मुख्यमंत्री ने की जन-कल्याण अभियान और पर्व की तैयारियों की समीक्षा, 11 दिसम्बर से शुरू होगा पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, नारी, किसान और गरीब के कल्याण एवं विकास के लिये प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान चलाया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं और लक्ष्य प्रदान की गयी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व भी मनाया जायेगा, इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी होगा। साथ ही राज्य शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान और जन-कल्याण पर्व में होने वाली गतिविधियों की कार्य-योजना पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-कल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवा, नारी, किसान तथा गरीब वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना है एवं उनके हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इसमें 34 हितग्राही मूलक, 11 लक्ष्य आधारित और 63 अन्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की सीएम हेल्पलाइन डेशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिसे मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिये संचालित राजस्व महाअभियान-3 की अवधि 26 जनवरी, 2025 तक के लिये बढ़ाई जाये। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगेंगे शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अवधि में शहरी और ग्रामीण अंचलों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के कार्ड बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित शिविरों का माहौल और उनमें दी जाने वाली सुविधाओं को इस प्रकार से प्रचारित करें कि नागरिक स्वयं अपनी इच्छा से शिविर में आयें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-कल्याण अभियान के लिये समय-सीमा में अधिकारी-कर्मचारियों के सम्पर्क दल के गठन और योजनाओं के लाभ से वंचित नागरिकों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये। अभियान अंतर्गत लगने वाले शिविरों का निर्धारण जिले के प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के समस्त वार्डों में लगने वाले शिविरों के स्थान और तिथि का रोस्टर बनाकर प्रचारित-प्रसारित भी किया जाये। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिये नगरीय क्षेत्रों में जोन स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत क्लस्टर पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की जाये। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ गीता जयंती पर वृहद गीता का पाठ होगा। पर्व अवधि में अलीराजपुर की सांडवा माईक्रो सिंचाई योजना का भूमि-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी, भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य के निकट बाइक रैली, अक्षयपात्र कार्यक्रम अंतर्गत बच्चों को पोषण आहार किट का वितरण, ग्वालियर में तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम, कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। जबलपुर में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण, उमरिया गाँव में गौशाला का भूमि-पूजन, वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण, वन मेले का शुभारंभ, पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ, साधु-संतों के साथ संवाद, पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर में दीक्षांत समारोह, खण्डवा-ओंकारेश्वर में सोलर पार्क का लोकार्पण, उज्जैन में आईटी पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल में खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम, विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाीा का वितरण, सागर में तालाब सौंदर्यीकरण का लोकार्पण, चिंतन शिविर का आयोजन, नर्मदापुरम (पचमढ़ी) में राजा भभूत सिंह स्मृति में केबिनेट बैठक और भोपाल (रविन्द्र भवन) में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक 47 दिन चलने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में प्रत्येक जिले में अंतरविभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के दल गठित किये जायेंगे। यह दल हितग्राहियों को चिन्हित कर उनके आवेदन प्राप्त कर शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर की मॉनीटरिंग के लिये प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। शिविर के बाद 26 जनवरी 2025 तक शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण शिविर के दौरान एवं गणतंत्र दिवस पर ग्राम सभाओं में किया जायेग- recent visitors 82

हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र गीता में समाहित है और गीता सदैव हमारी प्रेरणा रही है, यही कारण है कि आज दुनिया की लाखों सभ्यताएं नष्ट भ्रष्ट हो गई परंतु हमारी हस्ती आज भी कायम है। हमने हमेशा आध्यात्म को सर माथे रखा। हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि हैं। प्रदेश में जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े उन्हें मथुरा, वृंदावन की तरह ही विकसित किया जाएगा। प्रदेश भर में आज से 12 तारीख तक गीता उत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें गीता के माहात्म्य और शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाया जाएगा। गीता, गंगा और गौ माता हमारी भाग्य विधाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर में नवीन बस स्टैंड के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 22 करोड़ 43 लाख 37 हजार रूपये लागत के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 27 करोड़ 58 लाख 64 हजार रूपये लागत के 11 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित रचना पाठ में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन एक आदर्श साहित्यकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राजनेता थे। उनके ही कारण शाजापुर में रेलवे लाइन आई। मैं उनकी दृण इच्छा शक्ति और रचनाधर्मिता को नमन करता हूं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी भी महान कवि थे। कवियों और साहित्यकारों का समाज के उत्थान में बहुमूल्य योगदान है। यदि महर्षि वाल्मीकि नहीं होते तो भगवान श्रीराम के और यदि वेदव्यास न होते तो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को जन-जन तक कौन पहुंचाता। मैं मालवा के महान कवि महाकवि कालिदास और घटखर्पर को भी नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता हमारे लिए अत्यंत पूजनीय है। पूरे प्रदेश में गौशालाएं बनाई जा रही हैं और जनता को घर-घर गाय पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिस घर में गए पलती है वह घर गोकुल ही तो है। किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी और बिजली के साथ ही दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, सरकार दुग्ध खरीदी पर बोनस देगी। वर्तमान में प्रदेश में पूरे देश का 9% दुग्ध उत्पादन होता है, सरकार इसे 20% तक पहुंचाने के लिए प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आधुनिक भारत का भगीरथ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का देश की नदियों को जोड़ने का स्वप्न अब साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपए की लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंजूरी दी है। इसी माह लगभग 70 हजार करोड़ की लागत की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस परियोजना से मालवा क्षेत्र की पुरानी कहावत "मालव देश गहन गंभीर, डगडग रोटी, पग पग नीर" फिर से चरितार्थ होने वाली है। शाजापुर में मेडिकल और शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज भी खुलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, अब 30 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, 8 निर्माण अधीन है तथा 14 के टेंडर होने वाले हैं। इनमें शाजापुर का मेडिकल कॉलेज भी है। उन्होंने शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शाजापुर में आलू-प्याज मंडी बनाई जाएगी तथा पुरानी बाईपास को फोरलेन करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। मक्सी को तहसील बनाने की घोषणा पर भी कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 7 करोड रुपए की लागत के बस स्टैंड का आज शाजापुर में लोकार्पण किया गया है, यहां निजी बसों के अलावा भविष्य में राज्य परिवहन निगम की बसें भी आएगी। दो सरपंचों को पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले की ग्राम पंचायत खोरियाएमा सरपंच श्रीमती अनिता पाटीदार एवं सुन्दरसी सरपंच श्री देवीसिंह छावड़ी को ग्राम पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा। उल्लेखनीय है कि शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की पहल पर ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं उद्यानिकी, राजस्व, स्कूल शिक्षा के संबंध में हुए कार्यों की जानकारी का संकलन किया गया है। यह पंचायत प्रगति पत्रक ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण योजनाओं के लक्ष्य एवं प्रगति की संख्यात्मक जानकारी को प्रदर्शित करता है, इससे योजनाओं के मूल्यांकन में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड के लोकार्पण समारोह में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी और विधायक श्री अरूण भीमावद ने संबोधित किया। साहित्य अकादमी के निदेशक श्री विकास दुबे ने बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय दिया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण एवं शाजापुर जिले के प्रभारी श्री नारायण सिंह कुशवाह, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।   recent visitors 141

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।   recent visitors 199

उपग्रहों का प्रक्षेपण गौरवपूर्ण उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इसरो की नई उपलब्धि भारतीयों का गर्व बढ़ा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ईएसए के साथ मिलकर पीएसएलवी-सी 59 के माध्यम से पीआरओबीए-3 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए इसरो की पूरी टीम और समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आनंद की बात है कि यह मिशन सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया गया है, जिसकी सफलता से सूर्य के कई रहस्यों पर से पर्दा उठेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में नित नये इतिहास रच रहा है। प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके दृष्टिकोण का देशवासी अभिनंदन करते हैं।   recent visitors 85

मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को मुम्बई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री फडणवीस द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए जाने के बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर श्री एकनाथ शिंदे तथा श्री अजीत पवार को भी आत्मीय बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष रूप से उपस्थित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की और उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और महाराष्ट्र में श्री फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने से राज्य में समग्र विकास एवं लोक-कल्याण के नए प्रतिमान स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्वरूप विकसित भारत – विकसित महाराष्ट्र के संकल्प को साकार करने में भी सहायक होगा। recent visitors 79

मुख्यमंत्री बालाघाट में स्वदेशी मेले में हुए शामिल, कहा- उद्यमशीलता के संवर्धन का सशक्त माध्यम हैं मेले

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी स्टार्ट-अप, मेक-इन-इंडिया और वोकल-फॉर-लोकल के प्रेरणादायक आह्वान ने देश में उद्यमिता के पुनर्जागरण की अलख जगाई है। भारत आज इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंगलवार को बालाघाट में स्वदेशी मेले को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने मेले में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। साथ ही युवाओं को ऑफर लेटर और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किए और उपस्थित युवाओं से संवाद किया। स्वदेशी विचारक श्री भैया जी जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेले में आने के लिए श्री भैयाजी जोशी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेला का अर्थ मेल-जोल है और इसमें व्यापार के साथ ही सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेले का प्रारंभ वर्ष 1999 से निरंतर विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। मुम्बई से प्रारंभ स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय से छोटे-बड़े उद्योगों को बल मिला है। यह केवल मेला ही नहीं स्वदेशी मेले के रूप में मिनी इंडिया का स्वरूप देखने को मिल रहा है। यहाँ अलग-अलग प्रांतों की लोककला और कारीगरी को एक स्थान और एक मंच पर देखने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले हमारा देश सोने की चिड़िया हुआ करता था, हम दुनिया की शीर्षस्थ अर्थव्यवस्था थे और हमारे उद्योग, धंधे, मसाले, रेशम और मलमल जैसे चमत्कारी वस्त्र दुनिया भर में मशहूर थे। कहा जाता है कि ढाका का बना मलमल अंगूठी के छल्ले से निकल जाता था। अंग्रेजों ने हमारी इसी स्वदेशी ताकत को कमजोर बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और प्रेरणा से देश के साथ ही प्रदेश के युवा ने भी नौकरी मांगने नहीं, देने वाले बनने के गंभीर और दूरदर्शी संदेश को समझा। आज हमारे यहां 37 हजार से भी अधिक स्वदेशी स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। हमारा युवा उद्यमशील होकर नौकरी देने वाला बन रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से आगे बढ़ रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कंसेप्ट को आगे बढ़ाने में हमें प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन भी मिला है। हमारे प्रयास सफल रहे, हमने सागर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया और अब जल्द ही नर्मदापुरम में भी करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम में इंडस्ट्री के लिए पूर्व में आरक्षित 250 हेक्टेयर भूमि को बढ़ाकर 500 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसे हम 750 हेक्टेयर तक बढ़ायेंगे। इसमें नवकरणीय ऊर्जा पार्क और अन्य दूसरे उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव भी मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और इनसे 2 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि  हम उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को इंडस्ट्री-फ्रेंडली बनाने के लिये हर स्तर पर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हम उद्योगों को पारिश्रमिक के रूप में प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए की प्रारंभिक सहायता भी दे रहे हैं। प्रदेश में हुए 17 मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर के नागरिक के लिए भी अच्छे स्वास्थ्य और उसे चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है।  प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिन्हें बढ़ाकर हमने 17 कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदेश में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या भी 13 हो गई है। आने वाले वर्ष में 12 और सरकारी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी खोले जाएंगे, इनमें से एक बालाघाट में भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेले की सराहना करते हुए कहा कि इसमें आयुर्वेदिक औषधियों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाना अच्छी पहल है। कोविड त्रासदी के दौर में हमारी स्वदेशी आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली की जीवन-रक्षक शक्ति की महत्ता पूरे देश ने जानी समझी। आयुर्वेद में असीम संभावनाएं हैं, इसलिए प्रदेश सरकार इसे बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश का बजट 3.25 लाख करोड़ से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ हो चुका है। हमारा लक्ष्य इसे 7 लाख करोड़ रुपए तक ले जाना है, जिससे हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश को 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मेला हमारे जीवन का अभिन्न अंग बालाघाट में आयोजित स्वदेशी मेले के शुभारंभ में स्वदेशी विचारक श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि मेले हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं और इनमें स्वदेशी के समावेश से हम आर्थिक रूप से शक्तिशाली बन रहे हैं। श्री जोशी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारत सभी क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बन रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने इतना विकास किया है कि आज विदेशी भी इलाज के लिये भारत आते हैं। स्वदेशी मेले में आयोजक पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, आयोजक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इसमें जनजातीय कलाकारों ने आकर्षक लोकनृत्य की प्रस्तुति दी।   recent visitors 90

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री श्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।   recent visitors 70