वाराणसी कलाकारों ने शिव के रूप में मचाई धूम, राजस्थान-सवाई माधोपुर में कावड़ यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

सवाई माधोपुर. सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के पुराने शहर में आज कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ता नजर आया। शहर के रामद्वारा से शुरू हुई कावड़ यात्रा शहर के खंडार तिराहे, सदर बाजार, पुलिस चौकी होते हुए मुख्य मार्ग से गलता मंदिर पहुंची। कावड़ यात्रा के दौरान पूरा शहर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता नजर आया। कावड़ यात्रा के दौरान वाराणसी से आए कलाकरों ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों का स्वांग रचकर कावड़ यात्रा को और भी भव्य और आकर्षक बना दिया। यात्रा के दौरान भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के साथ ही शिव परिवार की सजीव झांकियां भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। गौरतलब है कि हर वर्ष की भांति इस बार भी शहर विश्व हिंदू परिषद कावड़ यात्रा समिति द्वारा कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा शुरू होने से पूर्व 181 कावड़िये रणथंभौर स्थित सोलेश्वर महादेव पहुंचे और वहां से जल लेकर रामद्वारा आए। विश्राम करने के बाद यहां से गलता मंदिर तक कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया । कावड़ यात्रा के दौरान शहर में जगह जगह समाजसेवियों द्वारा यात्रा में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कावड़ यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। recent visitors 210

भाजपा के मंत्री सहयोग केंद्र में लगातार हो रहे शामिल, समस्याओं एवं आवेदन का त्वरित कर रहे निराकरण

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग केंद्र में प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा पदाधिकारी समस्याओं और आवेदनों का त्वरित निराकरण कर रहे हैं। भाजपा के मंत्री सहयोग केंद्र में लगातार शामिल हो रहे है और समस्याओं एवं आवेदन का त्वरित निराकरण कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज सोमवार को प्रदेश के वनमंत्री केदार कश्यप जनसहयोग केंद्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जनसमस्याओं को सुनकर उसके निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर उचित दिशा निर्देश दिए। वनमंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय समस्यों के साथ अन्य विभाग से जुड़े मुद्दे भी आ रहे हैं। प्रमुख रूप से सहकारिता से जुड़े कांग्रेस शासन के अनियमितताओं पर सूक्ष्मता से जांच के आवेदन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सार्वजनिक मंच, मंदिर, सड़क निर्माण, सामाजिक हित से जुड़े विषयों पर आवेदन प्राप्त हुए हैं। सहयोग केंद्र में प्रदेश महामंत्री विकास महतो, रूपनारायण सिन्हा, विजय शंकर मिश्रा सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 108

शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भवंरकुआ क्षेत्र में जल्द सुविधायुक्त लाईब्रेरी स्थापित की जायेगी

इंदौर शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भवंरकुआ क्षेत्र में जल्द सुविधायुक्त लाईब्रेरी स्थापित की जायेगी। इसके लिए स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लाईब्रेरी संचालन के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से संचालित होने वाली इस लाइब्रेरी मे विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के उपयोगी किताबें, नोट्स व पठन सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। सोमवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने टीएल बैठक में इसके निर्देश दिए। अभ्यर्थियों का चयन कैसे किया जाएगा, उसके लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर ने वर्षा को देखते हुए शहर में मौजूद जीर्ण-शीर्ण भवनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे भवनों पर सूचना बोर्ड भी अनिवार्य रूप से लगवाए जाएंगे। इसके अलावा पुल-पुलियाओं तथा रपटों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जनसमस्या संबंधित आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। recent visitors 126

निरंतरता से चालू वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की अर्थव्यवस्था 7 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद: डेलॉयट इंडिया

नई दिल्ली आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर है। डेलॉयट इंडिया ने सोमवार को कहा कि मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे और घरेलू नीति सुधारों में निरंतरता से चालू वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की अर्थव्यवस्था 7 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। डेलॉयट के अगस्त महीने के भारत इकोनॉमी आउटलुक के अनुसार, केंद्रीय बजट 2024-25 में कृषि उत्पादकता में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, विनिर्माण तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए वित्त तक पहुंच की चुनौती का समाधान करने की दिशा में की गई कई पहलों से आपूर्ति पक्ष की मांग में सुधार, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। क्या है डिटेल डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि वर्ष के पहले छह महीनों में अनिश्चितता के दौर के बाद भारत दूसरी छमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा गया, मजबूत आर्थिक बुनियाद वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहेगी। शहरी-ग्रामीण उपभोक्ता व्यय अंतर, मुद्रास्फीति तथा रोजगार संबंधी चिंताओं से प्रभावी ढंग से निटपने से महत्वाकांक्षी ग्रामीण उपभोक्ताओं की सामर्थ्य में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। डेलॉइट इंडिया का वृद्धि अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान के बराबर है। Indian Energy Exchange के शेयरों में आई गिरावट, 3.51% लुढ़का भाव आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में लगाए अनुमान से अधिक है, जिसमें जीडीपी विस्तार का अनुमान 6.5 से सात प्रतिशत के बीच लगाया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। recent visitors 142

प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड: मेंस और वुमेंस के तीन-तीन नाम हुए नॉमिनेट, एक भारतीय मेंस और दो भारतीय वुमेंस के है

नई दिल्ली जुलाई 2024 के लिए आईसीसी ने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के लिए मेंस और वुमेंस क्रिकेट से तीन-तीन नाम नॉमिनेट किए हैं। जून महीने का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने जीता था। मेंस क्रिकेट से तीन नाम जो नॉमिनेट किए गए हैं, उसमें एक नाम भारतीय क्रिकेटर का भी शामिल है, वहीं महिला क्रिकेट की बात करें तो तीन में से दो नाम भारतीय क्रिकेट टीम से हैं। मेंस क्रिकेट से शुरू करते हैं, भारत के वॉशिंगटन सुंदर के अलावा इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज गस एटिंक्टसन और स्कॉटलैंड के चार्ली कैसेल को इस अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है। वहीं महिला क्रिकेट की बात करें तो भारत की दोनों स्टार सलामी बैटर स्मृति मंधाना और शफाली वर्मा को नॉमिनेट किया गया है, जबकि श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू भी नॉमिनेट की गई हैं। एटिंक्सन को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दमदार प्रदर्शन करने के लिए नॉमिनेट किया गया है। एटिंक्सन ने अपने पहले टेस्ट मैच में 12 विकेट चटकाए। जिसमें दो फाइव विकेट हॉल भी शामिल थे। एटिंक्सन को इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। सुंदर की बात करें तो लंबे समय तक इंजरी के चलते टीम इंडिया में अंदर-बाहर होने वाले इस ऑलराउंडर ने जिम्बाब्वे दौरे के बाद श्रीलंका दौरे पर भी अपने खेल से प्रभावित किया है। वहीं चार्ली कैसेल की बात करें तो उन्होंने अपने डेब्यू वनडे मैच में ओमान के खिलाफ 21 रन देकर सात विकेट चटकाए। श्रीलंका को एशिया कप चैम्पियन बनाने में चमारी अट्टापट्टू का रोल सबसे ज्यादा अहम था। वहीं स्मृति और शेफाली ने एशिया कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी दमदार प्रदर्शन किया।   recent visitors 125

लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोकपथ ऐप में प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में करे, अन्यथा होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल लोकनिर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने आज मंत्रालय में लोकपथ ऐप की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मंत्री श्री सिंह ने लोकपथ ऐप में प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति पर जानकारी प्राप्त की। लोकपथ ऐप में अब तक 1846 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 1609 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। मंत्री श्री राकेश सिंह ने समीक्षा के दौरान लोकपथ ऐप में अधिक समय से लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। लंबित शिकायतों में ईई सीधी एम.के. परते के स्तर पर 13, ईई खरगोन विजय सिंह पवार के स्तर पर 7 और ईई बुरहानपुर पद्म रेखा श्रीवास्तव के स्तर पर 5 शिकायतें अधिक समय से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, आरडीसी डिवीज़नल मैनेजर सोनल सिन्हा के स्तर पर भी शिकायत लंबित पाई गईं। मंत्री श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर सख्त लहजे में 24 घंटे के भीतर सभी लंबित शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर इस अवधि में शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मंत्री श्री सिंह ने बालाघाट में आरडीसी सब इंजीनियर दीपक आडे द्वारा लोकपथ ऐप में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने पर बधाई दी और उन्हें अच्छे कार्य को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित निराकरण आम जनता की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्री श्री सिंह ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि लोकपथ ऐप में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निराकरण उनकी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। recent visitors 148

केंद्र सरकार जल्द ही वक्फ अधिनियम में कर सकती है कटौती, इस कदम ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया : रिपोर्ट्स

नई दिल्ली केंद्र सरकार कथित तौर पर जल्द ही संसद में एक ऐसा बिल पेश करने जा रही है जो वक्फ बोर्ड के अधिकारों में कटौती कर सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया है कि केंद्रीय कैबिनेट की हालिया बैठक में वक्फ अधिनियम में लगभग 40 संशोधनों को मंजूरी दी गई है। इस कदम ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया है, और कई मुस्लिम नेताओं ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। इन तमाम विवादों के बीच आइए जानते हैं कि वक्फ और वक्फ बोर्ड क्या है और किन नियमों के आधारित यह संचालित किया जाता है, जिसे लेकर आए दिनों विवाद खड़ा होता रहता है। वक्फ और वक्फ बोर्ड क्या है? वक्फ एक प्रकार की संपत्ति होती है जिसे धार्मिक और चैरिटेबल उद्देश्यों के लिए ईश्वर के नाम पर समर्पित किया जाता है। 1954 के वक्फ अधिनियम के तहत, वक्फ से प्राप्त आय का उपयोग मस्जिदों, शैक्षणिक संस्थानों, कब्रिस्तानों और आश्रय स्थलों के लिए किया जाता है। एक बार वक्फ घोषित होने के बाद, यह संपत्ति स्थायी रूप से दान के रूप में मानी जाती है और इसे वापस नहीं लिया जा सकता। वक्फ बोर्ड एक कानूनी इकाई होती है जो इन संपत्तियों का प्रबंधन करती है। बोर्ड के राज्य सरकार, मुस्लिम विधायक, सांसद, राज्य बार काउंसिल के सदस्य, इस्लामी विद्वान और वक्फ के मुतवल्ली (प्रबंधक) होते हैं। इनका मुख्य कार्य वक्फ संपत्तियों की देखभाल करना और यह सुनिश्चित करना है कि इन संपत्तियों का सही उपयोग हो रहा है। क्यों मचा है बवाल? वक्फ अधिनियम 1995 के तहत, वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और प्रशासन मजबूत किया गया। इसमें वक्फ संपत्तियों की पहचान, पंजीकरण और इनके प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लेकिन वक्फ अधिनियम के सेक्शन 40 पर सबसे ज्यादा विवाद है। इसके तहत वक्फ बोर्ड को यह अधिकार है कि वह किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता है और इसे शिया या सुन्नी वक्फ के अंतर्गत रख सकता है। वक्फ बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ सिर्फ ट्रिब्यूनल में जाया जा सकता है। इसे लेकर फरवरी 2023 में तत्कालीन अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में इस प्रावधान को स्पष्ट किया था। इस तरह के नियमों को निरस्त करने के लिए वक्फ निरसन विधेयक, 2022 लाया गया था और इसे अंतिम बार 8 दिसंबर, 2023 को राज्यसभा में पेश किया गया था। हालांकि, यह विधेयक उस विधेयक से संबंधित नहीं हो सकता है जिसे सरकार आगामी संसद सत्र में पेश करने की योजना बना सकती है। कथित संशोधन को लेकर विरोध कथित संशोधित को लेकर देशभर में विरोध के स्वर उठ रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म कर देगा और इससे प्रशासनिक अस्थिरता पैदा होगी। ओवैसी के अनुसार, यह संशोधन वक्फ बोर्ड की स्वतंत्रता पर गंभीर चोट करेगा और सरकार का बढ़ता नियंत्रण वक्फ संपत्तियों की स्वतंत्रता को खत्म कर सकता है।   recent visitors 130