मक्का-मदीना में आई बाढ़, सऊदी अरब में ओले-तूफान और भारी बारिश

रियाद। सऊदी अरब का जब जिक्र होता है तो हमारे दिमाग में मक्का, मदीना और रेगिस्तान की तस्वीर बनती है। लेकिन अब यहां के हालात बदल गए हैं। भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ आ गई है। मक्का और मदीना के ज्यादातर हिस्सों में खास तौर से जेद्दा शहर और गवर्नरेट के अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तूफान के साथ भारी बारिश हुई। बारिश के बाद आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो बारिश बुधवार को भी जारी रह सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में शहर आंशिक रूप से जलमग्न दिखाई दे रहे हैं। लाखों मुस्लिम आते हैं हज और उमरा करने सऊदी अरब में मक्का मदीना बेहद पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां दुनियाभर से हर वर्ष लाखों मुसलमान हज और उमरा करने के इन शहरों में आते हैं। मगर इन दिनों भयंकर बारिश ने पूरे सऊदी का माहौल बदल दिया है। भारी बारिश के कारण सऊदी के कई शहर डूब गए हैं। आगे भी ऐसी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की गई है। नेशनल मीटियोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने इस सप्ताह के लिए मध्यम से भारी बारिश, गरज और धूल भरी आंधी का अनुमान व्यक्त किया है। पिछले एक घंटे में बारिश के लिए कई येलो वेदर वॉर्निंग जारी की गई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस बारिश में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका अल-उला और अल-मदीना है। अल-मदीना में मुस्लिमों का सबसे पवित्र स्थल मस्जिद-ए-नबवी है, जहां की वीडियो काफी वायरल हो रही है। वीडियो में मस्जिद के अंदर तेज बारिश के साथ पानी भरा हुआ दिख रहा है। राज्यों में कई जगहों पर आने-जाने की मनाही है और इसके साथ ही स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की प्रशासन ने चेतावनी जारी कर लोगों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। आपातकालीन सेवाएं किसी भी घटना के जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह स्थिति कुछ और दिनों तक बनी रहेगी। वे लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौसम की घटनाओं के प्रभाव को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। recent visitors 62

दिवाली पर जहां ठंड की शुरूआत, 3 नवंबर से बदल जाएगा मौसम, 10 राज्यों में आंधी-तूफान, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली दिवाली पर जहां ठंड की शुरूआत हो जाती है वहीं दिल्ली-NCR में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'दाना' का असर और कई क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से दक्षिण ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसी बीच, IMD ने 29 अक्टूबर से 3 नवंबर के लिए देशभर के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर भारत में ठंड का असर, दक्षिण और मध्य भारत में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में धीरे-धीरे ठंड का असर बढ़ने लगेगा। वहीं, दक्षिण भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण-गोवा, लक्षद्वीप, लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली-NCR: ठंड के संकेत दिल्ली-NCR में दिवाली के बाद गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, 15 नवंबर के बाद सुबह-शाम के तापमान में गिरावट होगी और ठंड के चलते लोगों को गर्म कपड़े पहनने की जरूरत पड़ सकती है। 5 नवंबर तक दिल्ली का मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद ठंड बढ़ने लगेगी। तापमान और मौसम का हाल 29 अक्टूबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.87 °C दर्ज किया गया। दिन में न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 23.05 °C और 34.47 °C रहने का अनुमान है। हवा में 33% नमी और 33 किलोमीटर प्रति घंटे की गति है। दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:31 बजे और सूर्यास्त शाम 5:38 बजे हुआ। कल, 30 अक्टूबर को राजधानी का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 27.16 °C और 35.5 °C रहने की संभावना है। आगामी ठंड: ला नीना का प्रभाव वैश्विक मौसम संगठन ने नवंबर से फरवरी तक उत्तर भारत में सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना जताई है, जिसका कारण ला नीना के सक्रिय होने को माना जा रहा है। हालाँकि, इस पर IMD का आधिकारिक अपडेट अभी नहीं आया है। recent visitors 111

मौसम विभाग ने दी चेतावनी, छत्तीसगढ़-सरगुजा और बिलासपुर संभाग में होगी भारी बारिश

सरगुजा और बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून एक्टिव होने की संभावना है। इससे अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। आज शुक्रवार से दिनों तक सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं गुरुवार को मानसून सामान्य रहा। प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल में एक  निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी तीन दिनों तक अधिकांश जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वही सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, चक्रवती परिसंचरण की वजह से निम्न दाब क्षेत्र बन रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी हुई है। राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। रायपुर में शाम के समय गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के एक-दो जिलों में सुबह से बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में आज शुक्रवार को अनेक जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक दो जगह पर गरज चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है। यहां बन रहा सिस्टम समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका गंगानगर, रोहतक, दिल्ली, कानपुर, पुरुलिया और दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य भाग तक स्थित है। दूसरी ओर एक चक्रवर्ती परिसंचरण दक्षिण बांग्लादेश और उसे सेट गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक स्थित है। वह ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है इसके प्रभाव से अगली 24 घंटे के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। सामान्य रहा मानसून गुरुवार को प्रदेश में मानसून सामान्य रहा। प्रदेश के अनेक जगहों पर हल्की मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं तीन जगह पर भारी बारिश हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश शक्ति जिला के डबरा में हुई है, यहां 9 सेमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान बलरामपुर में 33.5 और सबसे कम न्यूनतम तापमान नारायणपुर में 19.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। recent visitors 92

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी तूफान व बिजली कड़कने का भी अलर्ट

लखनऊ उत्तर भारत समेत देशभर के विभिन्न हिस्सों में अगले सात दिनों तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, कई जगह आंधी तूफान व बिजली कड़कने का भी अलर्ट है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान में एक हफ्ते तक बारिश होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 9 और 10 अगस्त, उत्तराखंड में 11, पूर्वी राजस्थान में 9-11 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने जा रही है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9-15 अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ में 9-12 अगस्त, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9-13 अगस्त, जम्मू कश्मीर में 10, 11, 14 और 15 अगस्त को मूसलाधार बरसात होने जा रही है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, कोंकण, गोवा, गुजरात में एक हफ्ते तक तेज बारिश जारी रहने वाली है। इसके अलावा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र, कच्छ में भी हफ्तेभर तक बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 9, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को तेज बारिश होगी। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 अगस्त, मेघालय में 9 और बिहार में 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार में भी 9-15 अगस्त, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 9-11 अगस्त, ओडिशा, झारखंड में 9 और 10 अगस्त और 13-15 अगस्त को भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, दक्षिण भारत में भी आने वाले दिनों में तेज बारिश जारी रहने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु में 9-13 अगस्त, केरल में 11-14 अगस्त, तटीय कर्नाटक में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। recent visitors 97

कल से मिल सकती है राहत, छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश

रायपुर/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जगहों पर आज सुबह से ही बारिश हो रही है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश के आसार हैं। वहीं गुरुवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। हालांकि इस बीच मानसून की सक्रियता की वजह से हल्की मध्यम बारिश होती रहेगी। आज सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सात अगस्त को प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बौछारें पड़ सकती है। वही आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि और तीव्रता में कमी आने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, आज सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में एक दो जगह पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं राजधानी रायपुर में सुबह से ही हल्की मध्यम बारिश हो रही है। यहां गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अब बीकानेर, शिकार, ग्वालियर, सतना, गया से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इसके साथ एक चक्रवर्ती परिसंचरण गांगीय पश्चिम-बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 और 7.6 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।   recent visitors 102

टोंक में 321MM पानी बरसा, राजस्थान के शाहपुरा-भीलवाड़ा और बूंदी में मूसलाधार बारिश

जयपुर. राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। बीते 24 घंटों में टोंक जिले में सबसे ज्यादा 321 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा शाहपुरा में 213, बूंदी में 226, भीलवाड़ा में 206, अजमेर में 155, बारां में 185 और बूंदी में 190 एमएम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश भागों में आज आद्रता की मात्रा 75 से 100 प्रतिशत तक है, जिससे आने वाले 24 घंटों में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं। राजस्थान की लाइफ लाइन माने जाने वाले सबसे बड़े बीसलपुर बांध में भी पानी की जोरदार आवक शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार बीसलपुर में फिलहाल करीब 50 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के अन्य बांधों में भी जबरदस्त आवक हो रही है। तेज आवक के चलते कोटा बैराज, कालीसिंध और पांचना बांध के गेट खोल दिए गए हैं। कालीसिंघ के 4, कोटा बैराज के 3 और पांचना बांध का एक गेट खोल दिया गया है। recent visitors 158

पहाड़ दरकने से घरों के पास पहुंचे पत्थर, राजस्थान-अजमेर में भारी बारिश

अजमेर. अजमेर संभाग में मानसून सक्रिय है। शुक्रवार को अजमेर जिले की मार्बल नगरी किशनगढ़ के राजारेडी क्षेत्र में पहाड़ दरक गया और पानी के साथ पत्थर बहकर कॉलोनी में आ पहुंचे। बीते दो दिनों से अजमेर सहित आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण ही किशनगढ़ की राजारेडी क्षेत्र में पहाड़ दरकने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अजमेर जिले के किशनगढ़ में 59 एमएम बारिश दर्ज की गई। ज्यादातर इलाकों में कल सुबह से बारिश का दौर शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। रात में गर्जना के साथ हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की, वहीं लैंड स्लाइड होने से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। अजमेर जिले की मार्बल नगरी किशनगढ़ के राजारेडी क्षेत्र में पहाड़ दरक गया और पानी के साथ पत्थर बहकर कॉलोनी में आ पहुंचे। बीते दो दिनों से अजमेर सहित आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। recent visitors 113