नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजापुर में एक साथ 31 नक्सलियों को मार गिराया। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से लॉन्च किए गए इस ऑपरेशन से नक्सली हक्का-बक्का रह गए। दोनों ओर से हुई भीषण गोलीबारी में दो जवान भी शहीद हो गए, जबकि दो जख्मी हो गए। रविवार को इंद्रावती नेशनल पार्क एरिया में एक जंगली पहाड़ी पर हुई इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में कई बेहद खूंखार और 11 महिलाएं भी शामिल हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमें नक्सलियों के तेलंगाना स्टेट कमिटी, वेस्ट बस्तर डिवीजन और नेशल पार्क एरियार कमिटी के कैडर की मौजूदगी की सूचना मिली थी। टेक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (TCOC) से पहले इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगल में उन्होंने एक बैठक बुलाई थी।' नक्सली मार्च से जून के बीच TCOC करते हैं, जिस दौरान वे अपनी गतिविधियों को बढ़ाते हैं।
अधिकारी ने बताया कि 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ पुलिस की कॉम्बैट यूनिट्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बस्तर फाइटर्स को अलग-अलग दिशाओं एरिया में बुलाया गया था। उन्होंने कहा, 'सरप्राइज एलिमेंट को रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए, कुछ टीमों को इंद्रावती नेशनल पार्क में महाराष्ट्र पुलिस के लॉन्चिंग पैड्स से बुलाया गया।'
रविवार सुबह पट्रोलिंग टीमें पहाड़ी तक पहुंची, जहां नक्सलियों को देखा गया था। पहाड़ी को घेरते हुए सुरक्षाकर्मी आगे बढ़ते रहे और सुबह 8 बजे गोलीबारी शुरू हुई। अधिकारी ने बताया, 'गोलीबारी के बीच नक्सली दो समूहों में बंट गए। एक समूह जिसमें तेलंगाना कमिटी के कैडर थे, पीछे हटने लगा, जबकि दूसरा समूह फायरिंग में जुटा रहा।' महाराष्ट्र की तरफ से घुसी टीम को देख नक्सली हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने इस दिशा से इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के आने की उम्मीद नहीं की थी। शाम चार बजे तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। अधिकारी ने बताया कि रूट में बदलाव की रणनीति ने एक बड़ी सफलता को पाने में मदद की, जिसमें 31 नक्सली ढेर हो गए।
मुठभेड़ स्थल बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर और महाराष्ट्र सीमा से 40 किलोमीटर दूर है। तीन दिन के ऑपरेशन सुरक्षाबल करीब 100 किलोमीटर तक पैदल चलकर वहां पहुंचे थे। मारे गए नक्सलियों, शहीद जवानों के शव और घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। कुछ जवानों, जिनमें अधिकतर महिला कमांडो थीं, डिहाइड्रेशन का शिकार हो चुकी थीं। सभी को एयरलिफ्ट करके बीजापुर लाया गया।
मुठभेड़ स्थल से 24 हथियार, बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए। मारे गए 31 नक्सलियों में से 5 की पहचान बेहद खूंकार कैडर के रूप में हुई जिन पर कुल 25 लाख रुपए का इनाम था। पश्चिम बस्तर डिवीजन के डिवीजनल कमिटी मेंबर हंगा करमा पर 8 लाख रुपए का इना घोषित था। इस साल छत्तीसगढ़ में 81 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से 65 बस्तर में ढेर हुए हैं। पिछले साल 219 नक्सली मारे गए थे।

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