चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होगी, इस बार वीआई दर्शन भी नहीं करवा सकेंगे

देहरादून उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस साल 30 अप्रैल से शुरू हो रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा पर आते हैं। इस बार चारधाम यात्रा में कुछ नए नियम बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने वालों के लिए खास नियम हैं। मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करने पर दर्शन किए बिना ही वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा VIP दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। इस बार की चारधाम यात्रा के लिए 9 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने यह फैसला लिया है कि इस बार यात्रा में रील बनाने वालों को मंदिर में घुसने नहीं दिया जाएगा। पिछले साल वीडियो बनाने वाले यात्रियों की वजह से कई जगह पर व्यवस्था बिगड़ गई थी। केदारनाथ धाम में सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ढोल-नगाड़े बज रहे थे। इससे प्रकृति और श्रद्धालुओं की शांति भंग हो रही थी। इसलिए इस बार प्रशासन ने कैमरा चालू करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. 'पैसे लेकर दर्शन करवाना भगवान की मर्यादा के खिलाफ' इस साल चारधाम यात्रा में VIP दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। बद्रीनाथ धाम के पंडा पंचायत के कोषाध्यक्ष अशोक टोडरिया ने कहा कि पैसे लेकर दर्शन करवाना भगवान की मर्यादा के खिलाफ है। इसलिए इस बार सभी श्रद्धालु सामान्य दर्शन ही कर पाएंगे। इससे सभी को दर्शन करने का समान मौका मिलेगा। मौसम खराब होने पर यात्रियों के लिए बने 10 होल्डिंग स्‍थल चारधाम यात्रा 30 अप्रैल, 2025 (अक्षय तृतीया) से शुरू होगी। सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। सबसे आखिर में 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा मार्ग को 10-10 किलोमीटर के हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में 6 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अगर मौसम खराब होता है, तो यात्रियों को राहत देने के लिए 10 जगहों पर होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। यहां पर खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजें मिलेंगी। recent visitors 30

देश-दुनिया को खूब लुभा रही देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य, हिल-झील और हिमालय

देहरादून उत्तराखंड में मानसून का कहर थमा और मौसम का रुख बदला तो हरिद्वार से लेकर केदारनाथ धाम तक आस्था का ज्वार दिखने लगा है। देवभूमि एक बार फिर गुलजार हो गई है। चारधाम यात्रा की बात करें तो अब तक 37 लाख 91 हजार 205 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वैसे इन दिनों उत्तराखंड देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य देश-दुनिया को खूब लुभा रही है। हिल-झील और हिमालय मानो सुकून सा अहसास करा रहे हैं। चारधाम यात्रा के लिए देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य का भी लुप्त उठा रहे हैं। उत्तराखंड के चार धाम हिंदुओं के पवित्र स्थलों में से हैं। गत 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा पर गौर करें तो सबसे अधिक तीर्थयात्री हिमालय की चोटी पर मंदाकिनी नदी के समीप स्थित भगवान श्रीकेदारनाथ के दर पर शीश नवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ड्यूटी आफिसर व वरिष्ठ निजी सचिव पंकज कुमार सैनी की एक रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथा धाम में अब तक 12 लाख 27 हजार 295 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। अलकनंदा नदी के समीप स्थित श्रीबदरीनाथ धाम में अब तक 10 लाख 48 हजार 957, गंगोत्री में सात लाख 10 हजार 255, यमुनोत्री में छह लाख 22 हजार 829, गौमुख में 7458 तो हेमकुंड साहिब दरबार में एक लाख 74 हजार 411 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर धामी सरकार प्रतिबद्ध गत दिनों मानसून के कहर से आई आपदा के कारण चारधाम यात्रा जरूर प्रभावित हुई, लेकिन आस्था का सैलाब कम नहीं हुआ। वर्तमान में चारों धामों के लिए सड़क व हवाई मार्ग दोनों सुचारू हैं। सरकार-प्रशासन से लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। चारधाम यात्रा व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। धामी सरकार सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।     recent visitors 61