आप सांसद ने कहा कि बांग्लादेश संकट एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है, बैठक में नहीं बुलाने पर भड़की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने बांग्लादेश संकट पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित न किए जाने पर सरकार को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। आप नेताओं ने इस मुद्दे पर गहरी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी को भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए था। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को कथित रूप से दरकिनार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र पर निशाना साधा। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ने कहा कि बांग्लादेश संकट एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है। आप जल्द ही सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगेगी। संजय सिंह ने कहा, "विदेश मंत्री ने हमें बांग्लादेश की जमीनी स्थिति के बारे में बताया। हमने इस पर कोई सवाल नहीं पूछा क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। लेकिन आप एक राष्ट्रीय पार्टी है और हमारे पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सांसद हैं। हो सकता है कि पीएम मोदी हमें पसंद न करते हों। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पीएम की पसंद और नापसंद का मुद्दा नहीं हो सकता।" संजय सिंह ने कहा, "जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि प्रधानमंत्री किस पार्टी से खुश हैं या नाराज हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में हर पार्टी को शामिल किया जाना चाहिए।" उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को जानबूझकर बैठक से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, "13 सांसदों वाली राष्ट्रीय पार्टी आम आदमी पार्टी को इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित न करना सरकार की गंभीरता की कमी और क्षुद्र मानसिकता को दर्शाता है।" AAP नेता ने कहा कि सरकार ने हमें यह नहीं बताया कि हमें क्यों नहीं बुलाया गया। यह पहली बार है, जब हमें नहीं बुलाया गया। हम अफगानिस्तान पर सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि बांग्लादेश संकट पर चर्चा करने के लिए हाल ही में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें कई प्रमुख राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन आम आदमी पार्टी को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे पार्टी में नाराजगी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए चौबीस घंटे भी नहीं बीते हैं और वह सदमे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि सरकार हसीना को सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है और इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी। recent visitors 140

चार बच्चे बहे व उनमें दो को ग्रामीणों ने बचाया, राजस्थान-भरतपुर में पंचना बांध से छोड़ा पानी

भरतपुर. भरतपुर जिले में बयाना इलाके में सदर थाना इलाके क्षेत्र के खिरकवास गांव की गंभीर नदी में चार बच्चे बह गए। दो बच्चों को तो ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दो बच्चे तेज बहाव बह गए। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक ग्रामीण नदी में बच्चों को ढूंढते रहे लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। भरतपुर से पहुंची SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। SDM राजीव शर्मा ने बताया कि करौली जिले के पांचना बांध से पानी छोड़ा गया। ये पानी बयाना के गंभीर नदी में आया। इस दौरान चार बच्चे गंभीर नदी में नहाने के लिए आए थे। पानी के तेज बहाव में फंसकर दो बच्चे बह गए। दोनों बच्चों की तलाश की जा रही है। SDRF की टीम मौके पर पहुंचने वाली है। खिरकवाद के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चार बच्चे अवधेश 14, सौरभ 15, लवकुश 15, हेमेश 16 साल नहाने के लिए गांव के पास से जा रही गंभीर नदी पर आ गए थे। वह नहाते समय अचानक बहाव में फंस गए। नदी के पास से जा रहे ग्रामीणों ने जब चारों को डूबते हुए देखा तो, उन्होंने नदी में कूदकर उनको बचाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने हेमेश और लवकुश को बचा लिया, लेकिन अवधेश और सौरभ का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। recent visitors 122

जनसुनवाई में आया मामला- उपभोक्ता से नगर निगम एक नहीं बल्कि दो कनेक्शन का जलकर जमा करने के लिए कहा जा रहा है

भोपाल गौतम नगर में रहने वाले एक उपभोक्ता से नगर निगम एक नहीं बल्कि दो कनेक्शन का जलकर जमा करने के लिए कहा जा रहा है। जबकि वह नियमित रूप से एक कनेक्श का जलकर जमा करता आ रहा है। जब वह शिविर में अपना जलकर जमा करने पहुंचा तो अधिकारियों ने उसे वापस लौटा दिया और कहा कि दो कनेक्शन का जलकर जमा करों तब ही रसीद मिलेगी।वहीं पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर द्वारा भुगतान करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है तो एक बत्ती कनेक्शन देने के लिए बिजली कंपनी द्वारा आठ हजार रुपये की मांग की गई है। उपभोक्ता से निगम मांग रहा 50 हजार रुपये गौतम नगर निवासी संजय शर्मा ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बताय कि उनके नाम से एक नल का कनेक्शन है। जिसका वह प्रति वर्ष जलकर जमा करता है। जब वह 31 जुलाई को वार्ड 13 में अपना जलकर छह हजार 476 जमा करने पहुंचा तो कर्मचारियों ने नहीं लिया। साथ ही कहा गया कि एक अन्य नल कनेक्श कर लगभग 50 हजार रुपये जलकर जमा करना होगा। इस तरह निगम द्वारा जबरदस्ती दो कनेक्शन का कर जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है । वहीं ग्राम निपानिया जाट निवासी शारदा बाई ने बताया कि वह मेहनत मजूदरी कर परिवार का जीवन यापन करती है। जब सबने ईंटखेड़ी लांबाखेड़ा विद्युत कार्यालय में एक बत्ती कनेक्शन के लिए आवेदन किया ताे उससे आठ हजार रुपये की मांग की जा रही है। दोनों की शिकायत सुनने के बाद एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। टीसी और मार्कशीट के बदले निजी स्कूल ने मांगे 19 हजार जनसुनवाई में पहुंची 10वीं कक्षा की छात्रा पूजा कुशवाहा ने एडीएम को शिकायत की है कि ब्राईट पैरागान स्कूल में वह दसवीं कक्षा में पढ़ती है। अब वह 11वीं कक्षा की पढ़ाई अन्य स्कूल से करना चाहती है। इसके लिए उसने स्कूल से मार्कशीट और टीसी मांग तो प्राचार्य द्वारा 19 हजार रुपये फीस की मांग की जा रही है।  जबकि पूर्व में 13 हजार 500 रुपये फीस बताई थी, जिसमें से साढ़े सात हजार छात्रा ने जमा कर दी थी। वह बाकी राशि जमा करने को तैयार है लेकिन स्कूल प्रबंधन अधिक फीस के लिए दबाव बना रहा है।वहीं ओल्ड सुभाष नगर निवासी रविकांत त्रिपाठी ने शिकायत की है कि नाली निर्माण के कार्य का भुगतान करने के बदले में सीपीए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर संजय श्रीवास्तव द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। नहीं देने पर भुगतान रुकवा दिया है। एडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 16 पुलिस विभाग के मामले भी पहुंचे एडीएम भूपेंद्र गोयल ने बताया कि जनसुनवाई में वैसे तो पुलिस विभाग से कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहता है लेकिन थानों की अपेक्षा लोग यहां पर मामले लेकर पहुंचते हैं। मंगलवार को जनुसनवाई लगभग 16 प्रकरण पुलिस विभाग से संबंधित आए थे। recent visitors 119

संत हिरदाराम नगर के दोनों उद्यानों का रखरखाव बंद कर दिया, लोगों ने जाना बंद किया

भोपाल नगर निगम ने संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के दोनों उद्यानों का रखरखाव बंद कर दिया है। घनी आबादी के बीच स्थित गिदवानी पार्क में जलभराव होने लगा है। वर्षा होती है और इसमें पानी भर जाता है। सीहोर नाका स्थित नए पार्क की फिसलपट्टियां खराब हो गई हैं। इसकी हरियाली भी उजड़ रही है। गिदवानी पार्क का प्रवेश द्वार कुछ समय पहले टूट गया था। अब यह गायब हो गया है। नगर निगम ने मेन रोड पर बरसों पहले विकसित नेहरू पार्क के बीच में ही ओवरहेड टेंक बनाकर पार्क को अपने हाथों से उजाड़ दिया। जन सुविधा केंद्र बनने के बाद बची हुई हरियाली भी खत्म हो गई। अब नागरिकों के लिए गिदवानी पार्क अलावा बोरवन पार्क एवं सीहोर नाका विसर्जन घाट के निकट स्थित छोटा पार्क है। इसका भी मेंटनेंस नहीं हो पा रहा है। उखड़ने लगा वाक ट्रैक, पानी जमा गिदवानी पार्क में कुछ समय पहले वाक ट्रेक बनाया गया था। अब यह उखड़ने लगा है। कुछ समय इसका अच्छा रखरखाव किया जाता था। पार्क की रौनक ही बढ़ गई थी। अब इसका रखरखाव भी नहीं हो रहा है। रंगीन पानी का फव्वारा भी बंद पड़ा है। बोरवन क्लब ने जन सहयोग से फव्वारा लगवाया लेकिन वह भी बंद हो गया है, क्योंकि मेंटेनेंस नहीं हो सका। उद्यान का प्रवेश द्वार टूट गया है। अब यहां बैरिकेड रख दिया गया है। रहवासी कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रहवासी एवं सोशल एक्टिविस्ट कीर्ति वाधवानी के अनुसार वर्षा के दौरान पार्क में पानी जमा हो जाता है। वर्षा थमने के बाद भी इसकी निकासी तीन, चार दिन नहीं हो पाती। पूज्य सिंधी पंचायत के महासचिव माधु चांदवानी का कहना है कि पार्क में स्थाई कर्मचारी तैनात किया जाना चाहिए। पंचायत इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से मिलेगी। recent visitors 128

नर्मदा के निचले क्षेत्रों में बैकवाटर का लेवल तेजी से बढ़ रहा है, राजघाट में बैकवाटर में करीब 5 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज

बड़वानी प्रदेश के ऊपरी छोर पर हो रही बेहतर वर्षा से नर्मदा पर बने बांधों से सतत पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं ओंकारेश्वर बांध से आठ टरबाइन चलाकर 1896 क्यूमेक पानी की निकासी जारी है। इससे नर्मदा के निचले क्षेत्रों में बैकवाटर का लेवल तेजी से बढ़ रहा है। सप्ताहभर के दौरान ही राजघाट में बैकवाटर में करीब 5 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैकवाटर बढ़ने से नए घाट पर बनी छत्रियां डूब गई है। मंगलवार को राजघाट में बैकवाटर का लेवल 125.50 मीटर तक रहा। बैकवाटर का खतरे का निशान 123.20 मीटर अब नीचे रह गया है। वहीं पुराना पुल अब डूब से महज डेढ़ मीटर बचा है। बैकवाटर बढ़ने के चलते बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे है। वहीं पुराने पुल के किनारों पर बैठकर व खड़े होकर लोग सेल्फी लेने से नहीं चूक रहे है। एक दिन पूर्व ही कलेक्टर ने टीएल बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन सड़कों के पुल-पुलियाओं या रपटों पर बाढ़ का पानी आता है, उसे चिह्नित कर सुरक्षा के लिए कर्मी की ड्यूटी लगाए। साथ ही नर्मदा किनारे स्नान करने की जगहों पर तैराकों की व्यवस्था की जाए। इधर धूप खिलने से सड़कों का कीचड़ सूखाबीते सप्ताहभर से जारी वर्षा का दौर पिछले 48 घंटे में कमजोर पड़ा है। हालांकि रूक रूककर कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो रही है। शहर में मंगलवार दिनभर मौसम साफ रहने से तेज धूप खिली। इससे सड़कों पर जमा कीचड़ सूखने लगा। वहीं मौसम शुष्क होते ही वातावरण में उमस-गर्मी फिर महसूस होने लगी है। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार, बीते 24 घंटे में जिले में औसत रूप से मात्र 0.1 मिमी वर्षा हुई। इस दौरान निवाली में 12.6, पानसेमल में 9.4, वरला में 2, सेंधवा, चाचरिया, बड़वानी में 1-1 मिमी पानी बरसा। इस वर्ष 1 जून से लेकर अब तक जिले में औसत वर्षा का आंकड़ा 448.2 मिमी पहुंच गया है। बीते वर्ष इस दौरान 341 मिमी ही पानी बरसा था। जिले में औसत रुप से 746.3 मिमी वर्षा होती है।   इंदिरा सागर बांध में पानी की आवक घटी, नहीं खुलेंगे गेट प्रदेश में झमाझम वर्षा का दौर थमने से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने की प्रक्रिया फिलहाल टल गई है। बांध प्रबंधन दाेनों बांध के पावर हाउस की सभी टरबाइन चला कर पूरी क्षमता से विद्युत का उत्पादन कर बांध का जलस्तर नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है। इससे नर्मदा के डाउन स्ट्रीम में जलस्तर बढ़ने से साथ ही नर्मदा का प्रवाह बढ़ गया है। इस वर्षाकाल में मंगलवार दोपहर इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने की चेतावनी बांध प्रबंधन ने जारी की थी। यह निर्णय बांध के ऊपरी क्षेत्र से आ रहे पानी की मात्रा को देखते हुए लिया गया था। कल शाम तक हांड़िया की ओर से इंदिरा सागर बांध के जलाशय में 10 हजार क्यूमेक्स की आवक हो रही थी, जो मंगलवार दोपहर कम होकर 9000 क्यूमेक्स के लगभग रह गई है। वहीं नर्मदा घाटी के ऊपरी क्षेत्र में तेज वर्षा का दौर थमने से बरगी और तवा बांध से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी कम हो गई है। इंदिरा सागर बांध का जलस्तर 259.14 मीटर के आसपास है। बांध की कुल जलभराव क्षमता 262.13 मीटर है, जबकि अगस्त माह में बांध का जलस्तर 260 मीटर रखने का प्रावधान है। इस जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए एनएचडीसी प्रबंधन द्वारा सभी टरबाइन चला कर लगभग एक हजार मेगावाट बिजली पूरी क्षमता से बनाई जा रही है। पावर हाउस की आठ टरबाइन चलने से नर्मदा नदी में 1840 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इंदिरा सागर बांध से आ रहे पानी से ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए यहां भी फिलहाल गेट खोलने की बिजली उत्पादन को प्राथमिक देकर जलस्तर नियंत्रित किया जा रहा है। recent visitors 109

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को ब्रिटेन ने दिया जोर का झटका, जिस देश में पहले पहुंचीं, वहीं शरण लें

नई दिल्ली बांग्लादेश की कल तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना आज शरण की मोहताज हैं। वह 5 अगस्त को पीएम पद से इस्तीफा देकर भारत आ गई थीं और फिलहाल यहीं हैं। कहा जा रहा है कि वह ब्रिटेन में शरण लेना चाहती हैं, जहां उनकी बहन और बेटे रहते हैं। लेकिन इस बीच ब्रिटेन से शरण की उम्मीद लगाए शेख हसीना को झटका लगा है। ब्रिटेन ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हमारे इमिग्रेशन रूल्स किसी व्यक्ति को शरण के लिए आने या फिर अस्थायी तौर पर रहने की परमिशन नहीं देते। ब्रिटिश गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह की शरण तो किसी को भी उस देश में ही मांगनी चाहिए, जहां वह सबसे पहले सुरक्षित पहुंचा हो। इस तरह ब्रिटेन ने एक तरह से शेख हसीना को भारत में ही शरण मांगने का सुझाव दिया है। सर कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाले ब्रिटेन से विकल्प खारिज होने की सूरत में शेख हसीना को अब किसी नए विकल्प पर विचार करना होगा। अब तक भारत सरकार की ओर से शेख हसीना के ठहरने पर कुछ कहा नहीं गया है। लेकिन बांग्लादेशी मीडिया का कहना है कि शेख हसीना अंतरिम ठहराव के लिए ही भारत पहुंची थीं और वह यहां से किसी और देश जा सकती हैं। लेकिन अब तक वह हिंडन एयरबेस में ही ठहरी थीं। कुछ वक्त पहले उन्हें दिल्ली में ही किसी सुरक्षित ठिकाने पर ले जाया गया है। ब्रिटिश गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम कहते हैं कि यदि किसी को संरक्षण चाहिए तो जिस भी देश में वह सबसे पहले पहुंचे, वहीं उसे शरण मांगनी चाहिए। अब तक यह भी साफ नहीं है कि शेख हसीना ने ब्रिटेन से शरण मांगी है अथवा नहीं। 76 साल की शेख हसीना को हिंसक प्रदर्शनों के चलते सोमवार को देश छोड़ना पड़ा था और उससे ठीक पहले इस्तीफा दिया था। नौकरियों में कोटे के विरोध में वहां ऐसा आंदोलन हुआ कि 300 से ज्यादा लोग अब तक मारे जा चुके हैं। यही नहीं शेख हसीना के निकलने के बाद भी देश में हिंसा का दौर जारी है और करीब 100 लोग फिर मारे जा चुके हैं। कहा जा रहा है कि हसीना को निकलने के लिए सेना से 45 मिनट मिले थे। शेख हसीना अब जाएं तो जाएं कहां यदि शेख हसीना को ब्रिटेन में शरण नहीं मिलती है तो उन्हें किसी और देश का रुख करना होगा। इसके अलावा तब तक भारत में ही रहना होगा। सूत्रों का कहना है कि भारतीय एजेंसियां भी चाहती हैं कि शेख हसीना यहां ज्यादा दिन न रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके यहां ठहरने से बांग्लादेश में भारत के खिलाफ माहौल बन सकता है। भारत के लिए बांग्लादेश से अच्छे संबंध रखना जरूरी है क्योंकि पाकिस्तानी एजेंसियां वहां हावी हो सकती हैं। ऐसे में हसीना की कीमत पर भारत सरकार ढाका से संबंध नहीं बिगाड़ना चाहेगी। recent visitors 125

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टला हादसा, आधा दर्जन रेल यात्री लिफ्ट में फंसे, लिफ्ट का दरवाजा तोड़ निकाला बाहर

रायपुर छत्तीसगढ़ के रायपुर रेलवे स्टेशन से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां प्लेटफार्म नंबर पर एक पर लगे लिफ्ट में आधा दर्जन रेल यात्री फंस गए, जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। फंसे हुए लोगों को दरवाजा तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार दूसरे प्लेटफार्म से जब ओवरब्रिज क्रॉस कर यात्री प्लेटफार्म नंबर एक पर आ रहे थे, इसी दौरान अचानक, लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे लिफ्ट रुक गई। लिफ्ट के रुक जाने से उसमें सवार रेल यात्रियों में घबराहट फैल गई। लिफ्ट में एक बच्‍चा सहित पांच यात्री सवार थे। तुरंत इस घटना की जानकारी स्‍टेशन अधीक्षक को दी गई। स्टेशन प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर फंसे हुए रेल यात्रियों को बाहर निकाला। इस घटना ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। घटना के बाद लिफ्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। recent visitors 109