जीसीसी के लिए संवाद का क्रम लगातार रहेगा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को स्थापित एवं विकसित करने के लिए हर संभव मदद और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश रोड-शो के दौरान जीसीसी पर राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों और इन्वेस्टर्स को आश्वस्त किया कि बैंगलुरू जैसे टियर-1 शहर की सभी आवश्यकताएं एवं अनुकूलता प्रदेश के विभिन्न शहरों में विकसित की जाएगी। जीसीसी एवं उसके लिए आवश्यक सभी क्षेत्रों में समान रूप में अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे कि प्रदेश के जीसीसी को स्थापित होने के लिए अनुकूल ईको-सिस्टम मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीसीसी को प्रदेश में स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों से लगातार संवाद का क्रम जारी रहेगा। राउंड-टेबल मीटिंग में जीसीसी की स्थापना, अनुकूलता, संभावना और निवेश पर विस्तृत चर्चा की गई। बैंगलुरू एवं देशभर से प्रसिद्ध जीसीसी कंपनी के प्रतिनिधियों ने जीसीसी के लिए आवश्यक टैलेंट बिल्डिंग, अधोसंरचना, निवेश, इको सिस्टम, कोलेब्रशन, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर विकसित करने संबंधी विचार रखे और आवश्यक सुझाव दिए। मीटिंग में विभिन्न उद्योगपतियों सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें।   recent visitors 74

मध्यप्रदेश की खूबियों से करवाया जायेगा अवगत, निवेश को लेकर होंगे एमओयू

भोपाल मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर मुंबई और कोयंबटूर में हुए सफल इनवेस्ट-सेशन के बाद कर्नाटक के एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बैंगलुरू में 8 अगस्त 2024 को तीसरे इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहाँ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम), टेक्सटाईल एवं गारमेंट, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, ऑटोमोबाइल एवं ओईएम, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और नवाचारों को रेखांकित करते हुए उद्योगपतियों से रू-ब-रू होंगे। प्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक उद्योगपतियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में एमओयू भी होंगे। प्रमुख उद्योगपति करेंगे अपने अनुभव सांझा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 8 अगस्त को होने वाले इंटरैक्टिव सत्र में एक वीडियो फिल्म "एडवांटेज मध्यप्रदेश" दिखाई जाएगी, जो उद्योगपतियों को राज्य में लाभ और निवेश के अवसरों की विस्तृत जानकरी देगी। प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी अनुभव साझा किये जायेंगे। साथ ही अन्य राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और भविष्य की विकास संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन-टू-वन मीटिंग एवं वैश्विक क्षमता केंद्रों, आईटी और परिधान क्षेत्रों के साथ राउंड टेबल मीटिंग में उद्योगपतियों के साथ नवाचार, निवेश और विकास पर संवाद करेंगे। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर दिया जायेगा प्रजेंटेशन इंटरैक्टिव सेशन 8 अगस्त को सुबह 11:30 बजे शुभारंभ होगा। इंफोबीन्स लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री सिद्धार्थ सेठी स्वागत भाषण देंगे। इसके बाद जीआईएस-2025 और एडवांटेज एमपी पर वीडियों फिल्म का प्रदर्शन होगा। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन, मध्यप्रदेश श्री राघवेंद्र कुमार सिंह प्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रजेंटेशन देंगे। प्रबंधन संचालक एमपी एसईडीसी द्वारा मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम सेक्टर में अवसरों विषय पर प्रजेंटेशन दिया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला द्वारा मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अवसरों पर और सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत मोहन कोठारी द्वारा मध्यप्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में अवसरों पर प्रजेंटेशन दिया जायेगा। इंटरैक्टिव सेशन में एमपीएसईडीसी एवं आईईएसए के मध्य एमओयू साइन होगा। वन-टू-वन मीटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। साथ ही आईटी एवं आईटीईएस सेक्टर के उद्योगपतियों और टेक्सटाईल क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 अगस्त को शाम को बैंगलुरू पहुँचकर राउंड टेबल मीटिंग और नेटवर्किंग डीनर पर भी उद्योगपतियों से निवेश को लेकर संवाद करेंगे।   recent visitors 75

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम 3 में संशोधन की मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वित्त विभाग के अंतर्गत संचालनालय वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का पुनर्गठन मान्य करते हुये 47 नवीन पदों के सृजन तथा नियमों में संशोधन एवं (पी.एम.यू) प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के गठन का अनुमोदन किया गया। इस निर्णय से प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की गुणवत्ता एवं सटीकता में और सुधार होगा। संचालनालय वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली वर्ष 1980 से अस्तित्व में है। इसके माध्यम से राज्य शासन के आय-व्यय का निरंतर अनुश्रवण, राज्य शासन के मुख्य तथा अनुपूरक बजट,राज्य शासन के नगद शेष का अनुश्रवण, राज्य शासन का ऋण प्रबंधन, महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त आय-व्यय के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न वित्तीय सूचनायें एवं विश्लेषण के कार्य संपादित किये जाते हैं। बजट प्रक्रियाओं में निरन्तर परिवर्तन/सुधार तथा वित्तीय संव्यवहारो में अधिक सजगता व सतर्कता की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली संचालनालय की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को सुद्दढ़ किये जाने का निर्णय लिया गया। लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि मंत्रि-परिषद द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए प्रदाय की जा रही वर्तमान राशि 8 हजार रूपये में वृद्धि कर 10 हजार रूपये किये जाने एवं दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किए जाने की स्वीकृति दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून 2024 को यह घोषणा की थी। घोषणा की पूर्ति के लिए अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि के लिए मध्यप्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम 2018 की कंडिका 5(2) में संशोधन तथा राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किये जाने के लिए नवीन कंडिका 5(3) प्रतिस्थापित की जाने की अनुमति दी गयी। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम को अद्यतन करने के संबंधी स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में उर्जा विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अन्तर्गत वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर संक्षेपिका के अनुसार प्रविष्टियां प्रतिस्थापित करने की स्वीकृति दी गईं। विभिन्न विभागों की संरचना में परिवर्तन एवं उनके कार्यों का विस्तार होने तथा विभागों का आपस में संविलियन हो जाने से विभागों के क्रियाकलापों में काफी परिवर्तन आया है। अनेक योजनाओं के आरंभ हो जाने के कारण भी विभागों के दायित्व परिवर्तित हुए हैं। तद्‌नुसार परिवर्तनों का समावेश करते हुए मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर अद्यतन किये जाने की स्वीकृति दी गयी। "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" 3 में संशोधन की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" में संशोधन करते हुए, "कागज़-पत्र" या "अभिलेख" के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को भी मंजूरी दी गयी। जेल विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों और 279 पदों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जेल के आवास गृहों के निर्माण कार्य के लिए 73 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 60 पदों के सृजन, सब जेल मऊगंज के आवास गृहों के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 33 पदों के सृजन, सब जेल मैहर के उन्नयन के संबंध में पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नई जेल का निर्माण कराये जाने तथा योजना के डीपीआर पर अनुमोदन प्रदाय कर 33 अतिरिक्त पदों के सृजन, जिला जेल अनूपपुर में 60 पदों के सृजन, सब जेल त्योंथर के लिए 31 पदों के सृजन, सब जेल बड़नगर में 31 पदों के सृजन तथा सब जेल गैरतगंज में 31 पदों के सृजन की प्रशासकीय स्वीकृति दी गईं। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय सिविल एवं मैकेनिकल प्रारंभ करने के लिए पदीय संरचना की स्वीकृति प्रदान की गयी। सिविल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता और मैकेनिकल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता के पद शामिल है। इन संकाय के प्रारंभ होने से रीवा अंचल के विद्यार्थियों को तकनीकी रोजगारमूलक शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा। प्राकृतिक संपदा से ओत-प्रोत रीवा जिले में स्थित औ‌द्यौगिक क्षेत्रों में सीमेंट फैक्ट्रियों की अधिकता है। इन औ‌द्यौगिक इकाइयों में सिविल एवं मैकेनिकल के छात्रों की मांग बनी रहती है। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में फॉयर टेक्नालॉजी एण्ड सेफ्टी ब्रांच को यथावत वर्तमान पद स्वीकृति सहित रखा जायेगा। अपेक्षित आवर्ती/अनावर्ती व्यय लगभग 592 लाख रूपये के वित्तीय प्रावधान की स्वीकृति प्रदान की गयी।   recent visitors 109

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए अधिकारियों को निर्देश, हर घर तिरंगा अभियान और स्वतंत्रता दिवस को मनाया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान और स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को जन उत्सव के रूप में मनाया जाए। यह सुनिश्चित करें कि किसी भी वार्ड या ग्राम में तिरंगे झंडों की कमी न हो, शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से व्यवस्था की जाए। प्रदेश में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का पर्व सामाजिक समरसता के भाव के साथ उत्साह और उल्लास से मनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जारी वर्षा को देखते हुए सावधानियां बरतने और आवश्यक निगरानी व मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन से प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मंत्रीगण, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों तथा संभाग व जिला स्तरीय अधिकारियों ने वर्चुअल सहभागिता की। प्रदेश में 25 हजार स्थानों पर रक्षाबंधन और सावन उत्सव की थीम पर होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 1900 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। विजयपुर के श्योपुर में होने वाले स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन और रक्षाबंधन कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत अगस्त माह की राशि रुपए 1250 के साथ ही विशेष उपहार स्वरूप में लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए अंतरित किए जाएंगे। दस अगस्त को रक्षाबंधन और सावन उत्सव की थीम पर प्रदेश में 25 हजार स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन की थीम पर 9 अगस्त को रानी दुर्गावती महिला सरपंच सम्मेलन, 11 अगस्त को महाविद्यालय तथा एनसीसी/एनएसएस बालिकाओं से संवाद, 12 अगस्त को देवी अहिल्याबाई शहरी क्षेत्र महिला महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद सम्मेलन तथा 13 अगस्त में प्रदेश में महिला उद्योगपति सम्मेलन होंगे। इन कार्यक्रमों में "एक पेड़ मां के नाम अभियान" के तहत पौध-रोपण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले शासकीय हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। 78वें स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में लहराया जाए 78 फीट लंबा तिरंगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत देशभक्ति की भावना पर केंद्रित तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैली, तिरंगा मैराथन, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा कैनवास, तिरंगा सेल्फी एवं तिरंगा मेले जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जाएंगी। हर घर पर तिरंगा लगाने, तिरंगे के साथ डीपी लगाने के साथ ही वेब-साइटों पर तिरंगा बैनर लगाने की गतिविधियों को जन अभियान बनाया जाएगा। देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर में 78 फीट लंबा तिरंगा लहराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 10 अगस्त को होने वाले स्व- सहायता समूह सम्मेलन और लाड़ली बहनों के रक्षाबंधन कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधि शामिल हों। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी वार्ड और पंचायत में प्रसारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के पश्चात 11 अगस्त से प्रदेश में घर-घर तिरंगा अभियान की गतिविधियां आरंभ की जाए। पुलिस बैंड को कार्यक्रमों से जोड़ते हुए तिरंगा यात्राएं निकाली जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी का पर्व केवल एक दिन के औपचारिक रूप से न मनाया जाए। ये दिन लंबी गुलामी के बाद मिली स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। अतः शासकीय संस्थाओं के साथ-साथ संपूर्ण समाज को साथ लेकर इन राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन हो। इन पर्वों के समान ही हर घर तिरंगा अभियान की गतिविधियों का संचालन पूर्ण गरिमा के साथ किया जाए। जिला स्तर पर उपलब्ध पुलिस बैंड को कार्यक्रमों से जोड़ते हुए तिरंगा यात्राएं निकाली जाए। जिलों में स्थित शहीद स्मारकों, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर विशेष रूप से तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाए। हर घर तिरंगा उपलब्ध कराने में निजी संस्थाएं और व्यक्ति भी करें सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की सभी वार्ड और पंचायत में तिरंगे ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निजी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा तिरंगा ध्वज उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त करने पर उनका भी सहयोग लिया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मलय श्रीवास्तव ने बताया कि स्व-सहायता समूह के पास पर्याप्त तिरंगे ध्वज उपलब्ध हैं। पंचायत स्तर तक स्व-सहायता समूह द्वारा तिरंगे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रानी दुर्गावती और देवी अहिल्या बाई का भी स्मरण किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का 500वां जयंती वर्ष और देवी अहिल्या का 300वां जयंती वर्ष चल रहा है। रानी दुर्गावती का संघर्ष स्वतंत्रता के लिए ही था और देवी अहिल्या का काल सांस्कृतिक उत्थान और आदर्श शासन व्यवस्था का काल रहा। सांस्कृतिक एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवादी अवधारणा के क्रियान्वयन के लिये उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया।  recent visitors 114

हर घर तिंरगा अभियान- सभी गाँव और वार्ड में 11 से 15 अगस्त तक संचालित होगी गतिविधियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर मनाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के दृष्टिगत आज की मंत्री परिषद की बैठक तिरंगे को समर्पित है। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक गांव और वार्ड  में 11 से 15 अगस्त तक विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई। 10 अगस्त को 25 हजार स्थानों पर होंगे रक्षाबंधन कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 4500 छात्रावासों और आश्रमों की निगरानी के लिए सचिव स्तरीय 10 अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। संबंधित संभाग आयुक्त और जिला कलेक्टर इन अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सचिव स्तरीय दस अधिकारी करेंगे आश्रमों और छात्रावासों की निगरानी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 25 हजार स्थानों पर 10 अगस्त को एक साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से मनाया जाएगा और बहनों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि जारी की जाएगी। सायबर तहसीलों में बढ़ाई जाएंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि  प्रदेश में आईटी, रक्षा और स्पेस साइंस में निवेश तथा औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से बेंगलुरु में 8 अगस्त को इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। ग्वालियर में 28 अगस्त को रीजनल इन्वेस्टर समिट भी आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि साइबर तहसीलों में राजस्व संबंधी अन्य प्रक्रियाओं को शामिल करते हुए तहसीलों के कार्यों की परिधि को विस्तारित किया जा रहा है। त्यौहारों पर चाक चौबंद रहे व्यवस्थाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 अगस्त, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी, भक्ति भाव और उत्साह के साथ मनाई जाए,  माखन-मटकी फोड़ने के कार्यक्रमों में सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।   recent visitors 143

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु में 7 एवं 8 अगस्त को निवेशकों से करेगें संवाद

भोपाल राज्य की विकास योजनाओं में नवीन तकनीक की सहायता लेने और उपयोग बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश पहली बार स्पेस टेक कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में मध्यप्रदेश में पहली बार निवेश प्राप्त करने के लिए कदम बढ़ाया है। स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम कर रही कंपनियां उपग्रह चित्रण और डाटा एनालिटिक्स की सेवाएं उपलब्ध कराती है। उपग्रह के माध्यम से वैश्विक निगरानी और डाटा की शुद्धता में सुधार होता है। यह कंपनियां अंतरिक्ष में प्रदूषण और कक्षीय वस्तुओं पर निगरानी के लिए नवीनतम तकनीकी विकसित कर रही है। इन कंपनियों का उद्देश्य अंतरिक्ष में सुरक्षा को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु में आयोजित निवेशको के साथ 7 एवं 8 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर रोड-शो में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। वे इस क्षेत्र में काम कर रही प्रमुख कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण देंगे। इनमें मुख्य रूप से पिक्सल, दिगंतरा, गैलेक्स आई, सेटस्योर कलाइड ईओ, स्काई सर्वर जैसी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना पर चर्चा करेंगे। सेटस्योर कंपनी सैटेलाइट इमेजरी उपलब्ध कराती है जो कृषि क्षेत्र के लिए बहुत उपयोगी है। इसी प्रकार पिक्सल कंपनी पृथ्वी के चित्रों पर आधारित छोटे सैटेलाइट का निर्माण और संचालन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी सेक्टर की कंपनियों से भी संवाद करेंगे और निवेश की संभावना पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य रूप से कॉग्निजेंट, नेसकॉम, किंड्रील, इंफोसिस, टीसीएस, विसेन टेक्नोलॉजी, सीसा इंफोसेक हैपिएस्ट माइंड्स, डेल्टा कैपिटा, नीमन मारकस एवं मोवाटे जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। इसके अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने वैश्विक ऑपरेशन को बेहतर तरीके से संचालन करने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थपित करती है। यह सेंटर आर्थिक प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, आईटी सपोर्ट, डाटा एनालिटिक्स और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की सेवाएं और संचालन की दक्षता प्रदान करते हैं। वे लागत में कमी लाने में भी मदद करते हैं और स्थानीय बाजार में निवेश के अवसर सृजन करने में सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को भोपाल और इंदौर में स्थापित करें। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इन केंद्रों की स्थापना से राज्य की प्रतिभाओं का उपयोग किया जा सकेगा जिससे कुशल कार्यबल की उपलब्धता भी बढ़ेगी। इन केंद्रों से शहरों में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में आईटी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और इस क्षेत्र की आवश्यकताओं के संबंध में प्रमुख निवेशकों से चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश में गारमेंट इंडस्ट्री की संभावनाओं को देखते हुए बेंगलुरु में प्रमुख परिधान और वस्त्र (टेक्टाइल) कंपनियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव चर्चा करेंगे। इस क्षेत्र की कई कंपनियां जैसे बेस्ट कॉर्प और गोकलदास मध्यप्रदेश में निवेश कर रही है। गारमेंट इंडस्ट्री में निवेश से मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। गारमेंट इंडस्ट्री में निवेश से मध्यप्रदेश को युनिवर्सल गारमेंट सेक्टर में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, आईटी सेक्टर में निवेश, पर्यटन, एमएसएमई में निवेश और गारमेंट सेक्टर में मध्यप्रदेश में बनी संभावनाओ से निवेशकों को परिचित कराया जाएगा।   recent visitors 98

मुख्यमंत्री यादव बेंगलुरु में 7 एवं 8 अगस्त को निवेशकों से करेगें संवाद

भोपाल राज्य की विकास योजनाओं में नवीन तकनीक की सहायता लेने और उपयोग बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश पहली बार स्पेस टेक कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है।स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में मध्यप्रदेश में पहली बार निवेश प्राप्त करने के लिए कदम बढ़ाया है। स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम कर रही कंपनियां उपग्रह चित्रण और डाटा एनालिटिक्स की सेवाएं उपलब्ध कराती है। उपग्रह के माध्यम से वैश्विक निगरानी और डाटा की शुद्धता में सुधार होता है। यह कंपनियां अंतरिक्ष में प्रदूषण और कक्षीय वस्तुओं पर निगरानी के लिए नवीनतम तकनीकी विकसित कर रही है। इन कंपनियों का उद्देश्य अंतरिक्ष में सुरक्षा को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु में आयोजित निवेशको के साथ 7 एवं 8 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर रोड-शो में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। वे इस क्षेत्र में काम कर रही प्रमुख कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण देंगे। इनमें मुख्य रूप से पिक्सल, दिगंतरा, गैलेक्स आई, सेटस्योर कलाइड ईओ, स्काई सर्वर जैसी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना पर चर्चा करेंगे। सेटस्योर कंपनी सैटेलाइट इमेजरी उपलब्ध कराती है जो कृषि क्षेत्र के लिए बहुत उपयोगी है। इसी प्रकार पिक्सल कंपनी पृथ्वी के चित्रों पर आधारित छोटे सैटेलाइट का निर्माण और संचालन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी सेक्टर की कंपनियों से भी संवाद करेंगे और निवेश की संभावना पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य रूप से कॉग्निजेंट, नेसकॉम, किंड्रील, इंफोसिस, टीसीएस, विसेन टेक्नोलॉजी, सीसा इंफोसेक हैपिएस्ट माइंड्स, डेल्टा कैपिटा, नीमन मारकस एवं मोवाटे जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। इसके अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने वैश्विक ऑपरेशन को बेहतर तरीके से संचालन करने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थपित करती है। यह सेंटर आर्थिक प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, आईटी सपोर्ट, डाटा एनालिटिक्स और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की सेवाएं और संचालन की दक्षता प्रदान करते हैं। वे लागत में कमी लाने में भी मदद करते हैं और स्थानीय बाजार में निवेश के अवसर सृजन करने में सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को भोपाल और इंदौर में स्थापित करें। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इन केंद्रों की स्थापना से राज्य की प्रतिभाओं का उपयोग किया जा सकेगा जिससे कुशल कार्यबल की उपलब्धता भी बढ़ेगी। इन केंद्रों से शहरों में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में आईटी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और इस क्षेत्र की आवश्यकताओं के संबंध में प्रमुख निवेशकों से चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश में गारमेंट इंडस्ट्री की संभावनाओं को देखते हुए बेंगलुरु में प्रमुख परिधान और वस्त्र (टेक्टाइल) कंपनियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव चर्चा करेंगे। इस क्षेत्र की कई कंपनियां जैसे बेस्ट कॉर्प और गोकलदास मध्यप्रदेश में निवेश कर रही है। गारमेंट इंडस्ट्री में निवेश से मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। गारमेंट इंडस्ट्री में निवेश से मध्यप्रदेश को युनिवर्सल गारमेंट सेक्टर में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, आईटी सेक्टर में निवेश, पर्यटन, एमएसएमई में निवेश और गारमेंट सेक्टर में मध्यप्रदेश में बनी संभावनाओ से निवेशकों को परिचित कराया जाएगा।   recent visitors 85