जर्मनी डोरे पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएफसी एनर्जी का किया भ्रमण

भोपाल जर्मनी के म्यूनिख शहर में गुरुवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतवंशियों एवं प्रवासी समुदाय "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के साथ एक अनूठा संवाद किया। भाषणों और औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए, उन्होंने सहज, दोस्ताना और सारगर्भित चर्चा कर उन्होंने सभी को भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा। भारतीय संस्कृति के अनुरूप प्रारंभ हुए कार्यक्रम में प्रत्येक भारतवंशी को देशभक्ति और देशप्रेम से सराबोर कर दिया। संस्कृति और संवाद: भारतीयता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसका समावेशी और सकारात्मक दृष्टिकोण है। उन्होंने इसे इस तरह परिभाषित किया कि भारत में "परेशानी में आनंद ढूंढने की कला" और "सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा" है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी को भारत का करीबी बताते हुए कहा कि जर्मनी भी सत्य, संस्कृति और ज्ञान का सारथी है। यही कारण है कि दोनों देशों के विचार और मूल्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" का भारतीय रंग कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगे झंडे के सम्मान और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक हर कोने में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 लाख से अधिक भारतवंशियों और 35 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व जताया, जो जर्मनी में शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल कायम कर रहे हैं। रात्रि भोज पर संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतवंशियों के साथ रात्रि भोज के दौरान खुलकर संवाद किया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए भारतीय समुदाय को प्रोत्साहित किया कि वे जर्मनी में रहते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहें। यह आयोजन भारतीयता के गौरव, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक बना। डॉ. यादव के इस विशेष प्रयास ने "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" के मंच को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आत्मीय और प्रेरक अनुभव में बदल दिया, जहां भारतीय प्रवासियों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से फिर से जुड़ने का अवसर मिला। एसएफसी एनर्जी के साथ हरित ऊर्जा की नई साझेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गये इन्वेस्ट मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख के समीप ब्रुन्थल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा कर उसकी विशेषताओं को जाना। यह कम्पनी डायरेक्ट मेथेनॉल और हाइड्रोजन फ्यूल सेल निर्माण में अग्रणी कंपनी है। एसएफसी एनर्जी के सीईओ डॉ. पीटर पोडेसर ने कंपनी की प्रमुख तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में उनके नवाचारों से अवगत कराया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को मध्यप्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की। बर्लोकर, जो प्लास्टिक एडिटिव्स के क्षेत्र में अग्रणी जर्मन कंपनी है, वर्ष 2001 से मध्यप्रदेश के देवास में अपनी इकाई संचालित कर रही है। इस कंपनी ने प्रदेश में अब तक 400 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया है और 300 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है। बैठक में बर्लोकर के विस्तार की संभावनाओं, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विचार-विमर्श हुआ। यह सहयोग न केवल मध्यप्रदेश के प्लास्टिक उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाले एडिटिव्स से समृद्ध करेगा, बल्कि रोजगार के अवसरों और औद्योगिक विकास को भी गति देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरे को प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जर्मनी के साथ साझेदारी से मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा और नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। यह दौरा प्रदेश में ‘उद्योग वर्ष 2025’ के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।   recent visitors 68

भारतीय टेक्नोलॉजी और जर्मन एक्सपर्ट्स के समन्वय से होगा औद्योगिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलरी प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनॉटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, "जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है।" उन्होंने जर्मनी की आर्थिक सुदृढ़ता और परिवर्तन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे राष्ट्रीय विकास और रणनीतिक प्रगति का एक आदर्श मॉडल निरूपित किया। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच जलवायु नीति से जुड़े संकटों का समाधान, तकनीकी नवाचारों, उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की। उम्मीदों से बेहतर रही जर्मनी में हमारी औद्योगिक शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी और मध्यप्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जर्मनी की बवेरिया स्टेट के चांसलर डॉ. हैरमेन के साथ विस्तार से बात हुई है। मध्यप्रदेश में जर्मन एक्सपर्ट्स आयेंगे, साथ ही टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध करवायेंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं औद्योगिक प्रतिनिधि मंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल श्री शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष श्री राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे "लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनैतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। जर्मनी और मध्यप्रदेश सरकार के समन्वय से रोजगार के नए आयाम स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 8.50 करोड़ की जनसंख्या वाला देश जर्मनी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तकनीकी दक्षता के साथ जिस रूप में दुनिया के सामने उभरा वह आदर्श है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसको दूर करने के लिए हम मध्यप्रदेश में "लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट" खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बनें और मध्यप्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी पांचवीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में आज दुनिया के सामने है। यह अपने आप में प्रमाण है कि जर्मनी से सीखने के लिए बहुत कुछ है। हिन्दुस्तान के जर्मनी के साथ अतीत से मधुर संबंध है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलॉजी को सीखते हुए मध्यप्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी का सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के टेक्नीकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पॉलेटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जर्मन टेक्नोलॉजी उन्नत स्तर की है। हम जानते हैं इसमें कई चुनौतियां भी सामने आयेंगी, एक दूसरे के तकनीकी अनुभवों को साझा करते हुए हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस विदेशी दौरे के बाद भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसमें हमने जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया है। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाईयां आती हैं, उनको दूर किया जाएगा। इससे व्यापार और व्यवसाय की राह में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री यादव ने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से सहयोगात्मक विकास, तकनीकी उन्नति और आर्थिक समृद्धि की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सहयोग का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।   recent visitors 89

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोल आधारित विद्युत उत्पादन के लिए कोल आवंटन के लिए स्वीकृतिप्रदान की है। इससे 4100 मेगावॉट विद्युत उत्पादन के लिए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सभी विभागों को प्रगति के अवसर दिये हैं। वे जानते हैं कि बिजली के बिनाविकास की कल्पना संभव नहीं है। यह एक बड़ा अवसर है, जिससे हम प्रदेश में ही स्वयं के पॉवर प्लांट लगा सकते हैं। कोल आवंटन करेगा संजीवनी का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हम आज भी सरप्लस की स्थिति में हैं, परंतु औद्योगिक विकास के लिए नए उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप बिजली की खपत में भी निरंतर वृद्धि होती जा रही है। भविष्य की दृष्टि से भी हमें नए थर्मल पॉवर स्टेशन की आवश्यकता होगी। यह कोल आवंटन उसमें संजीवनी की तरह काम करेगा। हम थर्मल पॉवर के नए स्टेशन की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि साथ ही राज्य नवकरणीय ऊर्जा की ओर भी समान रूप से आगे बढ़ रहा है। 25 हजार करोड़ रूपये का प्राप्त होगा निवेश उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की आगामी लंबी अवधि की विद्युत मांग के आंकलन के आधार पर 27 नवम्बर को भारत सरकार की उच्च स्तरीय अंतर्विभागीय समिति द्वारा प्रदेश के ऊर्जा विभाग के प्रस्तुतिकरण के आधार पर कुल 4100 मेगावॉट के नए थर्मल पॉवर प्लांट लगाने के लिये कोयला आवंटन स्वीकृत किया गया है। इस संबंध में संयंत्र लगाने के लिये प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा निविदा जारी की जायेगी। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा। साथ ही हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश उद्योग, घरेलू एवं कृषि सिंचाई के लिये सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऊर्जा प्रदाय करेगा और ऊर्जा उत्पादन में आत्म-निर्भर बना रहेगा।   recent visitors 67

यूके और जर्मनी ही नहीं अन्य देशों में भी करेंगे निवेश के लिए यात्रा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यूके में प्रवास के दौरान ब्रिटिश संसद परिसर का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भ्रमण के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में वे सभी संभावनाएं हैं जिसके बल पर वह पूरे देश और दुनिया में बड़े पैमाने पर निवेशकों को आमंत्रित कर सके। मुझे इस बात का संतोष है कि आज ब्रिटेन में आए हैं, यहां से जर्मनी जाएंगे। समय मिला तो अन्य देशों में भी जाएंगे। मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसमें सफलता भी मिल रही है। सभी तरह के निवेशकों को करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हमने औद्योगीकरण ही नहीं पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रत्येक सेक्टर में बड़े पैमाने पर संभावनाओं का अध्ययन किया है। इसलिए मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक क्षेत्र में प्रगति के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जनसुविधाओं के लिए पर्याप्त धन राशि के साथ राज्य में इन व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना है तो हमें सभी तरह के निवेशकों को आमंत्रित करना होगा। स्वाभाविक रूप से मध्यप्रदेश में संभागीय स्तर पर जो रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव किए गए उनमें अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। इस नाते देश में और दुनिया में विशेष रूप से यूके और जर्मनी जैसे कई देश हैं जिनके यहां कई प्रकार के निवेशक हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करना आवश्यक है। अन्य देशों निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश करने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसा प्रयास किया जाएगा कि नई टेक्नॉलाजी और विभिन्न प्रकार के अलग-अलग सेक्टर में इसका लाभ किस तरह मिल सकता है। ऐसे में सभी निवेशकों को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने के लिए जब हम भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कर रहे हैं, तो हमारा फर्ज बनता है कि हर जगह हम अपनी बात रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ब्रिटिश संसद परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आजादी के संघर्ष में एक ऐसे अद्वितीय पराक्रम का प्रदर्शन किया था जिसके आधार पर पूरा देश आज भी गौरवान्वित है। अहिंसा के हथियार से दुनिया की बड़ी ताकत माने जाने वाली अंग्रेज सरकार को झुकाकर देश की आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अतुलनीय महत्व रहा है। ऐसे में हम उनको विनम्रता से स्मरण भी कर रहे हैं और उनके बताए अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में हम सक्षम हों ऐसी प्रार्थना परमात्मा से करते हैं। recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- युवा शक्ति मिशन से सशक्त होगा युवा नेतृत्व, लिखेगा मध्यप्रदेश के स्वर्णिम विकास की इबारत

भोपाल मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का स्वर्णिम एक वर्ष 13 दिसंबर 2024 को पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं विजनरी नेतृत्व में सरकार का फोकस पूरी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंत्र GYAN पर ध्यान (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण पर रहा है। आने वाला नव वर्ष 2025 पर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए सशक्तिकरण की सौगात लेकर आ रही है। प्रदेश के युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उनके कौशल उन्नयन के लिये ‘युवा शक्ति मिशन’ का शुभारंभ नववर्ष 1 जनवरी, 2025 से किया जायेगा। इस मिशन का उद्देश्य़ मध्यप्रदेश के विकास में युवाओं की व्यापक क्षमताओं का उपयोग करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि सशक्त युवा नेतृत्व से ही मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय रचा जा सकेगा। मिशन से मिटेगी शिक्षा, कौशल और रोज़गार के बीच की खाई युवा शक्ति मिशन की परिकल्पना ‘युवाओं’ में शिक्षा, कौशल विकास, और सामुदायिक सेवा जैसे प्रमुख नेतृत्व गुणों को विकसित कर उन्हें सक्षम बनाना है, जिससे वे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। ‘युवा शक्ति मिशन’ के केंद्र में युवा है और वह राष्ट्र की प्रगति के केंद्र में भी वही है। इसलिए युवाओं को नेतृत्व सक्षम बनाने के लिये आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करना ही इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही प्रदेश के युवाओं को सुशिक्षित करना ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक रूप से कुशल बनाना है। इस मिशन में युवाओं में व्यावसायिक कौशल को आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए इस तरह उन्नत बनाया जाएगा जिससे वे न सिर्फ अच्छे वेतन वाले रोज़गार प्राप्त कर सकें, अपितु सफल उद्यमी बन राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में भी अपना योगदान दे सकें। मिशन के अंतर्गत सरकार ने उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों के साथ सहयोग करते हुए मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार के विभिन्न रास्ते बनाए हैं। साथ ही युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन देकर उन्हें स्व-रोज़गार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘युवा शक्ति मिशन’ के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा नौकरी की तलाश में जुटी भीड़ में शामिल होने के स्थान पर नौकरी देने वाले उद्यमी बनेंगे। मिशन से युवा शक्ति में विकसित होगी सक्षम नेतृत्व क्षमता मुख्यमंत्री डॉ.यादव के रणनीतिक नेतृत्व में ‘युवा शक्ति मिशन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा सशक्तिकरण के विजन को कार्यान्वित करने में जुटा हुआ है। मिशन के क्रियान्वयन का प्रमुख पहलू युवाओं में नेतृत्व-विकास है। इसके लिए युवाओं को शासन और सामुदायिक सेवा में शामिल करके उनमें सक्षम तथा कुशल नेतृत्व के गुण विकसित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में युवाओं की भागीदारी उनके कौशल को निखारती है, साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक भी बनाती है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से होगा युवा सशक्तिकरण ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन से विकसित युवा मिशन प्रधानमंत्री मोदी के ‘GYAN पर ध्यान’ के मंत्र में शामिल युवा शक्ति के सशक्तिकरण का प्रभावी तंत्र बन कर उभरेगा।   recent visitors 58

मन की बात कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिए इन्दौर की हुई प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेशवासियों द्वारा सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। यह निश्चित रूप से सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के "मन की बात" कार्यक्रम से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम के 116 वां संस्करण सुनने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इंदौर की रेवती हिल्स इलाके में हुए पौधरोपण का हुआ उल्लेख रविवार 24 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में पेड़ लगाने के बने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में अभियान अंतर्गत 24 घंटे में 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। अभियान में हुई जन-सहभागिता से इंदौर की रेवती हिल्स का बंजर इलाका अब ग्रीन जोन में बदल जाएगा। डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल क्रांति में बुजुर्गों को भागीदार बनाने के लिए युवाओं द्वारा की जा रही पहल के अंतर्गत भोपाल के महेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मोहल्ले के कई बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखाया है। इन बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन तो था, लेकिन उसका सही उपयोग बताने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आहवान किया कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट के खतरे से बचाने के लिए भी युवा आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बार-बार लोगों को समझना होगा कि डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं है। यह सरासर झूठ है, लोगों को फसाने का एक षड्यंत्र है। यह प्रसन्नता का विषय है कि देश के युवा जागरूकता के इस काम में पूरी संवेदनशीलता से हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 'मन की बात' देश के सामूहिक प्रयासों,  उपलब्धियों, जन-जन के सामर्थ्य,  युवा सपनों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं की बात है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में एनसीसी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी भी कैरियर के लिए व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि 11-12 जनवरी को दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आय़ोजन हो रहा है। इसमें गांव, ब्लॉक, जिलों, राज्यों से लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को भी किताबों से दोस्ती करने के लिए पहल करना चाहिए। उन्होंने ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट के संबंध में भी चर्चा की। पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बायोडायवरसिटी बनाए रखने में गौरेया (स्पेरो) पक्षी का विशेष महत्व है। इस पक्षी की वापसी के लिए विभिन्न राज्यों में अनोखे प्रयास हो रहे हैं। अपने आसपास और सभी के ऐसे प्रयास करने से गौरेया फिर से हमारे जीवन का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकारी दफ्तरों में पुरानी फाइलों और स्क्रेप को हटाने के लिए चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान का उल्लेख भी किया तथा प्लास्टिक वेस्ट और अनुपयोगी समझीं जाने वाली चीजों को री-साईकल कर कचरे से कंचन बनाने के विचार को अमल में लाने की अपील भी की।   recent visitors 48

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है। recent visitors 79