पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में काफी कम बारिश हुई

नई दिल्ली मॉनसून का मौसम करीब आधा बीत चुका है और भारत के मौसम संबंधी 36 उपखंडों या सबडिवीजन में से 25 प्रतिशत में कम बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश में सामान्य यानी 280.5 मिमी से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई जो 306.6 मिमी है। एक जून से 445.8 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 453.8 मिमी वर्षा हुई, जो दो प्रतिशत अधिक है। जुलाई में बारिश असमान रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश में काफी कमी दर्ज की गई। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश में कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 13 उपखंडों में औसत से अधिक बारिश, 14 में सामान्य और नौ में कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की कमी 30 जून को 13.3 प्रतिशत से बढ़कर 31 जुलाई को 19 प्रतिशत हो गई, तथा इस क्षेत्र में मॉनसून सीजन में अब तक 752.5 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 610.2 मिमी वर्षा हुई। उत्तर-पश्चिम भारत में जुलाई में 182.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 209.7 मिमी बारिश होती है। इसमें 13 प्रतिशत की कमी आई। इस क्षेत्र में इस मॉनसून सीजन में अब तक 235 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 287.8 मिमी बारिश होती है, यानी 18 प्रतिशत की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, मध्य भारत में जुलाई में सामान्य से 33 प्रतिशत अधिक यानी 427.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 321.3 मिमी बारिश होती है। इस क्षेत्र में इस मॉनसून सीजन में अब तक 574.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 491.6 मिमी बारिश होती है। दक्षिणी प्रायद्वीप में जुलाई में 36 प्रतिशत अधिक यानी 279.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 204.5 मिमी बारिश होती है। कुल मिलाकर, इस मॉनसून सीजन में अब तक 463.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 365.5 मिमी बारिश होती है। इस प्रकार 27 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।   recent visitors 183

कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- वह किसानों की आरती उतारने की बात करती है लेकिन रास्तों में कांटे बिछाती है

नई दिल्ली राज्यसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह किसानों की आरती उतारने की बात करती है लेकिन उनके रास्तों में कांटे बिछाती है और उनके साथ न्याय नहीं करती। वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों के कल्याण के साथ ही उनके सम्मान के प्रति भी गंभीर है तथा तत्कालीन संप्रग सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की सिफारिश को ठुकरा दिया था। किसानों को ‘‘शकुनि की चौपड़ का मोहरा'' बना दिया कांग्रेस सदस्य रणदीप सुरजेवाला ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने किसानों को ‘‘शकुनि की चौपड़ का मोहरा'' बना दिया है। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में हुई चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह सरकार किसानों के नाम पर दिखावा करती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों के कल्याण की बात करती है, उनकी आरती उतारने की बात करती है लेकिन उनकी राहों में कांटे और नश्तर बिछाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन यह भी सरकार का एक और जुमला साबित हुआ। हर दिन देश में औसतन 31 अन्नदाता आत्महत्या कर… सुरजेवाला ने कहा कि इस सरकार के नौ साल के आंकड़ों के अनुसार एक लाख से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि हर दिन देश में औसतन 31 अन्नदाता आत्महत्या कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को संवदेनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है किसानों की आय बढ़ने के बदले कम हो गयी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों को सब्जबाग दिखाती है लेकिन उनके कल्याण के लिए काम नहीं करती। सुरजेवाला ने कृषि से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पर्याप्त राशि नहीं आवंटित की गयी। उन्होंने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र का आवंटन घटकर 2.74 प्रतिशत रह गया। इस क्रम में उन्होंने सोलर पंप संबंधी योजना का जिक्र किया और कहा कि देश के 72 करोड़ किसानों के लिए मात्र चार लाख सोलर पंप लगाकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। किसानों के बदले बीमा कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा उन्होंने दावा किया कि फसल बीमा योजना वास्तव में निजी बीमा कंपनी मुनाफा योजना बन गयी है और इस योजना के तहत किसानों के बदले बीमा कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खेती को बंधक बनाने के लिए पहले तीन किसान विरोधी कानून लेकर आयी और किसानों ने उन कानूनों का विरोध किया और करीब एक साल तक वे दिल्ली की सीमा पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि इस दौरान 700 किसानों की मौत हो गई।कांग्रेस सदस्य ने कहा कि किसानों के विरोध के बाद सरकार ने उन कानूनों को वापस ले लिया लेकिन एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी नहीं दी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह एमएसपी घोषित करती है लेकिन फसलों की खरीद ही नहीं करती तो ऐसे में एमएसपी का क्या फायदा है? उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ने बाजार हस्तक्षेप नीति को बंद कर दिया, वहीं उसने उर्वरकों पर लाखों रुपए की सब्सिडी कम कर दी। मोदी सरकार ने 3 लाख करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में डाले चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुरेंद्र सिंह नागर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उसे यह सोचना चाहिए कि किसानों की मौजूदा हालत के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही किसान ऋण के जाल में फंसे थे और उन्हें राहत देने के नाम पर एक बार 72,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की गई लेकिन वास्तविक आवंटन 51,000 करोड़ रुपये ही था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को राहत प्रदान करने के लिए अब तक किसान सम्मान निधि के तहत तीन लाख करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में दे चुकी है। उन्होंने कहा कि वह तीन साल तक कृषि संबंधी स्थायी समिति के सदस्य थे और उन्हें उस समिति में एम एस स्वामीनाथन के साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि तीन साल तक समिति ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की सिफारिश की लेकिन तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने उसे अस्वीकार कर दिया। भारत आज अनाज के मामले में आत्मनिर्भर है नागर ने कहा कि मोदी सरकार ने उस आयोग की सिफारिशों को लागू किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों के कल्याण के साथ ही उनके सम्मान के प्रति भी गंभीर है और उसने किसानों के नेता चौधरी चरण सिंह एवं स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे सोचना चाहिए कि किसानों की मौजूद हालत क्यों हुई। उन्होंने विभिन्न आंकड़े पेश करते हुए कहा कि इस सरकार ने कांग्रेस नीत सरकार की तुलना में कृषि क्षेत्र के आवंटन में कई गुना वृद्धि की है। फसल बीमा योजना की बात करते हुए भाजपा सदस्य ने कहा कि इस संबंध में लंबे समय से मांग की जा रही थी और जब किसान बैंकों से ऋण लेते थे, बैंक खुद ही बीमा के लिए प्रीमियम की राशि काट लेते थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इसे वैकल्पिक बना दिया और अब बैंक खुद पैसे नहीं काट सकते।  recent visitors 120

ग्रामीण आजीविका मिशन से आत्मनिर्भर हुई रीवा की सविता और निर्मला

भोपाल प्रदेश में महिलायें आर्थिक रुप से आत्मनिर्भर हो, इस दिशा में राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं तक मदद पहुँचाने का प्रयास कर रही है। इसकी एक अच्छी मिशाल रीवा जिलें की सविता विश्वकर्मा और निर्मला दुबे ने पेश की है। रीवा जिलें की जनपद पंचायत रीवा की ग्राम बेलहा की सविता विश्वकर्मा अपने आस-पास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से पहचान बना चुकी है। विशेष प्रयासों से सविता का चयन ड्रोन पायलट के लिए हुआ। सविता को प्रधानमंत्री नमों ड्रोन योजना के तहत इंदौर से ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के बाद सविता अपने गाँव के आस-पास के खेतों में खाद और दवाई का छिड़काव कर अपनी आजीविका बेहतर ढंग से चला रही है। सविता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। सविता मुश्किल में रहकर अपने परिवार का जीवनयापन चला पाती थी। उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर 7 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और सिलाई मशीन खरीदी। इसके साथ ही उन्होंने अपने पति को मोटर मैकेनिक के‍लिये ऋण दिलवाकर प्रशिक्षण भी दिलाया। सविता ने शुरूआत में कृषि सखी बनकर ड्रोन पायलट की जानकारी प्राप्त की। आज सविता जिलें की पहली ड्रोन पायलट बनकर कुशलता पूर्वक काम कर रही है। ड्रोन पायलट के रुप में अब सविता प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपयें की आमदनी प्राप्त कर रही है। प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर हुई निर्मला दुबे कृषि एवं उसकी सहयोगी गतिविधियों से कृषि सखी निर्मला दुबे की आय में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी हुई है। निर्मला प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बनी है। उन्हें राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान हैदराबाद से प्रशिक्षण दिलाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान कृषि सखी निर्मला को प्राकृतिक खेती के बारे में व्यापक जानकारी दी गई है। निर्मला दुबे स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई है। आज वे औसत रूप से प्रतिवर्ष एक लाख 25 हजार रुपये की आमदनी प्राप्त कर रही है। उन्होंने अपने परिवार के आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने के लिए पशुपालन और सब्जी उत्पादन की गतिविधियों को भी कृषि से जोड़ा है। कृषि सखी निर्मला दुबे रीवा जनपद पंचायत के अटरिया ग्राम पंचायत की रहने वाली है।   recent visitors 145

महिला के भेष में भाग रहा था इनामी, राजस्थान-भरतपुर में अवैध हथियार तस्कर गिरफ्तार

भरतपुर. अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मथुरा बाईपास के पास तुहिया तिराहे पर खड़ा हुआ है। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना अधिकारी हनुमान सहाय ने बताया कि 3 फरवरी को टोटपुर से तुहिया के बीच पुलिया के पास से शुभम सिंह 24 निवासी मुढौता थाना सेवर को चार देसी कट्टा और 1 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बारे में जब आरोपी से पूछताछ की तो, आरोपी ने बताया कि वह अवैध हथियार करतार सिंह निवासी रावजी का नगला थाना सेवर से खरीदकर लाया है। जिसके बाद करतार फरार था। पुलिस ने आरोपी के ऊपर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस करतार सिंह की तलाश कर रही थी। आज पुलिस को सूचना मिली कि करतार महिला के भेष में कहीं भागने की फिराक में है। तब पुलिस ने आरोपी को तुहिया चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 130

पक्का घर, सुंदर कॉलोनी – सहरिया परिवारों की बदलने वाली है जिन्‍दगानी, शिवपुरी में देश की तीसरी जनमन आवासीय कॉलोनी बनकर तैयार

भोपाल   टूटा-फूटा कच्चा घर, बारिश में टपकता घर, सर्दी में कंपकपाता घर और तेज गर्मी में तपतपाता घर अब बीते दौर की बात हो गई है। सहरिया जनजाति परिवारों के दिन अब बदले वाले हैं। इस विशेष पिछड़ी जनजाति के सभी परिवारों को पीएम जनमन की आवास योजना से न केवल पक्का घर ही मिला है, बल्कि अब ये परिवार प्राय: शहरों में मिलने वाले आवासीय परिसरों की तरह पक्की कॉलोनी में रहने की तैयारी कर रहे हैं। बदलाव की यह कहानी शिवपुरी जिले की है। विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के जीवन स्तर में सुधार एवं समग्र कल्याण के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन) चलाया जा रहा है। शिवपुरी जिले में सहरिया जनजातीय परिवार बहुतायत में निवास करते हैं। यहाँ पीएम जनमन में सभी सहरिया परिवारों को पक्‍का घर बनाकर देने के लिए “विशेष अभियान” चलाया गया। शिवपुरी ब्लॉक में देश की पहली पीएम जनमन कॉलोनी बनकर तैयार हुई। फिर जल्द ही दूसरी कॉलोनी के बाद अब “तीसरी जनमन आवासीय कॉलोनी” शिवपुरी ब्लॉक की ही ग्राम पंचायत कोटा में बनकर तैयार हो गई है। लक्षित समूह के सभी परिवारों को पक्का घर देने के लिये इस विशेष अभियान में इन दिनों भी लगातार काम जारी है। पीएम जनमन आवास योजना को सफल बनाने के लिये एक समर्पित टीम पूरे लगन से काम कर रही है। कोटा ग्राम पंचायत में 16 आवासों की एक कॉलोनी हाल ही में बनकर तैयार हो गई है। शहरों की तर्ज पर सहरिया बन्धुओं को समूह में सुंदर घर बनाकर दिये जा रहे हैं। इससे पहले शिवपुरी ब्लॉक ने देश की पहली और दूसरी कॉलोनी बनाकर पीएम जनमन में बेस्ट परफार्मिंग स्टेट के रूप में मध्यपदेश का पूरे देश में नाम रौशन किया है।   recent visitors 167

प्राकृतिक संसाधनों, मानव श्रम का आदर करना सीखना होगा – ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि अब मूल की ओर लौटने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज और प्रकृति से जो लिया हैं उसे वापस लौटाने की जिम्मेदारी भी हमारी है। प्राकृतिक संसाधनों और मानव श्रम का आदर करना सीखना होगा। श्री पटेल आज यहां ट्रांसफार्मिग रूरल इंडिया – टीआरआई की पहल पर आयोजित समृद्ध ग्रामीण मध्यप्रदेश पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। श्री पटेल ने कहा कि आजीविका के संसाधनों, प्राकृतिक संसाधनों पर जैविक दबाव बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि जल के प्रति अत्यंत सचेत रहने का समय है। जल जीवनदायी तत्व है। जीवन बचाने के लिये इसे बचाना जरूरी है। इसे रिसायकल करने की प्रक्रिया से अलग हटते हुए पुन: उपयोग को बढ़ावा देना होगा। श्री पटेल ने कहा कि स्वसहायता समूहों से जुड़ी मातृशक्त‍ि मिलेट उत्पादन और मिलेट से बने खादय पदार्थो को बनाने से जुडी हैं। उन्होने कहा कि स्वसहायता समूहों की सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि मिलेट को श्रीअन्न के रूप में बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर में इसकी मार्केटिंग कर दी है। यह स्वास्थ्य बढ़ाने, भुखमरी हटाने और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने वाली उपज साबित हुई है। श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में खादय प्रसंस्करण की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होने कहा कि भारत देश में खान-पान के तौर तरीके हर पचास-सौ किलोमीटर पर बदल जाते हैं। इसलिये खादय प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं है। श्री पटेल ने कहा कि दिन-प्रतिदिन आवश्यकताएं बढती जाती हैं और साथ ही संसाधनों पर भी दबाव बढ़ता जाता है। इस अवसर पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संचालक श्री के.के. शुक्ला, टीआरआई की स्टेट लीड अलीवा दास और सीनियर समन्वयक श्री राजेश सिंह और वरिष्ठ परामर्शदाता टीआरआई श्री शहजाद खान उपस्थित थे।   recent visitors 145

हत्या के मामले में सात लोग दोषी करार, राजस्थान-सिरोही में छह आरोपियों को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना

सिरोही. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 2 आबूरोड की न्यायाधीश ग्रीष्मा शर्मा द्वारा सवा चार साल पहले मावल गांव में हुई 1 व्यक्ति की हत्या के मामले में 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में 1 आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में आबूरोड रीको पुलिस द्वारा 12 अप्रैल 2020 को मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा इसमें 7 आरोपियों में से 6 आरोपियों को हत्या का दोषी माना गया हैं। अपने निर्णय में दोषियों को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है तथा 1 आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया हैं। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने प्रकरण को साबित करने के लिए 10 गवाह करवाकर 54 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ग्रीष्मा शर्मा द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमति जताते हुए 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया जबकि, वीर पुत्र रतन को संजय का लाभ देकर दोष मुक्त कर दिया गया। 12 अप्रैल 2020 को घर पर सो रहे व्यक्ति की लाठियों से पीटकर की थी हत्या पुलिस के अनुसार 12 अप्रैल 2020 की शाम 7:30 बजे मावल निवासी प्रार्थी पुखराज पुत्र कान्हाजी भील रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि शाम 5 बजे उसके चाचा के घर पर सो रहे थे तब वह उसके चाचा भंवरजी एवं उनका लड़का महेंद्र सब घर पर ही थे। उसी दौरान उनकी जाति के दिनेश पुत्र थावर, वीर पुत्र रत्न, दिनेश पुत्र मूल, ललित पुत्र थावरा, प्रकाश पुत्र थावरा एवं विक्रम पुत्र थावरा आदि लकड़ी लेकर आए और आते ही उसके चाचा भंवर का दिनेश पुत्र थावरा वीर पुत्र रत्न भील ने जोर से गला दबाया। इससे चाचा बेहोश हो गए बीच बचाव में महेंद्र के सर में लकड़ी की चोट मारी उनके जोर से चिल्लाने पर सभी आरोपी वहां से भाग गए। इलाज के दौरान चाचा भंवरलाल की मौत हो गई। recent visitors 153