मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फैसले को बताया ऐतिहासिक, गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाया, किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल केंद्र सरकार के गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय देश के चावल उत्पादकों को भरपूर राहत देने वाला साबित होगा। मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक किसानों को लाभ होगा। पिछले 10 सालों में 2015 से वर्ष 2024 तक 12,706 करोड़ रूपये का चावल निर्यात हुआ है। सबसे ज्यादा 3634 करोड़ का चावल निर्यात इसी साल हुआ है। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय की 28 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात के लिए 490 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारबॉइल्ड और ब्राउन चावल पर निर्यात शुल्क को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि निर्यात में सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो देश और मध्यप्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने में मदद करेगा। केन्द्र सरकार के इस फैसले का लाभ मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को होगा। राज्य के प्रमुख चावल उत्पादन क्षेत्रों में जबलपुर, मंडला, बालाघाट और सिवनी शामिल हैं। ये अपनी उच्च गुणवत्ता वाले जैविक और सुगंधित चावल के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें मंडला और डिंडोरी के जनजातीय क्षेत्रों का सुगंधित चावल और बालाघाट के चिन्नौर चावल को जीआई टैग प्राप्त है। इस पहचान के कारण यहां के चावल को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लोकप्रियता मिली है। मध्यप्रदेश से चावल के प्रमुख निर्यात बाजारों में चीन, अमेरिका, यूएई और यूरोप के कई देश शामिल हैं। इस निर्णय से न केवल राज्य के चावल उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के उत्पादों को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के चावल उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक वृद्धि देखी है। इन सालों में 200 से अधिक नई चावल मिलों की स्थापना हुई है। इस फैसले से प्रदेश के किसानों और निर्यातकों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अब वे अपने चावल को न्यूनतम निर्यात मूल्य से अधिक दरों पर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बेच सकेंगे।   recent visitors 80

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- खिलाड़ी करें पदक की तैयारी, आप की चिन्ता होगी हमारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेरिस ओलम्पिक और पैरालम्पिक खिलाड़ियों से कहा कि खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने की तैयारी करें, आगे की चिन्ता हम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में पेरिस ओलम्पिक एवं पैरालम्पिक-2024 के चैम्पियन खिलाड़ियों को सम्मान राशि एवं शासकीय सेवा में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ओलम्पिक में भारतीय हॉकी का गौरव लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लिये गर्व की बात है कि हॉकी टीम में मध्यप्रदेश के गौरव विवेक सागर ने अपना अहम योगदान दिया और हमें गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ और 3 खिलाड़ियों को 10-10 लाख रूपए, एक खिलाड़ी को तीन लाख रूपए और एक खिलाड़ी को दो लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि के चैक प्रदान किये। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अपर मुख्य सचिव खेल श्रीमती स्मिता भारद्वाज एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी और उनके अभिभावक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की खिलाड़ी भावना इस बात से स्पष्ट होता है कि वे पदक विजेता खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और पदक से वंचित खिलाड़ियों को अधिक उत्साह के साथ अगली प्रतियोगिता की तैयारी के लिए प्रोत्साहित कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारण से ओलम्पिक में जब हमारी बहन कुश्ती में पदक हासिल नहीं कर सकी तब भी प्रधानमंत्री श्री मोदी उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी असफलता पर सिफ खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उच्च लक्ष्यों की प्राप्ति में असफलता पर वैज्ञानिकों के प्रयासों का अभिनंदन करते हैं। पदक विजेता खिलाड़ी बने करोड़पति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलम्पिक पदक हासिल करने वाले हॉकी खिलाड़ी श्री विवेक प्रसाद सागर, पैरालम्पिक पदक प्राप्त जूडो खिलाड़ी श्री कपिल परमार और शूटिंग खिलाड़ी सुश्री रूबीना फ्रांसिस को राज्य सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की राशि का चैक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने ओलम्पिक प्रतिभागी श्री ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पैरालम्पिक प्रतिभागी सुश्री प्राची यादव और सुश्री पूजा ओझा को 10-10 लाख रुपये, विश्व 6-रेड स्नूकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के विजेता श्री कमल चावला को 3 लाख और डेफ शूटिंग चैम्पियनशिप के विजेता श्री चेतन हेमंत सप्कल को 2 लाख रूपये का चैक भेंट कर सम्मानित किया। विक्रम अवॉर्डी को दिए गए नियुक्ति-पत्र कार्यक्रम में मंत्री श्री सारंग ने वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा एवं वन विभाग में नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। थ्रो-बॉल खिलाड़ी श्री चन्द्रकांत हरडे, वुशू खिलाड़ी सुश्री भूरक्षा दुबे, शूटिंग खिलाड़ी सुश्री प्रगति दुबे, खो-खो खिलाड़ी सुश्री नैन्सी जैन, मलखम्ब खिलाड़ी श्री राजवीर सिंह और जूडो खिलाड़ी सुश्री पूनम शर्मा को जल संसाधन विभाग में नियुक्ति के पत्र दिये गये। पैरा-केनो खिलाड़ी सुश्री प्राची यादव और कराते खिलाड़ी सुश्री निधि नन्हेट को लोक निर्माण विभाग में नियुक्ति पत्र, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी सुश्री पूजा पारखे, सुश्री रागिनी चौहान तथा योगा के श्री रोहित वाजपेई को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का नियुक्ति-पत्र प्रदान किया गया। सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी श्री जय मीणा और साहसिक खेल के श्री भगवान सिंह कुशवाह को ऊर्जा विभाग में, कबड्डी खिलाड़ी सुश्री कंचन ज्योति, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी श्री सुबोध चौरसिया और सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी श्री आदित्य दुबे को चिकित्सा शिक्षा, शूटिंग खिलाड़ी सुश्री चिंकी यादव को वन और सुश्री आध्या तिवारी को आयकर विभाग में नियुक्ति-पत्र सौंपा गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी किस स्तर का खिलाड़ी बनेगा, यह नहीं कहा जा सकता परंतु यह सुनिश्चित है कि खेलों से जुड़ने वाला हर खिलाड़ी एक सभ्य, अनुशासित नागरिक जरूर बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने गांधी जी के स्वच्छता संदेश को मूर्त रूप देने का काम किया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाए गए स्वच्छता पखवाड़े पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।   recent visitors 79

गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण में वैश्विक मानकों के अनुरूप हो गांवों का विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 2 अक्टूबर गांधी जयंती से देश की सभी पंचायतों में आरंभ किए जा रहे "सबकी योजना-सबका विकास" अभियान में ग्रामवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सक्रियता के साथ भाग लेने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी संदेश में कहा कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की व्यवस्था की जमीनी और सशक्त इकाई हैं। ग्राम स्वराज की अवधारणा को जमीन पर उतरने और गांव के सुनिश्चित विकास में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर आरंभ "सबकी योजना-सबका विकास" राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य हर गांव-हर पंचायत को विकास की मुख्य धारा में लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर गांव को इस अभियान के माध्यम से समग्र विकास के अवसर मिलने वाले हैं। अभियान में हर पंचायत को जन-भागीदारी के साथ अपनी ग्राम पंचायत की विकास योजना तैयार करना है। यह योजना गांव में समावेशी विकास का मॉडल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय ने इस अभियान को सतत विकास लक्ष्य के साथ जोड़ा है, जिससे हमारे गांवों का विकास वैश्विक मानकों के अनुरूप हो। अभियान में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास में प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी, विकसित मध्यप्रदेश का आधार बनेगी और यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में प्रदेश की आहुति होगी। अतः अभियान में ग्रामवासी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर "सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास" के मंत्र को साकार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की व्यवस्था की जमीनी और सशक्त इकाई हैं। ग्राम स्वराज की अवधारणा को जमीन पर उतारने और गांव के सुनिश्चित विकास में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य हर गांव-हर पंचायत को विकास की मुख्य धारा में लाना है। मध्य प्रदेश के हर गांव को इस अभियान के माध्यम से समग्र विकास के अवसर मिलने वाले हैं। अभियान अंतर्गत हर पंचायत को जन- भागीदारी के साथ अपनी ग्राम पंचायत की विकास योजना तैयार करना है। यह योजना गांव में समावेशी विकास का मॉडल बनेगी। पंचायती राज मंत्रालय ने इस अभियान को सतत विकास लक्ष्य के साथ जोड़ा है, ताकि हमारे गांवों का विकास वैश्विक मानकों के अनुरूप हो। अभियान में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी ग्रामवासियों से इस अभियान के लिए होने वाली ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी विकसित मध्यप्रदेश का आधार बनेगी और यह प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में प्रदेश की आहुति होगी। अतः 'सबकी योजना-सबका विकास' अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के मंत्र को साकार करें।   recent visitors 91

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रुपए के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया

भोपाल 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर आज स्वच्छ भारत एवं अमृत योजना में प्रदेश में 685 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण हुआ है। राजधानी भोपाल में स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुबह 10 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्वच्छता दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए स्वच्छता पखवाड़े में जिस जूनून से प्रदेशवासियों ने सहभागिता की, वह सराहनीय हैं। उज्जैन के सफाई मित्रों को सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में नगर पालिक निगम उज्जैन को थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त करने पर उज्जैन के 2314 सफाई मित्रों को सिंगल क्लिक से 69 लाख 42 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस योजना में हर सफाई मित्र के खाते में 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा अभियान-2024 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रुपए के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इन परियोजना का भी भूमि पूजन और लोकार्पण -इन योजनाओं का हुआ भूमिपूजन सागर निकाय की 299.20 करोड़ रुपए की सीवरेज योजना का लोकार्पण, सिवनी-मालवा निकाय की 61.17 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना और छिंदवाड़ा निकाय की 75.34 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री प्रदेश की 19 नगरीय निकायों में सीवरेज और जल प्रदाय परियोजना का भूमि पूजन किया। -इन परियोजनाओं की भी सौगात इनमें विदिशा की 19.90 करोड़ रुपए की सीवरेज परियोजना, शाजापुर की 15.75 करोड़ रुपएकी, शाहपुर की 12.40 करोड़ रुपए की, शाहगढ़ की 13.05 करोड़ रुपए की, रौन की 11.91 करोड़ रुपए की, पीथमपुर की 24.58 करोड़ रुपए की, महू कैंट की 40.30 करोड़ रुपए की, डोला की 10.67 करोड़ रुपए की, दमोह की 12.52 करोड़ रुपए की, बरगवां (अमलाई) की 22.55 करोड़ रुपए की और बंडा की 10.16 करोड़ रुपए की सौगात दी। -ये सौगातें भी दी गईं वहीं, बिस्टान की 31.71 करोड़ रुपए की, सतवास की 3.09 करोड़ रुपए की, नामली की 3.10 करोड़ रुपए की, सुवासरा की 3.15 करोड़ रुपए की, बड़ौद की 3.20 करोड़ रुपए की, रतनगढ़ की 3.22 करोड़ रुपए की, पिपलोदा की 3.92 करोड़ रुपए की और कन्नौद की 3.97 करोड़ रुपए की जलप्रदाय योजना का वर्चुअली भूमिपूजन किया। इस मौके पर गौवंश के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों और स्वच्छता ही सेवा अभियान -2024 पर केंद्रित फिल्मों का प्रदर्शन भी हुआ। recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान की राष्ट्रीय चर्चा में किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की ध्वजा को लहराने का कार्य किया। अठाहरवीं शताब्दी में लगभग 28 वर्ष के उनके शासन में प्रशासनिक कुशलता, जन-कल्याण, सुशासन के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। आज गौरवशाली इतिहास वाले पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था के राष्ट्रीय चर्चा कार्यक्रम में आकर पुणे नगरी को प्रणाम करते हुए यहाँ शिवाजी महाराज, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक की स्मृति को नमन है, जिनके कारण पुणे महानगर का स्पंदन पूरा राष्ट्र महसूस करता है। पुणे महानगर प्रकारांतर से इंदौर और उज्जैन की तरह प्रतीत होता है। राष्ट्रीय चर्चा में राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्य वक्ता पद्मश्री सुश्री निवेदता ताई भिड़े उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के अलावा श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी, महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरू डॉ. उज्जवला चक्रदेव, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान के पदाधिकारी श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुणे के जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में "पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होलकर और उनके जन कल्याणकारी सुशासन" विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुणे में शिवाजी महाराज की सरिता की धारा के अलग-अलग तट के हिस्से दिखाई देते हैं। इसके साथ ही सिंधिया, होलकर वंश के शासकों सहित लोक माता के कार्यों का स्मरण सहज ही हो जाता है। पेशवा बाजीराव जी और सिंधिया जी का सहयोग वर्तमान के महाकाल मंदिर उज्जैन के कायम रहने का आधार बना। हमारे शासकों ने उस दौर में महाकाल मंदिर का निर्माण किया, जब बाहरी आक्रामक विभिन्न नगरों को ध्वस्त करने के लिए तैयार बैठे थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और लोकमाता अहिल्या देवी के लोक कल्याणकारी कार्यों का स्मरण आज पूरा राष्ट्र कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भगवान विश्वनाथ जी के देवस्थान में जाने का अवसर मिलता है तो हम उनके दर्शन से अभिभूत होते हैं। यह सुअवसर भी लोकमाता अहिल्या बाई ने दिया, यह मंदिर उनकी ही देन है। लोकमाता अहिल्या बाई ने द्वारका, सोमनाथ और कई अन्य स्थानों पर ऐसे प्रकल्प संचालित किए। वे प्रशासनिक कुशलता, युक्ति एवं बुद्धिमत्ता से कार्य करती थीं। उनके साथ सहकर्मी सेनापतियों ने भी आर्थिक लाभ के लिए छल किए, लेकिन लोकमाता समाधान का मार्ग निकालने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने अनेक इलाकों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कुंओं के निर्माण, उद्यानों के निर्माण, प्याऊ प्रारंभ करने, सड़कों के निर्माण और सुधार कार्य, अन्न क्षेत्र प्रारंभ करने, मंदिरों में विद्वानों की निुयक्ति और खेती-बाड़ी के कार्यों से लोगों को जोड़कर सम्पूर्ण समाज को बदलने का कार्य किया। वे एक माँ का प्रतिरूप थीं। अनेक दुखों को सहते हुए उन्होंने शासन के ऐसे सूत्र संचालित किए, जो सर्व कल्याण के भाव का उदाहरण है। उनके राज्य में दो तरह की धन राशि का प्रावधान था। व्यक्तिगत उपयोग के साथ ही राशि का परिवार के लिए उपयोग करने का संदेश धनगर और यादव समाज ने दिया है, जिसमें परिवार की महिला को आय का एक चौथाई हिस्सा प्रदान किया जाता है। होलकर वंश में खासगी परम्परा कहा गया। उस दौर में 18 करोड़ की राशि जिसका वर्तमान मूल्य दो हजार करोड़ से ही अधिक होगा, उसके माध्यम से अनेक प्रकल्पों का संचालन किया गया। राज्य की सुरक्षा के लिए लोकमाता ने कूटनीति और युद्ध कौशल के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। नारी होकर भी वे पुरूषार्थ का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने वर्ष 1767 में अपनी राजधानी महेश्वर से इंदौर करने का निर्णय लिया था। महेश्वरी साड़ी के लिए महेश्वर विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर को राजधानी बनाने के बाद यह शहर एक महत्वपूर्ण केन्द्र बना। इंदौर ने व्यापार, संस्कृति और कला के क्षेत्र में विकास किया। इंदौर में अनेक स्मारकों का निर्माण करवाया गया है, जिनमें से अनेक आज भी मौजूद हैं। महेश्वर के साथ ही ओंकोरश्वर में भी नर्मदा जी के किनारे भी सुविधाजनक घाट निर्मित करवाया, जो महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बना। तीर्थयात्रियों के लिए अनेक सुविधाएं विकसित की गईं। भगवान शिव, लोकमाता अहिल्या बाई के प्रमुख आराध्य थे। देश के अनेक स्थानों पर उन्होंने शिव मंदिरों का निर्माण करवाया। महेश्वर हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण केन्द्र हैं जो आत्म-निर्भरता का भी प्रतीक है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की विशेषताएं बताते हुए कहा कि महेश्वर आज हस्तशिल्प का प्रमुख केन्द्र हैं। यह नगर आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। हस्तशिल्प का हुनर हजारों व्यक्तियों को आत्म-निर्भर बनाकर आर्थिक उन्नति का माध्यम बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में होने जा रहे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क 'शिव-सृष्टि' का अवलोकन किया। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठा न्यास संस्थान द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में संस्थान की गतिविधियों की प्रशंसा की। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके योगदान से परिचित करवाने वाला 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क 21 एकड़ भूमि में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5-डी शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य स्वधर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में लगभग 100 दर्शक  देख सकते हैं। थीम पार्क के तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंड-स्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा … Read more

स्काउट एवं गाइड संगठन सिखाता है अनुशासन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्काउट एवं गाइड संगठन के विद्यार्थी अनुशासन, परिश्रम, राष्ट्र प्रेम और मानवीय गुण सीखकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ पर उनसे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट करने आए करीब सवा सौ स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ पर बधाई दीं। इस अवसर पर भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश के राज्य सचिव श्री राजेश मिश्रा, स्काउट गाइड संगठन के सहायक राज्य संगठन आयुक्त श्री राजेश मेवाड़े, स्काउट मास्टर मोहम्म्द अजहरउद्दीन, श्री प्रतीक, श्री संजू मेवाड़े और शिक्षिका श्रीमती राजकुमारी बुंदेला एवं श्रीमती नितिशा तिवारी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों के समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। recent visitors 98

चंदेरी वस्त्र का साफा पहनकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुनकरों के प्रति जताया सम्मान

भोपाल भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह आज एक नए उत्साह और भावना से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समारोह के लिये चंदेरी की पारम्परिक शिल्पकारी से बनी पगड़ी (साफा) पहनकर राज्य के बुनकरों और उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया। यह पगड़ी न केवल उन मेहनतकश हाथों की कला का प्रतीक है, जो हर धागे में हमारे देश की आत्मा को बुनते हैं, बल्कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी बनी कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ें और उसे आगे बढ़ाएं। इससे समारोह स्थल पर पूरे वातावरण में गर्व और सम्मान की भावना भर गई। इस अवसर पर उपस्थित बुनकरों, शिल्पकारों और संस्कृति प्रेमियों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीयतापूर्ण कदम का हृदय से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम बुनकरों के प्रति राज्य शासन की संवेदनशीलता एवं सम्मान का प्रतीक है, जो हमारे देश की आत्मनिर्भरता और सदैव स्वदेशी अपनाने के देशज मूल्यों को पुनर्जीवित करता है। समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे हमारे समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग से जुड़ें और इस प्राचीन विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार से परम्पराओं को परिष्कृत किया जा सकता है और अब हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। recent visitors 97