मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुआ पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और एनटीपीसी में बिजली क्रय करने का अनुबंध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा मांग की आपूर्ति के लिये एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने एनटीपीसी के साथ बिजली क्रय करने के लिये अनुबंध किया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। अनुबंध पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के एमडी श्री अविनाश लवानिया और एनटीपीसी के जनरल मैनेजर श्री शंकर सरण के बीच हुआ। एनटीपीसी के पश्चिम क्षेत्र के रीजनल एक्सक्यूटिव डायरेक्टर श्री पीके मिश्रा ने बताया कि एनटीपीसी द्वारा नरसिंहपुर में गाडरवाडा में स्टेज-2 के अंतर्गत 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 800 मेगावॉट बिजली केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर मध्यप्रदेश को मिलेगी। इनमें उत्पादन 2030-31 शुरू करने का लक्ष्य है। एनटीपीसी द्वारा गाडरवाडा में स्टेज-1 में 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट वर्तमान में स्‍थापित है। इनमें भी 800 मेगावॉट बिजली मध्यप्रदेश को मिल रही है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में एनटीपीसी के योगदान का स्वागत है। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कार्य करने के संबंध में चर्चा की। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने भोपाल में होने वाली आगामी ग्लोबल इंस्वेटर्स समिट में शामिल होने और ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिये अनुबंध करने के संबंध में बात की। एनटीपीसी के अधिकारियों ने न्यूक्लियर एनर्जी, पम्प स्टोरेज, नवकरणीय ऊर्जा और पॉवर ट्रेडिंग के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। recent visitors 40

राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों से मध्यप्रदेश को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त करते हुए केंद्रीय बजट 2025 में कौशल विकास और रोजगार को केंद्र में रखा गया है। मध्यप्रदेश इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्रदेश को 'कौशल शक्ति प्रदेश' के रूप में विकसित करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हम एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहे हैं, जहां हर युवा को नवीनतम औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। इससे प्रदेश की प्रतिभा न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट-2025 में घोषित 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से मध्यप्रदेश को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से "मेक फॉर इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड" अभियान को मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य में प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण, प्रमाणन प्रणाली और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को राज्य के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कौशल विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा से मध्यप्रदेश के नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार इस कोष का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय स्टार्ट-अप्स को पूंजी और संरचनात्मक सहायता मिल सके। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि "यह बजट केवल कौशल विकास की बात नहीं करता, बल्कि इसे रोजगार से जोड़कर समग्र विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करता है। हम मध्यप्रदेश में डिजिटल लर्निंग, AI आधारित शिक्षा और नए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देंगे। यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के द्वार खोलेगा।" उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित योजनाओं को राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा व्यापक रणनीति बनाई जा रही है। रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण और नए अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को टियर-2 शहरों में वैश्विक कंपनियों के कौशल केंद्रों को स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में मुद्रा लोन का प्रावधान किया गया है। सरकार होम-स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अनुसूचित जाति और जनजाति महिलाओं एवं वंचित समुदायों के उद्यमियों के लिए सरकार पहली बार 5 लाख युवाओं को ऑनलाइन क्षमता निर्माण और उद्यमिता प्रशिक्षण से जोड़ने जा रही है। स्किल हब' बनने की दिशा में अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को कौशल और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। राज्य में नए स्किलिंग हब, GCC केंद्र और स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग से रोजगार के असंख्य अवसर उत्पन्न होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्म-निर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश "स्किल हब ऑफ इंडिया" बनने की ओर अग्रसर है। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार करेगी, जिससे हर युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप अवसर मिल सके। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है जहां कौशल ही विकसित समाज, विकसित प्रदेश और विकसित देश की नीव बनेगा। recent visitors 36

भारतीय तटरक्षक बल के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण है वंदनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय तटरक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सामुदायिक तटों और महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को सुरक्षा प्रदान कर भारतीय तट रक्षक देश की समृद्धि में अद्वितीय योगदान दे रहे हैं। "वयम् रक्षाम:" के ध्येय वाक्य को आत्मसात कर देश की तटीय सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित भारतीय तटरक्षक बल (इंडिया कोस्ट गार्ड) के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण वंदनीय है।   recent visitors 38

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कल्याणकारी, सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने समृद्धि के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उनमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशवासियों के कल्याण और भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार माना। recent visitors 39

खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से बढ़ाया प्रदेश का गौरव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 81 कि.ग्रा. पुरूष वर्ग में वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय बाबू, एक्वेटिक खेल के हाई बोर्ड प्लेटफार्म डाइविंग इवेंट में पलक शर्मा और डुएथलॉन महिला कैटेगरी में आध्या सिंह को स्वर्ण पदक अर्जित करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्वेटिक खेल के 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड इवेंट में पलक शर्मा, 1500 मीटर फ्री स्टाइल मेन्स इवेंट में अद्वैत पागे, दाओशु इवेंट में रोहित जाधव और वुशु के क्विंगशु महिला इवेंट में भूरक्षा दुबे को रजत पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारोत्तोलन के 45 कि.ग्रा. भार वर्ग में रानी नायक, एक्वेटिक के 400 मीटर इवेंट में अद्वैत पागे तथा वुशु के शानशू इवेंट में संयोगिता सिंह को कांस्य पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को सफलता के पथ पर निरंतर अग्रसर होने और नित नए कीर्तिमान रचने के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण से मध्यप्रदेश को खेल जगत में नव शिखर पर प्रतिष्ठित करेंगे।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है। recent visitors 61

स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने है कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज हों, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और पर्याप्त स्वास्थ्य अमला हो। उन्होंने कहा कि 46 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य अमले की भर्ती के लिये स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से कोई भी क्षेत्र विकास की छलांग लगाने के लिये तैयार होता है। सशक्त और विकसित प्रदेश के लिये इन क्षेत्रों का सशक्त होना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन से ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सहज और सुलभ उपलब्धता का कार्य करेगी। संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स दुर्गम और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुँचकर आमजन को ओपीडी, रोग निदान, उपचार और दवाइयों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। 87 विकासखण्डों के 1268 ग्रामों में पहुँचेगी यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) से 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 1268 ग्रामों के लगभग 3,12,246 लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में चिन्हित जिले अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, दतिया, डिंडौरी, गुना, गवालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा शामिल हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में लायेंगी क्रांतिकारी बदलाव उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े और दुर्गम हैं, वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच उत्कृष्ट समन्वय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और प्रगतिशील सोच से सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश में नए मानक स्थापित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले के समर्पण और निष्ठापूर्ण प्रयासों से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में अग्रणी राज्य बनने में सफल होगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के लाभ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रशिक्षित मानव संसाधन, जिसमें एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपीडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ड्राइवर शामिल हैं, सेवाएँ प्रदान करेंगे। प्रत्येक यूनिट में 14 प्रकार की जांच सुविधाएँ, 65 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ और 29 प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियाँ उपलब्ध रहेंगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों और मूलभूत ओपीडी सेवाएँ, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियों की पहचान और उपचार, प्रसवपूर्व एवं प्रसव उपरान्त देखभाल, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दा रोगों की पहचान, नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों की जाँच एवं उपचार, परिवार नियोजन सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण परामर्श, वृद्धजनों की देखभाल और आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इन यूनिट्स को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे उनकी निगरानी और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट एक माह में 24 दिन तक सेवाएँ प्रदान करेगी और प्रतिदिन 2 गांवों में लगभग 50 मरीजों का इलाज करेगी। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप कुमार यादव और एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 70