रेल मंत्री ने सभी सांसदों से रेलवे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि यह संस्था भारत की जीवन रेखा

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। रेल मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम रील नहीं बनाते, हम कड़ी मेहनत करते हैं, न कि आप लोग जो दिखावे के लिए रील बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में संशोधन लाकर लोको पायलट की कार्य स्थितियों में सुधार किया है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि लोको पायलटों के औसत कार्य और आराम का समय 2005 में बनाए गए एक नियम द्वारा तय किया जाता है। 2016 में नियमों में संशोधन किया गया और लोको पायलटों को अधिक सुविधाएं दी गईं। सभी रनिंग रूम- 558 को वातानुकूलित बनाया गया। लोको कैब बहुत अधिक कंपन करते हैं, गर्म होते हैं और इसलिए 7,000 से अधिक लोको कैब वातानुकूलित हैं। यह उन लोगों के समय में शून्य था जो आज रील बनाकर सहानुभूति दिखाते हैं। मंत्री ने कहा केंद्रीय मंत्री कांग्रेस द्वारा 9 जुलाई की एक पोस्ट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने लोको-पायलटों के साथ बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी का एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें दावा किया गया था कि पायलटों का जीवन दयनीय स्थिति में है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में कहा था, "हमारे देश के लोको पायलट बहुत ही दयनीय परिस्थितियों में करोड़ों भारतीयों की यात्रा और जीवन की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। उन्हें न तो इंजन के अंदर पर्याप्त आराम मिल रहा है और न ही कोई बुनियादी सुविधा। भारतीय रेलवे के साथ-साथ करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके जीवन में बदलाव जरूरी है।" अपने भाषण में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी सांसदों से रेलवे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि यह संस्था भारत की जीवन रेखा है। लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, "रेलवे भारत की जीवन रेखा है, भारतीय अर्थव्यवस्था भारतीय रेलवे पर निर्भर है। रेलवे इस देश के आम आदमी के लिए एक सेवा है।" उन्होंने कहा, "मैं इस सदन से रेलवे की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने, आधुनिक बनाने और सुधारने तथा इन मुद्दों का राजनीतिकरण न करने पर ध्यान देने का अनुरोध करता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं संसद के उन सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने रेलवे के विकास के लिए रचनात्मक सुझाव दिए। मैं विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना की।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके मार्गदर्शन और रेलवे के वित्तीय मुद्दों के समाधान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को रेलवे की सबसे बड़ी समस्या, जो निवेश की कमी है, को संबोधित करने के लिए भी धन्यवाद देता हूं, प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर उन्होंने रेलवे के लिए बजट में रिकॉर्ड आवंटन करके इस मुद्दे को हल किया है। मैं रेलवे के उन 12 लाख कर्मचारियों, रेलवे परिवार का भी आभार व्यक्त करता हूं जो हर दिन 20 हजार से अधिक ट्रेनों का संचालन करते हैं।" recent visitors 140

बस्तर संभाग को मिले 11 विशेषज्ञ चिकित्सक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की पहल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अनुशंसा पर बस्तर संभाग में 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों (एनएचएम संविदा)  की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से इन विशेषज्ञ चिकित्सको का पोस्टिंग आदेश भी जारी हो गया है। इन चिकित्सकों के मिल जाने से संभाग में त्वरित एवं बेहतर उपचार की बड़ी सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी किये गए आदेश में डॉ. मेनका खरे,  एम.डी. मेडिसिन को  जिला अस्पताल, जिला – बस्तर , डॉ. गौरीसेट्टी श्रव्या, शिशुरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – बस्तर , डॉ. पाड़ीशाला हरिश कुमार, एम.डी. मेडिसिन को जिला अस्पताल, जिला – बीजापुर , डॉ. लीना पुराइन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – बीजापुर , डॉ. कृष्णा कुमार मरकाम, निश्चेतना विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर में पदस्थ किया गया है। इसी प्रकार  डॉ. लक्ष्मी नारायण वर्मा, नेत्ररोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर , डॉ. जयश्री साहू, शिशुरोग विशेषज्ञ को  जिला अस्पताल (एस.एन.सी.यू.), जिला – नारायणपुर, डॉ. मनोज कुमार, अस्थिरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – नारायणपुर,डॉ. परिणीता रायस्त, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार, जिला – सुकमा ,डॉ. निरंजन एस काडलूर, शल्यकिया विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – सुकमा , डॉ. सुरज नारायण हटकर, निश्चेतना विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला – सुकमा  में पदस्थ किया गया है। recent visitors 122

मिशन वात्सल्य कार्यक्रमः छात्राओं को दी गुड टच-बेड टच की जानकारी, मंत्री टेटवाल बोले- ऐसे मामलों में सरकार गंभीर

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल राजगढ़ जिले के पचोर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल में मिशन वात्सल्य कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार बेहद गंभीर है। किसी के साथ भी इस तरह की घटना हो तो, तत्काल पुलिस थाने में शिकायत करें। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चों के नाम को गोपनीय रखकर कार्रवाई की जाती है। श्री टेटवाल ने इस अवसर पर भारतीय वीरांगनाओं के कई उदाहरण देते हुए कहा कि उनको आदर्श मानकर अपने स्वयं की रक्षा करें। डीपीओ महिला बाल विकास ने गुड टच-बेड टच के विषय में विस्तार से जानकारी दी। महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती सुनीता यादव ने कहा कि सरकार ने बच्चों एवं महिलाओं के पोषण की चिन्ता की है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ जिले में 1.5 लाख बच्चे और 30 हजार गर्भवती महिलाएँ हैं, जिनका पोषण सरकार कर रही है। श्रीमती यादव ने लैंगिक अपराध एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि हम शारीरिक पोषण तो करते हैं। पर मानसिक पोषण भी किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर चिंता की हैं। वर्ष 2012 में निर्भया कांड के बाद शासन ने वन स्टॉप सेंटर बनाए है। हम एक ही छत के नीचे 24 घंटे बच्चियों को सुविधा उपलब्ध कराते है। वहीं महिला बाल विकास अधिकारी सुनीता यादव ने कहा कि सरकार ने बच्चों एवं महिलाओं की पोषण की चिंता की है। हमारे जिले में 1.5 लाख बच्चे और 30 हजार गर्भवती महिलाएं हैं, जिनका पोषण सरकार करती है। लेकिन लैंगिक अपराध एक गंभीर विषय है। हम शारीरिक पोषण तो करते हैं, मानसिक पोषण भी किया जाये। पाक्सो की जानकारी से संबंधित फिल्म दिखाई लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 पर आयोजित इस कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल अधिकारों से अवगत करवाया गया। वहीं छेड़छाड़, गलत तरीके से छूना, गलत और अपशब्द बोलने, हिंसा, शोषण, मानसिक शारीरिक, ताने मारने, मानसिक तनाव, साइबर अपराध, नशा करना, कम उम्र में शादी, बाल श्रम आदि विषय के संबंध में बच्चों को कानूनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 123

स्वस्थ बच्चे शक्तिशाली और समृद्ध भारत का करेंगे निर्माण: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम खैजरामाफी की पी.एम.श्री. शासकीय हाई स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिविर में बच्चों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही शक्तिशाली समृद्धि भारत का निर्माण करेंगे। श्री राजपूत ने कहा कि हमारे जीवन में सबसे अमूल्य होते हैं हमारे बच्चे। बच्चे आगे बढ़ेंगे तो घर परिवार आगे बढ़ेगा। स्वस्थ, शिक्षित बच्चे हमारा नाम रोशन करेंगे। इसके लिए सबसे अधिक आवश्यक शिक्षा और स्वास्थ्य है। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए आपके ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। श्री राजपूत ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना है कि बच्चे शिक्षित हों और स्वस्थ्य हों जिसको लेकर लगातार शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। ग्राम खैजरामाफी में बनने वाली लैब से सैकड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा। यह अत्याधुनिक लैब है। जल्द ही स्मार्ट क्लास शुरू की जायेंगी। श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं हैं। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों जैसी व्यवस्थायें की जा रही हैं। सभी ग्रामों में पक्की सड़कें, शिक्षा के लिए स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी आदि बनाई गई हैं। मंत्री श्री राजपूत ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। लैब सहित विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मंत्री श्री राजपूत द्वारा ग्राम खैजरामाफी के पी.एम.श्री. हाई स्कूल में बच्चों के लिए 16 लाख 30 हजार रूपये के अत्याधुनिक अटल ट्रिकलिंक लैब तथा अतिरिक्त कक्ष, सीसी रोड, आंगनबाड़ी भवन का भूमि-पूजन किया गया। बच्चों के बनाये गए स्वास्थ्य कार्ड ग्राम खैजरामाफी में लगाये गये स्वास्थ्य शिविर में शहर से सभी रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंचे थे, जिन्होंने बच्चों की जांच की। बच्चों की जांच के लिए कार्ड की व्यवस्था की गई है। इस कार्ड में बच्चों के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ब्लड ग्रुप सहित रहेगी। चिकित्सकों ने स्कूल के सभी बच्चों की जांच की तथा उन्हें निःशुल्क दवा वितरण किया। बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों को लेकर बचाव तथा बीमारियों के लक्षण के बारे में जानकारी दी। recent visitors 130

वर्ष 2030 तक जीरो हंगर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास हैं : महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हम 'सुपोषित मध्य प्रदेश' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण मध्यप्रदेश को प्रगति-पथ पर ले जाने के लिए हमें विकास विभागों, विषय विशेषज्ञों, संस्थाओं और महिला समूहों को एक साथ आना होगा, तभी समृद्धशाली ग्रामीण मध्यप्रदेश के सपने को साकार किया जा सकता है। हम वर्ष 2030 तक 'जीरो हंगर' या पोषित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रतिबद्ध है। मंत्री सुश्री भूरिया मैनिट में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा आयोजित इंडिया रूरल कॉलोक्वी कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने 'समृद्धशाली ग्रामीण मध्यप्रदेश' के निर्माण में पोषण और स्वास्थ्य की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में महिला बाल विकास विभाग द्वारा पोषण को जन-आन्दोलन बनांने के लिए समुदाय और समाज को अपने साथ निरंतर जोड़ रहा है। मध्‍यप्रदेश ने समुदाय को कुपोषण दूर करने से जोड़ने के लिये न केवल पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को पोषण शिक्षा और प्रबंधन सिखाने का प्रयास किया जा रहा है बल्कि समुदाय आधारित पोषण अभियान और इससे संबंधित कार्यक्रमों का संचालन भी निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने वर्ष 2020 में पोषण नीति का निर्माण कर अपने लिए बड़े और दूरगामी लक्ष्य भी निर्धारित किये हैं, जिसमें हर व्यक्ति, विशेषकर बच्चे, किशोर-किशोरी और महिलाएं बेहतर पोषण और स्वास्थ्य स्थिति प्राप्त कर सकें। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ‘सुपोषित मध्य प्रदेश’ की दिशा में राज्य में कई नवाचारों, सामुदायिक कार्यक्रमों और लोगों को जोड़कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा रही है। विश्व स्तनपान सप्ताह, महिला सशक्तिकरण के लिए 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान, महिला हेल्पलाइन 181, बच्चों के लिए हेल्पलाइन 1098, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ और इन सबसे बढ़कर महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए 'लाड़ली बहना' के माध्यम से पूरे देश में महिला और बाल विकास ने अलख जगा दी है। प्रदेश में हम इस बार 'पोषण भी और पढाई भी' की नई संकल्‍पना के साथ कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ पोषण को भी अहम माना गया है। 'प्रधानमंत्री जन-मन योजना' में हम विशेष आदिवासी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी भवनों को बनाकर वहॉ के बच्‍चों का पोषण स्‍तर सुधार रहे हैं। प्रदेश में लगभग 500 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के इन्हीं नवाचारो से राष्ट्रिय स्तर के पारिवारिक सर्वेक्षण NFHS-4 से NFHS-5 के 4 वर्षों के बीच में मध्य प्रदेश में बच्चों की पोषण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 43% से घटकर 33% हो गया है वही वेस्टेड (Wasted) बच्चों का प्रतिशत 26% से घटकर 19% हो गया है। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस योजना के माध्यम से अब प्रत्येक गांव और पंचायतों तक की पोषण पैरामीटर्स पर मोनिटरिंग की जा रही है। हमारा प्रयास है की प्रत्येक गांव में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण आंगनवाड़ी केंद्र की उपलब्धता और सेवाए सुनिश्चित हो, ताकि पोषण एक जन अभियान का रूप ले सके। विभाग अन्य सभी विभागों के साथ मिलकर स्वास्थ्य, पोषण और उसके कारको जैसे आजीविका, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा आदि पर भी कार्य कर रहा है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आप सभी इस जन-अभियान में शामिल हो ताकि 'कोई भी पीछे न छूटे' और सभी पोषित और स्वस्थ्य हो। उन्होंने कहा कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वह सुपोषित और स्‍वस्‍थ्‍य मध्‍यप्रदेश बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण साबित होगा। हम सब मिलकर ‘सुपोषित मध्यप्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि मध्यप्रदेश का हर नागरिक, स्वस्थ और पोषण युक्त जीवन जी सके। कार्यक्रम में रमन मैग्सेसे अवॉर्ड व वॉटर मैन श्री राजेन्द्र सिंह जी, मैनिट के डायरेक्टर श्री केके शुक्ला, पूर्व मुख्य सचिव श्री आर परशुराम, विषय विशेषज्ञ, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि व स्टूडेंट्स उपस्थित थे।   recent visitors 153

इजरायल का बड़ा दावा, हानिया ही नहीं हमास मिलिट्री चीफ दायफ का भी खात्मा

तेलअवीव इजरायल की सेना (IDF) ने गुरुवार को दावा किया कि हमास (Hamas) के सैन्य विंग के प्रमुख मोहम्मद दायफ (Mohammed Deif) की पिछले महीने गाजा में इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई थी. यह जानकारी समूह के राजनीतिक नेता इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या के एक दिन बाद दी गई. इजरायली सेना ने की तरफ से कहा गया, "IDF ऐलान करता है कि 13 जुलाई, 2024 को IDF लड़ाकू विमानों ने खान यूनिस के इलाके में हमला किया और खुफिया आकलन के बाद यह पुष्टि की जा सकती है कि हमले में मोहम्मद दायफ मारा गया." इजरायली डिफेंस फोर्स ने इससे जुड़ा हुआ एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. इजरायली अधिकारियों ने कहा कि उन्हें संकेत मिले थे कि उनका हमला सफल रहा, लेकिन वे अब तक यह पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि वह मारा गया है. हमास ने इजरायल के द्वारा किए गए इस ऐलान पर कोई तत्काल जवाब नहीं दिया है. यह ऐलान ऐसे वक्त में किया गया है, जब तेहरान में हमास के नेता इस्माइल हानिया के अंतिम संस्कार के लिए भीड़ इकट्ठा हो रही थी. ऐसा माना जाता है कि दायफ 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के मास्टरमाइंडों में से एक था, जिसकी वजह से गाजा युद्ध शुरू हुआ, जिसको 300 दिन हो रहे हैं. हमास के टॉप लीडर्स में शामिल था दायफ हमास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक, दायफ 30 साल से ज्यादा वक्त तक समूह में आगे बढ़ता रहा और सुरंगों का नेटवर्क और बम बनाने में विशेषज्ञता विकसित करता रहा. मोहम्मद दायफ, दशकों से इजरायल की मोस्ट वॉन्डेट लिस्ट टॉप पर है. इजरायल उसे आत्मघाती बम विस्फोटों में दर्जनों इजरायलियों की मौत के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानता आया है. इस्माइल के जनाजे के बीच इजरायल ने दी यह खबर यहूदी देश की सेना ने कहा कि मोहम्मद डीफ ने ही 7 अक्टूबर के हमले की प्लान की और उसे अंजाम दिया था। इजरायल की ओर से यह घोषणा उस दौरान की गई, जब ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के नेता इस्माइल हानियेह के जनाजे में हजारों की भीड़ जुटी थी। माना जा रहा है कि इस बड़े ऐलान के लिए इजरायल ने जानबूझकर ऐसा मौका चुना ताकि हमास और ईरान का मनोबल तोड़ा जा सके। बता दें कि मंगलवार को ही इजरायल ने तेहरान में इस्माइल को मार डाला था। उसकी हत्या उस दौरान की गई, जब वह ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ समारोह से लौट रहा था। 30 सालों से इजरायल को थी मोहम्मद डीफ की तलाश मोहममद डीफ का मारा जाना इजरायल के लिए बड़ी सफलता है क्योंकि उसकी 30 सालों से तलाश थी। उसे अमेरिका ने भी 2015 में अपनी इंटरनेशनल टेररिस्ट्स की लिस्ट में शामिल किया है। इजरायल की सेना ने कहा कि उनकी धरती पर डीफ ने बीते सालों में कई हमले किए थे। गौरतलब है कि इजरायल पर हुए भीषण हमले में 1200 लोग मारे गए थे। वहीं करीब 250 लोगों को हमास के आतंकियों ने बंधक बना लिया था।    recent visitors 211

घटना को टालना संभव नहीं था, अतीक-अशरफ हत्याकांड मामले में यूपी पुलिस को क्लीन चिट मिल गई

लखनऊ विधानसभा सदन में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने माफिया अतीक अहमद, अशरफ और अतीक के बेटे असद व उसके साथी ग़ुलाम के एनकाउंटर मामले में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट सदन में पेश की। जिसमें यूपी पुलिस को क्लीन चिट मिल गई है। बताया गया है कि अतीक-अशरफ हत्याकांड पूर्व नियोजित नहीं थी, पुलिस के लिए घटना को टालना संभव नहीं था। आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी गैंगस्‍टर अतीक और अशरफ की प्रयागराज के अस्पताल परिसर में 15 अप्रैल 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहब भोंसले की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन सरकार ने किया था। जांच आयोग ने इनको बनाया था सदस्य झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी, पूर्व पुलिस महानिदेशक सुबेश कुमार सिंह और सेवानिवृत जिला जज बृजेश कुमार सोनी को भी आयोग में सदस्य बनाया गया था।   recent visitors 135