बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षाएं कल से, सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी, 40 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा

भोपाल राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में पीजी की दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं कल से शुरू होगी। एमए, एमएससी, एमकॉम, एमए इतिहास, एमएससी होम साइंस और एमए, एमएससी मैथ्स के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 और 14 मई से शुरू होकर 23 और 30 मई तक चलेंगी। दोनों परीक्षाओं में नियमित और स्वाध्यायी के करीब 40 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षाएं एक ही पाली में पूरी होंगी। परीक्षाओं को नकल रोकने पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नकल पकड़े जाने पर निरस्त होगा परीक्षा केंद्र बीयू ने सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। बीयू ने सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे सीसीटीवी की फुटेज को एक साल तक सुरक्षित रखेंगे,ताकि गड़बड़ी होने पर उसका परीक्षण किया जा सके। कोई भी गड़बड़ी होने पर यदि उनके पास सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिलती है, तो उनके परीक्षा केंद्रों को निरस्त किया जा सकता है। आठ जिलों में 57 परीक्षा केंद्र बनाए विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 8 जिलों में 57 केंद्र तैयार किए हैं। बीयू की परीक्षाओं में 40 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें नियमित विद्यार्थी 35 हजार और करीब 5 हजार विद्यार्थी स्वाध्यायी के रूप में शामिल होंगे। उक्त दोनों सेमेस्टर के विद्यार्थी सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक की एकल पाली में परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए भोपाल जिले में 9 केंद्र बनाए गए हैं। यहां दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 से 30 मई तक चलेंगी। चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 23 मई तक चलेंगी।  4 उड़नदस्ते करेंगे औचक निरीक्षण पूर्व में हुई प्रथम और तीसरे सेमेस्टर परीक्षाओं में उड़नदस्तों ने काफी नकल प्रकरण बने थे, इसलिए दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए चार उड़नदस्ते तैयार करेगा, ताकि निगरानी बढ़ाई जा सके और परीक्षाओं में नकल प्रकरण को रोका जा सके।   recent visitors 45

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की परीक्षाएं एक अप्रैल से, स्मार्ट वाॅच-ब्लूटूथ मिला तो रद्द होगी परीक्षा

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की यूजी की प्रथम से तीसरे वर्ष की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रायोगिक परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू कर दी गई हैं। बीयू के बीए, बीएससी, बीकाम, बीएससी (होम साइंस), बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीपीईएस के प्रथम वर्ष और तीसरे वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं एक अप्रैल से शुरू होंगी। वहीं पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी।     इन परीक्षाओं में करीब 1.80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के आठ जिलों में संबद्ध कालेजों के लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं।     अगर कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ाया या किसी के पास स्मार्ट फोन, स्मार्ट वाॅच, ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण पाए गए तो उत्तरपुस्तिका जब्त कर विवि को भेजी जाएगी और परीक्षा निरस्त होगी।     इसके अलावा अगर परीक्षा शुरू होने के बाद कोई विद्यार्थी आधे घंटे बाद परीक्षा कक्ष से बाहर जाता है तो उसे दूसरी उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। विवि ने परीक्षा के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी की तलाशी ली जाएगी     बीयू ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर हर परीक्षार्थी की तलाशी ली जाए।     प्रतिबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, गाइड,मोबाइल, हस्तलिखी सामग्री,स्मार्ट वाॅच, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि को बाहर ही जमा करा ली जाए। इसे आलमारी में बंद किया जाएगा।     यदि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी के पास नकल सामग्री प्राप्त होती है तो अनुचित साधन प्रतिवेदन फार्म पर जानकारी भरकर विद्यार्थी से हस्ताक्षर कराना है।     अनुचित साधन फार्म पर वीक्षक या केंद्रध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कराकर उत्तरपुस्तिका को पैकेट में बंद कर भेजे जाएं। केंद्र कम बनाए जाएंगे ताकि निगरानी सख्ती से हो     बीयू इस बार नकल प्रकरण पर रोक के लिए उड़नदस्तों की टीम को तैनात किया है और विवि में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।इसके माध्यम से परीक्षार्थियों की निगरानी की जाएगी।     साथ ही अधिक निगरानी के लिए इस बार केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इससे सख्ती से निगरानी की जा सके। वहीं जिन केंद्रों पर सिर्फ 50 या 60 विद्यार्थी शामिल होते थे।     उन केंद्रों को बंद किया जाएगा।विवि प्रबंधन इस बार परीक्षा केंद्रों को दिए जाने वाले खर्च को कम करेगा।   recent visitors 35

BU : सुंदरकांड पाठ में गई छात्राओं को देरी के लिए वार्डन ने लिखवाया माफीनामा, बीयू परिसर के सामने हंगामा

भोपाल सुंदरकांड पाठ में शामिल होने गई बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की छात्राओं को रात आठ बजे लौटने पर वार्डन ने छात्रावास में घुसने से रोक दिया था। छात्राओं से माफीनामा लिखवाया गया था। वार्डन की यह कारवाई उनके लिए अब मुसीबत बन गई है। अब सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इसको धार्मिक कार्यक्रमों से रोकने की कोशिश बताकर हंगामा खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर के बाहर बैठकर परिषद के कार्यकर्ता रघुपति राघव राजा राम गा रहे हैं। उनके साथ विवि के छात्र और छात्राएं भी शामिल हो गई है। सुरक्षा का बहाना बनाकर धार्मिक आयोजन में जाने से रोकते हैं छात्राओं का कहना है कि हम सभी को सुरक्षा का बहाना बनाकर धार्मिक आयोजनों में जाने से नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए उन्होंने कुल कुलगुरु से वार्डन को हटाने की मांग की है। सुंदरकांड में शामिल होने से कुछ छात्राएं देरी से पहुंची थीं हॉस्‍टल तो… यह मामला तब शुरू हुआ जब बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के अंदर बने मंदिर में पूजा करने व दर्शन करने और यहां सुंदरकांड के आयोजन में शामिल होने वाली कुछ छात्राएं देर से हॉस्‍टल पहुंची थीं. इसके बाद हॉस्‍टल वार्डन ने कहा था कि यदि तय समय से अधिक समय से लौटना हो तो फिर उसके लिए परमिशन लेनी होगी. वॉर्डन का कहना था कि शाम 7:00 से 7:30 बजे से ज्यादा देरी होने पर परमिशन लेना जरूरी होगा. वार्डन के इसी फरमान पर विवाद गहरा गया. इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरेंगे। उनका कहना है, “मोहन यादव के राज में सुंदरकांड और धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं सहन की जाएगी।” वहीं, भाजपा की छात्र इकाई ABVP ने इसको लेकर यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया है। ABVP से जुड़े छात्र-छात्राएँ विश्वविद्यालय के मेन गेट पर एकत्रित हुए और रामधुन का आयोजन कर प्रशासन को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की। ABVP के एक नेता ने बताया कि छात्राओं को मंदिर जाने और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने से रोकने की यह कार्रवाई निंदनीय है और वॉर्डन के निर्देश इस तुगलकी निर्देश के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री ने ट्वीट करके मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि यह फरमान उनकी आस्था और मान्यताओं पर सीधा प्रहार है। उन्होंने विषय की गंभीरता को ध्यान में रखकर अविलंब कार्यवाई सुनिश्चित करने की माँग की। हिंदुस्तान में इस तरह का फरमान क़तई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद ABVP ने विरोध में पोस्टर भी जारी किया। recent visitors 51

बीयू के छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरों से निकालने हुई समिति का गठित

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के छात्रावास में पासआउट हो चुके विद्यार्थी अपने कमरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे नव प्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ऐसे अनाधिकृत विद्यार्थियों को छात्रावास से बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन ने समिति का गठन किया है। अब समिति विद्यार्थियों से कमरे खाली कराने की कार्रवाई करेगी। बीयू के जवाहर और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। वर्तमान सत्र में उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिल सका है। इसके कारण बीयू के छात्रावास में रहने की पात्रता नहीं रखते हैं। बीयू प्रबंधन को उन्हें छात्रावास के कमरों से बाहर करने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में छात्रावास के चीफ वार्डन ने बीयू प्रबंधन से शिकायत की है। बीयू प्रबंधन ने छात्रावास में रहने वाले अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति छात्रावास के एक-एक कमरे में जाकर विद्यार्थियों का परीक्षण करेगी। जहां अनाधिकृत तौर पर रह रहे विद्यार्थियों से कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विवि पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हालांकि विवि ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को फीस भरने के लिए 21 अक्टूबर तक का समय दिया है। अगर इसके बाद भी जो विद्यार्थी फीस जमा नहीं करेंगे, उन्हें अनाधिकृत माना जाएगा। समिति में ये शामिल समिति का अध्यक्ष चीफ वार्डन हेमंत खंडई को बनाया गया है। उनके साथ सात सदस्यों में डॉ. अच्छेलाल, डॉ. सुनील स्नेही, डॉ. सीएस गर्ग, प्राक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्य, अनुशासन समिति के सभी सदस्य, सुरक्षा प्रभारी कपिल सोनी और सुरक्षा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है। नए विद्यार्थी हो रहे परेशान बीयू के विभागों में बाहर से आए नए विद्यार्थियों ने यूजी के प्रथम वर्ष और पीजी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया है, लेकिन पासआउस विद्यार्थियों द्वारा छात्रावास के कमरे खाली नहीं करने के कारण नए विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ये छात्र कमरे के लिए परेशान हो रहे हैं। पाठ्यक्रम पूरा कर चुके पुराने विद्यार्थियों और अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन द्वारा समिति गठित की गई है। इसके तहत कार्रवाई की जाएगी। चीफ वार्डन से अनाधिकृत विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है। – पवन मिश्रा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण समिति, बीयू recent visitors 70