मैं युवाओं अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें: अमित शाह

 नई दिल्ली विश्व लिवर दिवस पर इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलियरी साइंसेज (ILBS) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार अपनी फिटनेस के राज खोले हैं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली का मंत्र भी साझा किया है. गृह मंत्री शाह ने कहा, मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- उतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है. उन्होंने आगे कहा, हमारे देश के युवाओं को अभी अगले 40-50 वर्षों तक जीना है और देश के विकास में योगदान देना है. मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें. यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. यह मेरा स्वयं का अनुभव है. आज मैं यहां इसी अनुभव को आपसे साझा करने आया हूं. गृह मंत्री अमित शाह का पूरा बयान…. ''मैं एक मेरे जीवन का अनुभव साझा करने के लिए यहां आया हूं. 2020 के मई महीने से आज तक… मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- इतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया और ये अनुभव को साझा करने के लिए मैं आया हूं. मैं आपको बता सकता हूं कि ये साढ़े चार साल के समय में मैं आज करीब करीब सभी एलोपैथिक दवा और इंसुलिन से मुक्त होकर आपके सामने खड़ा हूं. और आज विश्व यकृत पर भी मैं देशभर के विशेषकर सभी युवाओं को… जिनको अभी 40-50 साल तक अपना जीवन व्यतीत करना है. इस देश के विकास में योगदान देना है. और देश के विकास के माध्यम से हम सब इच्छा करते हैं, ऐसे विश्व का निर्माण करना है, वो युवाओं को मैं जरूर कहना चाहूंगा कि अपने शरीर के लिए दो घंटा और दिमाग के लिए कम से कम छह घंटे की नींद एक बार रिजर्व कर लीजिए… अनेक गुना उपयोगिता इसकी बढ़ जाएगी. और ये मेरा अनुभव है.'' ''अगर चार साल पहले डॉक्टर शिव सरीन मुझे यहां बुलाते तो मैं नहीं आता, क्योंकि मैं यहां बात करने लायक ही नहीं होता. महात्मा बुद्ध के जीवन का एक प्रसंग है. एक मां एक बच्चे को लेकर महात्मा बुद्ध के सामने उपस्थित हुई. उसने कहा- महात्मा जी बेटा बहुत गुड़ खाता है तो आप जरा उसको समझाइए. निश्चित मात्रा से ज्यादा कोई भी चीज खाना शरीर के लिए फायदेकारक नहीं होता है. महात्मा बुद्ध ने कहा कि सप्ताह के बाद आइए. एक सप्ताह के बाद मां फिर से आई और बुद्ध ने बेटे को समझाया कि आप ज्यादा गुड़ मत खाइए- इससे हानि होती है. फिर मां से रहा ना गया उसने पूछा कि आपने यही बात एक सप्ताह पहले क्यों नहीं की तो उन्होंने कहा- माता जी मैं स्वयं ही बहुत गुड़ खाता था तो गुड़ छोड़कर बेटे को नसीहत देना चाहता था. मेरी भी स्थिति कुछ ऐसी ही है. मेरे जीवन में डिसिप्लिन लाने का किसी एक महात्मा के आग्रह के कारण मैंने निर्णय किया और ये निर्णय का मुझे बहुत फायदा हुआ है. इसे शेयर करने के लिए मैं आज यहां आया हूं.''   recent visitors 51

अमित शाह बोले- जवानों ने नक्सलियों को चार जिलों तक समेट कर रख दिया

नीमच गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली। गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं। recent visitors 39

मंत्री सारंग ने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा करें निर्धारित

भोपाल केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में दिये गये निर्देशों के परिपालन में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में गुरूवार को उच्च स्तरीय बैठक ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा निर्धारित कर कार्य-योजना बनाई जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक वर्णवाल भी उपस्थित थे। सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन के अध्ययन के लिये कमेटी मंत्री सारंग ने कहा कि कमेटी गठित कर सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन का अध्ययन किया जाये। यह कमेटी अपनी अनुशंसा उच्च स्तर पर प्रस्तुत करेगी। बैठक में कमेटी के सदस्यों में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पी.एस. तिवारी, संयुक्त आयुक्त के.के. द्विवेदी और एच.एस.बघेला को शामिल किया गया है। देशभर के सहकारिता अधिकारी समझेंगे सीपीपीपी मंत्री सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पाटनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल पर एक वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश भी दिये। वर्कशॉप में देशभर के सहकारिता से जुड़ें अधिकारियों को सीपीपीपी मॉडल का प्रजेटेंशन दिया जायेगा। आगामी 20 जून को यह प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये। मंत्री सारंग ने सीपीपीपी मॉडल के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। सीपीपीपी मॉडल के तहत प्रदेश में सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि रोजगार के नये अवसर सृजित करेगा। पैक्स का विस्तार मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में अभी 10 हजार प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां है। सभी जिला अधिकारियों को इसको विस्तार करते हुए 26 हजार का लक्ष्य देकर तत्परतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिये जाये। पैक्स का विस्तार टाइम लिमिट में करें। उन्होंने कहा कि 637 नई समितियों के गठन की कार्ययोजना बनाकर अंतिम रूप दें। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नई सोसायटियाँ गठित की जाना है वहां लक्ष्य तय कर त्वरित गति से कार्य किया जाये। उन्होंने नवाचार के संबंध में जेआर और डीआर की वीडियो क्रॉन्फेसिंग कर आवश्यक मार्गदर्शन दिये जाने के भी निर्देश दिये। बैठक में समितियों के चुनाव संबंध में भी चर्चा की गई। निवेश विंग की स्थापना बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उच्च स्तर से निर्णय के बाद सहकारिता क्षेत्र में निवेशकर्ताओं को सभी आवश्यक सुविधाएँ एक स्थान पर सुनिश्चित करने के लिये "निवेश विंग आई डब्ल्यू" बनायी गई है। इसमें अम्बरीष वैद्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित समन्वय अधिकारी होंगे। निवेश विंग में मुख्य संयोजक सुगुंजन राय और सहायक समन्वयक श्रीमती प्रियंका शाक्य रहेगी। बैठक में प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित और संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य उपस्थित थे।   recent visitors 38

सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका: केन्द्रीय मंत्री शाह

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2026 तक देश होगा नक्सलवाद से मुक्त : केन्द्रीय मंत्री शाह देश की आंतरित सुरक्षा में सीआरपीएफ का अदम्य साहस और समर्पण सराहनीय सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका राष्ट्र की सुरक्षा के‍लिये सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन कर बलिदान दिया सीएपीएफ में अब महिला कर्मियों की हो रही है भर्ती आयुष्मान कार्ड और आवास योजना का भी दिया जा रहा है लाभ केन्द्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सीआरपीएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल कर्मियों को किया पुरस्कृत नीमच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त होगा। इस प्रण को पूरा करने में सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जहां जरूरत होती है, सीआरपीएफ के जवान सदैव कर्तव्य पथ पर तत्पर रहते हैं। देश का जब भी स्वर्णिम इतिहास लिखा जाएगा, उसमें सीआरपीएफ के शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह गुरुवार को नीमच स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेन्‍द्र प्रताप सिह, क्षेत्र के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्‍ता, राज्‍यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर सहित जिले के तीनों विधायक व अन्‍य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के कर्मियों के अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सीआरपीएफ की आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों, शांति स्थापना के कार्यों में निभाई गई भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि "जहां सीआरपीएफ है, वहां चिंता करने की कोई बात नहीं"। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि आज सीआरपीएफ के 3 लाख जवान देश में कानून-व्यवस्था और शांति स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। देश की संसद पर आतंकी हमले और श्रीराम जन्मभूमि पर हमले जैसी मुश्किल समय में कई बार सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करते हुए बलिदान दिया। केन्द्रीय मंत्री शाह ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक देश की सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान को कोई भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा सीएपीएफ कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीआरपीएफ में अब महिलाओं की भी भर्ती हो रही है। उनके लिये भी आवास सुविधा विकसित की जा रही है। सीआरपीएफ को आधुनिक बनाए रखने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से उत्कृष्ट सुविधा प्रदान की जा रही है। सीआरपीएफ को 2708 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं, जो अद्भुत वीरता के परिचालक हैं। स्थापना दिवस पर केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। शाह ने कहा कि आज की परेड जवानों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने वीरता पदकों के लिए चयनित जवानों को सम्मानित कर विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल के जवानों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में कोबरा, आरएएफ वैली क्यूएटी और डॉग स्क्वॉड जैसी विशेष इकाईयों द्वारा प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने सीआरपीएफ परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनी का अवलोकन किया सीआरपीएफ के स्‍थापना दिवस समारोह की परेड के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सीआरपीएफ कैम्प नीमच के परिसर में ‘’राष्‍ट्र सेवा में समर्पित सीआरपीएफ के विभिन्‍न आयाम चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सीआरपीएफ की स्‍थापना से अब तक फोर्स द्वारा अर्जित उपलब्धियों एवं विभिन्‍न गतिविधियों को चित्रों के माध्‍यम से प्रदर्शित किया गया। उल्लेखनीय है कि 86वीं सीआरपीएफ दिवस परेड इस वर्ष 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के अन्तर्गत आयोजित की गई। सामान्यतः सीआरपीएफ दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सीआरपीएफ को ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष नीमच में आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहीं 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासन के दौरान 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' की स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता के बाद, 28 दिसंबर 1949 को सरदार पटेल ने इसे “केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)” नाम दिया। आज सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है हर चुनौतीपूर्ण मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में डटे रहकर, "सेवा और निष्ठा" के अपने मूल मंत्र को चरितार्थ कर रहा है।   recent visitors 35

दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन आज, अमित शाह रहेंगे मुख्य अतिथि

भोपाल दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन सोमवार को किया जाएगा। समापन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान पर केंद्रित इस महानाट्य का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था। तीन दिवसीय इस महामंचन के माध्यम से न केवल सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य और संस्कृति संरक्षण के कार्यों को प्रस्तुत किया गया, बल्कि यह आयोजन “सांस्कृतिक अभ्युदय से समृद्धि पथ पर अग्रसर मध्यप्रदेश” थीम पर केंद्रित रहा। आज अंतिम दिन भी यह महानाट्य शाम 6:30 बजे से लाल किले के माधवदास पार्क में मंचित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से दर्शकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और स्थानीय व्यंजनों से भी रूबरू होने का अवसर मिला है। कार्यक्रम स्थल पर "आर्ष भारत", "मध्यप्रदेश पर्यटन" और "एमपी फूड कोर्ट" जैसी प्रदर्शनियों को विशेष आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है, जहां आगंतुकों ने बघेलखंडी, मालवी, विंध्य क्षेत्र के पारंपरिक स्वादों का आनंद लिया। यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित “विक्रमोत्सव 2025” का हिस्सा है, जो प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।   recent visitors 42

नक्सली बस्तर के विकास को रोक नहीं सकते, वो जमाना चला गया जब दंतेवाड़ा में गोलियां चलती थीं: अमित शाह

बस्तर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के विकास को रोक नहीं सकते और उनसे हथियार छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार के 'बस्तर पंडुम' महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "वो जमाना चला गया जब यहां पर गोलियां चलती थी, बम धमाके होते थे. जिनके हाथों में हथियार हैं उनसे विनती करता हूं कि हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आइए क्योंकि आप हमारे अपने हैं. कोई नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है. इस क्षेत्र को विकास चाहिए. बीते 50 वर्षों में जो विकास यहाँ नहीं पहुंचा, मोदी जी 5 साल में विकास को यहां पहुंचाएंगे." उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति तभी हो सकती है, जब बच्चे स्कूल में जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित ना हो और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था हो, हर गांव में एक दवाखाना हो, हर तहसील में अस्पताल हो, हर घर में 7 किलो चावल मुफ्त पहुंचता हो, सभी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य का बीमा हो. यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि, यहां का हर गांव नक्सलमुक्त बनेगा. शाह ने कहा कि विकास तभी संभव है जब बस्तर की जनता यह तय करे कि वे अपने गांवों और घरों को नक्सल मुक्त बनाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें 1 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की सौगात दी जाएगी. अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही. उन्होंने कहा, "जिन नक्सलियों ने यह समझ लिया है कि विकास के लिए बंदूक, आईईडी और ग्रेनेड की जरूरत नहीं, बल्कि कंप्यूटर और कलम की जरूरत है, उन्होंने आत्मसमर्पण किया है." 'बस्तर पंडुम' महोत्सव की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि अगले वर्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध करेंगे कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होकर आदिवासी भाई-बहनों को आशीर्वाद दें.   recent visitors 36

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की

रायपुर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 40