‘Bharat Taxi’ का आज होगा लॉन्च, अमित शाह देंगे सर्ज प्राइसिंग और महंगे किराए को अलविदा

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. recent visitors 38

WPL के ग्रैंड फिनाले में दोस्ती की टेस्ट, क्या जेमिमा रोड्रिग्स की चुनौती से पार पाएंगी स्मृति मंधाना?

नई दिल्ली WPL Final 2026: महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) फाइनल में आमने-सामने होंगी. एक तरफ स्मृति मंधाना की कप्तानी में RCB दूसरी बार खिताब जीतकर मुंबई इंडियंस की बराबरी करना चाहेगी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स तीन बार फाइनल हारने का दाग मिटाने के इरादे से उतरेगी. यानी या तो WPL को नया चैम्पियन मिलेगा, या इतिहास की बराबरी होगी. वहीं खास बात यह है कि इस दौरान दो खास दोस्त और दोनों टीमों की कप्तान स्मृत‍ि मंधाना और जेम‍िमा रोड्र‍िग्स भी एक दूसरे के आमने- सामने होंगी.  RCB का सफर इस सीजन किसी सपने से कम नहीं रहा है. टीम ने लगातार पांच मैच जीतकर WPL इतिहास में नई मिसाल कायम की है. मुश्किल हालात में वापसी करना इस टीम की पहचान बन चुकी है. ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस हैरिस ने यूपी वॉरियर्स के खिलाफ 75 रन की विस्फोटक पारी खेलकर लय हासिल की, जबकि गौतमी नाइक ने गुजरात जायंट्स के खिलाफ 73 रन बनाकर 61 रन की बड़ी जीत की नींव रखी. हालांकि स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, जॉर्जिया वोल और हैरिस जैसी बल्लेबाजों में निरंतरता की कमी रही है, लेकिन सही समय पर मिले योगदान ने टीम को मजबूत बनाए रखा. गेंदबाजी में नादिन ड‍ि क्लार्क और सायली सतघरे ने अहम मौकों पर असर छोड़ा है. ड‍ि क्लार्क 8 मैचों में 15 विकेट लेकर टूर्नामेंट की तीसरी सबसे सफल गेंदबाज हैं, जबकि श्रेयंका पाटिल का गुजरात के खिलाफ पांच विकेट लेना टीम की गहराई को दर्शाता है. दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह फाइनल ‘करो या मरो’ जैसा है. नई कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स की अगुआई में टीम पहली बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. गेंदबाजी में चिनेल हेनरी और नंदिनी शर्मा ने नई गेंद से कहर बरपाया है. नंदिनी 16 विकेट के साथ दूसरे नंबर की विकेट-टेकर हैं और भारतीय टीम में जगह की मजबूत दावेदार बन चुकी हैं. बल्लेबाजी में लिजेल ली और शेफाली वर्मा ने एलिमिनेटर में अहम साझेदारी निभाई, जबकि लॉरा वोल्वार्ट पूरे सीजन टीम की रीढ़ साबित हुई हैं. साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों के मजबूत कोर और टीम के आपसी तालमेल ने दिल्ली को दबाव में भी टिके रहने की ताकत दी है. अब देखना होगा कि मंधाना की संतुलित RCB इतिहास रचेगी या जेमिमा की दिल्ली आखिरकार फाइनल की दीवार तोड़ पाएगी.  दिल्ली कैपिटल्स: जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), तानिया भाटिया (विकेट कीपर), लूसी हैमिल्टन, चिनेले हेनरी, मारिजाने कैप, अलाना किंग, लिजेल ली, मिन्नू मणि, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, शेफाली वर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, प्रगति सिंह, एडला सृजना, लॉरा वोल्वार्ट. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), लॉरेन बेल, नादिन डिक्लर्क, ऋचा घोष (विकेटकीपर), ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, श्रेयांका पाटिल, कुमार प्रत्युषा, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, सयाली सतघरे, लिन्सी स्मिथ, पूजा वस्त्राकर, जॉर्जिया वॉल, राधा यादव.   recent visitors 35

वॉशिंगटन पोस्ट में कर्मचारियों की छंटनी, शशि थरूर के बेटे ईशान की नौकरी भी गई

नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में से एक 'वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा झटका दिया है. अखबार ने अपने कुल स्टाफ के लगभग एक-तिहाई (300 से अधिक कर्मचारियों) की छंटनी कर दी है.इस बड़ी छंटनी की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और अखबार के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार ईशान थरूर भी आए हैं. उन्होंने अखबार में बिताए अपने वर्षों की सेवा और अचानक समाप्त हुए अपने कार्यकाल पर भावुक प्रतिक्रिया दी और इसे यह न्यूज़रूम और वैश्विक पत्रकारिता के लिए 'बेहद दुखद दिन' बताया. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“आज अंतरराष्ट्रीय स्टाफ के अधिकांश साथियों और कई अन्य शानदार सहकर्मियों के साथ मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से ले-ऑफ कर दिया गया है. हमारा न्यूज़रूम और खासकर वे बेहतरीन पत्रकार, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की उनके लिए दिल से बहुत दुखी हूं.” एक अलग पोस्ट में उन्होंने खाली न्यूज़रूम की तस्वीर साझा करते हुए इसे बस “एक बुरा दिन” बताया. ईशान ने अख़बार में अपने काम को याद करते हुए कहा कि 2017 में ‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम की शुरुआत करना उनके लिए सम्मान की बात थी जिसका मकसद पाठकों को वैश्विक मामलों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना था. उन्होंने उन लगभग पांच लाख सब्सक्राइबर्स का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने वर्षों तक उनकी रिपोर्टिंग को पढ़ा और सराहा. वॉशिंगटन पोस्ट ने बड़ी संख्या में छंटनियों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है. अखबार ने अपने स्पोर्ट्स सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके साथ ही कई विदेशी ब्यूरो और बुक कवरेज सेक्शन पर भी ताला लग गया है. सबसे चौंकाने वाला फैसला मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की पूरी रिपोर्टिंग टीम और संपादकों को हटाना रहा. पूर्व संपादकों ने की आलोचना अखबार के पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टिन बैरन ने इस कदम को "खुद ब्रांड का खात्मा करना" करार दिया है. वहीं वर्तमान प्रबंधन का कहना है कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार खुद को ढालने के लिए यह "दर्दनाक लेकिन जरूरी" फैसला था. काहिरा ब्यूरो चीफ क्लेयर पार्कर और युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करने वाली लिजी जॉनसन जैसी दिग्गज पत्रकारों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. वहीं पत्रकारिता के शिक्षाविदों और पूर्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि ये कटौतियां दुनिया के सबसे प्रभावशाली न्यूजरूम्स में से एक को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती हैं. काहिरा ब्यूरो प्रमुख क्लेयर पार्कर ने एक्स पर बताया कि उन्हें अख़बार की पूरी मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम के साथ नौकरी से निकाल दिया गया है. उन्होंने इस फैसले को “समझ से परे” बताया. वहीं लिजी जॉनसन जिन्होंने हाल ही में युद्ध क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में यूक्रेन से रिपोर्टिंग की थी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी नौकरी से हटा दिया गया है. पूरे पत्रकारिता जगत में इस फैसले को लेकर गुस्सा और हैरानी देखने को मिली. द अटलांटिक में लिखे एक लेख में वॉशिंगटन पोस्ट की पूर्व पत्रकार ऐश्ले पार्कर ने चेतावनी दी कि लगभग 150 वर्षों से अमेरिकी लोकतंत्र का स्तंभ रहे इस अखबार की मौजूदा दिशा उसकी विरासत को गंभीर खतरे में डाल रही है. एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने इस फैसले को “दर्दनाक लेकिन ज़रूरी” बताया. उन्होंने स्टाफ से कहा कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार ढलने के लिए संगठन हर किसी के लिए सब कुछ नहीं बन सकता. कंपनी की बैठक के बाद कर्मचारियों को ईमेल के जरिए उनके भविष्य के बारे में बताया गया.    recent visitors 42

टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: भारत ने साउथ अफ्रीका को धो डाला, ईशान किशन की तूफानी पारी ने दिलाई जीत

नवी मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम 4 फरवरी (बुधवार) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबला खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 30 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की. मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 241 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम सात विकेट पर 210 रन ही बना सकी. भारतीय टीम की जीत में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की अहम भूमिका रही. ईशान ने तूफानी अर्धशतक लगाया. वहीं अभिषेक ने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया. भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में उतरेगी, जहां उसका पहला मुकाबला 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से होना है. रनचेज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45* रन ट्रिस्टन स्टब्स ने बनाए. स्टब्स ने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. विकेटकीपर बल्लेबाज रयान रिकेल्टन ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 44 रन बनाए. वहीं कप्तान एडेन मार्करम ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 19 गेंदों पर 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 2 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जेसन स्मिथ ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 23 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन ने 31 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला. भारतीय बल्लेबाजों का धांसू प्रदर्शन टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 240 रन बनाए. ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन ने 7 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 20 गेंदों पर 53 रनों का योददान दिया. वहीं चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर 41 रनों की इनिंग्स खेली. तिलक ने अपनी इनिंग्स में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. वहीं अक्षर पटेल 23 बॉल पर 35 रन बनाकर नॉटआउट रहे, जिसमें 2 छक्के और दो चौके शामिल थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी बैटिंग करते हुए 30-30 रनों का योगदान दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से एनिरक नॉर्किया, कॉर्बिन बॉश, मार्को जानसेन और क्वेना मफाका ने एक-एक सफलता हासिल की. टी20 विश्व कप के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और कुलदीप यादव. टी20 विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया और कगिसो रबाडा.   recent visitors 44

UPSC के नए दिशा-निर्देश: IAS-IFS के लिए सिविल एग्जाम की पुनः अनुमति नहीं, IPS को मिलेगा नया विकल्प

 नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साल 2026 के एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत उम्मीदवार 4 फरवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 के बीच एप्लीकेशन फॉर्म फिल कर सकते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जल्द से जल्द आवेदन कर लें.  नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने कई नए बदलाव भी किए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.  इतने पदों पर निकली भर्ती  इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है. नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को लेकर भी कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं.  फेस ऑथेंटिकेशन पर होगा जोर  इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में नए तरह से ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा. सुरक्षित और सही तरह से परीक्षा प्रक्रिया को करवाने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा. योग्यता  जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.  बदलावों पर दें ध्यान  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं. बता दें कि आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. वे CSE के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी. वहीं, IPS के लिए भी एक नया नियम है. अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा.  उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान   UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से 'ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.  वन-टाइम अपॉर्चुनिटी गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए). लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.  डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया  AI और आधार लिंक: परीक्षा केंद्रों पर पहचान की चोरी (Impersonation) रोकने के लिए AI-बेस्ड फेशियल रिकॉग्निशन और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. अब पुराने OTR के बजाय चार-चरणों वाला एक नया डिजिटल पोर्टल है जहां आधार वेरिफिकेशन के जरिए ही फॉर्म भरा जाएगा.  recent visitors 47

स्पेस वॉर की तैयारी? विशालकाय अंतरिक्ष युद्धपोत पर काम कर रहा चीन, जानिए इसकी ताकत

बीजिंग  चीन ने दुनिया के सामने एक ऐसी कल्पना पेश की है जिसे अब तक सिर्फ साइंस फिक्शन फिल्मों में ही देखा गया था. बीजिंग ने ‘लुआननियाओ’ नाम के एक विशाल अंतरिक्ष विमान वाहक (Space Aircraft Carrier) का खाका तैयार किया है. यह प्रोजेक्ट चीन के ‘नांतियानमेन’ या ‘साउथ हेवनली गेट’ मिशन का हिस्सा है. दावा किया जा रहा है कि यह भविष्य का युद्धपोत होगा. यह पृथ्वी के वायुमंडल की सीमा पर रहकर पूरे ग्रह पर नजर रख सकेगा. चीन के सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो के मुताबिक लुआननियाओ एक विशाल ग्रे रंग का त्रिकोणीय जहाज होगा. इसकी लंबाई 242 मीटर और चौड़ाई 684 मीटर बताई जा रही है. इसका वजन लगभग 1,20,000 टन होगा जो आज के किसी भी आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर से बहुत ज्यादा है. यह स्पेस कैरियर 88 ‘शुआन नू’ मानवरहित लड़ाकू विमानों को अपने साथ ले जाने में सक्षम होगा. ये जेट इतने एडवांस होंगे कि वे स्टील्थ तकनीक से लैस होकर हाइपरसोनिक मिसाइलें दाग सकेंगे. क्या चीन अंतरिक्ष में अमेरिका को मात देगा? डिफेंस एक्सपर्ट पीटर लेटन का कहना है कि अगर चीन इसे बनाने में सफल रहा तो यह दुनिया की हर डिफेंस सिस्टम को फेल कर देगा. यह विमान वाहक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और मौजूदा फाइटर जेट्स की पहुंच से बहुत ऊपर होगा. यह सीधे टारगेट के ऊपर जाकर हमला कर सकता है. इससे चीन को ताइवान और साउथ चाइना सी में अमेरिका के खिलाफ बड़ी बढ़त मिल सकती है. चीन अपनी रॉकेट और सैटेलाइट तकनीक पर भारी निवेश कर रहा है जो अमेरिका की चिंता बढ़ा रहा है. क्या यह सिर्फ एक चीनी प्रोपेगेंडा है? इतनी बड़ी योजना के बावजूद दुनिया भर के एक्सपर्ट्स इसे लेकर काफी संशय में हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस जहाज को पृथ्वी की कक्षा में भेजने या हवा में टिकाए रखने के लिए जिस प्रोपल्शन सिस्टम और ईंधन की जरूरत है वह फिलहाल मौजूद नहीं है. इसे ऑर्बिट में भेजने के लिए चीन को एलन मस्क की स्पेसएक्स जैसे रियूजेबल रॉकेट चाहिए. चीन अभी ऐसी तकनीक विकसित करने से कम से कम 10 से 15 साल दूर है. कई लोग इसे चीन का एक ‘पब्लिसिटी स्टंट’ मान रहे हैं. साउथ हेवनली गेट प्रोजेक्ट क्या है? यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक जहाज तक सीमित नहीं है. इसमें ‘बैदी’ जैसे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं जो अंतरिक्ष के करीब जाकर ऑपरेट कर सकते हैं. चीन ने 2024 के विमानन मेले में इसका मॉडल भी दिखाया था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन ऐसी घोषणाएं अपनी जनता को प्रेरित करने और पड़ोसी देशों को अपनी ताकत दिखाने के लिए करता है. यह एक मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हो सकता है जिससे चीन खुद को दुनिया का सबसे एडवांस सैन्य पावर साबित करना चाहता है. हवा में ही खत्म हो जाएंगे दुश्मन के सारे रडार? चीन का यह फ्लाइंग  स्पेस रेस में चीन की मौजूदा स्थिति क्या है? भले ही लुआननियाओ अभी एक कल्पना जैसा लगे लेकिन चीन के हालिया मिशन हकीकत हैं. 2024 में चीन के ‘चांग-ई-6’ मिशन ने चंद्रमा के सबसे दूर वाले हिस्से से नमूने लाकर इतिहास रचा था. अब चीन ‘चांग-ई-7’ के जरिए चांद पर पानी खोजने की तैयारी में है. अमेरिका की रफ्तार जहां कुछ धीमी पड़ी है वहीं चीन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. लुआननियाओ का सपना साकार होने में भले ही 20-30 साल लगें लेकिन इसने भविष्य की जंग का खाका जरूर खींच दिया है. recent visitors 42

ग्वालियर भर्ती अपडेट: आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 65 करोड़ का टेंडर मंजूर, प्रक्रिया फिर शुरू

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के एक बड़े जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खत्म होने की कगार पर है। नगर निगम ने आउटसोर्स मैनपावर की नई टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एमआईसी (Mayor-in-Council) के समक्ष रखा जाएगा। एमआईसी की मंजूरी और परिषद से पास होने के बाद नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे निगम के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो जाएगा। गलत गणना बनी थी विवाद की जड़ दरअसल, वर्ष 2024 में नगर निगम द्वारा आउटसोर्स मैनपावर के लिए करीब 65 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसमें सर्विस चार्ज की गणना में गंभीर त्रुटि सामने आई, जिससे निगम को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति होने की आशंका थी। इसी कारण निगमायुक्त ने परिषद द्वारा पारित ठहराव पर पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन परिषद ने उसे अस्वीकार कर दिया। यदि उस समय कार्यादेश जारी होता, तो निगम पर 3.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता। शासन ने किया हस्तक्षेप मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2025 में निगमायुक्त ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने 7 जनवरी को परिषद के सभी ठहरावों को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब नगर निगम को दोबारा से सही और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की अनुमति मिल गई है। recent visitors 41