ट्रिगर दबेगा, तिरंगा लहराएगा! एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड के लिए तैयार भारतीय पिस्टल शूटर

नई दिल्ली पिस्टल शूटर दिल्ली में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में निशाना लगाएंगे, क्योंकि एशियन चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल में कल पहले दिन 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में मेडल्स का फैसला होगा। वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा, वर्ल्ड कप फाइनल चैंपियन सुरुचि सिंह, ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और ईशा सिंह के नेतृत्व में भारतीय निशानेबाज इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में मेजबान टीम को एक मजबूत शुरुआत देने की कोशिश करेंगे। बुधवार को चार फाइनल होंगे, जिसमें सीनियर पुरुष और महिला के साथ-साथ जूनियर और यूथ पुरुष के फाइनल भी शामिल हैं। सुरुचि सिंह और सम्राट राणा, मनु भाकर और ईशा सिंह के साथ महिला इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक होंगे। हॉन्ग कॉन्ग की वर्ल्ड नंबर चार और वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट हो चिंग शिंग महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के लिए पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने चार बार कॉन्टिनेंटल फाइनल में जगह बनाई है, जिसमें 2019 में सिल्वर मेडल जीता था। मेडल के लिए एक डार्क हॉर्स चीनी ताइपे की चेंग येन-चिंग हो सकती हैं, जो दुनिया में 16वें स्थान पर हैं। 19 साल की इस खिलाड़ी ने अपने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में 25वां स्थान हासिल किया था और म्यूनिख में अपने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप डेब्यू में पांचवें स्थान पर रही थीं। वियतनाम की थू विन्ह ट्रिन्ह, जो दो बार की एशियाई कांस्य पदक विजेता और दो बार की ओलंपिक फाइनलिस्ट हैं, भी इसमें हिस्सा लेंगी। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा भारतीय पुरुष टीम का नेतृत्व करेंगे, साथ ही वर्ल्ड नंबर दो और वर्ल्ड कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर और श्रवण कुमार भी होंगे, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप में 12वें स्थान पर रहे थे। कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमझान, जो वर्ल्ड नंबर आठ और म्यूनिख से आईएसएसएफ वर्ल्ड कप सिल्वर मेडलिस्ट हैं, जो पिछले साल शिमकेंट में चौथे स्थान पर रहे थे, चीनी ताइपे के हसिह हसिआंग-चेन और उज्बेकिस्तान के वर्ल्ड नंबर 25 मुखम्मद कमालव, जो 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में नौवें स्थान पर रहे थे, भारतीय निशानेबाजों के मुख्य प्रतिद्वंद्वी होंगे। जूनियर और यूथ एथलीट भी कल एक्शन में होंगे, जिसमें जोनाथन गेविन एंटनी, मुकेश नेलावल्ली, डेफलिंपिक्स मेडलिस्ट अभिनव देशवाल, हिमांशु राणा और प्रियांशु यादव जूनियर कैटेगरी में मैदान में उतरेंगे और डैरेन के. डॉन, गिरीश गुप्ता, अभय धामा, मनदीप चौहान, धैर्य प्रशर और हार्दिक बंसल यूथ कैटेगरी में एक्शन में होंगे। मेजबान टीम ने 118 एथलीटों की सबसे बड़ी टीम उतारी है, जबकि कजाकिस्तान ने 35 एथलीटों की दूसरी सबसे बड़ी टीम उतारी है। क्षेत्रीय पावरहाउस कोरिया और जापान ने भी मजबूत टीमें उतारी हैं, और चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।   recent visitors 42

AMCA फाइटर जेट प्रोजेक्ट में HAL को मिली हार, पांचवीं पीढ़ी के विमान की रेस में बदलाव

बेंगलुरु  भारत का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है. यह भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस प्रतियोगिता से बाहर हो गई है, जबकि तीन प्राइवेट कंपनियां आगे निकल आई हैं. AMCA क्या है? मुख्य विशेषताएं AMCA एक ट्विन-इंजन, सिंगल-सीट वाला मल्टीरोल स्टेल्थ फाइटर है. इसकी खासियतें…      स्टेल्थ टेक्नोलॉजी: रडार से बहुत कम दिखाई देता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम. लंबी दूरी के हमले की क्षमता.     मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग: पायलट वाला जेट और ड्रोन साथ काम करेंगे.     सुपरक्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के तेज स्पीड.     एडवांस्ड AESA रडार और अन्य हाई-टेक फीचर्स. यह भारतीय वायुसेना (IAF) का मुख्य लड़ाकू विमान बनेगा. 2030 के मध्य से शामिल होना शुरू होगा. शुरुआत में 120 जेट का ऑर्डर दिया जा सकता है. जो बाद में और बढ़ सकता है. HAL क्यों बाहर हुई? सात भारतीय कंपनियों/कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी. तकनीकी जांच के बाद सिर्फ तीन प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां क्वालीफाई हुईं. HAL की बोली खारिज हो गई. HAL का ऑर्डर बुक बहुत बड़ा (रेवेन्यू से कई गुना ज्यादा) था, जबकि नियमों में सीमा है. Tejas जैसे प्रोजेक्ट में देरी की वजह से सरकार HAL पर निर्भरता कम करना चाहती है. प्राइवेट सेक्टर को मौका देकर तेज विकास, बेहतर इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है. तीन प्राइवेट कंपनियां कौन हैं?     टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) — अकेले बोली लगाई.     लार्सन एंड टुब्रो (L&T) — BEL और Dynamatic Technologies के साथ कंसोर्टियम.     भारत फोर्ज (कल्याणी ग्रुप) — BEML और Data Patterns के साथ. ये तीनों अब एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर काम करेंगी. इन्हें 5 फ्लाइंग प्रोटोटाइप और 1 स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन बनाने हैं. बजट और समयसीमा प्रोटोटाइप विकास के लिए ₹15,000 करोड़ का अनुमानित बजट.     प्रोटोटाइप रोलआउट: 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत.     पहली उड़ान: 2028-2029 के आसपास.     वायुसेना में शामिल होना: 2030 के मध्य से.     फाइनल विजेता: अगले 2-3 महीनों में (RFP के बाद कॉमर्शियल बिडिंग से L1 चुनकर). यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण? यह भारत के डिफेंस सेक्टर में बड़ा सुधार है. HAL का एकाधिकार टूट रहा है. प्राइवेट कंपनियां तेज और कुशल काम कर सकती हैं. इससे भारत की एयर पावर मजबूत होगी. चीन-पाक जैसे पड़ोसियों से बेहतर मुकाबला संभव होगा. AMCA सफल होने पर भारत चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जो खुद 5वीं पीढ़ी का फाइटर बना सकते हैं.   recent visitors 44

छत्तीसगढ़ सरकार की नई स्टार्टअप नीति मंजूर, अगले 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप्स होंगे मजबूत

रायपुर. छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो तथा सतत आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो। यह नीति राज्य के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित एवं सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए क्च्प्प्ज्-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के माध्यम से वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में 100 करोड़ रूपए के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ रूपए के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख रूपए तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके तहत राज्य में उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विज़न/2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार-आधारित उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।   स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की अनुदान और छूट का प्रावधान किया गया है,-  ’ सीड फंड सहायता – नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए तक सहायता। ’ स्टार्टअप कैपिटल फंड – निवेश उपलब्ध कराने हेतु 100 करोड़ रूपए का फंड। ’ क्रेडिट रिस्क फंड – बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रूपए का फंड। ’ ब्याज अनुदान – 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान । ’ किराया अनुदान – 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रूपए प्रति माह)। ’ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान – मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख  रूपए )। ’ पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता – राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं। इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता  शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान ।  निजी  इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रूपए)।  बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता। इनक्यूबेटर उन्नयन एवं संचालन सहायता स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी। कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता  मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रूपए प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रूपए वार्षिक)।  न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रूपए तक व्यय प्रतिपूर्ति। कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु 5 लाख रूपए प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विज़न /2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। वर्जन  छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी प्रोत्साहित करने हेतु नए स्टार्टअप नीति में बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। इसी उद्देश्य के साथ माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी स्टार्टअप नीति के माध्यम से इनोवेशन, मेक इन इंडिया  और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देते हुए यह नीति लाई गई है। recent visitors 35

आईगॉट प्लेटफॉर्म पर विभागीय नोडल अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर स्थित पंचम तल सभागार में आईगॉट (Government Online Training) प्लेटफॉर्म पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना (Departmental Capacity Building Plan – CBP) तैयार करने हेतु वर्चुअल हैंड होल्डिंग एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में  नई दिल्ली स्थित क्षमता निर्माण आयोग के विशेषज्ञों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को CBP तैयार करने की प्रक्रिया, प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आकलन तथा कर्मचारियों के कौशल विकास की रूपरेखा तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता एवं क्षमता वृद्धि के लिए सुव्यवस्थित प्रशिक्षण योजना तैयार करना है, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। कार्यक्रम के दौरान विभागों के नोडल अधिकारियों को विभागीय कार्य आवंटन विवरण, ऑर्गेनोग्राम, वार्षिक प्रतिवेदन एवं संबंधित नियम/अधिनियम के आधार पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की गई है। recent visitors 36

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।   recent visitors 34

खूबसूरती पर खतरा: पिंपल्स फोड़ने से बढ़ सकता है इन्फेक्शन और दाग-धब्बों का जोखिम

चेहरे पर एक छोटा-सा पिंपल भी दिख जाए, तो हमारा मन उसे फोड़ने के लिए मचलने लगता है। पिंपल फोड़ना भले ही मन काफी संतोषजनक लगता है, लेकिन यह आदत आपकी स्किन के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिंपल फोड़ने के कारण चेहरे पर दाग हो सकते हैं और इन्फेक्शन का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपके चेहरे पर कभी पिंपल निकल भी जाए, तो भले ही आपका जी कितना भी मचले, इसे फोड़ने की गलती बिल्कुल मत करिएगा। आइए जानें पिंपल फोड़ने की आदत कैसे आपके लिए सजा बन सकती है। इन्फेक्शन का बढ़ता खतरा जब आप एक पिंपल को फोड़ते हैं, तो आप त्वचा पर एक तरह का खुला घाव बना देते हैं। हमारे हाथों और नाखूनों में अनगिनत बैक्टीरिया होते हैं। जैसे ही पिंपल फटता है, ये बैक्टीरिया उस खुले छेद के जरिए त्वचा के अंदर जा सकते हैं। इससे पिंपल वाली जगह पर गंभीर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दर्द और मवाद की समस्या और भी बढ़ सकती है। त्वचा में जलन और सूजन हमारी त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है, जबकि हमारे नाखून उसकी तुलना में काफी सख्त और मजबूत होते हैं। पिंपल निकालने के लिए जब आप नाखूनों से त्वचा पर तेज दबाव डालते हैं, तो आसपास के सेल्स डैमेज हो जाते हैं। इससे त्वचा में जलन और गंभीर सूजन पैदा हो सकती है। अक्सर लोग पिंपल्स निकालने वाले टूल्स का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इनका इस्तेमाल त्वचा को छील सकता है। इसलिए खुद से इन टूल्स का इस्तेमाल कभी न करें। त्वचा पर निशान पिंपल को दबाने का सबसे बुरा नतीजा स्कारिंग यानी स्थायी निशान के रूप में सामने आता है। अगर आप पिंपल निकालने के लिए बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं, तो खून निकल सकता है और त्वचा के टिश्यू गहराई तक डैमेज हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि कई पिंपल्स त्वचा की ऊपरी सतह पर नहीं बल्कि गहराई में होते हैं। ऐसे में उन्हें दबाने से वे बाहर निकलने के बजाय अंदर ही रह जाते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, जो बाद में गहरे गड्ढों या काले निशानों का रूप ले लेते हैं। भले ही पिंपल को फोड़ना उस वक्त सही लगे, लेकिन इसके नतीजे आपकी खूबसूरती को बिगाड़ सकते हैं। इसलिए अगर पिंपल्स की समस्या ज्यादा है, तो उन्हें खुद ठीक करने के बजाय किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना ही समझदारी है।   recent visitors 32

संयुक्त राष्ट्र में भारत का संदेश, केंद्रीय राज्यमंत्री ने रखा देश का दृष्टिकोण और विकास संकल्प

धार   संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।   recent visitors 36