हर घर तिरंगा अभियान के तहत मैराथन आयोजित, राजस्थान-जयपुर में तिरंगा लेकर दौड़े मुख्यमंत्री

जयपुर. हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्बर्ट हॉल से तिरंगा मैराथन के धावकों को रवाना किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज थामे स्वयं भी धावकों के साथ मैराथन में हिस्सा लिया। जयपुर ग्रेटर नगर निगम द्वारा आयोजित इस रैली में हजारों धावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर शर्मा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐसी अभिनव पहल है, जो देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव की भावना जागृत करती है। आजादी के अमृत महोत्सव में शुरू किया गया यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन गया है। इस अभियान के तहत घर पर ध्वज फहराना ना केवल तिरंगे से व्यक्तिगत जुड़ाव का अहसास करवाता है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हम सभी नागरिकों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान प्रतीक है। हम सभी को देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से काम करें, जिससे देश एवं प्रदेश आगे बढ़ सके। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर, जयपुर कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित सहित नगर निगम ग्रेटर के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 96

मुख्यमंत्री निवास पर आज रक्षाबंधन थीम पर होगा महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन

भोपाल प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला जन-प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जायेगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जायेगी। सम्मेलन में महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये है। सम्मेलन में रक्षाबंधन पर केन्द्रित होंगे कार्यक्रम रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए सम्मेलन में विविध कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम स्थल पर "भाई के नाम बहन की पाती" संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिन्ह और उपहार दिये जायेंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिये नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम "देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम" पर रखी गई है। प्रदर्शनी सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जायेगी। पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंस ध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे आयोजित किया जा रहा है।   recent visitors 134

जनदर्शन कार्यक्रम में किया वितरण, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीन दिव्यांगों को दीं ई-ट्राई साइकिल

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान तीन दिव्यांगों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की। इस अवसर पर दिव्यांग कोमल लहरे, सना परवीन, और ठगिया साहू ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। रायपुर जिले के चौरसिया कॉलोनी की 18 वर्षीय सना परवीन, ग्राम सेरीखेड़ी की निवासी कोमल लहरे, और धमतरी जिले के ग्राम कचना के निवासी ठगिया साहू को पहले आने-जाने के लिए अपने परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब उन्हें गांव के भीतर और बाहर आने-जाने में और अपने कामों को पूरा करने में सुविधा होगी। दिव्यांग कोमल लहरे ने बताया कि उनके पास पहले एक ट्राई साइकिल थी, जो अब खराब हो चुकी है। आज जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा बैटरी चलित ट्राई साइकिल मिलने से अब उन्हें अपने व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। वे ग्राम सेरीखेड़ी में आलू-प्याज बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले तीनों व्यक्तियों को ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल प्रदान की गई है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों को सरलता से कर सकें और स्व-रोजगार के माध्यम से अपना जीवनयापन कर सकें। recent visitors 100

रक्षाबंधन का उपहार देने का किया वादा, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री ने बहनों से बांधवाई राखी

रायपुर. आज मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने दो बहनें आईं। उन्होंने कहा कि  रक्षाबंधन से पहले जनदर्शन में आए हैं इसलिए पहले राखी बांधेंगी। रिशी अग्रवाल और सिद्धका गोस्वामी  बिलासपुर और बेमेतरा से मुख्यमंत्री के लिए राखी लेकर आई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। रिशी ने बताया कि उनके पिता डॉ जे पी वर्मा शासकीय महाविद्यालय बिलासपुर में प्रोफेसर के पद पर थे। उनका निधन हो गया उन्हें अनुकंपा नियुक्ति उनकी शिक्षा के मुताबिक मिले तो अच्छा लगेगा और उन्होंने तृतीय श्रेणी के पद के लिए आग्रह किया। इसी तरह सिद्धिका गोस्वामी ने बताया कि वे परपोडी बेमेतरा से हैं। उनके पिता गोडमर्रा विद्यालय में टीचर थे उनका निधन हो गया और अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए उन्होंने आवेदन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप राखी के पूर्व मेरे लिए राखी लेकर आई है और आपने मेरे हाथों में राखी बांध दिया। छत्तीसगढ़ की सभी बहनों का स्नेह मुझ पर है।रक्षाबंधन का तोहफा मैं आपको अनुकंपा नियुक्ति के रूप में जल्दी प्रेषित करूंगा। recent visitors 73

ई-जादुई पिटारा की बताए गईं खूबियां, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री पहुंचे जशपुर के स्कूल में

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष आज जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुआं में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए संचालित डिजिटल एप ई- जादुई पिटारा की खूबियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षिका श्रीमती शशिकिरण कश्यप ने बहुत ही सुंदर तरीके से एक छोटी सी कहानी बताई। कक्षा 5वीं के बच्चे प्रतीक कुजूर, स्नेहा मिंज और प्रियंका बाई ने किस तरह खेल-खेल में इस एप के माध्यम से सिखाया जाता है उसका बहुत ही सुंदर प्रदर्शन किया। ई-जादुई पिटारा नई शिक्षा नीति ने तहत ही बनाया गया है ताकि बच्चों को पढ़ाई  बोझ न लगे और नवाचार के माध्यम से  बच्चे कठिन विषयों को भी  खेल खेल के माध्यम से आसानी से सीख सकते हैं। यह एप में मुख्य रूप से प्राइमरी तक के बच्चों के लिए बनाया गया है। इस एप के माध्यम से बच्चों  को उनके रुचि के अनुकूल बहुत ही सरल और मनोरंजक तरीके से सिखाया जाता है। इस एप्प में कहानियां, बालगीत, पहेलियां, कार्ड, ऑडियो पुस्तकें, खिलौने और खेल, हैंडबुक चार्ट और जादुई पिटारा बॉक्स के माध्यम से बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। इस एप से बच्चे, शिक्षक और पालक जुड़े रहते हैं।  कोई भी स्कूल में यदि कोई भी रचनात्मक गतिविधि होती है तो उसे इस एप में अपलोड कर सकते है। जिसे कोई भी पालक, बच्चे और टीचर अवलोकन कर सकते है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और पूरे मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल उपस्थित थे। recent visitors 100

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के शुभंकर (बालक-विद्युत और बालिका-बिजली) का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पौध-रोपण के लिए आरंभ किया गया, "एक पेड़ माँ के नाम" कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और वसुंधरा को संवारने के उनके मन के भाव और संकल्प का प्रकटिकरण है। पौध-रोपण का यह अभियान, परमात्मा से प्रकृति के रूप में जो हमें प्राप्त हुआ है, उसे वापस लौटाने का एक प्रयास भी है। विकास के क्रम में हुए प्रकृति के क्षरण की प्रतिपूर्ति करने और संतुलन बनाए रखने में भी पौध-रोपण से मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौध-रोपण के "एक पेड़ माँ के नाम" कार्यक्रम अंतर्गत ऊर्जा विभाग के गोविंदपुरा स्थित निष्ठा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने परिसर में आंवले का पौधा भी लगाया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मालती राय तथा अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे। माँ के नाम पौध-रोपण ने लोगों को कार्यक्रम से आत्मीय रूप से जोड़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति मातृ-सत्ता की उपासक है और पौध-रोपण अभियान को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने माँ का नाम देकर प्रत्येक व्यक्ति को अभियान से आत्मीय रूप से जोड़ा है। माँ के नाम से अथवा उनकी स्मृति में पौधा लगाना इस बात का भी प्रतीक है कि हमने जो प्रकृति से पाया है, उसे लौटाने का भी हमारे मन में भाव हैं। भारतीय संस्कृति वृक्षों को बहुत महत्व प्रदान करती है, ब्रह्म पुराण में एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर मानना इस बात का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर ऊर्जा विभाग द्वारा जारी (बालक-विद्युत और बालिका-बिजली) शुभंकर का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वृक्ष स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रोपा पौधा ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भी निष्ठा परिसर में आंवले का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में ऊर्जा विभाग के प्रदेश में स्थित विभिन्न परिसरों में पौध-रोपण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए पौध-रोपण के साथ गोविंदपुरा स्थित निष्ठा परिसर में एक सौ पौधे एवं प्रदेश में एक लाख पौधे रोपे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पौध-रोपण में सहभागिता के लिए मंत्री श्री तोमर ने आभार व्यक्त किया।   recent visitors 101

छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव बोले-बच्चे की पहली पाठशाला है परिवार, मेगा पालक शिक्षक बैठक में पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बंदरचुंआ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मेगा पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों से कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने। बच्चों के माता पिता के साथ कुछ बच्चों के दादा दादी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  परिवार किसी भी बच्चे की पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु। शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक संवाद का कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिले और बच्चे के शैक्षणिक प्रगति में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने बताया कि आज स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत सी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि अपने बच्चों के शिक्षकों से सतत संपर्क में रहें। इससे बच्चे के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिलेगी ही साथ ही आपकी सहभागिता से बच्चे के गलत संगत में जाने की आशंका भी नही होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पालकों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साढ़े पांच हजार संकुलों में मेगा पालक शिक्षक मीटिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री महोदय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात रखी कि प्राइवेट स्कूल में पीटीएम आयोजित होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में यह नही होता है। इसे हमें लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह पालक शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। यह बच्चे के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य है पढ़ाई लिखाई और स्कूली गतिविधियों में शिक्षकों के साथ पालकों की सहभागिता हो। दादा ने बताया-मैं भी यहां से पढ़ा मेरा पोता भी यहीं से पढ़ रहा – डोंडापानी के श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि वे खुद इसी स्कूल से पढ़े हैं और अब उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है। वहीं दूसरा पोता अभी जीव विज्ञान विषय के साथ कक्षा 11वीं में है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में एक शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक कहते थे मैं आपको तो पढ़ा ही रहा हूं आपके साथ आपके बच्चों की अच्छी शिक्षा का माध्यम भी बन रहा हूं क्योंकि आप शिक्षित होंगे तो आपका बच्चा भी निश्चित रूप से शिक्षित होगा। पालक शिक्षक के बीच संवाद से बच्चे के शिक्षा के स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग होगी और उनकी नींव मजबूत होगी। इसी प्रकार फिलसिता कुजूर ने बताया कि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं लेकिन अपनी पोती को अच्छे से पढ़ाने लिखाने का प्रयास कर रहे हैं। पालक शिक्षक बैठक सभी पालकों को उनके बच्चों के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे वे घर में भी बच्चों पर मेहनत कर पाएंगे। recent visitors 97