Wednesday, July 15, 2026 8:56 pm

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही, नेशनल हेराल्ड अखबार के लिए विज्ञापन दे रही

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड का मुद्दा एक बार फिर विवादों में है. ईडी ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ईडी ने सोनिया और राहुल से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की कार्यवाही भी शुरू की है. लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश और झारखंड की सरकारों की ओर से नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैं आज नेशनल हेराल्ड की बात करूंगा. नेशनल हेराल्ड का नाम सुनते ही पूरी कांग्रेस पार्टी के ईकोसिस्टम में सेंसेशन होने लगते हैं, सेंसेशन जैसे छटपटाहट, कपकपाहट, थरथराहट, फड़फड़ाहट, डगमगाहट, लड़खड़ाहट और ऐसे सेंसेशन होने लाजिमी भी है क्योंकि चोरी करते हुए पकड़े गए हैं. आजादी के बाद से कांग्रेस को देखेंगे तो इनका एक नहीं अनेक घोटाले सामने आए हैं. लेकिन ये अपने आप में एक ऐसा मॉडल है, जो किसी के गले नहीं उतर रहा. ठाकुर ने कहा कि नेहरू जी ने 1938 में नेशनल हेराल्ड को शुरू किया था लेकिन वो चल नहीं पाया. फिर 2008 में ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उसे बचाने के लिए यंग इंडिया के नाम से एक नई कंपनी बनाई गई. यंग इंडिया बनने के बाद 50 लाख रुपये देकर 2000 करोड़ की संपत्ति कांग्रेस के पास चली जाती है. इस कंपनी में गांधी परिवार की 76 फीसदी की हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों हिमाचल प्रदेश और झारखंड की ओर से नेशनल हेराल्ड को दिए जाने वाले विज्ञापनों पर सवाल उठाया. ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड एक समय पर दैनिक अखबार था लेकिन अब यह नियमित रूप से नहीं छपता. वीकली अखबार है. फिर भी कांग्रेस की सराकरें इसे जमकर विज्ञापन दे रही है. अखबार वैसे तो कागज पर छपता है लेकिन कुछ कागजी अखबार होते हैं. कांग्रेस सरकार कौन-कौन से राज्यों से विज्ञापन ले रही है. ये साफ सामने आना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही है लेकिन इस अखबार के लिए विज्ञापन दे रही है. हिमाचल की कांग्रेस सरकार जब से बनी है, नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपये दिए गए हैं. नेशनल हेराल्ड को कोई पढ़ता है क्या? सरकार अपनी जेब से पैसा दे, टैक्सपेयर्स का पैसा क्यों दे रही है? उस राज्य का चुना हुआ मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कर सकता है? एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी. यह कांग्रेस के करप्शन का मॉडल है. कांग्रेस के दो बड़े नेता जमानत पर बाहर है. उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई सही है. ठाकुर ने कहा कि इनके लिए फैमिली फर्स्ट, पार्टी सेकंड और देश आखिरी में है. हिमाचल और झारखंड की कांग्रेस सरकारों पर क्या आरोप है? हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और झारखंड की कांग्रेस सरकार पर नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपयों के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप बीजेपी ने लगाया है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन की अगुवआई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार ने नेशनल हेराल्ड और उससे जुड़े प्रकाशनों को करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाया. वहीं, अनुराग ठाकुर ने हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने नेशनल हेराल्ड को झोली भरकर विज्ञापन दिए हैं. हिमाचल के कितने घरों में नेशनल हेराल्ड साप्ताहिक अखबार आती है? उन्होंने कहा कि इस पर भी एक सर्वे होना चाहिए, क्या किसी मीडियाकर्मी के घर में नेशनल हेराल्ड आता है? लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार के द्वारा अखबार को करोड़ों रुपये के विज्ञापन दिए गए हैं. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में दो करोड़ से ऊपर का विज्ञापन दिया गया. इसकी एक कॉपी आती नहीं है और सीएम कह रहे हैं कि मेरी मर्जी जो करूं. हमारी सरकार है, हमारा अखबार है. दान देने का अधिकार आपको नहीं है. ये हिमाचल के खून-पसीने के मेहनत की कमाई है. आप इसे इस तरह एक परिवार को लुटाने के लिए नहीं दे सकते हैं.   recent visitors 28

राजधानी को आपदा से मुक्ति मिल चुकी है, अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी : अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने दिल्ली की जनता का आभार जताते हुए कहा कि राजधानी को आपदा से मुक्ति मिल चुकी है। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शुरुआती रुझानों में पूर्ण बहुमत हासिल किया है, वहीं आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हार मिली है। मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा सीट से चुनाव हार चुके हैं। कुल मिलाकर यह रुझान भाजपा के लिए बहुत उत्साहित करने वाले हैं और पार्टी 27 साल बाद राजधानी में सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। इस पर महाकुंभ में मौजूद अनुराग ठाकुर ने कहा, "दिल्ली की जनता का आभार जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत दी है। आम आदमी पार्टी के पाप का घड़ा भर चुका था। दिल्ली विकास के लिए तरस और तड़प रही थी। केजरीवाल और उनकी टीम ने जो वादाखिलाफी की थी, वह एक तरह से लगता था कि अलीबाबा और चालीस चोर दिल्ली को लूटने के लिए कूद पड़े हैं। 11 सालों तक लगातार दिल्ली में केवल लूट और भ्रष्टाचार की खुली छूट थी। दिल्ली में लोग तंग आ चुके थे और हर जगह त्राहि-त्राहि थी। इसलिए जहां एक ओर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और बड़े-बड़े आप नेताओं की इस चुनाव में जो दुर्दशा हुई है, वह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी से लोग कितने तंग थे। ये 'आप-दा' नाम बिल्कुल सही था। जैसे दुनिया के सामने कोविड-19 एक आपदा था, ऐसे ही दिल्ली के लिए केजरीवाल आपदा थे।" कांग्रेस ने इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को मदद की थी। इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, "ये दोनों मिलकर ही चुनाव लड़ रहे थे। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव, आप और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। दोनों भ्रष्टाचारी हैं। राहुल गांधी और केजरीवाल में सांठगांठ थी और ये कोशिश कर रहे थे कि सत्ता विरोधी वोट कांग्रेस के पाले में चला जाए। लेकिन जनता समझदार थी और उसने सही निर्णय लेते हुए स्पष्ट बहुमत देते हुए भाजपा को आगे बढ़ाया है। दिल्ली की जनता का आभार।" अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हमें जो नेतृत्व मिला है, उसको देखते हुए दिल्ली की जनता ने माना है कि अब बहाने बनाने वाले नहीं चाहिए। अब आरोप लगाने वाले नहीं चाहिए। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। अब दिल्ली को विकास की राह पर ले जाना है और बहाने लगाने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना है। शीश महल का क्या करेंगे? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार इस पर फैसला लेगी। क्या 'आप' के जीते हुए विधायक भाजपा से संपर्क कर रहे हैं? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, "मुझे इस विषय में जानकारी नहीं है। मैं आपके सामने महाकुंभ में आया हूं और खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि इस पवित्र स्थान पर होने का मुझे उस दिन अवसर मिला जिस दिन एक ऐसा नतीजा देश के सामने आया जब देश की राजधानी खुद को आपदा मुक्त करना चाहती थी। ऐसे नतीजे यहां कुंभ की धरती पर सुनने के लिए मिल रहे हैं। इससे बड़ा सौभाग्य का पल और क्या हो सकता है।"   recent visitors 55

नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम विरोध करते थे: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को जाति विवाद को लेकर कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और दावा किया कि यदि सामंतवादी सोच वाली कांग्रेस ने मंडल और काका कालेलकर की रिपोर्ट की राह में रोड़ा नहीं अटकाया होता, तो आज स्थिति कोई और होती। अनुराग ठाकुर ने कहा कि नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम मंडल आयोग की रिपोर्ट का विरोध करते थे। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ''सांच को आंच नहीं। कुछ लोगों के मेरे भाषण से उनके Sense of Entitlement को गहरी चोट लगी है, जिसका असर हुआ कि पूरे ने चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया है। इन्हें लगता है कि सवाल पूछने का हक सिर्फ इन्हें है, क्योंकि ये प्रिविलेज्ड हैं। यह वही लोग हैं जिनके पूर्वज देश के पिछड़ो, दलितों और वंचितों को बुद्धू कहा करते थे। जो लोग आज तक लेगेसी की मलाई खाते आ रहे रहे हैं, आज उनके मुंह में सवाल की खटाई क्या पड़ी, ये झूठ बोलकर अपनी जग हंसाई करवा रहे हैं।  लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सजा पाई।'' बीजेपी सांसद ने बात करते हुए कहा, ''जो दूसरों को बुद्धू कहा करते थे, आज उनके ही घरों में बुद्धिओं की भरमार है। ये वही लोग हैं, जिन्हें लगता था कि उनके सामने कोई दलित व्यक्ति कोट-पैंट पहनकर कैसे खड़ा हो सकता है और संविधान लिख सकता है।'' पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था कि आरक्षण के नाम पर बुद्धिओं को बढ़ावा नहीं देंगे। यह इंटरव्यू साल 1985 में प्रकाशित हुआ था। मैं कहता हूं कि बात निकली है तो दूर तक जाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री के अति बुद्धिमान पुत्र इस देश को बताएंगे कि क्या उनके पिता की नजरों में पिछड़ा वर्ग बुद्धू था? क्या कांग्रेस राजीव गांधी द्वारा दिए गए एक अतिघृणित जातिवादी बयान की निंदा करेगी या फिर उसके खिलाफ रिजॉन्यूशन पास किया जाएगा?'' उन्होंने आगे कहा, ''1947 से लेकर कांग्रेस अपने वैचारिक दरबारियों के साथ मिलकर दलित और वंचित समाज को मुख्यधारा से बाहर करने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाती रही। जब जवाहरलाल नेहरू से पूछा गया कि दलित और आदिवासियों को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा तो उन्होंने बहाना बना दिया कि आरक्षण देने से उनके मन में हीन भावना भर जाएगी। नेहरू ने तो अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर बता दिया था कि वे किसी भी आरक्षण के खिलाफ हैं। इंदिरा गांधी की भी यही नीति थी। मंडल आयोग की रिपोर्ट भी लागू होने की राह ताकती रही। राजीव गांधी और इंदिरा गांधी ने दस साल तक इस रिपोर्ट को लागू नहीं होने दिया।'' 'मंडल आयोग की रिपोर्ट के विरोध में थे राजीव' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राजीव गांधी तो खुलेआम मंडल आयोग के रिपोर्ट को लागू करने का विरोध करते रहे। जब काका कालेलकर की रिपोर्ट आई तो भी कांग्रेस ने इसे वर्षों तक छिपा कर रखा। देश में पिछड़ा-आदिवासी, दलित समाज को राहुल गांधी के इरादे पर शंका है, क्योंकि ये उसी परिवार और पार्टी के सर्वे-सर्वा हैं, जिन्होंने आजतक सारी मर्यादाओं को तोड़कर आरक्षण का विरोध किया। सामंतवादी जब समाजवादी बनने का ढोंग करते हैं तो बहुत खतरनाक होते हैं। कांग्रेस ने तो मोदी जी के बहाने पिछड़ावर्ग को गालियां दीं और अपमानित किया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बजट पर चर्चा के दौरान संसद में अनुराग ठाकुर ने जाति पर बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था, जिसके बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था।  recent visitors 136