इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए लिए अच्छी खबर है। यूजीसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए विश्वविद्यालय ने इस साल पीएचडी में दाखिला के लिए दूसरी बार प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। यह विश्वविद्यालय के इतिहास में पहला अवसर है।

पीएचडी में उम्मीदवार को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और डाक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। एक मई से ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उम्मीदवारों के लिए 25 दिन का समय आवेदन करने के लिए रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की तारीख तय कर रखी है, जो एमपी ऑनलाइन के माध्यम से करवाई जाएगी। 14 जून को पेपर रखे गए हैं।

13 विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा

डीईटी के माध्यम से उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। अप्लाइड मैथ्स, अप्लाइड फिजिक्स, अप्लाइड केमिस्ट्री, डाटा साइंस, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, स्टेटेटिक्स, एनर्जी, फार्मेंसी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्टूमेंटेशन, इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन, आईटी सहित 13 पीएचडी विषय हैं।

आवेदन की प्रक्रिया एक से 25 मई के बीच रखी गई है। परीक्षा 14 जून को विश्वविद्यालय के दो विभागों में होगी। परीक्षा में पहला पेपर रिसर्च मैथडलाजी और दूसरा संबंधित विषय होगा। दोनों में 50-50 प्रश्न पूछे जाएंगे। 100 अंक वाले इन परीक्षाओं में उम्मीदवारों को 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा की जिम्मेदारी एमपी ऑनलाइन को दी जाएगी।

24 विषयों में नेट स्कोर होगा मान्य

विश्वविद्यालय के नान डीईटी में पंजीयन एक मई से शुरू होंगे। 24 विषयों की रिक्त सीटों पर उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा। अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस, विधि, गृह विज्ञान, मराठी, हिंदी, रसायन सहित 24 पीएचडी विषयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) स्कोर मान्य किया जाएगा।

डीईटी प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि जून और दिसंबर 2024 में नेट देने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन विषयों की रिक्त सीटों की जानकारी अगले महीने वेबसाइट पर जारी होगी।

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0