Mohan government is changing every decision of Shivraj from time to time
भोपाल। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने भाजपा की मोहन सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोहन सरकार ने शिवराज सरकार में जारी सीएम राइज स्कूल योजना का नाम बदलकर ‘सांदीपनि विद्यालय’ रख दिया है। क्या ये बदलाव शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए है या सिर्फ नाम बदलकर दिखावे की राजनीति को चमकाने और नया रंग बनाने के लिए है? जब शिक्षा के असली मुद्दों पर काम करने की जरूरत थी, तब सरकार ने नाम बदलने की दिशा में कदम उठाया।
डॉ मनोज का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ मोहन यादव न जाने कौन-सी राजनीतिक उपेक्षा का बदला लेते हुए शिवराज सिंह चौहान के बतौर सीएम लिए गए फैसले बदलने पर आमादा हैं।
शिवराज सरकार के बनाए ‘सीएम राइज’ का नाम अब “सांदीपनि विद्यालय” कर दिया है! तर्क दिया जा रहा है कि यह सीएम राइज जैसा नाम अंग्रेजों के जमाने का लगता है, इसलिए बदलकर ऋषि के नाम पर किया गया है!
सरकार को नाम बदलने से ज्यादा अपने “सरकारी काम” सुधारने की जरूरत है!
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा पर 7 साल में सरकार ने 80% खर्च बढा दिया इसके बावजूद स्कूल बुनियादी सुविधा से जूझ रहे हैं। हालत ये हैं कि प्रदेश के 3 हज़ार 620 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है।
स्कूलों में 12 लाख से अधिक बच्चे घट गए। आज भी 13,198 स्कूल सिर्फ 01 शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। यदि CM शिक्षा मंत्रालय के UDISE की जनवरी 2025 में जारी रिपोर्ट ही पढ़ लेंगे, तो नाम की बजाय काम पर ध्यान देंगे।
‘ रिपोर्ट चीख रही है, “10 हजार 702 स्कूलों में बच्चियों के लिए बनाए गए टॉयलेट किसी के काम के नहीं हैं। 7 हजार 966 स्कूलों में हैंडवॉश की सुविधा नहीं है। 7 हज़़ार 422 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है।