फर्जी बैंक खाता खुलवाकर लेन-देन का आरोप, छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम के करीबी पर ED ने दर्ज किया मामला

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए और एफईओए के तहत मामला दर्ज किया है. इसके पहले तेलीबांधा थाने में केके श्रीवास्तव के खिलाफ 500 करोड़ रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से 15 करोड़ रुपए की ठगी करने का अपराध दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि पुलिस की जांच में पाया गया कि केके श्रीवास्तव ने दिल्ली और मुंबई में जोमैटो तथा स्विगी में काम करने वाले लड़कों के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाकर 500 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है. इस बात की जानकारी रायपुर पुलिस ने ईडी और आयकर विभाग को पत्र लिखकर दी थी. मामले में अब ईडी ने रायपुर पुलिस की एफआईआर के आधार पर केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए ‘धन शोधन निवारण अधिनियम‘ (Prevention of Money Laundering Act) और एफईओए ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ (Fugitive Economic Offender Act-FEO) के तहत मामला दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार, केके श्रीवास्तव ने दिल्ली के रावत एसोसिएट के डायरेक्टर अर्जुन रावत को स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर में 500 करोड रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से विभिन्न बैंक अकाउंट में 15 करोड़ रुपए डलवाए थे. रावत एसोसिएट्स कंपनी – हाइवे कंस्ट्रक्शन, सरकारी ठेके बिल्डिंग निर्माण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम करती है. कंपनी के डायरेक्टर की केके श्रीवास्तव से मुलाकात 2023 में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन के माध्यम से हुई थी. राखड़ और फ्लाई ऐश का काम करने वाले केके श्रीवास्तव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बता ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ लिया और काम नहीं दिलाया. प्रार्थी ने पुलिस से की गई अपनी शिकायत में लिखा है कि केके श्रीवास्तव ने उन्हें रायपुर बुला प्रदेश के सबसे बड़े नेता से मिलवाया था. बड़े नेता ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि केके भरोसे के आदमी है, आपका काम हो जाएगा. लेकिन काम नहीं होने पर रकम वापसी के लिए तीन-तीन करोड़ के चेक दिए गए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए. पुलिस के अपराध दर्ज करने की जानकारी लगते ही केके श्रीवास्तव परिवार के साथ फरार हो गया. पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए दस हजार रुपए का इनाम रख दिया गया. थाने में अपराध दर्ज होने के बाद रायपुर सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद केके श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. केके श्रीवास्तव के अधिवक्ता ने इसे धोखाधड़ी न मानते हुए आपसी लेनदेन का मामला बता जमानत देने का निवेदन किया था. याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मामले में गंभीर टिप्पणी की थी. पुलिस द्वारा पेश की गई तगड़ी केस डायरी और जमानत विरोध को देखते हुए श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब ईडी के द्वारा मामला दर्ज करने से केके श्रीवास्तव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. recent visitors 72

मंत्री-अधिकारी करेंगे मंथन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई औद्योगिक विकास नीति का करेंगे विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 नवम्बर को शाम 6.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन करेंगे। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 मंजूर की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। नई औद्योगिक नीति को उद्योग विभाग द्वारा संबंधित सभी हितपक्षों, औद्योगिक संगठन, औद्योगिक समूहों, संबंधित विभागों के साथ संवाद एवं गहन विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है। recent visitors 70

आंगनबाड़ी में फल-दूध न मिलने पर लिया संज्ञान, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला-बाल विकास विभाग से मांगा जवाब

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी में बच्चों को फल, दूध आदि नहीं दिए जाने पर स्वतः संज्ञान लिया है. मामले की जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट से सचिव महिला बाल विकास विभाग के शपथ पत्र का तुलनात्मक मिलान करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. बता दें कि दुर्ग जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को फल और दूध नहीं दिए जाने की खबर मीडिया में आई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई शुरू की. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने इसके लिए एडवोकेट अमिय कांत तिवारी , सिध्दार्थ दुबे, आशीष बेक, ईशान वर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया. कोर्ट कमिश्नरों ने इन केन्द्रों में जाकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की. कोर्ट कमिश्नरों को सबंधित अधिकारियों ने बताया कि फल दूध की जगह पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य शासन के संबंधित प्राधिकारी से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था. मामले में राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अफसरों को पक्षकार बनाया गया. इसके कुछ समय बाद सूरजपुर, कवर्धा और बस्तर से भी यही मामला सामने आया. इन जगहों पर जाकर भी कमिश्नरों ने निरीक्षण कर फिर अपनी रिपोर्ट तैयार की. इस बीच सचिव महिला बाल विकास ने कोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत किया. आज मंगलवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान उपस्थित कोर्ट कमिश्नर से कोर्ट ने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट से इस शपथपत्र को तुलना कर लें ताकि मालूम हो सके कि अदालत के आदेश का पालन हुआ है या नहीं. recent visitors 93

मुख्यमंत्री साय ने जल संसाधन विभाग को दी बधाई, छत्तीसगढ़ देश में जनभागीदारी से जल संचय में पहले स्थान पर

रायपुर। जनभागीदारी से जल संचय में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर है. केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल पर उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है. छत्तीसगढ़ राज्य में जल संचय, जनभागीदारी पहल के तहत जल संचय के एक लाख 53 हजार 533 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 10 हजार 872 कार्य प्रगतिरत हैं. इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में देश के पहले 10 जिलों में छत्तीसगढ़ के 8 जिलों ने अपना स्थान बनाया है. छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से जल संचय के कार्यों में राज्य में पहले स्थान पर रायपुर जिला है, जहां 35 हजार 758 जल संचय के कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 5064 कार्य प्रगतिरत हैं. दूसरे स्थान पर बिलासपुर है, जहां 16,389 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 1643 कार्य प्रगति पर हैं. तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिला है, जहां 16,629 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 662 कार्य प्रगति पर हैं. चौथे स्थान पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है, जहां 16,730 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 300 कार्य प्रगति पर हैं. पांचवे स्थान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला है, जहां 8618 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 586 कार्य प्रगति पर हैं. छठवें स्थान पर गरियाबंद जिला है, जहां 6899 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 634 कार्य प्रगति पर हैं. सातवें स्थान पर दुर्ग जिला है, जहां 4915 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 609 कार्य प्रगति पर हैं. दसवें स्थान पर धमतरी जिला है, जहां 3706 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 107 कार्य प्रगति पर हैं. गौरतलब है कि जल संचय जन भागीदारी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है. यह पहल जल संरक्षण में जन भागीदारी के महत्व पर जोर देती है और सामूहिक पहल एवं एकजुटता से जलसंरक्षण की संकल्पना को साकार करती है. इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अन्य गतिविधियों के अलावा कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं, बोरवेल पुनर्भरण शाफ्ट के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है, जिससे भंडारण क्षमता बढ़ेगी और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी. recent visitors 67

आयुक्त सहकारिता ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में कल से होगी धान खरीदी

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। recent visitors 76

सहकारिता आयुक्त ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में ट्रायल रन पूराकर धान खरीदी 14 नवंबर से

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए।सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। recent visitors 89

पश्चिम बंगाल -दिल्ली समेत 4 राज्यों में अंतरराज्यीय साइबर ठग किए गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायपुर। कोरोना वायरस के लॉकडाउन के बाद से छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले बढ़ने लगे हैं। बीते दिनों राजधानी में 3 अलग-अलग मामलों में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को करोड़ों का चूना लगा दिया। इन मामलों के सामने आने के बाद रायपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन पर साइबर थाना रेंज रायपुर ने बड़ी कार्रवाई की। साइबर थाना रेंज रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से 4 अंतरराज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को पुलिस ने रायपुर कोर्ट में पेश किया था, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। पहला मामला राजधानी की रहने वाली एक महिला से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम पर 88 लाख रुपये की ठगी की थी। महिला की शिकायत के बाद रेंज साइबर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, चेन्नई, कोलकाता से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो आरोपी सुमन सिल (उम्र 28 साल) और देवराज कुशवाहा (उम्र 40 साल) फरार चल रहे थे, जिन्हें रायपुर पुलिस ने क्रमशः 24 परगना, पश्चिम बंगाल और भोपाल, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में मौजूद ठगी के 84 लाख रुपये होल्ड करवाए हैं। दूसरा मामला राजधानी के ही एक युवक ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम पर 99 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट थाना तेलीबांधा में दर्ज कराई थी। इस मामले में तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी थी। मामले की जांच के दौरान साइबर टीम ने दिल्ली में छिपकर बैठे एक आरोपी दीपक (उम्र 29 साल) को जेजे कॉलोनी, द्वारका सेक्टर 3 में दबिश देकर गिरफ्तार किया। यह ठग मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले का रहने वाला है। तीसरा मामला राजधानी के रहने वाले एक व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 1.16 करोड़ रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट पंडरी थाना में दर्ज कराई थी। इस मामले में साइबर टीम ने एक आरोपी को पहले गिरफ्तार किया था। इसी कड़ी में साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने सैयद जानी बासा (उम्र 46 साल) को विजयवाडा, आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। 4 महीनों में 400 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़, 28 गिरफ्तार गौरतलब है कि रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने बीते 4 महीनों के दौरान बड़े साइबर घोटालों का पर्दाफाश किया है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अब तक 37 मामलों में पुलिस ने 400 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए 28 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन ठगों के खिलाफ देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 7900 से अधिक मामले दर्ज हैं। साइबर ठगी से बचने इन बातों का रखें खास ख्याल — A) शेयर ट्रेडिंग के फर्जी एप्लीकेशन के जरिए होने वाले ठगी का शिकार होने से बचने के लिए अत्यधिक लाभ प्राप्त करने के फेर में ना पड़ें। B) डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान कानून में नहीं है, कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ऐसी धमकी नहीं देती, वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती है और ना ही पैसा की मांग करती है। अगर डर लगे तो समझिए कुछ गड़बड़ है। साइबर अपराधियों के झांसे में ना आएं। C) साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा गूगल में रिव्यू लिखने के नाम से पैसे कमाने का झांसा दिया जाता है जिसके चक्कर में पड़कर कई लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं, इससे सावधान रहें। D) इसी प्रकार वर्क फ्रॉम होम के बहाने फ्रॉड हो रहे हैं जिसके माध्यम से साइबर फ्रॉडस्टर आपको घर बैठे पेंसिल पैकिंग या पीडीएफ फाइल को वर्ड में कन्वर्ट करने का आदि झांसा देकर काम निकलवा लेते हैं, उसके पश्चात किए गए कार्य में गलतियां बता कर पेनल्टी लगाने की बात पर पैसे की मांग की जाती है और पैसे ना देने पर कोर्ट में झूठा मुकदमा का पेपर तैयार कर फर्जी वारंट भेजा जाता है। जिससे घबराकर लोग आरोपियों को रूपये देने तैयार हो जाते हैं। किसी लालच में ना फंसे ना ही घबराएं। कभी भी कोई भी व्यक्ति आपको घर बैठे रुपए कमाने का अवसर नहीं देगा। पुलिस की जनता से अपील रायपुर पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर वे किसी भी तरह के साइबर अपराध का शिकार बनते हैं, तो तुरंत अपने निकटतम पुलिस थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराएं। इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज ने सभी पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। अपराध पंजीकरण के बाद, आगे की जांच के लिए प्रकरण को रेंज साइबर थाने में भेजा जाएगा, जहां साइबर अपराध समाधान के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी कारणवश थाना में एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो नागरिक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, रेंज रायपुर से संपर्क कर सकते हैं। recent visitors 58