बजट घोषणाओं को पूर्ण पारदर्शिता से करें क्रियान्वित, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं को आगामी बजट से पूर्व धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा करते हुए प्रदेश को विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएं। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2024-25 की चिन्हित बजट घोषणाओं पर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने 32 विभागों की विभिन्न घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में ब्राह्मणी नदी बांध परियोजना से दक्षिणी से पश्चिमी राजस्थान तक के क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग को योजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। समर कंटीजेंसी प्लान की तैयारी प्रारम्भ करें श्री शर्मा ने आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल सुविधा के बेहतर प्रबंधन के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को समर कंटीजेंसी प्लान पर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हैंडपम्प एवं ट्यूबवैल पानी की व्यवस्था का माध्यम है, वहां आंकलन कर अतिरिक्त ट्यूबवैल और हैंडपम्प लगाए जाएं। उन्होंने भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य प्रारम्भ नहीं करने पर लें सख्त निर्णय श्री शर्मा ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों का सघन सर्वेक्षण कराते हुए उन क्षेत्रों के मालिकों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने निर्धारित समयावधि में कार्य प्रारम्भ नहीं किया है। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों की पुनः नीलामी के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को आवासीय संपत्तियों के निस्तारण के लिए भी निर्देश दिए। आई.टी.आई. संस्थानों का हो नियमित निरीक्षण- मुख्यमंत्री ने ब्यावर, कोटा, जालौर, राजसमंद, सिकन्दरा में स्टोन मंडियों की स्थापना एवं स्टोन क्लस्टर्स के उन्नयन के कार्यों की समीक्षा करते हुए उद्योग विभाग को व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आई.टी.आई. संस्थानों के नियमित निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया। यातायात नियमों की पालना हो सुनिश्चित- श्री शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यातायात नियमों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवर स्पीडिंग वाहनों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि यात्री वाहनों की स्पीड सीमा को इंगित करती हुई एक दिशा-निर्देशिका बनाई जाए, जिसकी पालना पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने प्रदेशभर में छोटे एवं बड़े बस स्टैण्ड के लिए एकरूप मॉडल बनाने के निर्देश भी दिए। शर्मा ने दिव्यांगजनों एवं वंचित वर्ग की सुविधाओं के लिए जामडोली में स्वयं सिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ाने एवं कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समान कार्यों के लिए एक साथ ही टेंडर निकालने के लिए निर्देशित किया, ताकि समय की बचत हो सके और जनसुविधाओं के कार्य जल्द प्रारम्भ हो सके। श्री शर्मा ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषित जल को ट्रीट करने वाले प्लांट में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक एवं रिद्धी-सिद्धी चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव उपस्थित रहे, वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक वीसी के माध्यम से जुड़े। recent visitors 92

‘नीमराना-घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा’, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जापानी जोन में उद्यमियों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित हुई राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट प्रदेश की अर्थव्यवस्था और चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हुए हैं। साथ ही, राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रदेशवासियों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है जिससे राजस्थान के विकास को गति मिलेगी। शर्मा शुक्रवार को नीमराना के जापानी जोन में स्थित डाइकिन कम्पनी के सभागार में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीमराना व घीलोठ औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ इंजन साबित हो रहे हैं। देश के पहले जापानी जोन नीमराना में 51 जापानी कम्पनियां स्थापित हैं। जिनके माध्यम से करीब 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो में 7 जापानी कम्पनियों एवं जेट्रो ने जापान पैवेलियन में हिस्सेदारी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विशेष जोर है। प्रक्रियाओं और नीतियों को सरल बनाया जा रहा है। हमने 10 नई नीतियां जारी की हैं। 150 करोड़ रूपये के होंगे विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी कम्पनियों के राजस्थान में निवेश करने के रूझान को देखते हुए दूसरा जापानी जोन घीलोठ में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि नीमराना और घीलोठ में करीब 150 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य शीघ्र प्रारम्भ किए जा रहे हैं। इसमें साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-48 से केसवाना औद्योगिक क्षेत्र तक 1620 मीटर सीसी सड़क के निर्माण और 90 लाख रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में 4500 लीटर क्षमता के दो अग्निशमन वाहनों की आपूर्ति हेतु कार्यादेश जारी हो चुके हैं। शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना व घीलोठ में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी जीएसएस नीमराना जनरल जोन, 132 केवी जीएसएस जापानी जोन, 220 केवी जीएसएस घीलोठ और कोलिला जोगा में 33 केवी जीएसएस की स्थापना की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में करीब 19 करोड़ की लागत से एनएच-48 से औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ तक लिंक रोड का सुदृढ़ीकरण और स्ट्रीट लाइट के कार्य करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के विस्तार हेतु भी प्रदेश में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। नीमराना में पानी की समस्या को दूर करने के लिए ईआरसीपी से पानी लाने पर भी विचार किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने का कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी एवं एन.आई.सी. (एम) नीमराना में करीब 11 करोड़ रुपये व्यय कर 48 किलोमीटर लम्बाई में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा। साथ ही, लगभग 9 करोड़ रुपये व्यय कर नीमराना प्रथम, द्वितीय, ईपीआईपी, घीलोठ में बिजली की लाइनों को भूमिगत एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य और लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय कर औद्योगिक क्षेत्र घीलोठ में सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा हाईमास्ट के कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीमराना में बहुमुखी विकास के साथ खुशखेड़ा, भिवाड़ी, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र को डीएमआईसी नोड बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि उद्योगों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बांदीकुई में भी जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भारतीय दूतावास, टोक्यो एवं जेट्रो के सहयोग से नीमराना दिवस टोक्यो (जापान) में मनाया गया। इसी तरह राज्य सरकार और रीको की भागीदारी से प्रतिवर्ष 11 सितम्बर को नीमराना दिवस मनाया जाएगा।जेट्रो के डायरेक्टर जनरल श्री ताकाशी सुजुकी ने कहा कि नीमराना औद्योगिक क्षेत्र के जापानी जोन में जापानी कम्पनियों का बेहतरीन अनुभव रहा है। भविष्य में जापानी कम्पनियों के द्वारा राज्य में और निवेश किया जाएगा। उन्होंने राइजिंग राजस्थान समिट आयोजन को निवेशकों के लिए अच्छा अवसर बताया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा, विधायक डॉ. जसवन्त सिंह यादव, श्री देवीसिंह शेखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री रोहित गुप्ता, रीको के प्रबंध निदेशक श्री इन्द्रजीत सिंह, संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता, जिला कलक्टर कोटपूतली-बहरोड़ श्रीमती कल्पना अग्रवाल, बीड़ा भिवाडी सीईओ श्री अतुल प्रकाश, नीमराना इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल कौशिक, लघु उद्योग भारती नीमराना अध्यक्ष श्री के.के यादव, घीलोठ मन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन महासचिव श्री राजा सोनी, हीरो मोटोकॉर्प से श्री पराग गोयल, डाइकिन प्लांट हेड श्री संदीप भट्टाचार्य सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 215

‘बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता’, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं। recent visitors 105

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। recent visitors 69

पिता और बेटों संग भरतपुर पहुंचे, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथ जी मंदिर में की पूजा-अर्चना

भरतपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के प्रसिद्ध श्रीनाथ जी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ उनके पिता और दोनों बेटे भी मंदिर पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और स्थानीय पुजारियों से आशीर्वाद लिया। जनता का उत्साह और स्वागत : मुख्यमंत्री के मंदिर दौरे की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद करते हुए प्रदेश के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर : पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनके सौंदर्यीकरण के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों को संरक्षित किया जाए और उन्हें पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री के साथ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, डीग-कुम्हेर विधायक डॉक्टर शैलेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ-साथ जनता के बीच विश्वास और संवाद का प्रतीक भी रहा। पूजा-अर्चना के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और विकास की कामना की। recent visitors 83

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे। recent visitors 95

मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा: मुख्यमंत्री

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश में हुई छठी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 31,800 करोड़ के प्रस्ताव मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने नर्मदापुरम को लेकर कहा है कि मोहासा-बाबई का औद्योगिक क्षेत्र कर्मशील मानव संसाधन औद्योगिक विकास में सहायक बनेगा. मोहासा में विद्युत एवं नवकरिणी ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पार्क सहित नवीन इकाइयों का मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भूमि पूजन भी किया. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को सफल मानते हुए सरकार दावा कर रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र लाखों लोगों को रोजगार देने वाला बनेगा. नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अलग-अलग प्रकार के 31,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा पुरम में एमपीआईडीसी का सर्व सुविधा युक्त कार्यालय शुरू होगा. सभी प्रकार की सुविधा होगी प्राप्त इसके माध्यम से उद्योगपतियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी. इतना ही नहीं, सिंगल विंडो पर उन्हें सभी प्रकार की सुविधा प्राप्त होगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशक एवं उद्योग जगत के लोगों से अलग-अलग टेबल पर बातचीत भी की. मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा पुरम में औद्योगिक गतिविधियों में आने वाले समय में तेजी आने वाली है. रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दौरान रीवा की सात उद्यम इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पर पहले रेल नहीं चलती थी वहां अब हवाई जहाज उड़ान भर रहे हैं. मध्य प्रदेश में आने वाले समय में और भी विकास की प्रबल संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. इन उद्योगों पर रहा फोकस नर्मदा पुरम में आयोजित इंडस्ट्री में देश ही नहीं बल्कि विदेशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. आयोजन में कनाडा, मेक्सिको, नीदरलैंड, मलेशिया आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस इन्वेस्टर कॉन्क्लेव में फूड इंडस्ट्री,  कृषि, डेयरी, पर्यटन, कपड़ा उद्योग आदि पर विशेष फोकस रहा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि नर्मदा पुरम आने वाले समय 24000 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि सभी सेक्टर में शुरू होने वाली इंडस्ट्री में 50000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. recent visitors 116