आतंकियों ने अखनूर में सेना के वाहन पर की फायरिंग, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

अखनूर जम्मू-कश्मीर के अखनूर में शिव मंदिर के पास बट्टल में आज सुबह 7 बजे 3 आतंकियों ने भारतीय सेना की गाड़ियों पर फायरिंग की। भारतीय सेना की 32 फील्ड रेजिमेंट ने तुरंत जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी कर दी और सर्च ऑपरेशन जारी है। एम्बुलेंस पर हुई फायरिंग सेना के अधिकारियों ने बताया कि केरी के बट्टल इलाके में असन मंदिर के पास ग्रामीणों ने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना दी थी। जब सेना की एक एम्बुलेंस वहां से गुजर रही थी तो लोगों ने गोलियां चलने की आवाजें सुनी। पुलिस के साथ सेना के जवानों ने गांव और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी है और सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 2 हफ्ते में 7 आतंकी हमले बीते 2 हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में 12 लोगों की जान चली गई है। इस तरह, विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद केंद्र शासित प्रदेश में शांति भंग हो गई है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में 7 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 24 अक्टूबर की शाम को गुलमर्ग में अटैक भी शामिल है, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई थी। गांदरबल जिले के गगनगीर में 20 अक्टूबर को आतंकवादी हमला हुआ था। इसमें एक स्थानीय डॉक्टर और बिहार के 2 मजदूरों सहित 7 लोगों की जान चली गई थी। कश्मीर में स्थानीय युवकों के आतंकवादी समूहों में शामिल होने की गुप्त प्रवृत्ति ने चिंता पैदा कर दी है। अब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन जारी इस बीच, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ आतंकवादियों के सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि हंदवाड़ा पुलिस ने सेना की 22 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) 92 बटालियान (बीएन) के साथ मिलकर ऐक्शन लिया। यूनिसू में तलाशी के दौरान आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकड़ा। आरोपी की पहचान उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के लट्टी शार्ट सोपोर निवासी इश्फाक मजीद डार के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक पिस्तौल, 2 मैगजीन, 12 राउंड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हंदवाड़ा थाने में धारा 13, 23 यूएलएपी, 7/25 आईए अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। recent visitors 80

उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफा, 15 दिन में 19 का कत्ल

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर को 10 साल बाद चुनी हुई सरकार मिली है और उमर अब्दुल्ला अब मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके बाद भी केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी हमले थमने की बजाय और बढ़ गए हैं। बीते 15 दिनों में ही अलग-अलग आतंकी हमलों में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं। 24 अक्टूबर की शाम को कश्मीर के गुलमर्ग में फिर एक आतकी हमला हुआ, जिसमें दो आर्मी पोर्टर और दो जवान शहीद हो गए। यह हमला भी टूरिस्ट हॉटस्पॉट वाले इलाके में हुआ। यही नहीं यहां सेना की बड़ी संख्या में तैनाती रहती है। उसके बाद भी आतंकियों के सेना तक पहुंचने और उनको निशाना बनाने से सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 20 अक्टूबर को गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक सुरंग के निर्माण की साइट पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 6 बाहरी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर का कत्ल कर दिया गया। इन लोगों पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इससे पूर्व 18 तारीख को भी शोपियां में बिहार के एक मजदूर का कत्ल कर दिया गया था। इन घटनाओं के बीच एलजी मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों को सख्ती बरतने और पुलिस एवं सेना को साथ मिलकर अभियान चलाने का आदेश दिया है। फिर भी अब तक कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। बीती रात को सेना और आतंकियों के बीच छिड़े संघर्ष ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। बारामूला, पुंछ, शोपियां, गांदरबल और कश्मीर समेत ज्यादातर इलाकों में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और कई जगहों पर कैंपिंग बढ़ा दी गई है। 9 अक्टूबर को भी एक लापता सैनिक का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। खबर थी कि सैनिक को अनंतनाग से आतकियों ने अगवा कर लिया है। अंत में उनका शव ही बरामद किया गया। जवान की पहचान हिलाल अहमद भट के तौर पर हुई है। इस बीच गुरुवार को सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग की। वहीं भाजपा के एक नेता ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तब तक नहीं मिल सकता, जब तक सुरक्षा के हालात सुधर नहीं जाते। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफे की ओर भी इशारा किया। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति पूर्ण चुनाव और सरकार गठन से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बौखला गए हैं और वे लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। बारामूला आतंकी हमले पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बारामूला आतंकी हमले पर उन्होंने कहा, 'इस रियासत में ऐसा होता रहेगा। जब तक इस समस्या से निकलने का रास्ता नहीं निकलेगा, तब तक यह नहीं रुकेगा। मैं 30 साल से देख रहा हूं कि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।' फारूक ने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने वाले हैं, तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारा भविष्य बर्बाद करने के लिए? उन्हें अपने देश को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं उनसे फिर अपील करता हूं कि वे इसे रोकें और दोस्ती का रास्ता खोजें। अगर दोस्ती नहीं की गई तो भविष्य बहुत मुश्किल होगा। मैं इस घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं।' जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गुरुवार को किए गए आतंकवादी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 2 जवानों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। सैन्य बल के साथ काम करने वाले 2 कुलियों की कल मौत हो गई थी। तीन सैनिकों सहित चार लोग घायल हुए थे जिनमें से दो सैनिकों ने बाद में दम तोड़ दिया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर हमला दिया। बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर तब गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह से सेना के कब्जे में है। उमर अब्दुल्ला बोले- हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तरी कश्मीर के बूटापथरी क्षेत्र में सेना के वाहनों पर हमले की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण खबर है, जिसमें कुछ लोग हताहत हुए हैं। कश्मीर में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।’ अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि घायल पूरी तरह और शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘बारामूला में सेना के काफिले पर आतंकवादी हमले से स्तब्ध और दुखी हूं। इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं और घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करती हूं।’ recent visitors 83

सेना ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, एक को मार गिराया, गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

 बारामुला जम्मू कश्मीर के बारामुला में सेना की एक संयुक्त टीम ने हथियारों से लैस आतंकी को मार गिराया। इसके साथ ही सेना ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान यहां पर गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इस जखीरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी युद्ध की तैयारी के लिए सामान जुटाया जा रहा है। मारे गए आतंकी के पास एक एके 47 राइफल, दो एके मैगजीन, 57 एके राउंड, दो पिस्टल मैगजीन के अलावा कई अन्य खतरनाक हथियार थे। इससे पहले आर्मी के चिनार कोर ने बताया कि घुसपैठ के खिलाफ इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था। बयान के मुताबिक घुसपैठ को लेकर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस ने एलओसी के करीब स्थित उरी और बारामुला में यह अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सेना की चौकन्नी टुकड़ी ने चुनौती दी। इसके बाद सामने से फायरिंग होने लगे। जवाब में जवानों ने भी गोलियां बरसाईं। इससे पहले गांदरबल इलाके में आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार शाम को हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें कायराना कृत्य बताया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर सोनमर्ग इलाके के गगनगीर इलाके में कायराना हमला हुआ है। यह लोग इलाके में एक बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आतंकी हमले में दो की हत्या की गई है, दो-तीन घायल हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि मैं इस हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रेषित करता हूं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार शाम को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गगनगीर के पास एक शिविर में हुआ जहां स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के निर्माण पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित नौ अन्य घायल हो गए। डॉक्टर सहित पांच घायलों ने बाद में दम तोड़ दिया। recent visitors 75

अनंतनाग में आतंकियों की कायराना करतूत, सेना के जवान की अपहरण के बाद की हत्या, जंगल में गोलियों से छलनी शव मिला

 श्रीनगर दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग के शांगस और कोकरनाग में आतंकियों ने कथित तौर पर जंगल में गश्त कर रहे टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े दो जवानों को अगवा कर लिया। इनमें से एक जवान किसी तरह जख्मी हालत में आतंकियों की चंगुल से बच पाने में सफल हो सका। वहीं एक अन्य जवान की आतंकियों ने हत्या कर दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रादेशिक सेना के जवान हिलाल अहमद भट का शव अनंतनाग के उत्रासू इलाके में सांगलान वन क्षेत्र से बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि शव को चिकित्सीय औपचारिकताओं के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जवान की पहचान हिलाल अहमद के तौर पर की गई है. पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि जवान को कई गोलियां मारी गई हैं. शरीर पर चाकू से कटने के कोई निशान नहीं है. इससे पहले सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि अनंतनाग में सेना के एक जवान को आतंकियों ने अगवा कर लिया है. टेरिटोरियल आर्मी की 161 यूनिट के एक जवान को आतंकियों ने अगवा कर लिया था. बता दें कि शुरुआत में दो जवानों के अपहरण की खबर थी. खबर थी कि अनंतनाग के वनक्षेत्र से दो जवानों को अगवा किया गया है. हालांकि, एक जवान को गोली लगी थी लेकिन इसके बावजूद वह आतंकियों के चंगुल से बचकर भागने में सफल रहा था. इससे पहले भारतीय सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने कोरनाग में अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आठ अक्टूबर को संयुक्त आतंकवाद रोधी ऑपरेशन शुरू किया था. यह ऑपरेशन रातभर चला, जिसमें सेना का एक जवान लापता था. इन जवानों को अनंतनाग के कोनरनाग में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक ज्वॉइंट एंटी टेरर ऑपरेशन के दौरान अगवा किया गया था. अधिकारी का कहना है कि घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर है. बता दें लापता सैनिकों को ढूंढने के लिए इलाके में भारी तलाशी अभियान चलाया गया था. यह घटना जम्मू कश्मीर में आठ अक्तूबर को हुई काउंटिंग के दिन हुआ था. इससे पहले अगस्त महीने में अनंतनाग में ही आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन घायल हुए थे.   recent visitors 78

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश विफल, दो आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

 कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शुक्रवार की रात सुरक्षाबलों ने आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रहे हैं। सुरक्षाबलों को यहां पर और भी कई आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। बता दें कि नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा के गुगलधारा जंगल में सुरक्षाबलों ने यह सर्च ऑपरेशन चलाया। सेना ने कहा कि आतंकियों के कश्मीर घाटी में घुसपैठ की कोशिश करने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया। सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान जॉइंट टीम ने इलाके में कुछ हलचल देखी। इसके बाद आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जॉइंट टीम ने भी करारा जवाब दिया। इसमें उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया। सेना की चिनार कोर ने दी जानकारी घाटी में मौजूद सेना की चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट किया, “4 अक्टूबर 2024 को घुसपैठ की कोशिश की खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुगलधार, कुपवाड़ा में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिसके बाद आतंकवादियों के साथ गोलीबारी हुई। सतर्क सैनिकों ने प्रभावी गोलीबारी की।” इसके बाद सेना ने एक पोस्ट में बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। चिनार कोर ने पोस्ट किया, “चल रहे ऑपरेशन गुगलधर में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। युद्ध जैसे सामान बरामद किए गए हैं।” सेना ने कहा कि क्षेत्र में घेराबंदी एवं तलाशी अभियान जारी है। recent visitors 76

घाटी के डोडा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड, सेना का एक कैप्टन शहीद

 डोडा जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के डोडा जिले में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इस बीच इंडियन आर्मी की तरफ पुष्टि की गई है कि एनकाउंटर के दौरान सेना का एक अफसर शहीद हो गया है. रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना के 48 नेशनल राइफल्स के एक कैप्टन शहीद हो गए हैं. बता दें कि डोडा इलाके में सेना का ऑपरेशन अभी जारी है. इससे पहले खबर आई थी कि इलाके में एक आतंकवादी घायल हुआ है, जिसके बाद सेना ने एंटी-टेरर ऑपरेशन चलाया था. इस दौरान एम-4 राइफल और तीन बैग बरामद हुए हैं. जिले में पिछले महीने भी हुआ था एनकाउंटर डोडा जिले में पिछले महीने सेना और आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी. आतंकवादियों के साथ एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए एक अधिकारी सहित 5 जवानों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. मुठभेड़ तब हुई जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) के जवानों ने डोडा शहर से लगभग 55 किलोमीटर दूर देसा वन क्षेत्र में धारी गोटे उरारबागी में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया. थोड़ी देर की गोलीबारी के बाद आतंकवादियों ने भागने की कोशिश की. एक अधिकारी के नेतृत्व में बहादुर सैनिकों ने चुनौतीपूर्ण इलाके में घने जंगलों के बीच उनका पीछा किया, जिसके बाद रात 9 बजे के आसपास जंगल में एक और मुठभेड़ हुई. अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में पांच जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. कठुआ में आतंकियों ने घात लगाकर किया था हमला डोडा के गढी भगवा इलाके में 9 जुलाई की शाम शुरू हुए एनकाउंटर में सेना और आंतकियों की तरफ से लगातार फायरिंग हुई. इलाके में 2-3 आतंकियों के फंसे होने की आशंका थी. हालांकि, वे भागने में कामयाब रहे. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 जुलाई को आतंकियों ने घात लगाकर सेना के दो ट्रकों पर हमला किया था, जिसमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत 5 जवान शहीद हो गए थे. दोपहर के 3.30 बजे थे और कठुआ से करीब 123 किलोमीटर दूर लोहाई मल्हार ब्लॉक के माछेड़ी इलाके के बडनोटा में दो ट्रकों में सेना के करीब 12 जवान जा रहे थे. आतंकियों ने घात लगाकर सेना के ट्रक पर पहले ग्रेनेड फेंका, फिर फायरिंग की थी. सेना के जवान जब तक संभले और काउंटर फायरिंग शुरू की, तब तक आतंकी जंगल में भागने में कामयाब रहे. इस हमले की जिम्मेदारी भी कश्मीर टाइगर्स ने ली थी. इसमें 3 से 4 आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आई थी, जो एडवांस हथियारों से लैस थे. लोकल गाइड ने इस हमले में आतंकियों की मदद की थी. सुरक्षा बलों ने 6 जुलाई को कुलगाम जिले में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में छह आतंकवादियों को मार गिराया था. इस दौरान दो जवान शहीद हो गए थे.   recent visitors 110

किश्तवाड़, उधमपुर और अनंतनाग के कोकेरनाग में पुलिस के साथ सेना और अर्धसैनिक फोर्स तैनात

श्रीनगर जम्मू और कश्मीर में तीन दिनों से तीन अलग-अलग जगहों पर आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहे हैं। जम्मू के किश्तवाड़ और उधमपुर और कश्मीर घाटी के अनंतनाग के कोकरनाग क्षेत्र में अभियान सक्रिय हैं। वहीं जम्मू कश्मीा पुलिस ने कठुआ जिले में नौ आतंकवादियों के सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। इनका कथित तौर पर जून और जुलाई के महीनों में जम्मू के कठुआ-बनिहाल-किश्तवाड़ क्षेत्र में सेना के चार जवानों की हत्या और अन्य हमलों से संबंध है। कहां चल रहा ऑपरेशन रविवार तड़के किश्तवाड़ और उधमपुर में दो मुठभेड़ शुरू हुईं। पुलिस ने कहा कि घुसपैठियों का पता करके कार्रवाई की जा रही है। मौके पर रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। 25 जुलाई से किश्तवाड़ क्षेत्र में चल रही वार्षिक माचैल यात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। हालांकि क्षेत्र में नए सिरे से सुरक्षा बलों के पहुंचने के बाद इसे फिर से शुरू कर दिया गया। सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। अब तक दो जवान शहीद सुरक्षा बलों ने रविवार शाम उधमपुर के बसंतगढ़ के जंगली इलाके में भी घुसपैठियों के साथ एक संक्षिप्त मुठभेड़ की। उसी क्षेत्र में घुसपैठियों के साथ यह दूसरी मुठभेड़ थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इलाके में घुसपैठियों के एक समूह को देखा गया था और हमें उम्मीद है कि वे हमारे घेराबंदी क्षेत्र से नहीं बच पाए हैं। सोमवार शाम तक इलाके में तलाशी अभियान जारी रहा। अनंतनाग जिले के कोकरनाग के अहलान गगारमंडू वन क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान शनिवार को शुरू हुआ था जिसमें सेना के दो जवान- हवलदार दीपक कुमार यादव और लांस नायक प्रवीण शर्मा शहीद हो गए थे जबकि एक नागरिक मारा गया था। इसके अलावा सेना के चार अन्य जवान और एक नागरिक घायल हो गया था। डोडा और किश्तवाड़ से घुसे आतंकी एक अधिकारी ने कहा कि घुसपैठिए जम्मू के डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों से कश्मीर के अनंतनाग जिले में घुसे हैं। हमें कुछ अन्य समूहों से भी सूचना मिली है जो कश्मीर घाटी में घुसे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जम्मू के पुंछ-राजौरी और डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्रों से घाटी में प्रवेश करने वाले मार्गों की निगरानी के लिए पीर पंजाल रेंज में कई ऊंचाइयों पर सैनिकों को भेजा गया है। 9 आतंकी सहयोगी कौन? इस बीच, पुलिस ने कहा कि कठुआ में नौ आतंकवादी सहायकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका कथित तौर पर जून और जुलाई के महीनों में जम्मू के कठुआ-बनिहाल-किश्तवाड़ क्षेत्र में सेना के चार जवानों की हत्या और अन्य हमलों से संबंध है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ, निवासी अंबे नाल, जिला कठुआ; अख्तर अली, निवासी अंबे नाल, जिला कठुआ; सद्दाम, निवासी भादू बिलावर, जिला कठुआ; कुशल, निवासी भादू बिलावर, जिला कठुआ; नूरानी, निवासी जुथाना, जिला कठुआ; मकबूल, निवासी सोफियान, जिला कठुआ; और लियाकत, कासिम दीन और खादिम उर्फ काजी, निवासी कट्टल, भादू, बिलावर के रूप में हुई। हाजी लतीफ नेटवर्क का सरगना एक अधिकारी ने बताया कि हाजी लतीफ नेटवर्क का सरगना है। वह इलाके से गुजरने वाले आतंकवादियों के समूहों के लिए गाइड/लॉजिस्टिक्स आदि का काम करता था। उसने इस काम में दूसरे लोगों को भी शामिल किया। उन्होंने कहा कि सरगना ने सीमा पार आतंकवादी संचालकों के साथ मिलीभगत करके सांबा-कठुआ सेक्टर में भारत में विदेशी आतंकवादियों के अवैध प्रवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारी ने कहा आरोपी आतंकियो को रहने, भोजन और अन्य रसद प्रदान करने करते थे और उन्हें कैलाश पर्वत के आसपास उधमपुर-कठुआ-डोडा जिलों के पहाड़ों और जंगलों का रास्ता बताते थे। उन्होंने बताया कि कहा कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गंडोह मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों को ऊपरी इलाकों में पहुंचने और छिपने में मदद की थी। 70-80 विदेशी घुसपैठिए सक्रियअधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 70-80 विदेशी घुसपैठियों में से 55-60 जम्मू क्षेत्र में सक्रिय हैं और छोटे-छोटे समूहों में काम कर रहे हैं। अधिकांश घुसपैठिए इस समय जम्मू डिवीजन के पुंछ-राजौरी, किश्तवाड़-डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों में सक्रिय हैं। कुछ समूह कश्मीर घाटी में भी घुस गए हैं। recent visitors 90