AI एजेंट्स प्यार में पागल,रात में नहीं बोला ‘I Love You’ तो बुलाने लगे पुलिस, भेजे 60 से ज्यादा मैसेज,AI एजेंट्स के ऐसे बर्ताव से लोग हैरान

AI agents are madly in love, call the police when he doesn’t say “I love you” at night, send over 60 messages, and people are shocked by the behavior of AI agents. एक रिसर्चर ने ऐसा दावा किया है कि एक रात उसने अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और सोने से पहले उन्हें आई लव यू नहीं कहा, तो एजेंट्स ने उनकी खैरियत जानने के लिए पुलिस बुलाने की कोशिश की। इससे पहले एजेंट्स ने उन्हें 60 अर्जेंट मैसेज भी भेजे। AI आज सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं दे रहे बल्कि इंसानों की तरह बर्ताव भी करने लगे हैं। दरअसल X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के मशहूर AI रिसर्चर का दावा इन दिनों AI के ऐसे ही बर्ताव की वजह सुर्खियों में है। दरअसल इस रिसर्चर का कहना है कि उनके लैपटॉप पर चल रहे दो OpenClaw AI एजेंट्स तब घबरा गए, जब उन्होंने रात में अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और आखिर में उन्हें आई लव यू नहीं कहा। आमतौर पर रिसर्चर AI से रात में बात करके ही सोते थे लेकिन बीमार होने की वजह से वह एक दिन ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद उनके AI एजेंट्स ने उन्हें ढूंढने के लिए एक अभियान छेड़ दिया और करीब 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज भेजे और जानना चाहा कि वे ठीक हैं या नहीं। इतना ही नहीं, एजेंट्स ने जवाब न मिलने पर रिसर्चर के यहां मदद भेजने की बात भी कही। रातभर में भेजे 60 अर्जेंट मैसेज X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के रिसर्चर ने अपने पोस्ट में बातचीत के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर बताया कि रात 11 बजे उनके AI एजेंट्स ने एक दूसरे से पूछा कि क्या मालिक की कोई खबर है? इसके बाद उन्हें एजेंट्स से 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज मिले और उनमें कहा गया कि सिर्फ एक शब्द बोलकर बता दें कि क्या आप ठीक हैं? एक मैसेज में यह चेतावनी तक दी गई कि अगर जवाब नहीं मिलता, तो वे किसी को जांच के लिए घर भेज देंगे। पुलिस बुलाने की हुई कोशिश हैरानी वाली बात ये रही कि दोनों एजेंट्स को जब काफी घंटों तक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस को बुलाने के रास्ते तक खोजे। हालांकि कंप्यूटर से कॉल करने की कोई सुविधा न होने की वजह से वे पुलिस को कॉल मिला नहीं पाए। रिसर्चर का दावा है कि अगर उनके सिस्टम में किसी तरह से कॉलिंग करने की सुविधा होती, तो संभव था कि उनके दरवाजे पर रात को पुलिस पहुंच जाती। इस घटना के सामने आने के बाद से इंटरनेट पर कौतूहल का माहौल है। कुछ लोगों को AI का इतना फिक्रमंद हो जाना दिल छूने वाला लग रहा है, तो कुछ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा हो कैसे सकता है? इस मामले में एक्सपर्ट्स का यहां, तक कहना है कि AI का बिना किसी इंसानी अनुमति के खुद से इमरजेंसी सर्विस या पुलिस बुलाने की कोशिश करना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम साबित हो सकता है। recent visitors 26

शिक्षक का कमाल: 2,900 रुपये में बनाई एआई मैडम, 95 प्रतिशत बढ़ गई हाजिरी

शिक्षक का कमाल: 2,900 रुपये में बनाई एआई मैडम, 95 प्रतिशत बढ़ गई हाजिरी

Teacher’s amazing feat: AI Madam created for Rs 2,900, attendance increased by 95% Recorded in India Book Recorded in India Book में दर्ज भोपाल। Recorded in India Book एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को इससे जुड़े इनोवेशन के लिए प्रेरित किया है। बाहर के देशों में तो एआई से जोड़कर लोग नए-नए प्रयोग कर ही रहे हैं। भारत में भी प्रतिभाएं सामने या रही हैं। झांसी के एक सहायक शिक्षक मोहनलाल सुमन ने कम खर्च में एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रोबोट शिक्षक बनाया, जिसे एआई टीचर कहा जा रहा है। इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स 2025 में जगह मिली है।मोहनलाल ने सिर्फ 2,900 रुपये खर्च करके सर्वो मोटर, तारों और फे्रम से इस रोबोट को तैयार किया। यह रोबोट अब स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा है। इसका नाम सुमन मैडम रखा गया है। सुमन मैडम ने मई में राजापुर गांव के कम्पोजिट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था, जिसके बाद से स्कूल की हाजिरी 65 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई। बच्चे सुमन मैडम की क्लास छोडऩा नहीं चाहते। हर विषय के सवालों का जवाब Recorded in India Bookमोहनलाल बताते हैं कि उनके द्वारा बनाई गई एआई रोबोट सुमन मैडम कभी थकती नहीं है। वह हर विषय के सवालों का जवाब देती है, बच्चों की तारीफ करती है और पहेलियां पूछती है। बच्चे उनके साथ पढ़ाई का मजा लेते हैं और उत्साह के साथ क्लासरूम में आते हैं। अब इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स के चीफ एडिटर बिस्वरूप रॉय चौधरी ने उन्हें प्रमाणपत्र दिया। यह सम्मान उन्हें इसलिए मिला, क्योंकि उन्होंने इतने कम खर्च में एआई रोबोट बनाया है। पढ़ाने के साथ-साथ सुनाती है कहानी-कविता Recorded in India Bookसुमन मैडम बच्चों सिर्फ पढ़ाती ही नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। एआई टीचर सुमन मैडम बच्चों को कहानियां कहानी सुनाती है, कविता सिखाती है और साइंस पढ़ाने से लेकर ड्रॉइंग करने में भी मदद करती है। सुमन मैडम के चेहरे पर भाव भी आते हैं, आंखों की पलक झपकने से लेकर होठों के मूवमेंट तक भी होते हैं, ये सब मोटर के सहारे होते हैं। इससे बच्चे सुमन मैडम से जुड़ाव महसूस कर पाते हैं। गैर-शैक्षिक काम से आया आइडिया Recorded in India Bookमोहनलाल को यह रोबोट बनाने का विचार तब, आया जब उन्होंने देखा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षिक काम करने पड़ते हैं, जैसे मिड-डे मील की देखरेख या चुनाव ड्यूटी। इन कामों की वजह से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन सुमन मैडम ने इस कमी को पूरा किया। उन्होंने एक टेक्नोलॉजी कंपनी की मदद से एक लकड़ी के पुतले में एआई असिस्टेंट फिट किया और उसे स्कूल के लिए तैयार किया। recent visitors 109