एक हजार करोड़ के निवेश का बनेगा रोडमैप, राजस्थान-निवेश एमओयू के क्रियान्वयन की मुख्यमंत्री करेंगे त्रि-स्तरीय समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन विजन एवं रोडमैप के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के बाद हस्ताक्षरित हुए एमओयू के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल की है। एमओयू की त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक रूप से की जाएगी। वहीं, 100 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ रुपये तक की राशि वाले एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक रूप से की जाएगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से कम राशि वाले एमओयू की समीक्षा विभागीय सचिव स्तर पर साप्ताहिक रूप से की जाएगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए थे। जिनमें से लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के 261 एमओयू एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले हैं। इसी तरह, 100 करोड़ से अधिक एवं 1 हजार करोड़ रुपये से कम की राशि वाले एमओयू की संख्या 1 हजार 678 तथा इनकी कुल राशि 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये तक के एमओयू की संख्या 9 हजार 726 तथा इनकी कुल राशि लगभग 90 हजार करोड़ है। उल्लेखनीय है कि 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षरित हुए एमओयू की प्रगति-रिपोर्ट दिसंबर 2025 में प्रदेशवासियों के सामने रखने की घोषणा करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी थी। इस दिशा में त्रि-स्तरीय समीक्षा व्यवस्था की पहल कारगर साबित होगी। recent visitors 77

मुख्यमंत्री ने की विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सम्राट विक्रमादित्य न्याय, दानशीलता, सुशासन, वीरता की अद्वितीय मिसाल है। वे एक महान शासक थे। उन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से बाहर किया बल्कि सुशासन के सभी क्षेत्रों में उनका विशेष स्थान रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के साहस, पराक्रम और पुरूषार्थ, उनकी कथाएं, उनके द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत्, उनके महान इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उज्जैन को मूर्तिशील्प का केन्द्र बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के विभिन्न आयामों को देश और विदेश के सामने लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया है। सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत् के प्रवर्तन के अवसर पर उज्जैन में आने वाले दिनों में भव्य आयोजन किया जाएगा। विक्रमादित्य की न्याय परंपरा पर विश्वविद्यालय में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। विक्रम व्यापार मेले में सरकार द्वारा निवेशकों को मंच प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इन्हें और अधिक विकसित किया जाएगा। उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में अत्यंत वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विक्रम व्यापार मेले के आयोजन और विक्रमोत्सव के आयोजन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से गत वर्ष आयोजित विक्रम व्यापार मेले के बारे में मूलभूत जानकारी दी। बताया गया कि इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले के आयोजन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का चयन किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में विक्रम व्यापार मेले-2025 के लियिे स्थल के प्रस्तावित ले-आउट, प्रस्तावित दुकानों की जानकारी और आयोजन के संबंध में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस बार के व्यापार मेले में ऑटो एक्स-पो और धार्मिक पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के आयेाजन का उद्देश्य यह है कि सब लोग आपस में मिलें, एक नए जीवन का संकल्प लें और सभी के जीवन में खुशियाँ आएं।  बैठक में सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, एडीजी श्री उमेश जोगा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह, विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ.श्रीराम तिवारी, डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुँवर, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक, श्री बहादुर सिंह बोरमुण्डला, एमपीआईडीसी के श्री राजेश राठौर, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   recent visitors 56

राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जयपुर संभाग के विधायकों की ली बैठक, ‘आमजन से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लें विधायक’

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों को गुड गवर्नेंस देने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विधायकगण जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य करंे। साथ ही, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए बजटीय घोषणाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा ने कहा कि आमजन से जुड़े विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप बजट घोषणाएं की और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। विधायक जिला कलक्टर से संवाद कर इन सभी छोटे-बड़े कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। 8 करोड़ के परिवार के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में विधायकों ने जितना मांगा, उससे ज्यादा दिया। हमारी सरकार आगामी बजट में भी विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की मंशा अनुरूप घोषणाएं करते हुए उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की आठ करोड़ जनता के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित होकर सेवाभाव से निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनसेवा के लिए मंत्री-विधायक रहें तत्पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से जनसेवा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा प्रेषित सभी विषयों पर मंत्रीगण तत्परता से कार्य करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे। वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों का होगा समुचित समाधान श्री शर्मा ने विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर संज्ञान लेते हुए वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा को वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर वन विभाग द्वारा समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवश्यकता है उन्हें मार्गदर्शन के लिए केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। अनुपयोगी सामानों से जरूरतमंद का जीवन सुधारें मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की शुरूआत की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से कोई भी अनुपयोगी सामान जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकता है जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे इस जनसेवा के कार्य में आगे आकर आमजन को प्रोत्साहित करें। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का शीघ्र होगा संचालन श्री शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मुक्त सुगम यातायात के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसों के संचालन की कार्ययोजना को जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप वोकल फोर लोकल को प्रोत्साहित करते हुए हमने पंच गौरव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसकेे तहत एक जिला-एक उपज, एक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल का चिन्हीकरण कर जिले की विशेषताओं को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने विधायकों को पंच गौरव कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हुए निवेश प्रस्ताव का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक अपने जिला कलक्टर से निरंतर संवाद स्थापित करते हुए छोटे-बड़े सभी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक माह इन सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। निवेश की राशि को श्रेणियों में विभक्त कर जिला कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव तक के स्तर तक अनवरत समीक्षा भी जारी है। राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन अनुकरणीय पहल केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक वर्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर एक मिसाल कायम की है। सरकार गठन के एक वर्ष के भीतर ही राइजिंग राजस्थान जैसी अनुकरणीय पहल कर कई राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। बैठक में जयपुर संभाग की बजट घोषणाओं की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विधायकों ने जिलों के पुनर्गठन के निर्णय पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा सहित जयपुर संभाग से आने वाले विधायकगण उपस्थित रहे। recent visitors 48

विकास कार्यों से क्षेत्र में बदलाव और जनता का बढ़ा विश्वास, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर के विधायकों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन से सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आधारभूत विकास के साथ ही प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को राहत पहुंचाते हुए उत्थान और कल्याण सुनिश्चित करना है। शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निरन्तर बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का फीडबैक भी लेवें। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं को धरातल पर उतारना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के विधायकों से बजट घोषणाओं केे विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विधायकों से कहा कि आमजन के कल्याण एवं क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप जनहित के विकास कार्यों की सूची बनाकर भेजें ताकि इन्हें आगामी बजट में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों का करें प्रभावी संचालन— मुख्यमंत्री ने विधायकगणों को मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों के संचालन, अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना और खेलो इंडिया अभियान की तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देंश दिए। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों, योजनाओं, नीतियों व उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकों के कार्यों से ही क्षेत्र में बदलाव आता है और जनता का विश्वास कायम होता है। उन्होंने विधायकों के सुझावों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निवेश प्रस्तावों के उठाएं आवश्यक कदम— श्री शर्मा ने विधायकों से कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू को अपने क्षेत्र में धरातल पर उतारने के लिए जिला कलक्टर के साथ निरन्तर बैठक करें। साथ ही, प्रत्येक जिले में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक उपज, एक जिला-एक प्रजाति, एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक पर्यटन स्थल और एक जिला-एक खेल की नियमित मॉनिटरिंग कर इन्हें बढ़ावा देवें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी 10 नवीन नीतियों का भी प्रचार-प्रसार किया जाए। लखपति दीदी योजना के तहत लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर निरन्तर कार्यक्रम की समीक्षा करें। इस अवसर पर जोधपुर व उदयपुर संभाग से आने वाले मंत्रिगण एवं विधायकगण उपस्थित रहे। recent visitors 137

‘संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट’, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’

जयपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 117वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीएमआर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद एवं विधायकगण के साथ प्रधानमंत्री के सम्बोधन को सुना। मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को संविधान लागू होने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। ये हमारे लिए गर्व की बात हैं। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है, हमारा मार्गदर्शक है। संविधान की वजह से ही आज मैं आपसे बात कर पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस साल 26 नवंबर को संविधान दिवस से एक साल तक चलने वाली कई एक्टीविटिज शुरू हुई हैं। देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड  कर सकते हैं। हर क्षेत्र, हर वर्ग का हो रहा विकास – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ में उद्बोधन सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणादायी होते हैं। उनको सुनकर नवीन ऊर्जा का संचार होता है। देश निरन्तर उपलब्धियां हासिल कर रहा है, उसको जानकर हमें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के पथ पर तेजी से अग्रसर है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, वाणिज्य, रक्षा, तकनीक एवं सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति अर्जित की है। श्री शर्मा ने कहा कि श्री मोदी के विजन से विकास का इंजन दोगुनी रफ्तार से दौड़ रहा है, जिससे युवा, महिला, किसान एवं गरीब का उत्थान एवं कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। अनेकता में एकता का संदेश देता है महाकुंभ- प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी की 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है बल्कि इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा और छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब वे कुंभ में शामिल हों, तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। श्री मोदी ने बताया कि इस बार प्रयागराज में देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के भी साक्षी बनेंगे। मलेरिया, कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में भारत की बड़ी उपलब्धियां- श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो उपलब्धियां आज विश्व का ध्यान आकर्षित कर रही है। पहली उपलब्धि है मलेरिया से लड़ाई में। उन्होंने कहा कि 4 हजार से अधिक वर्षों तक मानवता के लिए मलेरिया बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रहा है। देशवासियों ने इस चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत मंे 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80 प्रतिशत की कमी आई है। यह सफलता जन-जन की भागीदारी से प्राप्त हो सकी है। उन्होंने कहा कि हमारी दृढ़शक्ति का दूसरा उदाहरण कैंसर के विरूद्ध लड़ाई है। जनजागृति एवं आयुष्मान भारत योजना से कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में अपेक्षित सफलता मिली है। आयुष्मान भारत योजना ने पैसे की परेशानी को काफी हद तक कम किया है और लगभग 90 प्रतिशत मरीज समय पर कैंसर का इलाज शुरू करवा पा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि कैंसर के मुकाबले के लिए एक ही मंत्र है-अवेयरनेस, एक्शन और एश्योरेंस। छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव- प्रधानमंत्री ने उड़ीसा के कालाहाड़ी का जिक्र करते हुए यहां के किसानों द्वारा स्थापित किए गए एफपीओ (किसान उत्पाद संघ) की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कम पानी और कम संसाधन होने के बावजूद यहां गोलाकुण्डा ब्लॉक में दस किसान एफपीओ की स्थापना कर ‘सब्जी क्रांति’ लाए। आज इससे 200 किसान जुड़े हुए हैं, जिसमें से 45 महिलाएं हैं। इसका टर्नओवर डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो गया है। उन्होंने एफपीओ को प्रोत्साहन देने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की सांस्कृतिक विरासत, फिल्म एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की क्षमता, फिल्मी जगत की कई हस्तियों के योगदान और बस्तर ओलम्पिक पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। recent visitors 102

मूंग का खरीद लक्ष्य और अवधि बढ़ाएं, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों के हित में मूंग के खरीद लक्ष्य को बढ़ाने सहित खरीद अवधि को भी 5 फरवरी तक बढ़ाने के संबंध में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। शर्मा ने राज्य में असमय हुई वर्षा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों में शिथिलता प्रदान करने के लिए भी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। इससे अधिकाधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित होने के साथ ही उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। recent visitors 67

प्रधानमंत्री के ’सुरक्षित महाकुम्भ’ की परिकल्पना के आवश्यक प्रबन्ध करें, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में की महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रयागराज मेंजनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ आई0सी0सी0सी0 सभागार में महाकुम्भ-2025की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ से पहले प्रयागराज में चल रहेसभी टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। प्रदेश पुलिस को इण्टेलिजेंस को और बेहतर करने तथा भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों के साथलगातार संवाद-समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के समयमें प्रयागराज के आस-पास माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाकुम्भ से पहलेउनके गुर्गों पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ’सुरक्षित महाकुम्भ’ कीपरिकल्पना की है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा बलों कीतैनाती के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिन 20 हजारपुलिसकर्मियों की तैनाती हुई है, उन सभी का प्रशिक्षण जरूर करा लिया जाए। उन्होंनेमहाकुम्भ में फायर सेफ्टी, घाट सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता आदि के सम्बन्ध में की2जा रही व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केदृष्टिगत एण्टी ड्रोन सिस्टम की उपलब्धता भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए किमेला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का आवागमन न हो। प्रयागराज नगर में ट्रैफिक जाम केसमाधान के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपेट्रोलिंग बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु सड़क मार्ग से आएंगे।अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और मीरजापुर की ओर से बड़ी संख्या में लोगों का आगमनहोगा। इसलिए शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रयागराज आने वाले सभी मार्गों केनवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों को पूरा कर लिया जाए। इसमें किसी प्रकार कीकोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इन मार्गों परयदि कहीं भी अतिक्रमण किया गया हो, तो प्रभावी कार्यवाही करते हुए उसे हटायाजाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने प्रयागराज महाकुम्भ की ओर आने वाले सभी मार्गोंके नवनिर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिए 05 जनवरी, 2025 की अंतिम तारीख तयकी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेतु निगम के 14 में से 12 सेतुओं का कार्य पूर्ण होगया है। यह संतोषजनक है। शेष दो सेतुओं का कार्य 05 जनवरी, 2025 तक पूरा करलिया जाए। संगम नोज पर ड्रेजिंग के कार्य में और तेजी की अपेक्षा है। 30 दिसम्बर,2024 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र मेंजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रत्येक दशा में 30 दिसम्बर, 2024तक पूरा कर लिया जाए। हर सेक्टर में 24×7 शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित कीजाए। सड़कों की मरम्मत एवं डिवाइडर की साज-सज्जा आदि का कार्य इसी माह केअन्त तक पूरा कर लें।मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जो पाण्टून पुल अभी तक क्रियाशील नहीं हुएहैं, उन्हें प्रत्येक दशा में एक सप्ताह में तैयार करा लिया जाए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्रीजी के इस एक दिवसीय दौरे के साथ ही प्रयागराज नगर में सूबेदारगंज सेतु पर एक3तरफ से आवागमन प्रारम्भ हो गया। तय समय-सीमा के अनुसार, पुल की एक लेन को31 दिसम्बर, 2024 और दूसरी लेन को मकर संक्रांति से पहले पूरा किया जाना था।लेकिन, यह काम एक सप्ताह पहले ही पूरा कर दिया गया। सूबेदारगंज पुल के निर्माणमें 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।मुख्यमंत्री जी ने अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों को भूमि आवंटन कीअद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नियमानुसार सभीको आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों कीओर से महाकुम्भ में अपने शिविर स्थापित करने के अनुरोध मिल रहे हैं, इस सम्बन्ध मेंयथोचित निर्णय तत्काल ले लिया जाए। नई संस्थाओं को भूमि आवंटन करने से पूर्वउनका सत्यापन भी कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकुम्भ विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति सेसाक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भीहोगा। ’स्वच्छ महाकुम्भ’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों कोप्रयागराज की स्वच्छता के लिए आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिए कि महाकुम्भ के दृष्टिगत 7,000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहांडेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंनेनिर्देश दिए कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर, यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़बनाए रखा जाए। recent visitors 101