Thursday, July 16, 2026 6:52 pm

नौ दिन बिना अन्न-जल के कील की खाट पर लेटेंगी, छत्तीसगढ़-कोरबा में ईश्वरी के सपने में आईं मां दुर्गा

कोरबा. नवरात्र में देवी मां की आस्था में लोग पूजा अनुष्ठान विधान पूर्वक तो करते ही हैं, कुछ लोग एकदम अलग तरीका अपनाकर लोगों को आश्चर्य में भी डाल देते हैं। ऐसी ही आस्था के साथ हरदी बाजार के ग्राम नेवसा निवासी छोटेलाल चौहान की पत्नी ईश्वरी चौहान देवी मां की सेवा में जुटी हैं। उन्होंने नवरात्र में नुकीले कील से बनी खाट पर लेटकर देवी मां की साधना कर रही है। उनकी इस तरह की साधना का यह दूसरा प्रयास है। ईश्वरी चौहान का कहना है कि उन्हें माता रानी ने सपना में ऐसा करने का संकेत दिया था। वे कील की खाट पर लेटकर ज्योत, जवारा जलाकर सेवा में कर रही हैं, जहां परिवार के साथ गांव के लोग भी रोजाना भजन-कीर्तन और जसगीत में पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। recent visitors 61

डॉक्टरों ने सूझबूझ से निकाली बाहर, छत्तीसगढ़-कोरबा में चार साल की बच्ची के गुप्तांग में घुसी जोंक

कोरबा. कोरबा जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खेल-खेल में चार साल की मासूम बच्ची के गुप्तांग में जोंक घुस गई। इसके बाद हड़कंम मच गया और उसे गांव के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला मेडिकल कॉलजे में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद जोंक को बाहर निकाला। इसके बाद मासूम, डॉक्टर की टीम और परिजनों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि बांगो थाना अंतर्गत नवापारा गांव निवासी जलप्रताप सिंह का परिवार निवास करता है। उसकी दो बेटी और पत्नी साथ रहते हैं। शुक्रवार की सुबह वो काम पर गया हुआ था। उसकी पत्नी खेत में काम करने गई हुई थी। वहीं, एक बड़ी बेटी 12 साल और उसकी छोटी बेटी 4 वर्षीय दोनों घर के पास तालाब में नहाने गए हुए थे। दोपहर को दोनों तालाब से नहाकर घर वापस लौटे। इस दौरान चार वर्षीय मासूम चीख-पुकार मचाने लगी और गुप्तांग में दर्द होने की बात कही। तब इसकी जानकारी अपने माता-पिता को बड़ी बेटी ने दी। उसे कटघोरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत को देखते उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जिला मेडिकल कॉलेज में उसे पीडिया वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने गुप्तांग में जांच करने के दौरान एक जोंक मिली, जिसे बाहर निकल गया। वहीं, बारीकी से जांच करने के बाद जोंक को काफी मशक्कत बाद बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की की माने तो समय रहते अगर मासूम को अस्पताल नहीं लाया जाता तो शायद उसकी जान को खतरा भी हो सकता था। डॉक्टरों की टीम ने घण्टो मशकत के बाद मासूम की जान बचाई। recent visitors 62

पानी की टंकी से लगाई छलांग, छत्तीसगढ़-कोरबा में स्कूल ड्रेस में खून से लथपथ मिली 12वीं की छात्रा

कोरबा. कोरबा के हरदी बाजार थाना अंतर्गत एक गांव में 17 वर्षीय 12वीं की छात्रा संदिग्ध हालात में खून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। छात्रा को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हरदी बाजार थाना क्षेत्र की ग्रामीण इलाके से 12वीं की छात्रा रोज की तरह शुक्रवार को 10 बजे गांव से लगे स्कूल में पढ़ाई करने गई हुई थी। वहीं, काफी समय बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटी। खून से लतपथ छात्रा गांव में लगी पानी टंकी के नीचे बेहोश पड़ी हुई मिली। ग्रामीणों की नजर पड़ने पर इसकी सूचना उसके परिजनों को दी गई। जहां मौके पर पहुंचे उस छात्रा के पिता ने पहले हरदी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने जांच के दौरान उसकी हालत को देखते हुए जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया उसकी हालत अभी बेहद गंभीर बनी हुई है। छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब थी। जिसे लेकर वह बिलासपुर गया हुआ था। शाम 7 बजे लगभग वह इलाज करा कर घर वापस पहुंचा। जहां गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के द्वारा फोन कर उसे जानकारी दी गई कि उसकी बेटी बेहोशी की हालत में पड़ी हुई है। उसे अस्पताल लेकर पहुंचा। छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी बेटी और बेटा स्कूल गए हुए थे। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उसकी बेटी की यह हालत हुई है। उसे आशंका है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ होगा। इस पर पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वही, इस घटना की सूचना मिलते हैं पुलिस के आला अधिकारी जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जांच कार्रवाई शुरू की गई। जहां ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि छात्रा पानी टंकी पर चढ़ी हुई थी उसके बाद क्या हुआ उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इन सब बातों से पुलिस आशंका का व्यक्त कर रही है कि छात्रा ने खुदकुशी करने के लिए पानी की टंकी से नीचे छात्रा छलांग लगाई होगी। फिलहाल हरदी बाजार थाना पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। recent visitors 60

ड्राइवर को पुलिस ने बचाया, छत्तीसगढ़-कोरबा में तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराने से लगी भीषण आग

कोरबा. कोरबा के दर्री थाना अंतर्गत एनटीपीसी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सड़क हादसे में कार में भीषण आगजनी से हड़कप मच गया। वाहन चालक वाहन में ही फंस गया। वहीं वाहन धू-धूकर जलने लगा। देर रात पुलिस की पेट्रोलिंग टीम की नजर पड़ने पर कार के चालक को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकल गया। वहीं, देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिसके बाद दमकल विभाग की टीम को आग लगने की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि रात लगभग 12 बजे तेएनटीपीसी के विभागीय कॉलोनी में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि हादसे के बाद वाहन में देखते ही देखते आग लग गई। वाहन का चालक अंदर ही फंस गया। जहां चालक की चीख पुकार मचाने पर राहगीरों की भी भीड़ एकत्रित हो गई। वहीं, दर्री थाना पुलिस की पेट्रोलियम टीम की नजर पड़ने पर तत्काल वाहन में फंसे चालक को किसी तरह बाहर निकाला गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, वाहन धू-धूकर जलता रहा। काफी समय बाद एनटीपीसी के दमकल वाहन मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद वाहन चालक को दर्री एनटीपीसी के विभागीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां एक हादसे में चालक का दाया पैर फैक्चर हो गया है। वहीं सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना के बाद घायल के परिजनों को सूचना दी गई है। recent visitors 72

बदसलूकी और मारपीट के लगे आरोप, छत्तीसगढ़-कोरबा में कच्ची शराब पकड़ने पहुंची आबकारी टीम

कोरबा. कोरबा में आबकारी विभाग के ऊपर मारपीट का आरोप लगा है। आरोप है विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बेवजह ही लोगों को परेशान करने में लगे हुए हैं। कटीखार गांव में सामने आया, जहां एक परिवार के साथ विभाग के लोगों ने मारपीट करते हुए एक महिला के साथ झूमाझटकी की। पीड़ित परिवार ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की है। नकटीखार गांव में छापेमारी के दौरान विभाग पर एक परिवार ने दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट करने का आरोप लगाया है। परिवार की महिला ने खुद के साथ झूमाझटकी करने के साथ ही कलाई को मरोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़ित विमला बाई महिला ने बताया कि घर के आंगन में वो, उसकी बहन और पति घर के अंदर थे। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उसके घर में घुसा और अवैध रुप से कच्ची शराब बेचे जाने का आरोप लगाते हुए उसके पति को उठाकर ले गए। मारपीट करने के साथ ही उसके साथ बुरा व्यवहार किया गया। यही नहीं उसके साथ  झूमाझटकी भी हुई। इस दौरान उसके दाया हाथ चूड़ी से कट गया। विरोध करने पर बदसूलीकी भी की गई। महिला ने बताया कि बहुत पहले महुआ शराब बेचते थे, लेकिन अब नहीं बेचते ये बात बताने के बावजूद भी जबरजस्ती की गई। इसलिए वो परिवार सहित सिविल लाइन थाना पहुंचे हैं और अपनी आपबीती बताई। आबकारी विभाग की इस तरह की हरकत इससे पहले भी आ चुकी है। कई बार शराब पकड़ने गई आबकारी टीम के साथ मारपीट और बंधक बना लिया गया है। recent visitors 66

दबने से चालक की मौत और सात गंभीर घायल, छत्तीसगढ़-कोरबा में बारूद से भरा वाहन पलटा

कोरबा. गेवरा खदान में कोयला उत्खनन के लिए ब्लास्टिंग कर वापस लौट रहा बारूद से भरा एक्सप्लोसिव वाहन हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में वाहन पर सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, सात लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद खदान में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे के बाद कई लोग वाहन में ही दबे हुए थे और चीख-पुकार मचा रहे थे, जिन्हें राहगीरों की मदद बाहर निकाला गया और अस्पताल के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि गेवरा खदान में कोयला उत्खनन के लिए बारूद से ब्लाटिंग किया जाता है। वाहन में सवार होकर खदान में ब्लास्टिंग कर के वापस लौट रहे थे। इस दौरान यह हादसा हो गया। बारूद खाली कर लौटते वक्त खदान में स्लाइड होने से ये घटना घटी है। वहीं, बारूद से भरा वाहन स्पेशल ब्लास्ट कंपनी का नाम है। मृतक गोरेलाल पटेल रलिया निवासी है, जो वाहन का चालक था। दीपका थाना प्रभारी प्रेम साहू ने बताया कि एसईसीएल ने मौत की सूचना दी है। वहीं, पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना कब कैसे और किन परिस्थिति में घटी है, इसकी जांच की जा रही है। कुछ घंटे पहले एसईसीएल के गेवरा खदान में एक डंपर 80 फिट नीचे में खदान में गिर गया था। चालक को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया था, उसकी हालत बेहद गंभीर है और रेफर किया गया है। वहीं, एक दिन पहले ही ड्रिल मशीन के खोदाई के दौरान आग लग गई, जहां करोड़ों की मशीन जलकर खाक हो गया था। गेवरा एसईसीएल प्रबंधन ने फोन कर जानकारी दी कि घटना घटी है। वहीं, चालक की मौत हुई है। आगे की जानकारी ली जा रही है। recent visitors 63

बच्चियों के चक्कर खाकर गिरने पर माँगा जवाब, छत्तीसगढ़-कोरबा के कन्या आश्रम पर आदिवासी विकास विभाग सख्त

कोरबा. वनांचल ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के 50 सीटर प्राथमिक स्तर अजजा कन्या आश्रम कटोरीनगोई में अध्ययनरत तीन बच्चियों की चक्कर खाकर गिरने एवं घटना  के बाद बच्चियों के तत्काल उपचार कराने, उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना देने में विफल अधीक्षिका के खिलाफ अब आदिवासी विकास विभाग के कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद बीमार बच्चियों को अस्पताल में अधिकारियों की देखरेख में उपचार कराने के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने महिला अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रकरण के संदर्भ में तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है , संतोषप्रद जवाब नहीं पाए जाने पर अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर द्वारा 50 सीटर प्राथमिक स्तर अजजा कन्या आश्रम कटोरीनगोई की महिला अधीक्षक सुगंधी भगत को जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया है कि दिनांक एक अक्तूबर मंगलवार की दोपहर आश्रम के 19 बच्चियों का स्वास्थ्य खराब होने के फलस्वरूप उन्हें प्राथमिक  स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में भर्ती कराया गया है, जिसकी सूचना उन्हें अन्य माध्यम से प्राप्त हुई। इस संबंध में सहायक आयुक्त/नोडल अधीक्षक/कलस्टर अधीक्षक को घटना के अवगत नहीं कराया गया। सहायक आयुक्त घटना दिवस को रात्रि 11 बजे प्राथमिक  स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां उन्हें बच्चियों ने बताया कि शाला समयावधि में दोपहर 2 बजे 02-03 बच्चियां चक्कर खाकर स्कूल में ही गिर गई थीं, परंतु बतौर अधीक्षिका आपके द्वारा  घटना को गंभीरता से नहीं लेते हुए बच्चियों के तत्कालिक उपचार नहीं कराया गया, जिसके कारण उक्त घटना घटित हुई। सहायक आयुक्त कसेर ने तीन दिन के भीतर उनके समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना सुनिश्चित करने की बात कही है। जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस गंभीर लापरवाही भरे प्रकरण में जिम्मदारों पर कार्यवाही तय मानी जा रही है। साथ ही घटना के बाद जिले के सभी 180 से अधिक आश्रम छात्रावासों में अधिक निगरानी एवं निरीक्षण की आवश्यकता बन आई है, ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावत्ति न हो। गौरतलब हो पखवाड़े भर पूर्व विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आश्रम छात्रावासों में अधीक्षक की उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए उनकी समस्याओं को भी ध्यान से सुना था। साथ निकट भविष्य में समाधान की दिशा में उचित पहल किए जाने की बात कही थी। इसके बाद महिला अधीक्षक की कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का यह पहला मामला सामने आया है, जिसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के श्रीकांत कसेर ने बताया कि नोटिस जारी किया है आश्रम-छत्रावासों के बच्चों सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति विभाग पूरी संजीदगी से कार्य कर रहा है। कटोरीनगोई  के प्रकरण में महिला अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। फूड पायजनिंग से बच्चियों के बीमार होने की बात मनगढंत, अपुष्ट है, चिकित्सक ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है। ब्लड टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। recent visitors 101