CM यादव ने कहा कि 21वीं सदी बौद्धिक युग की अग्रणी सदी है, आईटी सेक्टर में प्रदेश को मिली बड़ी उपलब्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21वीं सदी बौद्धिक युग की अग्रणी सदी है। कॉग्निजेंट कंपनी के आगमन से मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा 18 एवं 19 वीं सदी खाद्य और कपास से आर्थिक विकास से जुडी थी। 20 वीं सदी पेट्रोकेमिकल से आर्थिक विकास का युग रहा। आज चहुँओर बौद्धिकता का बोलबाला है। दुनिया, भारत के ज्ञान का लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि आईटी कम्पनियों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार सदैव तत्पर है। ये हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि कॉग्निजेंट ने अपने नए केंद्र के शुभारंभ के लिए इंदौर को चुना है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे जाहिर होता है कि इंदौर अपने बढ़ते इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल एवं प्रतिभाशाली लोगों की मौजूदगी की वजह से दुनिया भर की टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ी तेजी से पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है। आईटी सेक्टर में आज इंदौर के साथ ही प्रदेश को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली। लगभग 500 की संख्या में आईटी प्रोफेशनल्स को यहां रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी कम्पनी कॉग्निजेंट के इन्दौर सेन्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम लगातार नई तकनीकी कंपनियों एवं उद्योगों को स्थापित करने में अपना सहयोग देने, व्यवसायों के लिए नए-नए अवसर पैदा करने के इरादे पर अटल हैं। हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते है जिससे इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी का लगातार विकास हो, जो हमारे राज्य को देश के अगले डिजिटल केंद्र के रूप में आगे बढ़ाते हुए हमारे युवाओं के लिए अवसर पैदा करें। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, चिंटू वर्मा, प्रमुख सचिव संजय दुबे, संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता, कलेक्टर आशीष सिंह सहित गणमान्यजन, कॉग्निजेंट के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। कॉग्निजेंट अमेरिका के ईवीपी एवं अध्यक्ष सूर्या गुम्मादी ने कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर शहर के मध्य में ब्रिलियंट टाइटेनियम में स्थित कंपनी का यह नया सेंटर 46 हजार वर्ग-फीट में फैला हुआ है। सेक्टर में 500 लोगों की बैठने की क्षमता है, यहॉ कामकाज के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया है। इसी वजह से यहाँ 1250 एसोसिएट्स काम कर सकते हैं। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए इस केंद्र में परस्पर सहयोग के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन वर्क स्पेस मौजूद है, साथ ही यहाँ 110 सीटों वाला कैफ़ेटेरिया, वेलनेस के लिए विशेष स्थान तथा गर्भवती महिलाओं के लिए खास सुविधाओं वाली जगह भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा इन्दौर बेहद प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्टता मिसाल कायम करने वाले शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी के साथ बड़ी तेजी से टेक्नोलॉजी के केंद्र के तौर पर उभर रहा है। लोगों को सबसे ज्यादा अहमियत देने की कॉग्निजेंट सेंटर की अपनी संस्कृति को इस शहर में लाकर हमें बेहद खुशी हो रही है। इंदौर पूरे भारत में मौजूद हमारे मौजूदा डिलीवरी नेटवर्क से बड़े ही सहज तरीके से जुड़ जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी दुनिया भर में मौजूद अपने ग्राहकों के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस पर विशेष ध्यान देगा। स्थानीय प्रतिभाओं के लिए नए-नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही हमारे कार्यालयों को हमारे एसोसिएट्स के निवास स्थान के करीब लाएगा। कॉग्निजेंट कंपनी अलग-अलग उद्योगों के 30 स्टेकहोल्डर्स को अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही कॉग्निजेंट आधुनिक व्यवसायों के इंजीनियर हैं। अपने ग्राहकों को तेजी से बदलती दुनिया में आगे रहने के लिए टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करने तथा अनुभवों को और अधिक बेहतर करने में मदद करती हैं। कंपनी दुनिया भर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ एवं बीमा, संचार मीडिया, लाइफ साइंसेज, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, एनर्जी एवं यूटिलिटी, खुदरा एवं उपभोक्ता वस्तुएँ, तथा ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी जैसे अलग-अलग उद्योगों के 30 स्टेकहोल्डर्स को अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही है। इस केंद्र में काम करने वाले एसोसिएट्स कई अलग-अलग तरह की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर काम करने में सक्षम हैं, जिनमें एआई, एमएल, आईओटी, और डिजिटल इंजीनियरिंग शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को बढ़ावा देते हैं। कॉग्निजेंट में 3 लाख 36 हजार 300 कर्मचारी कार्यरत इसमें 70 प्रतिशत से ज़्यादा एसोसिएट्स भारत में दुनिया भर में कॉग्निजेंट के कर्मचारियों की संख्या 3 लाख 36 हजार 300 है, जिनमें से 70 प्रतिशत से ज़्यादा एसोसिएट्स भारत में हैं। कंपनी इंदौर के अलावा बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चेन्नई, कोयंबटूर, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, मंगलुरु, मुंबई और पुणे में भी मौजूद है। कॉग्निजेंट दुनिया की सबसे बड़ी व्यवसायिक सेवा कंपनी में से एक है, जो अपनी सेवाओं के ज़रिये 20 अलग-अलग तरह के उद्योगों से जुड़े संगठनों को तेजी से बदलती दुनिया में आगे रहने के लिए टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करने तथा अनुभवों में बदलाव लाने में मदद करती है। कंपनी का मुख्यालय अमेरिका में स्थित है, जो भारत से लेकर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और मध्य-पूर्व तक बड़ी तेजी से अपने दायरे का विस्तार कर रही है। कॉग्निजेंट अपने लोगों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने में निवेश करने के संकल्प पर कायम है, जो वर्तमान के साथ भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक है।   recent visitors 104

मुख्यमंत्री ने गुरूदेव शिक्षा केन्द्र का उद्घाटन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेवा एवं दान के सुख और आनंद को शब्दों में परिभाषित करना कठिन है।  सेवा एवं दान का आनंद और सुख आत्मिक अनुभूति का विषय है। दान एवं सेवा का सुख और आनंद की अनुभूति हम कर्म करके ही प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के राऊ स्थित डीपीएस स्कूल में जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित गुरूदेव शिक्षा केन्द्र इंदौर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा का दान सबसे बड़ा दान है। ईश्वर की सच्ची पूजा वंचित वर्गों की सेवा एवं उनके कल्याण के कार्य हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को लेकर शिक्षा का प्रसार किया जाना चाहिए। जो संस्थाएं ऐसे कार्यों में लगी हैं उनके कार्य सराहनीय है। उन्हीं में से एक संस्था जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी भी है। उन्होंने कहा कि इस संस्था द्वारा कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, यह संस्था बधाई की पात्र है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा,सुउषा ठाकुर तथा गोलू शुक्ला, अभिषेक मोहन गुप्ता भी विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को गणवेश एवं पठन-पाठन सामग्री वितरित की। उन्होंने पौध-रोपण भी किया। कार्यक्रम में प्राचार्य श्रीमती आशा नायर ने स्वागत भाषण दिया। शिक्षा केन्द्र की डीन श्रीमती मेघा मुक्तिबोध ने "एक यात्रा सपने से अपनों तक" के माध्यम से गुरुदेव शिक्षा केन्द्र के बारे में जानकारी दी। केन्द्र के वायस चेयरमेन हरिमोहन गुप्ता ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि अभावग्रस्त बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए गुरुदेव शिक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। recent visitors 63

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन

ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी कर रही है प्रोत्साहित वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल का 11 वाँ दीक्षांत समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संपूर्ण विश्व तेजी से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित हो रहा है। पेट्रोल, औद्योगिक क्रांति की धुरी रहा है, परंतु नॉलेज अर्थात ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा बहुत समृद्ध रही है। इसी का परिणाम रहा कि आक्रांताओं ने हमेशा हमारे ज्ञान के केन्द्रों को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट करने की कोशिश की। भारत अपनी ज्ञान परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बनने के मार्ग पर अग्रसर है। विज्ञान शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ शोध, अनुसंधान और नवाचार को भी देश में बहुत महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अकादमिक क्षेत्र में मध्य प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, आईसर, ट्रिपल आईटी, एनआईटी और आईआईएफएम जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान विद्यमान है। भोपाल में स्थापित हो रहा राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का परिसर राष्ट्रीय महत्व का है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की भोपाल में उपस्थिति प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अपने स्तर पर प्रयास करने के साथ-साथ निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में आरंभ हुए पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस निश्चित ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के 11वें दीक्षांत समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। युवा शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज हित में करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के पास टेलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का अनूठा संगम है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान जैसे केंद्रों के माध्यम से देश युवा शक्ति को श्रेष्ठतम शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। इन संस्थानों से मिलने वाली डिग्री युवाओं की प्रतिभाओं का बड़ा सम्मान है। इससे समाज में उनकी विशेष पहचान स्थापित होती है। युवाओं का यह कर्तव्य है कि प्राप्त शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज के हित में हो। मध्यप्रदेश ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में देश के लक्ष्य के अनुरूप कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए 6 ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। आईआईटी गांधी नगर के साथ मिलकर विज्ञान के लोकव्यापीकरण के लिए नवीन कार्यक्रम आरंभ किया गया है। आईआईटी इंदौर के माध्यम से उज्जैन में भी सेटेलाइट टाऊन की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और यह विश्वास है कि हम विश्व के विकसित देश के रूप में अपना स्थान स्थापित करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की पहचान : केंद्रीय मंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में पदक और उपाधियां प्राप्त करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि भारत में जिज्ञासा, शोध और सीखने की संस्कृति और प्रवृति के परिणाम स्वरूप ही देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययनरत हैं। संस्थान ने विज्ञान शिक्षा में देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विद्यार्थियों के अध्ययन, शोध और अनुसंधान का अधिकतम लाभ देश के लोगों के कल्याण में हो। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमी-कंडक्टर और स्पेस सेक्टर को दिया जा रहा है प्रोत्साहन केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने फॉसिल फ्यूल के उपयोग को घटाकर नवकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और उसके भांडाण के लिए शोध को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारत सरकार इस दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को विभिन्न भागों में बांट कर देखने की बजाए समग्र मानव कल्याण की दृष्टि से देखना आवश्यक है। भारत को-2047 तक विकसित भारत के रूप में स्थापित करने के लिए नवाचार करने होंगे। हमारी सरकार शोध और अनुसंधान के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार ने इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को अनुमोदन प्रदान किया है और इसके लिए 10 हजार 300 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान भी किया गया है। भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के हब के रूप में भी विकसित किए जाने की योजना है। देश को वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य है। भारत का सेमी-कंडक्टर मिशन-2021 में आरंभ किया गया था। भारत में इस क्षेत्र में तीन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। स्पेस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलना बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि नवाचार,शोध और विकास को प्रोत्साहित करने केन्द्र सरकार अपना दायित्व मानती है। छात्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान परिसर में शैक्षणिक भवन और व्याख्यान कक्ष का शिलान्यास किया तथा संस्थान की शैक्षणिक शोभा यात्रा में शामिल हुए। संस्थान का 11वां दीक्षांत समारोह सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिवादन अंग वस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। संस्थान के निदेशक डॉ. गोवर्धन दास ने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, प्रवीणता पदक और सर्वश्रेष्ठ थीसिस के लिए छात्रों को सम्मानित किया। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विद्यार्थी अपनी उपाधियों का उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विज्ञान, शिक्षा सहित विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है।   recent visitors 56

मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण

महिलाओं की औद्योगिक गतिविधियों में सफलता उनकी सामर्थ्य का परिचायक हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण राज्य शासन महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला उद्यमियों ने बांधी राखी 99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का किया वर्चुअली भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमी सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में महिलाएं शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक मानी गई हैं। रानी लक्ष्मी बाई, देवी अहिल्या और रानी दुर्गावती ने पराक्रम और अपनी क्षमता के कई उदाहरण आज भी प्रेरणा के स्त्रोत हैं। बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की समाज के लिए प्रतिबद्धता को पहचानते हुए ही लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। राज्य सरकार भी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। वह दिन दूर नहीं है जब महिलाएं केवल उद्यमी ही नहीं, अपितु उद्योग मंत्री भी बनेंगी। प्रदेश में महिला उद्योगपतियों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल करने के साथ आवश्यक प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंगल क्लिक से राशि सीधे खातों में जारी करना और एक साथ औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन, बिना विलंब के त्वरित कार्य की भावना को व्यवहार में लाने की प्रक्रिया का भाग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में महिला उद्योगपति व उद्यमी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राशि का अंतरण और लोकार्पण-भूमिपूजन हुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक से 275 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया। साथ ही 99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश की उद्यमी बहनों की ओर से सात बहनों ने राखी बांधी और विशाल राखी भी भेंट की गई। इस अवसर पर सावन उत्सव भी मनाया गया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। महिला उद्यमी सुशिवानी झरिया, सुकुमुद तिवारी, सुसीमा मिश्रा ने उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी पहल से संबंधित अनुभव साझा किए। महिला उद्यमियों के लिए होंगी विशेष कार्यशालाएं : सभी को आगे बढ़ने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला उद्यमियों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही उनके द्वारा उद्यम संचालन के लिए विशेष भवनों के निर्माण पर भी राज्य सरकार विचार कर रही है। सभी को आगे बढ़ने का मौका मिले, इस उद्देश्य से प्रदेश में सभी वर्गों को साथ लेकर औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य किया जा रहा है। उद्यमियों और उद्योगपतियों के विभिन्न संगठन भी इस प्रक्रिया में साथ है। प्रदेश में 4 हजार 445 स्टार्टअप में से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड 4 हजार 445 स्टार्टअप में इनमें से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो कुल स्टार्टअप का 47 प्रतिशत है। महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को प्रोत्साहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिला उद्यमी संगठन भी सम्मेलन में हुए शामिल महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल हुए।   recent visitors 120

मुख्यमंत्री ने देशभक्ति गीत गाकर किया वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल के बड़े तालाब में देश का सबसे बड़ा तिरंगा लगाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर आजादी के पर्व पर उत्साह, उमंग और जोश के साथ हर घर तिरंगा अभियान मनाया जा रहा है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और तिरंगा सदा से ही हमारे लिए संघर्ष, परिश्रम और प्रगति का प्रेरणा स्रोत रहा है। हर घर तिरंगा अभियान में सभी लोग देशभक्ति के आनंद से अभिभूत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब पर आयोजित तिरंगा यात्रा के अवसर पर मीडियाकर्मियों से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मध्य प्रदेश टूरिज्म के नवीनीकृत फूड कॉर्नर लहर फास्ट का फीता काटकर तथा पूजन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, सहित जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। देश भक्ति की धुनो के बीच तिरंगे के साथ बड़े तालाब में नावों से बनाई विशेष फॉर्मेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे जोश के साथ देशभक्ति गीत "यह देश है वीर जवानों का" गाया और बड़े तालाब में नावों पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर स्पोर्ट्स तिरंगा शो के अंतर्गत बड़े तालाब पर लेक प्रिंसेस क्रूज में ध्वज अभिवादन किया और तिरंगे गुब्बारे छोड़े। मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स बोट में तिरंगा लेकर परेड की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लहराकर सभी का उत्साहवर्धन किया है। वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों द्वारा बड़े तालाब में देश भक्ति की धुनो के बीच तिरंगे के साथ नावों के माध्यम से विशेष फॉर्मेशन भी निर्मित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भोपालवासियों ने वॉटर स्पोर्ट्स तिरंगा परेड का आनंद लिया।   recent visitors 77

CM महिला उद्यमियों द्वारा संचालित उद्योगों का और लोकार्पण और 10 से अधिक उद्योगों का भूमिपूजन भी करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 13 अगस्त को महिला उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया है कि कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब 80 से अधिक उद्योगों का और लोकार्पण और 10 से अधिक उद्योगों का भूमिपूजन भी करेंगे। मंत्री काश्यप ने आज सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की और आयोजन में सभी व्यवस्थाएं बहनों के अनुकूल उत्कृष्ठ करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डा यादव को बहने राखी बांधेंगी। सम्मेलन में प्रदेश की 800 से अधिक महिला उद्यमी बहनें शामिल होंगी। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता और स्टार्टअप पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रसारण भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ महिला उद्यमी अपने अनुभव भी साझा करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को प्रतीकात्मक रूप से ऋण वितरित करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण क्षेत्रीय टीवी न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किया जायेगा। महिला सशक्तिकरण के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें तीन-तीन सफल महिला स्टार्ट-अप के साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएंगे। महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल होंगे।   recent visitors 68

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले केवल शासकीय न बने हर घर तिरंगा अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से पूरे उत्साह और सबकी भागीदारी के साथ हर घर तिरंगा अभियान मनाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए कठिन संघर्ष और उनके बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर घर तिरंगा अभियान के साथ हम एक बार फिर स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत विश्व में अपनी पहचान बना रहा है, भारत को दुनिया का नम्बर वन देश बनाने और मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम न बने, हम सभी गलियों, मोहल्लों और कालोनियों के हर घर पर तिरंगा लहराने का प्रण लें। तिरंगा हमारे स्वाभिमान का आधार और देश को विशेष पहचान दिलाने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर तिरंगा अभियान के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आजादी के 78वें वर्ष में हमारा यह प्रयास हो कि माताओं-बहनों और युवाओं को प्रगति के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।   recent visitors 74