Thursday, July 16, 2026 3:57 pm

पुणे में जार में 7 नवजात शिशुओं के शव, लाशों का ढेर देखकर हड़कंप

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दौंड कस्बे के बोरावकेनगर इलाके में कचरे के ढेर में 6-7 नवजात शिशुओं के शव मिले है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। कचरे में शिशुओं के शव प्लास्टिक के जार में बंद थे। पुलिस को मंगलवार सुबह सूचना मिली। उन्हें बताया गया कि बोरावकेनगर में प्राइम टाउन के पीछे कचरे के ढेर में नवजात शिशु और मानव अवशेष मिले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि उन्हें 6-7 नवजात शिशु मिले। वे प्लास्टिक के जार में भरकर फेंके गए थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन शिशुओं को यहां कौन और क्यों फेंक गया। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ऐसे हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार एक शख्स सुबह टहलने निकला था। तभी उसकी नजर कूड़े के ढेर पर पड़ी। उसे कचरे के ढेर में नवजात शिशुओं के शव दिखे। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इन शवों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वे यह भी देख रहे हैं कि क्या यह मामला गर्भपात से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि वे दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग हैरान हैं कि कोई ऐसा कैसे कर सकता है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे शांति बनाए रखें और जांच में सहयोग करें। पुलिस ने लोगों से की अपील मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मेडिकल टीम शिशुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शिशुओं की मौत कैसे हुई। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे। वे दोषियों को कड़ी सजा दिलाएंगे। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस पर भरोसा रखें। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। recent visitors 37

कर्नाटक में नर्स की यूनिफॉर्म में एक नवजात के परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने बच्चे को चुरा लिया

 कलबुर्गी कर्नाटक के कालाबुरगी में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जिला अस्पताल से फर्जी नर्सों ने नवजात का अपहरण कर लिया. यहां खुद को नर्स बताने वाली दो महिलाओं ने एक नवजात बच्चे को किडनैप कर लिया.   25 नवंबर की सुबह 4 बजे अस्पताल के वार्ड 115 में कस्तूरी के घर बच्चे का जन्म हुआ. तभी अस्पताल के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने कहा कि उन्हें बच्चे को ब्लड टेस्ट के लिए ले जाना होगा. परिवार ने बच्चा दे दिया लेकिन वह उसे कभी वापस लाई ही नहीं. परेशान माता-पिता, रामकृष्ण और कस्तूरी, सैयद चिंचोली गांव के रहने वाले हैं. ब्रह्मपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में महिलाएं नवजात को लेकर अस्पताल से बाहर भागती दिख रही हैं. फुटेज में दोनों में से एक महिला ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ है जबकि दूसरी बच्चे को गोद में लिए दिख रही है. दोनों कुछ देर के लिए अस्पताल की लॉबी में बात करती दिख रही हैं. बता दें कि अस्पताल से बच्चा चोरी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि ऐसे कई रैकेट चल रहे हैं. इसी साल दिल्ली के केशव पुरम इलाके में सीबीआई और पुलिस की टीम ने एक घर में छापा मारा था. दो दिनों तक चली रेड के बाद सीबीआई ने मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 7 से 8 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया था. उनकी उम्र 10 साल से कम थी. इसमें एक नवजात की उम्र तो महज 36 घंटे थी, जबकि दूसरे की उम्र 15 दिन . सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच से पता चला कि आरोपी फेसबुक पेज और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देते थे. इसके जरिये वे बच्चे गोद लेने के इच्छुक निःसंतान दंपतियों से जुड़ते थे. आरोपी वास्तविक माता-पिता के साथ-साथ कथित तौर पर सरोगेट माताओं से भी बच्चे खरीदते थे. इसके बाद आरोपी नवजात बच्चों को 4 से 6 लाख रुपये में बेच देते थे. आरोपी कथित तौर पर गोद लेने से संबंधित फर्जी दस्तावेज बनाकर कई निःसंतान दंपतियों से लाखों रुपये की ठगी करने में भी शामिल रहे हैं.   recent visitors 72

राजधानी के अस्पताल में नवजात की मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर और दो महिलाएं गिरफ्तार

भोपाल  राजधानी भोपाल में सड़क पर लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची की मौत के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर और एक अप्रशिक्षित नर्स को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है. महिला ने अपनी 17 साल की पोती के समय से पहले प्रसव कराने के लिए झोलाछाप डॉक्टर और अप्रशिक्षित नर्स की मदद ली थी. महिला की पोती ने ही बच्ची को जन्म दिया था. सहायक पुलिस आयुक्त सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि बीते बुधवार शाम को सड़क किनारे एक बोरे में मिली बच्ची की गुरुवार सुबह सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. ऐशबाग थाने के इंस्पेक्टर जितेंद्र गढ़वाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, हमने झोलाछाप डॉक्टर सुरेंद्र नाहर (45), अप्रशिक्षित नर्स फिरदौस (40) और बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग लड़की की दादी को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि तीनों पर 12 साल से कम उम्र की बच्ची को छोड़ने और भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 और 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. नाबालिग ने जब बच्ची को जन्म दिया, तब वह गर्भावस्था के सातवें महीने में थी. इंस्पेक्टर गढ़वाल ने कहा कि प्रसूता का इलाज चल रहा है और उसका बयान उचित समय पर दर्ज किया जाएगा. एसीपी श्रीवास्तव ने कहा कि सभी तथ्य सामने आने के बाद आरोपियों पर और आरोप लगाए जा सकते हैं. 40 कैमरों को ट्रेस कर आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान के लिए रोड मैप तैयार किया। बाग उमराव दूल्हा से नवीन नगर तक 40 CCTV कैमरों के फुटेज चेक किए गए। जिससे आरोपी महिला के घर तक पुलिस पहुंचने में कामयाब हो गई। सबसे पहले आसमां को गिरफ्तार किया गया। उसने सहयोगी डॉक्टर सुरेंद्र नाहर का नाम बताया। दोनों की निशानदेही पर नाबालिग मां के घर तक पुलिस पहुंची। दो महीने से नजर नहीं आई पीड़िता नाबालिग पीड़िता के पड़ोसियों ने बताया कि वह दो महीने से दिखाई नहीं दे रही थी। पूछने पर उसकी तबीयत खराब होने की बात बताई जाती थी। पीड़ित किशोरी की मां ने किसी को भी घटना के संबंध में बताने के लिए मना किया था। नानी ने ही नर्स आसमां से संपर्क किया था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रीमैच्योर डिलीवरी होने पर बच्चा मृत पैदा होगा। जिसे आसानी से ठिकाने लगा दिया जाएगा, लेकिन बच्चा स्वस्थ्य पैदा हुआ तो पीड़िता की मां ने उसे बोरी में डालकर आसमां को ही ठिकाने लगाने के लिए दे दिया। 60 हजार रुपए एडवांस भी दे दिए। काउंसिलिंग के बाद होगी नाबालिग की गिरफ्तारी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि नाबालिग से संबंध बनाने वाला भी बाल अपचारी है। केस में इन दोनों को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि दोनों की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। पुलिस सूत्रों की माने तो दोनों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की जाएगी। नाबालिग अपनी मां के साथ जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में रहती है। उसके पिता दस साल पहले मां को छोड़ चुके हैं, वह अलग रहते हैं। आरोपी डॉक्टर ने खुद को भाजपा नेता बताया आरोपी डॉक्टर अशोका गार्डन में प्राइवेट क्लीनिक का संचालन करता है। जो पुलिस हिरासत में खुद को भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ का मंडल अध्यक्ष बता रहा है। उसने घर और क्लीनिक पर भी बीजेपी के पद के साथ नेम प्लेट लगा रखी है। recent visitors 66