विधि विभाग को भेजा प्रतिवेदन, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वाहनों के फिटनेस पर शुरू की सुनवाई

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने वाहनों के फिटनेस को लेकर स्वतः संज्ञान मामले में सुनवाई शुरू कर दी है। आज सुनवाई के दौरान शासन ने बताया कि परिवहन सचिव ने इस बारे में एक प्रतिवेदन राज्य के विधि विभाग को भेज दिया है। कोर्ट ने परिवहन विभाग को 15 दिन का समय देकर विस्तृत जवाब पेश करने का निर्देश के दिया है। बिलासपुर के आरटीओ ऑफिस में फिटनेस जांचने वाली मशीन खराब हो चुकी है। इस वजह से बड़े वाहनों, बसों और एंबुलेंस की भी फिटनेस जांच नहीं हो रही है। अभी ऐसी कई गाड़ियां कतार में हैं, जिनका फिटनेस लंबित है, कुछ वाहन अन्य राज्यों के भी हैं। बीते दिनों इससे संबंधित समाचार स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुआ था। बताया गया कि शहर में व्यावसायिक वाहन जिनमें ट्रक, बस, वैन आदि शामिल  हैं। सभी बिना फिटनेस जांच कराए ही लंबे समय से चल रहे हैं। इनमें मरीजों को अस्पताल लाने ले जाने वाली एंबुलेंस के अलावा बड़ी संख्या में स्कूल बसों की है। खतरनाक स्थिति में चलाई जा रही इन बसों में नौनिहालों को जान खतरे में  पड़ रहा है। रास्ते में कभी भी कोई अप्रिय स्थिति आ सकती है। आज बुधवार को शासन ने बताया कि प्रदेश के परिवहन सचिव ने इस बारे में एक प्रतिवेदन तैयार करने के बाद उसे विधि विभाग को भेज दिया है। शासन ने आज कोर्ट से समुचित कार्रवाई के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। इस पर डीबी ने सिर्फ 15 दिन का समय प्रदान करते हुए अगली सुनवाई दीपावली अवकाश के बाद निर्धारित की है। recent visitors 70

तूफान के साथ दो दिन होगी बारिश, छत्तीसगढ़ में ‘दाना’ चक्रवात बदलेगा मौसम

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों ठंड महसूस होने लगा है। प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी का आगमन जारी है। इसके साथ ही चक्रवात 'दाना' मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसके प्रभाव से 25 से 27 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश के आसार हैं। साथ ही तूफानी हवाएं चलने के भी संभावना है। प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम का मिजाज बदल रहा है। सुबह और रात के समय ठंडक महसूस हो रही है, वहीं दोपहर में गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात 'दाना' मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसके प्रभाव से 25 से 27 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में हल्की माध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 25 और 26 अक्टूबर को उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में 20-30 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। जो बढ़कर 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश के आसार हैं। साथ ही एक दो जगहों पर तेज हवाएं चल सकती है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'दाना' मध्य-पूर्व और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज की सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक प्रचंड चक्रवाती तूफ़ान में बदलने की संभावना है। इसके बाद 24 की रात और 25 अक्टूबर की सुबह पूरी और सागर द्वीप के मध्य के क्षेत्र को एक प्रचंड चक्रवाती तूफ़ान के रूप में पार करने की संभावना है। इस दौरान क्षेत्र में 100-100 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती है। चक्रवात 'दाना' के प्रभाव से प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। साथ ही एक-दो जगहों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके दो बाद भी प्रदेश में हल्की मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। आज प्रदेश के एक-दो जगह पर छीटें पड़ सकती है। वहीं बीते दिनों बुधवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। तड़के की सुबह और रात के समय ठंड महसूस हुई है। हालांकि दोपहर में गर्मी बरकरार है। recent visitors 65

हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं कीं खारिज, छत्तीसगढ़-निकाय चुनाव से पहले होगा वार्ड परिसीमन

बिलासपुर. वार्ड परिसीमन के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाओं को आधारहीन पाया। इस फैसले के साथ ही निकाय चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि कोर्ट ने इससे पहले बिलासपुर और राजनांदगांव नगर निगम के साथ ही तखतपुर, कुम्हारी और बेमेतरा नगर पालिका में होने वाले वार्डों के परिसीमन पर रोक लगा दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई, कोर्ट से आये फैसले के बाद राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर सहित प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में वार्डों के परिसीमन को लेकर अलग अलग 50 से अधिक याचिकाएं हाईकोर्ट में लगाई गई थीं।  इसमें से 7 याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने स्टे देते हुए परिसीमन पर रोक लगा दी थी। पिछली सुनवाई में 13 याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला देते हुए सभी को खारिज कर दिया है। परिसीमन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार ने प्रदेश भर के निकायों के वार्ड परिसीमन के लिए जो आदेश जारी किया है, उसमें वर्ष 2011 की जनगणना को आधार माना गया है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने इसके पहले वर्ष 2014 और 2019 में भी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का कार्य किया है। जब आधार एक ही है तो इस बार क्यों परिसीमन कराया जा रहा है। यह याचिका बिलासपुर में पूर्व कांग्रेसी विधायक शैलेश पांडेय और कांग्रेस के चार ब्लॉक अध्यक्ष विनोद साहू, मोती थारवानी, जावेद मेमन, अरविंद शुक्ला ने तो तखतपुर से टेकचंद कारड़ा ने दायर की थी। मामले की सुनवाई दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि जनसंख्या के आधार पर पहले भी परिसीमन किया गया है। कभी भी कोई आपत्ति नहीं आई। इस बार जान बूझकर ऐसा किया जा रहा है ताकि प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। इस पर कोर्ट ने पूछा कि वर्ष 2011 की जनगणना को वर्तमान परिदृश्य में आदर्श कैसे मानेंगे? दो बार परिसीमन कर लिया गया है तो तीसरी बार परिसीमन क्यों किया जा रहा है? इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि परिसीमन से पहले पूरी प्रक्रिया और नियमों का पालन किया गया है। जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के लिए पहले नोटिस जारी किया गया। आपत्तियों का निराकरण भी किया गया। कोर्ट ने सरकार की बात को स्वीकार करते हुए परिसीमन के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। recent visitors 97

14 दिन की बढ़ी रिमांड, छत्तीसगढ़ की निलंबित IAS रानू साहू और माया वॉरियर की जेल में मनेगी दिवाली

रायपुर. डीएमएफ घोटाले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस ऑफिसर रानू साहू और एक अन्य अधिकारी माया वॉरियर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। रायपुर की प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की उपायुक्त माया वॉरियर भी पांच नवंबर तक न्यायिक रिमांड में रहेगी। यानी इन दोनों ऑफिसर्स की दिवाली अब जेल में ही मनेगी। ईडी की रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को रायपुर सेंट्रल जेल में भेज दिया। डीएमएफ घोटाले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस ऑफिसर रानू साहू और एक अन्य अधिकारी माया वॉरियर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। रायपुर की प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की उपायुक्त माया वॉरियर भी पांच नवंबर तक न्यायिक रिमांड में रहेगी। यानी इन दोनों ऑफिसर्स की दिवाली अब जेल में ही मनेगी। ईडी की रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को रायपुर सेंट्रल जेल में भेज दिया। इससे पूर्व प्रवर्तन निदेशालय की रायपुर टीम ने डीएमएफ घोटाले में निलंबित आईएएस ऑफिसर रानू साहू को 22 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में सौंपा था। वहीं 15 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ सरकार की महिला अधिकारी माया वॉरियर को गिरफ्तार किया था। ईडी ने रानू और अधिकारी वॉरियर को कथित जिला खनिज फाउंडेशन यानि डीएमएफ मामले में गिरफ्तारी किया था। माया वॉरियर 15 अक्टूबर को और रानू साहू को 17 अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 22 अक्टूबर तक ईडी  की हिरासत में भेजा था। ईडी के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि पिछले साल से ईडी की ओर से डीएमएफ मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी। सबसे पहले ईडी ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई जगहों पर छापेमारी की थी। रानू साहू की करीबी हैं माया वॉरियर डीएमएफ घोटाले में ईडी ने कोरबा में आदिवासी विकास विभाग में सहायक उपायुक्त के पद पर पदस्थ माया वॉरियर को गिरफ्तार किया है। उन पर पद पर रहते हुए घोटाले करने का आरोप है। माया वॉरियर वर्तमान में आदिवासी विकास विभाग मंत्रालय में पदस्थ थीं। रानू साहू कोरबा में रह चुकी हैं और वॉरियर रानू साहू की करीबी रही हैं। कोरबा में अपने कार्यकाल के दौरान रानू साहू के ऊपर भी डीएमएफ में गड़बड़ी का आरोप है। वो पहले से ही जेल में हैं। मंगलवार को ईडी माया वॉरियर को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोरबा में कलेक्टर रही हैं रानू रानू साहू जून 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर रहीं। इस दौरान माया वारियर भी कोरबा में पदस्थ थीं। तब डीएमएफ की बड़ी राशि आदिवासी विकास विभाग को दी गई थी, जिसमें घोटाले का आरोप है। इसका प्रमाण मिलने के बाद ईडी ने माया वारियर को गिरफ्तार किया गया है। चर्चा है कि की रकम का बड़ा हिस्सा कमीशनखोरी में खर्च किया गया था। recent visitors 137

साय सरकार ने किए 11 IAS के तबादले, छत्तीसगढ़ के रवि मित्तल बने जनसंपर्क आयुक्त

रायपुर. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने दिवाली से 10 दिन पहले बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। कुल 11 आईएएस ऑफिसर्स का तबादला किया गया है। राज्य सरकार ने जशपुर के कलेक्टर रवि मित्तल को छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें जनसंपर्क विभाग का आयुक्त बनाया है। आईएएस जन्मेजय महोबे को महिला एवं बाल विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मोहला मानपुर और सूरजपुर के कलेक्टर्स का भी ट्रांसफर किया गया है। सूरजपुर कलेक्टर रोहित व्यास को जशपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईएएस अधिकारी एस जयवर्धन को सूरजपुर का कलेक्टर का दायित्व दिया गया है। मित्तल को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दूसरी ओर जशपुर के कलेक्टर रहे रवि मित्तल को जनसंपर्क विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा जन्मेजय महोबे को वर्तमान प्रभार के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। यहां देखें, किसको क्या मिली जिम्मेदारी — 0- डॉक्टर रवि मित्तल – आयुक्त जनसंपर्क विभाग 0- जन्मेजय महोबे – संचालक, महिला एवं बाल विकास, एडिशनल चार्ज। 0- जगदीश सोनकर- मंत्रालय में संयुक्त सचिव 0- जनसंपर्क विभाग में कमिश्नर की जिम्मेदारी देख रहे मयंक श्रीवास्तव को गृह विभाग भेजा गया। 0- एस.जयवर्धन- कलेक्टर, सूरजपुर 0- विजय दयाराम- प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का एडिशनल चार्ज 0- तुलिका प्रजापति- कलेक्टर, मोहला मानपुर 0- रोहित व्यास- कलेक्टर, जशपुर 0- प्रतिष्ठा ममगाई- सीईओ, जिला पंचायत बस्तर 0- कुमार बिश्वरंजन – उपसचिव, मंत्रालय 0- जयंत नाहटा – सीईओ, जिला पंचायत दंतेवाड़ा सत्तापक्ष को घेरने में लगी कांग्रेस छत्तीसगढ़ में विपक्ष में बैठी कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार पर सवाल दाग रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा की पुलिस कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। सरकार को लगातार घेरने में लगे हैं। recent visitors 80

एक दिन में 210 उम्मीदवारों का इंटरव्यू ?, छत्तीसगढ़ में बिना मेरिट सूची के Aayush ने बुलाए 420 उम्मीदवार

रायपुर. आयुष ने 140 आयुष चिकित्सक (ग्रेजुएट-आयुर्वेद) संविदा पद की भर्ती के लिए बिना मेरिट सूची जारी किए 420 उम्मीदवारों को बुला लिया है. यही कारण है कि अब इस भर्ती प्रक्रिया पर उम्मीदवारों ने सवाल उठाए है और जिम्मेदारों से ये अपील की है कि वो ये जांच करें कि कही ये ‘खेल 420’ का तो नहीं है. लल्लूराम डॉट कॉम को आयुष चिकित्सक के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों ने संपर्क किया. उन्होंने बताया कि 140 पदों पर आयुष चिकित्सक की भर्ती होनी है. इसके लिए विभाग की तरफ से पात्र 551 उम्मीदवारों में से 420 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है. ये इंटरव्यू कॉल किस आधार पर किया गया है ये स्पष्ट नहीं है. क्योंकि इस लिस्ट में न तो उम्मीदवारों को मिले नंबरों की जानकारी है और न इस सूची के जारी करने के पहले विभाग ने कोई मेरिट सूची जारी की. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि बिना मेरिट सूची जारी किए विभाग ने किस आधार पर 420 उम्मीदवारों को इंटरव्यू में बुलाया है. सवाल ये भी है कि आयुष ने इंटरव्यू के लिए कितने बोर्ड बनाए है जो इंटरव्यू लेंगे. क्योंकि विभाग ने 24 और 25 अक्टूबर को 210-210 उम्मीदवारों को सुबह 10 बजे से इंटरव्यू के लिए बुलाया है. इस हिसाब से यदि रात 10 बजे तक भी इंटरव्यू होता है तो 3 मिनट 42 सैकेंड का वक्त इंटरव्यू के लिए मिलेगा. वो भी बिना लंच ब्रेक के. कितने बोर्ड इंटरव्यू लेंगे ये विभाग ने अभी स्पष्ट नहीं किया है. इसलिए एक उम्मीदवार से सवाल-जवाब लेने में कितना वक्त लगेगा ये स्पष्ट नहीं हो रहा है. इस संबंध में आयुष के जिम्मेदार अधिकारी इफ्फत आरा (आईएएस) से संपर्क किया गया और पूछा कि आयुष चिकित्सक भर्ती के लिए 420 उम्मीदवारों का इंटरव्यू कॉल किया गया है, वो भी बिना मेरिट सूची जारी किए. तो उन्होंने कहा मेरिट सूची जारी हुई है, वेबसाइट में मौजूद है. लल्लूराम संवाददाता ने उन्हें बताया कि मेरिट सूची वेबसाइट में मौजूद नहीं है. उन्होंने कहा मैं चेक करती हूं. थोड़ी देर बाद उन्होंने पुनः कॉल कर कहा कि कोई भी विभाग मेरिट सूची जारी नहीं करता है. हमने पीएससी के नियमों को आधार मानकर भर्ती प्रक्रिया अपनाई है. लल्लूराम डॉट कॉम ने उनसे पूछा कि कितने बोर्ड तैयार किए जा रहे है जो इंटरव्यू लेंगे, तो उन्होंने कहा कि 3-4 बोर्ड बनाने की तैयारी है. अब सवाल ये है कि 420 उम्मीदवारों को जो बुलाया गया है वो किस आधार पर बुलाया गया है, 551 पात्र में से जिन 131 लोगों को नहीं बुलाया गया उन्हें ये पता ही नहीं है कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया. जबकि विभाग द्वारा ही जारी विज्ञापन भर्ती में मेरिट सूची के अनुसार 3 गुना पात्र उम्मीदवारों को बुलाने की बात कही गई थी. हालांकि यदि विभाग ये कह रहा है कि PSC के नियमों को आधार मानकर भर्ती की जा रही है, तो ये बात किसी से छिपी नहीं है कि पिछली सरकार में विभाग में कितना बड़ा PSC भ्रष्टाचार हुआ और तब विपक्ष में रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे कितना बड़ा मुद्दा बनाया था. recent visitors 155

97 गोल्ड मेडल के साथ प्रथम स्थान पर, छत्तीसगढ़ बना वन खेलकूद का बादशाह

रायपुर। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने पहला स्थान प्राप्त कर ओवरऑल चैम्पियन बना। समापन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। इस मौके पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने वीडियो संदेश में खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97 गोल्ड, 44 सिल्वर, 33 कांस्य पदक के साथ कुल 731 प्वाइंट्स लेकर रिकॉर्ड जीत हासिल की और पहला स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में ओलम्पिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर केरल ने 38 गोल्ड, 37 सिल्वर, ब्रोंज 27, कुल अंक 389 के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरा स्थान मध्यप्रदेश ने 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 26 कांस्य पदक के साथ कुल अंक 363 प्राप्त किया। समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल व्यक्तित्व विकास के लिए अहम होता है उन्होंने सभी खिलाड़ियों का बधाई दी। समारोह की अध्यक्षता कर रहे वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आयोजन की सफलता के लिए वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में उत्तराखंड के वनमंत्री श्री सुबोध उनियाल ने आगामी अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता उत्तराखण्ड में किए जाने की घोषणा की। समारोह में नोडल ऑफिसर श्रीमती शालिनी रैना ने उत्तराखंड के वनमंत्री श्री सुबोध उनियाल को प्रतियोगिता के ध्वज का हस्तांतरण किया। उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 1992 से हो रहा है और यह छत्तीसगढ़ में तीसरी बार संपन्न हुआ। यह प्रतियोगिता वनों के संरक्षण पर आधारित है और इसमें वनरक्षक से लेकर विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। समारोह में वन बल प्रमुख श्री श्रीनिवास राव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में इस खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया है। विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने खेल भावना और मेहमान नवाज़ी की प्रशंसा की। प्रतियोगिता के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य की संस्कृति, परम्परा और स्थानीय गीत-संगीत से प्रतिभागियों को रूबरू कराया गया। राज्य की संस्कृति और खान-पान की विशेषताएँ सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। समारोह में बॉलीवुड सिंगर सुवर्णा तिवारी के गीतों ने समां बांधा। इसके अलावा सुप्रसिद्ध बस्तर बैंड और छत्तीसगढ़ की लोकगाथा लोरिक चन्दा की शानदार प्रस्तुति दी गई। समापन समारोह में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, केन्द्रीय वन महानिरीक्षक, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन श्री के.बी. सिंह और छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 92