MY SECRET NEWS

Thursday, June 25, 2026 10:09 pm

देर से आने की सजा! प्रिंसिपल ने 18 छात्राओं के काटे बाल, धूप में खड़ा कर की पिटाई

Punishment for being late! Principal cut hair of 18 girl students, made them stand in the sun and beat them

स्कूल टाइम से न जाने पर स्कूलों में सजा दी जाती है. कभी उस सजा में स्कूल के मैदान के चक्कर कटवाए जाते हैं, तो कभी क्लास के बाहर खड़ा कर दिया जाता है लेकिन आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने छात्राओं के स्कूल देर से आने पर पहले धूप में खड़ा किया. फिर मारा और उसके बाद उनके बाल काट दिए.
आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने सुबह प्रार्थना सभा के लिए समय पर नहीं पहुंचने पर लड़कियों को ऐसी सजा दी, जिसके बाद विवाद हो गया. प्रिंसिपल ने लेट आने की सजा में लड़कियों के बाल काट दिए. यह मामला मदुगुला में कस्तूरबा बालिका विद्यालय (KGBV) से सामने आया है, जहां की छात्राओं ने बताया कि 15 नवंबर, शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा उत्सव के दिन वह पानी न आने की वजह से वह स्कूल देरी से गई, जिसके बाद प्रिंसिपल ने उनके बाल काट दिए.

एक छात्रा ने बताया कि स्कूल देर से जाने और प्रार्थना में शामिल नहीं हो पाने से प्रिंसिपल को गुस्सा आ गया. प्रिंसिपल साई प्रसन्ना ने जब देखा कि सभी 23 छात्राएं नहीं आई तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उन्होंने देर से आने वाले स्टूडेंट्स को स्कूल परिसर में 2 घंटे तक धूप में खड़ा रखा. इस दौरान एक स्टूडेंट नीचे भी गिर गई. यह भी आरोप है कि प्रिंसिपल ने चार छात्राओं पर हाथ भी उठाया और उन्हें मारा.

18 लड़कियों के बाल काट दिए

इसके बाद लंच ब्रेक के टाइम पर प्रिंसिपल ने 23 में से 18 लड़कियों के बाल काट दिए. एक छात्र ने बताया कि उसने बाल न काटने की गुहार लगाई लेकिन प्रिंसिपल को दया नहीं आई. इसके बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई. जब केजीबीवी के प्रिंसिपल साई प्रसन्ना से छात्राओं के बाल काटने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को छात्राएं प्रार्थना और कक्षाओं में नहीं आई थीं.

प्रिंसिपल ने कहा आरोपों में सच्चाई नहीं

उन्होंने आगे अपना बचाव करते हुए कहा कि छात्राओं के बाल उन्होंने अनुशासन के लिए काटे थे और उन पर लगे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. इस पर बाबूराव पडल से स्पष्टीकरण मांगा गया. बाबूराव पाल ने बताया कि जब वह केजीबीवी का दौरा करने गए थे तो प्रिंसिपल छुट्टी पर थीं. उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला शिक्षा विभाग को दे दी गई है.

Loading spinner

Leave a Comment