उमरिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मशहूर बाघ छोटा भीम की उपचार के दौरान रविवार को भोपाल में मौत हो गई। छोटा भीम को नवंबर के महीने में गले में फंदा फंस जाने से घायल होने के बाद भोपाल उपचार के लिए भेजा गया था। भोपाल वन विहार रेस्क्यू सेंटर में छोटा भीम का उपचार किया जा रहा था। भोपाल भेजे जाने के कुछ दिनों बाद यह खबर आई थी कि छोटा भीम की सेहत में सुधार हो रहा है। घटना के लगभग 2 महीने बाद आई उसकी मौत की सूचना ने वन्य प्राणी प्रेमियों को सकते में डाल दिया है।
 
सांस लेने में थी परेशानी
बताया जा रहा है कि छोटा भीम के गले में लगी चोट की वजह से उसे सांस लेने में लगातार परेशानी हो रही थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। बताया जा रहा है कि गले में लगी चोट को डॉक्टर ठीक नहीं कर पाए थे, जिसकी वजह से इंफेक्शन भी लगातार बढ़ता जा रहा था। भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान संचालक ने बताया है कि नर बाघ छोटा भीम, जो उपचार हेतु बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया से 30 नवंबर 2024 को घायल अवस्था में लाया गया था, उपचार के दौरान बाघ मौत हो गई है।

गले में फंस गया था फंदा
लगभग दो महीना पहले छोटा भीम को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खतौली क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। उस समय उसके गले में दो पहिया वाहन के क्लच वायर का बना हुआ फंदा कसा हुआ था। उसने फंदे से मुक्त होने के लिए काफी प्रयास किया था, जिसके कारण फंदा उसके गले में काफी अंदर तक धंस गया था और वह बुरी तरह से घायल हो गया था।

बाघ डी-वन से संघर्ष
इस घटना के कुछ दिन पहले छोटा भीम का डी वन बाघ से भी संघर्ष हुआ था, जिसमें उसके पैर में चोट लग गई थी। छोटा भीम की मौत बांधों का टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी क्षति है।

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