Tuesday, July 7, 2026 12:36 pm

बिना भवन अनुज्ञा लिए फर्जीवाड़ा कर लोगों को बेच दी जमीन, कमलानगर थाने में हुई एफआईआर

भोपाल  कमला नगर थाना पुलिस ने आशिमा-असनानी बिल्डर ओपी कृपलानी व उसके साथियों के खिलाफ शुक्रवार को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दरअसल बिल्डर ने 24 वर्ष पूर्व सम्राट अशोक गृह निर्माण समिति के सदस्य नहीं होने के बाद भी अवैध तरीके से जमीन खरीदी थी। जिस पर उसने ऋषि परिसर आवासीय कॉलोनी बनाकर फ्लैट तक बेच दिए। इस कॉलोनी में अतिरिक्त जमीन छोड़ी गई थी, जिसको भी बिल्डर ने बिना भवन अनुज्ञा लिए फर्जीवाड़ा कर बेच दिया है। जब इसका पता फ्लैट खरीदने वाले फरियादी को चला तो उसने कलेक्टर कार्यालय, तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जहां से लंबी जांच चलने के बाद और मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक सूर्या कालोनी नेहरू नगर निवासी राजकुमार पांडेय ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि आशिमा व असनानी बिल्डर ओमप्रकाश कृपलानी ने वर्ष 2000 में कोटरा सुल्तानाबाद स्थित सम्राट अशोक गृह निर्माण सहकारी संस्था से लगभग 39 हजार 204 स्क्वायर फीट जमीन खरीदी थी, जबकि वह इस समिति का सदस्य भी नहीं था। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस जमीन के अधिकांश हिस्से पर बिल्डर ने ऋषि परिसर बनाकर उसमें करीब 17 फ्लैट बेच दिए थे। जबकि इसमें से तीन हजार 400 स्क्वायर फीट जमीन को अन्य गृह निर्माण समितियों और शीला एस पिल्लई, महेश बल व राजकुमार पांडे को बेचा गया था। जब उन्होंने इस भूमि के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस पर निर्माण के लिए किसी भी तरह की कोई भवन अनुमति नहीं ली गई है। जबकि ऋषि परिसर कालोनी का निर्माण करते वक्त उक्त भूमि पार्क सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी गई थी, जिसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर और बिना भवन अनुमति के फरियादी को बेच दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद बिल्डर ओमप्रकाश कृपलानी, जया कृपलानी, विशन अशनानी, मनोज बुलचंदानी, लालजी शर्मा सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिक रूप से एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। साथ ही बयान दर्ज कराने के लिए आरोपितों को तलब किया जाएगा। एक जमीन को बेचा कई बार राजकुमार पांडे ने बताया कि आशिमा और सी-21 मॉल के मालिक ओपी कृपलानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक नहीं कई फर्जीवाड़े किए हैं। उसने गृहनिर्माण समिति का सदस्य नहीं होने के बाद भी जमीन खरीद ली और उसे अलग-अलग गृह निर्माण समितियों, लोगों को कई बार बेच दिया। इतना ही नहीं पार्क, मंदिर, सामाजिक भवन बनाने के लिए छोड़ी गई भूमि तक को बेच डाला। इस मामले में कलेक्टर, तहसीलदार से शिकायत की गई थी। पिछले वर्ष तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह के समय सीमांकन हुआ तो हकीकत सामने आई है। जब इस मामले में बिल्डर ओमप्रकाश कृपलानी के फोन नंबर पर चर्चा की गई तो बताया गया कि उनको किसी भी तरह के फर्जीवाड़े और एफआइआर दर्ज होने के मामले में जानकारी नहीं है। फरियादी की शिकायत पर बिल्डर ओपी कृपलानी व उसके साथियों पर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आरोपितों से पूछताछ की जाएगी और उनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे। जांच -पड़ताल होने के बाद आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। recent visitors 123