आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, छत्तीसगढ़-रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने किया राजभवन का निरीक्षण

रायपुर. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन का निरीक्षण किया। उन्होंने सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया और जानकारी ली। राज्यपाल डेका ने राजभवन के दरबार हॉल, सभाकक्ष, निवास कार्यालय सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उप सचिव हिना नेताम एवं राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। पूर्व लोकसभा सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव रहे 70 वर्षीय डेका ने मौजूदा राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन का स्थान लिया है। हरिचंदन पिछले वर्ष फरवरी में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल नियुक्त हुए थे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने डेका को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थे। छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय मती चंपाबती डेका है। उनके परिवार में उनकी पत्नी मती रानी डेका काकोटी और दो बच्चे हैं। उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की है। रमेन डेका एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। वे सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय हैं। वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। डेका 2021 अगस्त महीने से असम राज्य के नवाचार एवं रूपांतरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे हैं। recent visitors 109

कल से मिल सकती है राहत, छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश

रायपुर/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जगहों पर आज सुबह से ही बारिश हो रही है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश के आसार हैं। वहीं गुरुवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। हालांकि इस बीच मानसून की सक्रियता की वजह से हल्की मध्यम बारिश होती रहेगी। आज सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सात अगस्त को प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बौछारें पड़ सकती है। वही आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि और तीव्रता में कमी आने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, आज सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक दो जगह पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं राजधानी रायपुर में सुबह से ही हल्की मध्यम बारिश हो रही है। यहां गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अब बीकानेर, शिकार, ग्वालियर, सतना, गया से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इसके साथ एक चक्रवर्ती परिसंचरण गांगीय पश्चिम-बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 और 7.6 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।   recent visitors 107

जिला आयुर्वेद अधिकारियों और आयुष ग्राम डॉक्टर्स की हुई कार्यशाला, छत्तीसगढ़ में 146 आयुष ग्राम बनेंगे

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के आयुष संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेद अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश में 146 आयुष ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जेएसीएस राव ने कार्यशाला में आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों को सर्वसुलभ औषधीय पौधों के रोपण एवं उपलब्ध बाजार की जानकारी दी। उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को प्रदर्शित कर इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में विस्तार से बताया। आयुष विभाग के सहायक संचालक-सह-राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गजेन्द्र बघेल ने कार्यशाला में आयुष ग्राम की परिकल्पना और वहां संचालित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बिलासपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. विद्याभूषण पाण्डेय ने प्रतिभागी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुष की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है। कार्यशाला में आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास और उप संचालक डॉ. एसी किरण सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। recent visitors 121

छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव बोले-बच्चे की पहली पाठशाला है परिवार, मेगा पालक शिक्षक बैठक में पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बंदरचुंआ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मेगा पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों से कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने। बच्चों के माता पिता के साथ कुछ बच्चों के दादा दादी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  परिवार किसी भी बच्चे की पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु। शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक संवाद का कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिले और बच्चे के शैक्षणिक प्रगति में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने बताया कि आज स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत सी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि अपने बच्चों के शिक्षकों से सतत संपर्क में रहें। इससे बच्चे के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिलेगी ही साथ ही आपकी सहभागिता से बच्चे के गलत संगत में जाने की आशंका भी नही होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पालकों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साढ़े पांच हजार संकुलों में मेगा पालक शिक्षक मीटिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री महोदय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात रखी कि प्राइवेट स्कूल में पीटीएम आयोजित होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में यह नही होता है। इसे हमें लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह पालक शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। यह बच्चे के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य है पढ़ाई लिखाई और स्कूली गतिविधियों में शिक्षकों के साथ पालकों की सहभागिता हो। दादा ने बताया-मैं भी यहां से पढ़ा मेरा पोता भी यहीं से पढ़ रहा – डोंडापानी के श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि वे खुद इसी स्कूल से पढ़े हैं और अब उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है। वहीं दूसरा पोता अभी जीव विज्ञान विषय के साथ कक्षा 11वीं में है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में एक शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक कहते थे मैं आपको तो पढ़ा ही रहा हूं आपके साथ आपके बच्चों की अच्छी शिक्षा का माध्यम भी बन रहा हूं क्योंकि आप शिक्षित होंगे तो आपका बच्चा भी निश्चित रूप से शिक्षित होगा। पालक शिक्षक के बीच संवाद से बच्चे के शिक्षा के स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग होगी और उनकी नींव मजबूत होगी। इसी प्रकार फिलसिता कुजूर ने बताया कि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं लेकिन अपनी पोती को अच्छे से पढ़ाने लिखाने का प्रयास कर रहे हैं। पालक शिक्षक बैठक सभी पालकों को उनके बच्चों के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे वे घर में भी बच्चों पर मेहनत कर पाएंगे। recent visitors 100

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी बैठक सम्पन्न, छत्तीसगढ़ के राजभवन में 14 को स्वागत समारोह

रायपुर. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2024 को राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामय उपस्थिति में राजभवन में शाम को ‘‘स्वागत समारोह‘‘ का  आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश की रक्षा के लिए शहादत करने वाले सैनिकों के परिजनों, पद्मश्री, पद्मभूषण से सम्मानित राज्य के नागरिकों, जनप्रतिनिधियोें सहित गणमान्य नागरिकांे एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। राजभवन में राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार की अध्यक्षता में स्वतंत्रता समारोह के सुचारू आयोजन के लिए आज बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजभवन परिसर एवं आस-पास की साफ-सफाई, दीवालों में रंग रोगन, वर्षा को देखते हुए मैदान का समतलीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार परिसर स्थित उद्यान की साफ-सफाई, राजभवन में रोशनी की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण व्यवस्था, सुचारू बिजली व्यवस्था, आमंत्रण पत्र वितरण, अतिथियों की बैठक व्यवस्था, अतिथियों के आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश सचिव ने संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में राज्यपाल के उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अधिकारी रायपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, नगर-निगम, लोक निर्माण विभाग, सी.एस.ई.बी. एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 104

BJP ने बैज के बयान पर किया पलटवार, छत्तीसगढ़ में कांवड़ियों पर फूल बरसाने से कांग्रेस के पेट में हो रहा दर्द

रायपुर. छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से ही सनातन धर्म विरोधी रही है। कांवड़ यात्रियों परमुख्यमंत्री साय के हाथों हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा किए जाने पर कांग्रेसियों की टिप्पणी को सनातन विरोधी प्रलाप बताकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के स्वागत में 2 किलोमीटर तक 6 हजार किलो गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सामंती चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियो को कांवड़ यात्रियों के पुष्पवर्षा से स्वागत और अभिनंदन पर पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसियों की राजनीतिक दुकान सनातन विरोध और हिन्दुत्व के प्रति घृणा से सजी है और रह-रहकर अपनी इन दुकानों में बैठकर सनातन संस्कृति के खिलाफ विष-वमन करते रहना कांग्रेसियों की लत में शुमार है। भूपेश सरकार के राज में इलाज के अभाव में प्रदेश के 39 हजार बच्चों की मौत से कलंकित कांग्रेस आज डायरिया के नाम पर घड़ियाली आxसू बहाकर ओछी राजनीति कर रही है, जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार इस बीमारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के तमाम उपायों पर पूरी संजीदगी और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। 'कांग्रेस विचारों से पूरी तरह से कंगाल' रामजी भारती ने ने कहा कि सनातन के खिलाफ खुद को खड़ा बताने के लिए अब कांग्रेसी कार्ल मार्क्स के धर्म को अफीम बताए जाने तक को जस्टीफाई करने में जरा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। इससे यह भी साफ हो गया है कि वामपंथियों के रचे चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस विचारों से पूरी तरह से कंगाल हो चुकी है कि अब वामपंथ के उधार के विचारों की बैसाखी पर अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के ये घृणित उपक्रम कांग्रेस की नियति हो चले हैं। प्रियंका के स्वागत में दो किलोमीटर तक बिछाया था फूल भारती ने कहा कि कभी प्रदेश की राजधानी में प्रियंका वाड्रा के स्वागत में 2 किलोमीटर तक की सड़क को 6 हजार किलोग्राम गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों से कालीन की तरह सजाकर अपने सामंती चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियो को आज काँवर यात्रियों का पुष्पवर्षा से स्वागत और अभिनंदन करने पर पेट में रह-रहकर मरोड़ उठ रहा है! यह पाखंड कांग्रेस के सनातन और हिन्दुत्व विरोधी राजनीतिक चरित्र को बेनकाब करने के लिए पर्याप्त है। 'हिन्दुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना कांग्रेस का डीएनए' उन्होंने कहा कि सनातन और हिन्दुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना ही कांग्रेस का डीएनए है। कांग्रेस कभी संसद में हिन्दुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बताती है तो कभी सनातन संस्कृति को लेकर बेसिर-पैर की बातें करती रही है। हर मौके पर पूरे देशभर में कांग्रेसियों ने अपनी राजनीतिक दुकानदारी चलाने के लिए हिन्दुत्व और सनातन संस्कृति के प्रति केवल नफरत को बेचने का काम किया है। यह न केवल कांग्रेस, बल्कि उसके नेतृत्व वाले इंडी ठगबंधन के सहयोगी दल भी यही कर रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे और वहां के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन संस्कृति को मच्छर से फैलने वाली डेंगू, मलेरिया बताकर उसके नष्ट होने की बात कही थी। इतना ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे ने उदयनिधि के बयान को सही ठहराया था। कांग्रेस के कर्नाटक से सांसद डी.के. सुरेश ने तो देश विभाजन तक की बात कहकर अपने दुस्साहस का परिचय दे चुके हैं। recent visitors 114

रायपुर-बिलासपुर और दुर्ग संभाग में जमकर बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में आज से अच्छी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से मौसम का मिजाज बदलेगा। दो दिनों तक बारिश थमने के बाद मंगलवार को एक बार फिर मानसून की गतिविधियां सक्रिय होने की संभावना है। आज मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश के आसार हैं। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अगस्त को रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश के आसार हैं। साथ ही कुछ जगहों पर गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज कुछ दिनों तक ऐसे ही रहने की संभावना है। दो दिनों तक बारिश थमने के बाद फिर मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। अब पूरे अगस्त बारिश की संभावना है। बीते दिनों सोमवार को मानसून सामान्य रहा। रविवार और सोमवार को बारिश थम सी गई थी। हालांकि इस बीच कुछ जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हुई है। रायपुर में धूप निकाने की वजह से उमस बढ़ी, लेकिन रात के समय मानसून की वजह से ठंड लगने लगी। आज राजधानी रायपुर समेत प्रदेश कई जिलों में बारिश की संभावना है। recent visitors 122