जम्मू-कश्मीर में फिर आतंकवाद लाना चाह रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय का निशाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर लाना चाहती है। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में धारा 370 और 35A को फिर से लाने के नेशनल कांफ्रेंस के प्रस्ताव का समर्थन कर कांग्रेस ने देश को तोड़ने का कुचक्र फिर से चल दिया है। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, वह पाकिस्तान और देश विरोधी लोगों को खुश करने के लिए किया गया, जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जो देश की एकता के लिए खड़े हैं, जम्मू-कश्मीर वे विकास और शांति के पक्ष में खड़े हैं, उन्हें मार्शल के जरिये बेरहमी से जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाला जा रहा है। कांग्रेस-एनसी, पीडीपी – ये सब जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद को लाना चाहते हैं। यह कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का राष्ट्रविरोधी एजेंडा है। शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, भावनात्मक ब्लैकमेल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की दिनचर्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धारा 370 तथा 35A के काले साए से कब का निकल चुकी है। वह विकास के रास्ते पर चल पड़ी है, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी ये सब कश्मीर घाटी में आई शांति से परेशान हैं। ये जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद के काले दौर को वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर को विधानसभा देंगे, चुनाव करायेंगे, केवल 5 साल के अंदर मोदी सरकार ने चुनाव कराये और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया। हम आगे भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस फिर से धारा 370 बहाल करके की बात करके यह बताना चाहती है कि हम वाल्मीकियों, गोरखा समाज, पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, पहाड़ी और गुर्जर के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र का समर्थन कर जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को ख़त्म करने का समर्थन किया था। वैसे भी राहुल गांधी अमेरिका जाकर आरक्षण को ख़त्म करने की बात कर चुके हैं। सीएम साय ने बताया कि धारा 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में भी लगभग 80% की कमी आई है। विदेशी नागरिकों के पर्यटन में 300 प्रतिशत का उछाल आया है। जम्मू-कश्मीर का बजट 17 प्रतिशत बढ़ा है। पत्थरबाजी की घटना बिलकुल बंद हो गई। आतंकवादी घटनाएं दो-तीन जिलों में ही सिमट कर रह गई। जहाँ पहले 5-7 प्रतिशत मतदान होता था, वहां भी 50 प्रतिशत मतदान होने लगा। जो पहले अलगाववाद और आतंकवाद की वकालत कर रहे थे, वे भी अब हिंदुस्तान के संविधान में लोकतंत्र को मजबूती देते हुए वोट मांगते दिखाई दिए। जी-20 की बैठक जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आजादी से लेकर धारा 370 के हटने तक जम्मू-कश्मीर में जितना निवेश आया, उसकी तुलना में तीन गुना निवेश पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा। इनके इरादे ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता फिर से 90 के दशक वाला जैसा माहौल जम्मू-कश्मीर में बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को कम करने और विभाजन के खिलाफ लोगों की नाराजगी का समर्थन किया था और किया है। गुलाम अहमद मीर ने एक तरह से प्रस्ताव का समर्थन किया, कांग्रेस विधानसभा में इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी नजर आई। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 को हटाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। कांग्रेस के एक और पुराने नेता सैफुद्दीन सोज ने प्रेस रिलीज करके इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, भले ही उसमें से चालाकी से धारा 370 और 35A का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उस प्रस्ताव में जो मांग की गई है, वह धारा 370 और 35A के जैसा ही है। जब विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित हो रहा था, तो भाजपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि कांग्रेस के सदस्य इसका मौन समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मीडिया से आई जानकारी में पता चला है कि स्पीकर ने स्वयं ही मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। ये सरासर असंवैधानिक है। ये प्रस्ताव लाना पहले से सदन की कार्यवाही में लिस्टेड भी नहीं था। जब विधानसभा में एलजी के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? इस प्रस्ताव को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया क्योंकि स्पीकर ने शोरगुल के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इतने बड़े विषय पर चर्चा नहीं होने दी गई। ये कैसा लोकतंत्र है? साय ने कहा कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी वैधता नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा संसद या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। कोई भी विधानसभा अनुच्छेद 370 और 35A को वापस नहीं ला सकती। धारा 370 और 35A इतिहास बन चुकी है, इस इतिहास को अब कोई बदल नहीं सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह कर रही है। जो लोग पहले धारा 370, 35A, स्वायत्तता और जमात-ए-इस्लामी के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने की राजनीति करते थे, वे अब 5 अगस्त 2019 के बाद से स्थापित शांति से परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस राज्य के दर्जे पर बातचीत शुरू करके गरीब लोगों को फिर से सड़क पर लाना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अभी जब घाटी में आतंकी हमले हुए और उसमें पाकिस्तान के हाथ होने का मामला सामने आया, तब भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया। recent visitors 87

भोला-मुकेश सिंह को प्रिंट और मोहन को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पुरस्कार, छत्तीसगढ़ के राज्य अलंकरण घोषित

रायपुर। राजधानी नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के तहत राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सम्मान समारोह की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को इस अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा और यह सम्मान स्वयं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा प्रदान किए जाएंगे. डिप्टी सीएम ने बताया कि राज्योत्सव समारोह के अंतिम दिन यानी कल यह विशेष अलंकरण कार्यक्रम होगा, जिसमें समाज, शिक्षा, कला, संस्कृति, खेल और विज्ञान समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में प्रगति की है. साय सरकार बनने के बाद एक बार फिर संकल्प दोहराया गया कि हमने बनाया और हम ही संवारेंगे. राज्योत्सव समारोह के समापन कार्यक्रम में राज्य अलंकरण पुरस्कार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ देने वाले है. 36 अलंकरण उपराष्ट्रपति के हाथों दिलाए जाएंगे. 16 अलग-अलग विभागों से संबंधित राज्य अलंकरण है. जूरी की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने विचार किया है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मोहन तिवारी को चंदूलाल चंद्राकर सम्मान मिलेगा और प्रिंट मीडिया से भोला राम सिन्हा को चंदूलाल चंद्राकर अवार्ड मिलेगा. recent visitors 62

राज्यपाल रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि, ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के कार्यक्रमों का शुभारंभ आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के तीन दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 4 नवम्बर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। 6 नवम्बर को राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। सभी शासकीय विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी स्टॉल राज्योत्सव स्थल पर लगाया गया है। यहां सार्वजनिक उपक्रम एवं वाणिज्यिक संस्थानों द्वारा भी अपने उत्पादों का प्रदर्शन सह विक्रय के स्टॉल लगाए गए हैं। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट, शासकीय विभागों की प्रदर्शनी एवं मीना बाजार को देखने हजारों की संख्या में लोग अपने परिजनों के साथ पहुंच रहे हैं। राज्योत्सव स्थल की साज-सज्जा बेहद आकर्षक है, जो आने वाले लुभा रही है। राज्योत्सव में पांच नवंबर को शाम पांच बजे से पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा बैंजों, शहनाई एवं बांसुरी के माध्यम से लोक धुन की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम छह बजे से मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा की प्रस्तुति के बाद राजेश अवस्थी का गायन, आरू साहू द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की प्रस्तुति और रात साढ़े आठ बजे से सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका नीति मोहन की प्रस्तुति होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े और टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे। recent visitors 101

सेहतमंद के साथ होगा तगड़ा मुनाफा, छत्तीसगढ़ के किसान अब बोएंगे बैंगनी आलू

रायपुर. केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (ICAR), शिमला द्वारा विकसित आलू की कुफरी जमुनिया किस्म छत्तीसगढ़ के किसानों को समृद्धि प्रदान करने जा रही है. सीपीआरआई ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, और बिहार सहित अन्य राज्यों के लिए इस किस्म को अनुशंसित किया था. इसलिए अब प्रदेश के किसानों को आसानी से इसके बीच भी उपलब्ध होंगे, जिससे वे तगड़ी कमाई कर सकते हैं. बता दें, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, जशपुर, मेनपाट क्षेत्र आलू की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं. रवि फसल के समय में हमेशा किसानों के खेतों में आलू लगा हुआ नजर आता है. आमतौर पर इसकी तैयारी नवंबर से शुरू हो जाती है. कितनी पैदावार है बैंगनी आलू: कुफरी जमुनिया आलू का रंग गहरा बैंगनी होता है और यह आयताकार आकार का होता है. इसे 90 से 100 दिनों में तैयार किया जा सकता है, और इसकी पैदावार भी अच्छी होती है. 1 हेक्टेयर में 32-35 टन आलू प्राप्त किया जा सकता है. इसे स्वादिष्ट माना जाता है और इसका भंडारण भी सरल है. बाजार में इसकी अच्छी कीमत भी मिलती है, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है. इसके औषधीय गुणों के कारण बाजार में अच्छे दाम के साथ काफी मांग भी रहने वाली है. कितना फायदेमंद है बैंगनी आलू — 1. कैंसर से सुरक्षा: बैंगनी आलू में फेनोलिक एसिड पाया जाता है, जो कोलन कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है. इसके अन्य कंपाउंड भी कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं. 2. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना: उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए बैंगनी आलू फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. 3. सूजन में कमी: बैंगनी आलू में एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है, जो सूजन को कम करने में सहायक है. विशेषकर सर्दियों में सूजन की समस्या से ग्रस्त लोगों को इसका सेवन करना चाहिए. 4. डार्क सर्कल में कमी: बैंगनी आलू का सेवन आंखों के नीचे के काले घेरे कम करने में भी मदद कर सकता है. इसे काटकर आंखों पर 15 मिनट के लिए रखने से ठंडक मिलती है और डार्क सर्कल कम हो जाते हैं. recent visitors 54

5967 पदों पर होगी भर्ती, छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल के फिजिकल टेस्ट का आज जारी होगा प्रवेश पत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग आज 4 नवंबर को शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण (PFT) राउंड के लिए पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए एडमिट कार्ड जारी करेगा। इसके लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट (cgpolice.gov.in) से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस भर्ती अभियान का लक्ष्य कुल 5967 पदों को भरना है। अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस 16 नवंबर से दस्तावेज सत्यापन (DV), शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक फिटनेस परीक्षण (PFT) आयोजित करेगी। पीएफटी और पीएमटी राउंड के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। जिन उम्मीदवारों ने छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया है, उन्हें सबसे पहले फिजिकल टेस्ट परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद इस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और मेडिकल एग्जाम में बैठने का अवसर दिया जाता है। इतनी होनी चाहिए लंबाई छत्तीसगढ़ कांस्टेबल फिजिकल टेस्ट के लिए उम्मीदवारों की लंबाई, वजन, सीना का माप लिया जाता है। इसमें शामिल होने के लिए सामान्य, अनुसूचित जााति और ओबीसी वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की लंबाई 168 सेमी होना आवश्यक है। वहीं उनकी छाती 81 सेमी बिना फुलाए और फूलने के बाद 86 सेमी होनी चाहिए। अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई 158 सेमी और छाती बिना फुलाए 76 सेमी होना जरूरी है। एडमिट कार्ड ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड 0- सबसे पहले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in पर जाएं। 0- होमपेज पर उपलब्ध 'सीजी पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड 2024' डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। 0- पंजीकरण संख्या, जन्मतिथि आदि सहित अपनी लॉगिन जानकारी दर्ज करें। 0- सबमिट बटन पर क्लिक करें। 0- आपका सीजी पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड 2024 स्क्रीन पर दिखाई देगा। 0- भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट लें। recent visitors 103

आज एक-दो जगहों पर हल्की बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में गुलाबी ठंड ने दी दस्तक

रायपुर. छत्तीसगढ़ में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और रात के समय ठंड लगने लगी है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी हवाओं का आगमन लगातार जारी है। इसके वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो दिनों में छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों में एक-दो जगहों पर हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही शेष जिलों में शुष्क रहने की संभावना है। आज राजधानी रायपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते प्रदेश में मौसमी गतिविधियों में वृद्धि हुई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट संभव है। recent visitors 71

लॉरेंस विश्नोई गैंग से है कनेक्शन, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गैंगस्टरअमन साहू के चुनाव लड़ने की मांग अस्वीकारी

बिलासपुर. गैंगस्टर अमन साहू की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने झारखंड विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने की मांग को अस्वीकार किया। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दायर करने की मांग को हाईकोर्ट लेकर पहुंचे थे। सुनवाई जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बेंच में हुई। अमन साहू का लॉरेंस विश्नोई गैंग से कनेक्शन का भी मामला सामने आया है। कुख्यात गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन का आरोपी अमन साहू झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ेगा। बड़कागांव से कांग्रेस की प्रत्याशी अंबा प्रसाद के खिलाफ अमन साहू चुनाव लड़ेगा। अमन साहू इन दिनों छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्त में है और वो जेल से ही चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। बड़कागांव विधानसभा सीट से गैंगसटर अमन साहू की ओर से पर्चा दाखिल करने के लिए बुधवार को नामांकन फॉर्म खरीदा कया गया। अमन साहू के नाम पर अधिवक्ता विधान चंद्र और संजय घोष ने नामांकन पर्चा खरीदा। नामांकन फार्म खरीदने के दौरान अमन साहू की मां और जीजा भी मौजूद थे। कौन है अमन साहू? रांची के एक छोटे से गांव मलबे के रहने वाले अमन साहू के खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। जानकारों का कहना है कि अमन पहले एक हार्डकोर माओवादी था। बाद में उसने 2013 में अपना खुद का गैंग बनाया था। करीब ढाई साल पहले कोरबा में अमन साहू के गैंग के सदस्यों ने बर्बरीक ग्रुप पर फायरिंग की थी। उस समय रायपुर के शंकर नगर इलाके में एक कंपनी के पार्टनर के घर के बाहर गोली चलाकर धमकी दी गई थी। आरोप है कि अमन साहू ने अपने कुछ शूटर रायपुर भेजे थे, और उसकी हिट लिस्ट में शहर के कई व्यापारियों के नाम शामिल थे। इस घटना के बाद रायपुर पुलिस ने इस गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। लॉरेंस बिश्नोई गैंग अमन का कनेक्शन ? 13 जुलाई 2024 को रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक बिल्डर के कार्यालय पर फायरिंग हुई थी, जिसका आरोप भी अमन साहू गैंग पर ही लगाया गया है। बताया जाता है कि अमन साहू का फेसबुक अकाउंट ‘अमन सिंह’ नाम का व्यक्ति कनाडा से ऑपरेट करता है, जबकि एक अन्य अकाउंट ‘सुनील राणा’ नाम का व्यक्ति मलेशिया से देखता है। अमन खुद को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी बताता है। कहा जाता है कि वह बिश्नोई को गुर्गे सप्लाई करता था और बदले में हाईटेक हथियार प्राप्त करता था। अमन को महंगे कपड़ों का भी शौक है। माना जा रहा है कि अमन साहू से पूछताछ के बाद और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एनआईए कर चुकी है छापेमारी इसी साल जनवरी में एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में अमन साहू के रांची और हजारीबाग जिले में तीन ठिकानों पर करीब छह घंटे तक छापेमारी की थी। इस दौरान एक एसयूवी, सीसीटीवी का डीवीआर और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े कागजात जब्त किए। उस समय अमन साहू पलामू जेल में बंद था, लेकिन उसका टेरर नेटवर्क झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है। हाल के महीनों में उसके गैंग से जुड़े कई अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एटीएस की जांच के दौरान ये बात भी सामने आ चुकी है कि उसके संबंध कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हैं। recent visitors 61