छठ घाट मेंटेनेंस के नाम पर ठेकेदार का गोलमाल

छठ घाट मेंटेनेंस के नाम पर ठेकेदार का गोलमाल

आस्था में भी लाभ का अवसर तलाश रहा एनसीएल खड़िया परियोजना अंतर्गत कार्यरत सिविल ठेकेदार

शक्तिनगर
 एनसीएल खड़िया परियोजना चैतन्य मंदिर वाटिका परिसर स्थित छठ घाट पूजा स्थल मेंटेनेंस के नाम पर कार्यदायी संस्था महज खाना पूर्ति कर रही है। घटिया सामग्री का प्रयोग कर बस ऊपर से घाट को चमकाकर अपनी चोरी को छुपाने का कार्य किया जा रहा है और देखरेख कर रहे विभाग व अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर सारे गोलमाल को देख रहे हैं। मिट्टी को बालू में मिलाकर कार्य करने से सीमेंट किए गए अधिकांश सीढ़ी कमजोर व जर्जर हैं। पानी धुलाई के हल्के प्रेशर से सीमेंट का झरना और साफ-साफ प्लास्टर के अंदर से झांकता ईंट दिखाता है कि आस्था में भी लाभ के अवसर ठेकेदार व जिम्मेदार विभाग तलाशते नजर आ रहे हैं।

छठ घाट मेंटेनेंस कार्य में लगे मजदूरों को सुरक्षा उपकरण के साथ डस्ट मस्क की वितरण नहीं किए जाने से मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह हाल तब है जब सेफ्टी विभाग के आला अधिकारी अपनी देखरेख में कार्य करा रहे हैं।
 छठ घाट के बगल में निर्मित सीढ़ी वह गड्ढों को भरने हेतु खानापूर्ति का कार्य जोरों पर जारी है। प्रत्येक वर्ष छठ घाट सफाई के नाम पर ऐसे ही खाना पूर्ति कर आस्था में लाभ के अवसर विभाग और ठेकेदार तलाशते रहते हैं। परियोजना मुख्य महाप्रबंधक यदि मौके का मुआयना सही तरीके से करें तो ठेकेदार, विभाग व अधिकारियों की साठगांठ की कलई खुल जाएगी। सरकार के पैसे को कैसे पलीता लगाया जाता है छठ घाट मेंटेनेंस व सिविल मेंटेनेंस के कार्य महज एक बानगी भर है।

Loading spinner
Advertisement