कांग्रेस ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक, छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव को महाराष्ट्र चुनाव की सौंपी कमान

रायपुर. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ के दो दिग्गज नेताओं का नाम भी शामिल हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ के दो दिग्गज नेताओं का नाम भी शामिल हैं। लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बघेल को विदर्भ अमरावती/नागपुर और सिंहदेव को पश्चिमी महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई है। recent visitors 73

नहाय-खाय से शुरुआत कर देंगे डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य, छत्तीसगढ़ में छठ महापर्व पांच नवंबर से

रायपुर. सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा पांच नवंबर से मनाया जायेगा। चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत पांच नवंबर को नहाय खाय के साथ होगी। महादेव घाट रायपुर में छठ महापर्व बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट ने रुपरेखा तैयार कर ली है। सात नवंबर की शााम को महादेवघाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी, जिसमें अंतराष्ट्रीय लोकगायिका कल्पना पटवारी मुंबई, अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका गायत्री यादव लखनऊ, लोक गायिका परिणीता राव पटनायक और छत्तीसगढ़ के प्रख्यात भजन गायक दिलीप षड़ंगी सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की जायेगी। इस पूजा के दौरान पहली बार महादेवघाट में खारुन गंगा मैया की महाआरती की जाएगी। इससे अलावा नवा रायपुर अटल नगर स्थित तालाब में छठ महापर्व भव्य रुप में मनाया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि छठ महापर्व छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा, बस्तर समेत अन्य शहरों में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों पर जैसे महादेव घाट, व्यास तालाब बिरगांव और अन्य तालाबों किनारे मनाया जाता है।  पांच से आठ नवंबर तक पूरे देश में छठ पूजा  की जायेगी। समिति जिला प्रशासन और नगर निगम की सहयोग से हारून नदी महादेव घाट के सभी घाटों की साफ सफाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि छठ पूजा प्राचीन काल से ही स्वच्छता का संदेश देती आ रही है। इस पर्व में व्रती महिलायें शुद्ध प्रसाद बनाती हैं, जिसे सूर्य भगवान को भोग लगाया जाता है। लोग सड़क और घाटों की सफाई करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, छठी मैया विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर हैं। इस वर्ष पांच नवंबर से नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को खरना, 7 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य और 8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का समापन होगा। छठ पर्व को शक्ति पूजा और सूर्य सष्टी व्रत के नाम से भी जाना जाता है।  यह पर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड पूर्वांचल, पश्चिम बंगाल और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित है। त्योहार और व्रत के अनुष्ठान कठोर है। चार दिनों तक मनाए जाने वाले इस व्रत में महिलायें पवित्र स्नान, उपवास और निर्जल, लंबे समय तक पानी में खड़े रहना, प्रसाद, प्रार्थना और सूर्य देवता को अर्घ्य देना शामिल है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश और राज्यों में बसे हैं। वहां अपनी संस्कृतियों को आज भी संजोये हुए हैं। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पूजा का आरंभ हो जाता है। यह महापर्व पूरे चार दिनों तक चलता है। छठ पूजा का मुख्य व्रत कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और भविष्य के लिए सूर्य देव और छठी मैया की पूजा-अर्चना करती है। इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। यही वजह है कि इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। पहले दिन नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होती है। दूसरे दिन लोहंडा और खरना होता है। वहीं तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण किया जाता है और इसी के साथ इस पर्व का समापन हो जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल छठ पूजा कब से शुरू हो रही है। जानें कब है छठ पूजा? पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि के साथ छठ पूजा का आरंभ हो जात है। वहीं षष्ठी तिथि को शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 7 नवंबर को 12 बजकर 41 मिनट (ए एम) से आरंभ हो रही है, जो 8 नवंबर को 12 बजकर 34 मिनट (ए एम) पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 7 नवंबर को ही सूर्य को संध्या अर्घ्य दी जाएगी। पत्रवार्ता में ये रहे मौजूद इस मौके पर सुखबीर सिंह, राघव रविंद्र सिंह, सुनील सिंह, रामविलास सिंह, अनिल सिंह, कन्हैया सिंह, शशि सिंह, परमानंद सिंह, संतोष सिंह, सत्येंद्र सिंह गौतम, राकेश सिंह, विश्वेश्वर सिंह, राजेश सिंह, संजय सिंह, रविंद्र शर्मा, बृजेश सिंह, वेदनारायण सिंह, मनोज सिंह आदि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित रहे। इन देशों में भी होती है छठ पूजा छठ महापर्व नेपाल, सूरीनाम, दोहा, कतर, फिजी, मॉरीशस,गुयाना और अन्य देशों में भी मनाया जाता है। छठ पूजा 2024 कैलेंडर 0- छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय (मंगलवार) 0- छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना (बुधवार) 0- छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य (गुरुवार) 0- छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (शुक्रवार) नहाय-खाय का महत्व नहाय-खाय से छठ पूजा की शुरुआत होती है। नहाय खाय जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि इस दिन स्नान करके भोजन करने का विधान है। नहाय खाय के दिन व्रत करने वाली महिलाएं नदी या तालाब में स्नान करती हैं। यहि नदी में नहाना संभव न हो ते घर पर भी नहा सकते हैं। इसके बाद व्रती महिलाएं भात, चना दाल और लौकी का प्रसाद बनाकर ग्रहण करती हैं। खरना 2024 छठ पूजा के दूसरे दिन को लोहंडा या खरना कहा जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का प्रसाद बनाया जाता है। इस दिन माताएं दिनभर व्रत रखती हैं और पूजा के बाद खरना का प्रसाद खाकर 36 घंटे के निर्जला व्रत का आरंभ करती है। इस दिन मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी से आग जलाकर प्रसाद बनया जाता है। तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के समय नदी या तालाब में खड़े होकर अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ सहित अन्य सामग्री रखकर पानी में खड़े होकर पूजा … Read more

बीजेपी का सूरजपुर हादसे पर बड़ा हमला, छत्तीसगढ़ में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सबसे बड़ी चुनौती है कांग्रेस

रायपुर। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने सूरजपुर में प्रधान आरक्षक की पत्नी और बच्ची की हत्या के मामले में एनएसयूआई के पदाधिकारी कुलदीप साहू की संलिप्तता को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अपने गुंडा तत्वों के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़कर अराजकता और आतंक का जहर घोलने में लगी है. यह कांग्रेस के आपराधिक चरित्र का शर्मनाक नमूना है और प्रदेश की भाजपा सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ऐसे तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. श्रीवास्तव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव समेत तमाम कांग्रेस नेताओं द्वारा इस भयावह अपराध के लिए प्रलाप किए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर तरह के अपराधों में संलग्न लोगों की शरणस्थली बनी कांग्रेस का यही राजनीतिक ट्रेक रिकॉर्ड रहा है कि जब वह सत्ता में होती है तो आपराधिक तत्वों को प्रश्रय देकर अपने हित साधने के लिए उन्हें इस्तेमाल करती है, और सत्ता से दूर रहने पर इन्हीं तत्वों को इस्तेमाल करके प्रदेश में अपराधों का सिलसिला चलाकर अराजकता फैलाने में अपनी ताकत झोंक देती है. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ऐसी कई गुंडावाहिनियां प्रदेश में भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए षड्यंत्रपूर्ण टूलकिटिया एजेंडा चला रही हैं. प्रदेश में ऐसी कोई गंभीर आपराधिक वारदात बाकी नहीं रही है, जिसके तार कांग्रेस से जुड़े हुए नहीं हों. राज्य की आंतरिक सुरक्षा और क़ानून-व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस ही है. खासकर कांग्रेस का युवा संगठन अपने वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण में न केवल छत्तीसगढ़, अपितु देशभर में अपराधियों और स्मगलरों का गढ़ बना हुआ है. दिल्ली में पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का कोकीन पकड़ाया, उसका सरगना भी कांग्रेस के एक सेल का अध्यक्ष था. कांग्रेस की भूपेश सरकार के कार्यकाल में तो कांग्रेस नेताओं की तमाम तरह के अपराधों में संलिप्तता की एक लंबी फेहरिस्त है, जिसे पालने-पोसने का काम कांग्रेस अपने शासनकाल में तो करती ही रही, अब उन्हीं गुण्डा-तत्वों का इस्तेमाल प्रदेश में अराजकता के लिए कांग्रेस पूरी निर्लज्जता के साथ कर रही है. संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या दीपक बैज के नेतृत्व में इन्हीं आपराधिक तत्वों के संरक्षण के लिए तथाकथित न्याय पदयात्रा का ढोंग कांग्रेस ने रचा था? उक्त पदयात्रा में भी जो तमाम आपराधिक तत्व कांग्रेस की तथाकथित न्याय पदयात्रा के पोस्टर ब्वॉय बने हुए थे, वे आपराधिक तत्व बाकायदा बैनर-पोस्टर लगाकर न्याय यात्रा के स्वागत की तैयारी किन नेताओं की शह पाकर कर रहे थे? कांग्रेस के आपराधिक चेहरे लगातार उजागर हो रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी ठगी के आरोपित के.के. श्रीवास्तव के भगोड़ा घोषित होने के मद्देनजर श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में न केवल प्रदेश के खजाने में डाका डाला गया, हजारों करोड़ रुपए घपले-घोटाले करके प्रदेश की जनता का हक मारा गया, बल्कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को राजनीतिक संरक्षण देकर लूट मचाने की खुली छूट दी गई. पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को उक्त आरोपी से अपने रिश्तों को सार्वजनिक करना चाहिए, क्योंकि ठगी का यह आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के लिए विशेष पूजा-पाठ करता था और इसी कारण बघेल का अक्सर उसके बिलासपुर स्थित निवास में आना-जाना लगा रहता था. उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस सत्ता छिन जाने के साथ-साथ अपने तमाम धत्कर्मों के सामने आने और आपराधिक चेहरे उजागर होने के इस कदर छटपटा रही है कि अब वह अपने गुर्गों के जरिए खून की नदियां बहाने में नहीं हिचक रही है. recent visitors 60

राजस्व अधिकारियों की मुराद पूरी, छत्तीसगढ़ में बिना विभागीय अनुमति के अब नहीं होगी एफआईआर

रायपुर। राजस्व अधिकारियों की मन की मुराद पूरी हो गई है. अब बिना विभागीय अनुमति के उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ इस संबंध में लंबे समय से मांग करता रहा है, जिस पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने तमाम संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर न्यायिक अधिकारी संरक्षण अधिनियम, 1850 और न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 के तहत राजस्व अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त होने की बात कही है. राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण उपरांत असंतुष्ट पक्षकारों द्वारा विधिवत अपील की कार्यवाही न कर सीधे पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है, और पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज कर पीठासीन अधिकारी को नोटिस दे रही है. इस प्रकार न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त नहीं हो पा रहा है. इसके साथ असंतुष्ट पक्षकारों के पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध सीधे सिविल न्यायालय में वाद दायर कर दिया जा रहा है, और सिविल न्यायाधीश स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में पुलिस को प्राप्त शिकायत की जांच के लिए भेज रहे हैं, और पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. सचिव ने अधिनियमों का हवाला देते हुए बताया कि न्यायायिक अधिकारियों की सद्भावना में किए गए न्यायालय के कार्य अथवा पारित आदेशों के विरूद्ध सिविल न्यायालय में मुकदमा चलाए जाने के संबंध में संरक्षण प्राप्त है. इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति जो न्यायालय के रूप में काम करता है, उसे उपरोक्तानुसार संरक्षण प्राप्त है. इस अधिनियम के अंतर्गत दिया गया संरक्षण इसी सिद्धांत पर दिया गया है कि जो व्यक्ति न्यायालय के रूप में कार्य करता है उसके कर्तव्यों के प्रभावी निष्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है कि वह व्यक्ति बिना किसी भय के कार्य कर सके. संघ ने सचिव का जताया आभार कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलमणि दुबे ने कहा कि हम विभागीय सचिव अविनाश चंपावत का आभार अभाव व्यक्त करते हैं कि उन्होंने हमारी पीड़ा को समझा है. हमने इस मांग को पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था. recent visitors 79

पांच सदस्‍यीय कमेटी का गठन, छत्तीसगढ़ में एक साथ होंगे निकाय और पंचायत चुनाव!

रायपुर. छत्‍तीसगढ़ में साय सरकार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ करा सकती है. दोनों चुनाव एक साथ कराने के लिए IAS ऋचा शर्मा की अध्‍यक्षता में पांच सदस्‍यीय कमेटी का गठन किया गया था. कमेटी ने राज्‍य सरकार को अपनी सिफारिश सौंप दी है. अब अंतिम फैसला सरकार लेगी. बताया जा रहा कि ऋचा शर्मा की अध्‍यक्षता वाली कमेटी ने पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराए की सिफारिश की है. कमेटी ने कहा है कि इससे धन की बचत के साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी. दोनों चुनाव अलग-अलग कराने से आचार संहिता भी दो बार लगानी पड़ेगी. इससे विकास के काम प्रभावित होंगे. मैन पॉवर भी ज्‍यादा लगता है. दोनों चुनाव एक साथ कराने से इन सबकी बचत होगी. recent visitors 88

हाईकोर्ट में दी चुनौती, छत्तीसगढ़-वक्फ बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव पर विवाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ग़ुलाम मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सरकार के समय नियुक्त किए गए वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य इमरान मेमन, पूर्व विधायक खुज्जी, फ़िरोज़ ख़ान, फैसल रिज़वी और भाजपा सरकार में नियुक्त सदस्य सलीम राज ने वर्तमान राज्य शासन के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। अविश्वास प्रस्ताव के लिए दशरथ लाल साहू पिछड़ा वर्ग और अल्प संख्यक विकास विभाग पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए थे। पीठासीन अधिकारी दशरथ लाल साहू ने इस प्रस्ताव के संबंध में वक़्फ़ बोर्ड के सभी सदस्यों को 26/09 /2024 की तारीख़ वाली नोटिस जारी की थी। जो वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य रियाज़ हुसैन को 30/09/2024 की शाम छह बजे के बाद तामील की गई। इस अविश्वास प्रस्ताव की कारवाई के लिए दिनांक 14/10/2024 को दिन के साढ़े दस बजे वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय में हाजिर होने की जानकारी दी गई थी। वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य रियाज़ हुसैन ने इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनके द्वारा धारा 20क के तहत लाए गए अविशवास प्रस्ताव के संबंध में 20 क (घ)के परंतुक के तहत यह प्रावधान है :- ऐसी बैठक की सूचना कम से कम (एटलीस्ट) 15 दिन पहले दी जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक नोटिस तामिली दिनांक के 15 दिन के भीतर की जा रही जो धारा 20 क (घ) के (मेंडेटरी)अनिवार्य आदेशात्मक प्रावधान का उल्लंघन है बताया है। अविश्वास प्रस्ताव नियम विरुद्ध लाया जा रहा है इस संबंध में रियाज़ के द्वारा रिट पिटीशन फाइल किए जाने की जानकारी दी गई है, जिसकी सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी दशरथ लाल साहू जो अवर सचिव पिछड़ा एवं अल्प संख्यक विकास विभाग को हटाकर मार्टिन लकड़ा अवर सचिव पशुधन विकास विभाग को दिनांक 08/10/2024 को नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई। इस आदेश की कोई प्रति की तमीली रियाज हुसैन ने नहीं होना बताया, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के लिए पीठासीन अधिकारी उसी विभाग का नहीं होना चाहिए। वक़्फ़ एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि इस नोटिस के तामील होने के बाद भी कम से कम 15 दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने के लिए बैठक बुलाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। रियाज ने अपने अविश्वास प्रस्ताव के लिए नियुक्त नए पीठासीन अधिकारी मार्टिन लकड़ा को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के कार्यालय में दिनांक 09/10/2024 को एक तीन पेज की कई बिंदुओं वाली आपत्ति प्रस्तुत की, जिसमें बोर्ड के तीन सदस्य इमरान मेमन, फ़िरोज़ ख़ान और फैज़ल रिज़वी के वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य के रूप में अधिवक्ता अज़ीमुद्दीन के द्वारा चुनौती देने की जानकारी याचिका पर 14/10/2024 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में लिस्ट होना है। अधिवक्ता अज़ीमुद्दीन की रिट याचिका 1947/2023 सिविल में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 27/04/2023 की प्रति भी लगाई है, जिसमें आदेशित किया गया है कि याचिका के लंबित रहने के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य वक़्फ़ बोर्ड द्वारा लिए गए सभी निर्णय उपरोक्त याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेंगे। आपत्तिकर्ता रियाज हुसैन छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड द्वारा अपनी आपत्ति में उच्च न्यायालय का हवाला देकर अविश्वास प्रस्ताव की कारवाई को आगे बढ़ाना आदेश की अवमानना बताया है। उक्त आपत्तियों के बावजूद देखने वाली बात है कि पीठासीन अधिकारी मार्टिन लकड़ा अवर सचिव पशुधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन क्या निर्णय इन आपत्तियों का करते हैं। पहली बार वक़्फ़ बोर्ड में आया अविश्वास प्रस्ताव गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में ये पहली बार है जब वक़्फ़ बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्ताव आया है। क्यों लाया गया है, कारण भी नहीं बताया गया, जबकि पूर्ववर्ती मामलों में कई भ्रष्टाचार के मामले होने के बाद भी कभी अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया गया। साफ़ सुथरी छवि वाले अध्यक्ष के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिसको लेकर मुस्लिम समाज में चर्चा का बाज़ार गर्म है। recent visitors 81

दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में हैं आरोपी, छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस टुटेजा को कोर्ट से नहीं राहत

रायपुर. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में हुए दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में प्रदेश के पूर्व आईएएस ऑफिसर अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अन्य दो आरोपी के खिलाफ यूपी में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही को रद्द करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने टुटेजा और अन्य की याचिका पर अपना फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामले में धन शोधन का केस रद्द कर दिया है, तो यूपी में शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई जारी रहेगी। टुटेजा और अन्य पर यूपी में दर्ज मुकदमा छत्तीसगढ़ के दो हजार करोड रुपए के शराब सिंडिकेट रैकेट के संचालन के आरोपों से जुड़ा है। ईडी ने 4 जुलाई 2023 को इस मामले में मनी लॉडिंग का केस दर्ज किया था। ईडी को जांच में नोएडा की एक कंपनी के बारे में जानकारी मिली है, जो छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग को होलोग्राम की आपूर्ति के लिए अवैध रूप से निविदायें दे रही थी। जानें क्या था मामला ईडी की रिपोर्ट के आधार पर यूपी में 30 जुलाई 2023 को अनिल टुटेजा और अन्य पर थाना कासना, ग्रेटर नोयडा में मुकदमा दर्ज किया गया था। 8 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की जुलाई 2023 की धन शोधन शिकायत को इस आधार पर खारिज कर दिया कि इसमें कोई पूर्व निर्धारित अपराध नहीं था। इसके बाद मामले में चार आरोपियों यानी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास ने यूपी पुलिस की एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। recent visitors 83