Sunday, July 5, 2026 5:54 pm

नायब तहसीलदार ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

Naib Tehsildar demanded a bribe of 50 lakhs, Collector took strict action इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जमीन के फौती नामांतरण के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है और नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी पर विभागीय जांच बैठा दी गई है। क्या है पूरा मामला? Collector took strict actionमल्हारगंज तहसील के जाख्या क्षेत्र में स्थित 31 हजार वर्गफुट जमीन का फौती नामांतरण करवाने के लिए वैभव, पिता अशोक, ने वकील राहुल दवे के माध्यम से आवेदन दिया था। आरोप है कि पटवारी ओम त्रिपुरेश मिश्रा ने पहले वकील से, फिर सीधे वैभव से संपर्क कर 50 लाख रुपये की मांग की। यह रकम नायब तहसीलदार के लिए बताई गई थी और आश्वासन दिया गया था कि रकम मिलते ही नामांतरण दो दिन में हो जाएगा। जब वैभव ने रिश्वत देने से इनकार किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वकील को दी, तब वकील ने कलेक्टर से सीधे संपर्क कर सभी साक्ष्यों सहित पूरी बात बताई। कलेक्टर का त्वरित एक्शन Collector took strict actionकलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया और एसडीएम निधि वर्मा को मामले की जांच सौंपी। साथ ही, नायब तहसीलदार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। बढ़ता भ्रष्टाचार और जमीनों की आसमान छूती कीमतेंइंदौर में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे मामलों में भ्रष्टाचार भी तेजी से बढ़ा है। आम नागरिकों को बिना लेन-देन के वैध कार्यों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Read more : शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय :शिक्षकों की घोर लापरवाही से 93 छात्र विद्यालय से बाहर निकलने हुए मजबूर शिकायतों का भंडार, संवाद केंद्र से खुल रही पोलकलेक्टर द्वारा शुरू किए गए संवाद केंद्र पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कई पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। इस केंद्र से आवेदकों से सीधे संपर्क कर यह जाना जा रहा है कि उनसे रिश्वत तो नहीं मांगी गई। अंतिम निर्णय रिपोर्ट के बादएसडीएम निधि वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि “नामांतरण भी होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें। recent visitors 77

ACB टीम ने आर्किटेक्ट और जूनियर इंजीनियर को 1 लाख 25 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

रोहतक हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुग्राम जिला के एचएसआईआईडीसी, आईएमटी, मानेसर में कार्यरत आर्किटेक्ट दीपक तथा जूनियर इंजीनियर (जेई) सत्यनारायण भारद्वाज को 1 लाख 25 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता से बिल्डिंग प्लान अप्रूव करने के बदले में रिश्वत की मांग की गई थी जिसे लेते हुए एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि एचएसआईआईडीसी, आईएमटी, मानेसर में कार्यरत आर्किटेक्ट दीपक तथा जूनियर इंजीनियर सत्यनारायण भारद्वाज बिल्डिंग प्लान अप्रूव करने के बदले में 1,25,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। एसीबी की टीम ने तथ्यों की जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई और दोनों आरोपियों को ₹125000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। इस मामले में आवश्यक सबूत जुटाते हुए जांच की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई गवाहों के समक्ष पारदर्शिता के साथ की गई। आरोपियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो, गुरुग्राम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई है।   recent visitors 65