Tuesday, July 7, 2026 11:47 pm

वनकर्मियों ने रात भर दिया पहरा, सफल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, हाथी के बच्चे को बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंचाया

उमरिया  मध्य प्रदेश में इन दिनों हाथियों की चर्चा बहुत हो रही है, बांधवगढ़ नेशनल पार्क में हुई 10 हाथियों की मौत का रहस्य अभी बना हुआ है, इस बीच हाथियों के जंगल छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचने की खबरें भी आ रही है, अब एक हाथी का बच्चा भटककर एक खेत में घुस गया, सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंचाया। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में हुई हाथियों की मौत के बाद से किरकिरी झेल रहा वन विभाग इस समय चुस्त दुरुस्त बना हुआ है, एक एक हाथी सहित अन्य जानवरों के मूवमेंट पर विशेष निगरानी राखी जा रही है, गस्ती दल, टास्क फ़ोर्स सब एक्स्ट्रा एक्टिव मोड में हैं और एक एक खबर पर तत्काल मूव कर रहे हैं। भटककर खेत में पहुंचा हाथी का बच्चा   वन विभाग को इसी दौरान सूचना मिली कि एक हाथी का बच्चा भटककर खेत में पहुंच गया है, सूचना मिलते ही उमरिया और कटनी के वन अमला एक्टिव हुआ, हाथी के बच्चे की खोजबीन की गई तो वो एक किसान के धान के खेत में मिला, उसके रेस्क्यू के लिए प्लानिंग की गई। वनकर्मियों ने रात भर दिया पहरा, सफल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन वन विभाग  के करीब 100 कर्मचारियों की टीम रात भर खेत में हाथी के बच्चे पर निगरानी रखे रही, अफसरों ने चार हाथियों की टीम बनाई और फिर उजाला होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, थोड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने सफलता पूर्वक हाथी के बच्चे को रेस्क्यू कर लिया और फिर पिकअप वाहन से बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पहुंचा दिया। recent visitors 100

बिजली के तार की चपेट में आने की आशंका, छत्तीसगढ़-मुंगेली में लोरमी जंगल में नन्हें हाथी का संदिग्ध शव मिला

लोरमी। लोरमी वन परिक्षेत्र अंतर्गत टिंगीपुर इलाके में हाथी के नन्हे शावक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत का मामला सामने आया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि वन क्षेत्र में जंगली जानवरों की शिकार के लिए बिछाए गए करंट तार की चपेट में आने से नन्हे हाथी की मौत हुई है. घटना टिंगीपुर इलाके के परसापारा यादव गांव की है, प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो मरने वाले नन्हें हाथी का शव करीब 2 से 3 दिन पुराना है. हाथी के गले और पैर में चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं. इधर इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. ग्रामीणों की सूचना पर ATR सहित मुंगेली और बिलासपुर वनमण्डल के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के साथ डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि नर हाथी की मौत कैसे हुई है. इस पूरे मामले में देखना होगा कि वन विभाग द्वारा कब तक मौत के कारणों का खुलासा किया जाएगा. वहीं यदि करंट तार की चपेट में आने से मौत हुई है, तो जिम्मेदारों पर विभाग कब तक क्या कार्रवाई करती है. recent visitors 70