटनाओं ने सरकारों को सख्त नियमों की तरफ प्रेरित किया है। इस पूरे विवाद में बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के बीच बहस और तेज हो गई है। recent visitors 31

छोटे राज्य से बड़ी उड़ान: छत्तीसगढ़ का उभरता टेक्निकल इंस्टीट्यूट, Google में प्लेसमेंट

भिलाई  आज के समय में स्टूडेंट्स सिर्फ एक नामी कॉलेज नहीं, बल्कि ऐसा इंस्टीट्यूट चाहते हैं जहां पढ़ाई के साथ-साथ सोचने, प्रयोग करने और आगे बढ़ने का मौका मिले. IIT भिलाई ठीक इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. यह इंस्टीट्यूट पूरे देश के स्टूडेंट्स के लिए एक नया अवसर बनकर उभरा है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज, रिसर्च और रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स से जोड़ा जाता है. मॉडर्न कैंपस, सपोर्टिव नेचर और फ्यूचर ग्रोथ पढ़ाई के कारण IIT भिलाई आज तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. आइए जानते हैं कि आईआईटी भिलाई में एडमिशन कैसे लें, फीस क्या है और प्लेसमेंट के क्या-क्या अवसर है. IIT Bhilai Admission: एडमिशन प्रोसेस IIT भिलाई में BTech कोर्स में एडमिशन पूरी तरह नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होता है. बीटेक कोर्स में एडमिशन लेने के लिए JEE Advanced एग्जाम पास करना पड़ता है. जेईई एडवांस्ड में मिले रैंक के बेसिस पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट की जाती है. GATE स्कोर के आधार पर MTech कोर्स में एडमिशन दिया जाता है. IIT Bhilai Fees: फीस स्ट्रक्चर आईआईटी भिलाई में BTech कोर्स की फीस लगभग 170270 (प्रतिवर्ष) रुपये हैं, जिसमें ट्यूशन फीस और हॉस्टल और अन्य सभी फीस शामिल है. MTech कोर्स की फीस लगभग 86420 रुपये (प्रतिवर्ष) है. फीस रिलेटेड डिटेल्स जानने के लिए स्टूडेंट्स कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट iitbhilai.ac.in चेक कर सकते हैं. IIT Bhilai Placement Details: प्लेसमेंट डिटेल्स IIT भिलाई को एक उभरता हुआ IIT माना जाता है. यहां प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छा है. CSE और DSAI जैसे टेक्निकल ब्रांच में ज्यादा हाई-पैकेज देखे जाते हैं. यहां टॉप कंपनियां जैसे Google, TCS, Infosys और Accenture कॉलेज के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर देने के लिए आते हैं. 2024-25 में स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज 13.28 लाख रुपये तक का देखा गया है. recent visitors 25