दिल्ली विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझाने के बाद मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा

नई दिल्ली/श्रीनगर दिल्ली में आज मतगणना का दिन है. वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझान बीजेपी के पक्ष में आ रहे हैं. अब तक के डेटा के अनुसार, बीजेपी 32 सीटों पर आगे चल रही है जबकि AAP सिर्फ 14 सीटों पर बढ़त हासिल कर पाई है. वोटों की गिनती के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कांग्रेस और AAP पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'महाभारत' सीरियल का एक सीन शेयर करते हुए उमर अब्दुल्ला ने सिर्फ इतना लिखा, 'और लड़ो आपस में!'… साफ है कि उनका इशारा दिल्ली में कांग्रेस और AAP के अलग-अलग चुनाव लड़ने के फैसले पर है. विधानसभा चुनावोंं में काम नहीं करता है 'इंडिया' ब्लॉक कांग्रेस और AAP केंद्र में इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं लेकिन विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन काम नहीं करता है. पहले हरियाणा और फिर दिल्ली में कांग्रेस और AAP ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा और दोनों ही जगह बीजेपी को फायदा हुआ. सही साबित होते दिख रहे एग्जिट पोल दिल्ली में पांच फरवरी को वोट डाले गए थे. नतीजों से पहले जारी हुए एग्जिट पोल्स में बताया गया था कि अबकी बार बीजेपी के लिए दिल्ली दूर नहीं है यानी एग्जिट पोल्स में बीजेपी को बहुमत मिलता बताया गया था. शुरुआती रुझानों में एग्जिट पोल सही साबित होते दिख रहे हैं. बता दें कि दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा सीट के लिए 5 फरवरी को मतदान हुआ था. इस दौरान कुल 60.54 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था.चुनाव के दौरान तीनों दलों ने जमकर प्रचार प्रसार किया था. पीएम मोदी ने किया प्रचार बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार का नेतृत्व किया. इस दौरान पार्टी ने यमुना नदी के कथित जहरीली होने और मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल के आवास के रेनोवेशन का मुद्दा उठाया. वहीं, AAP ने अपने 11 साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा क्षेत्र में अपनी परफोर्मेंस को जनता के सामने रखा. दूसरी ओर कांग्रेस भी जमकर प्रचार किया. इस दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले को लेकर मामले में कथित भूमिका के लिए केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया पर निशाना साधा. दो चुनावों में AAP का रहा दबदबा बता दें कि दिल्ली में लगातार 15 साल तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस को पिछले दो विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इतना ही नहीं पार्टी एक सीट भी अपने नाम नहीं कर सकी. इसी तरह बीजेपी भी दो दशक से अधिक समय दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि पिछले दो चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था.   recent visitors 33

कश्मीर में पहली बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों एक पार्टी से, अब हमारे विरोधी क्या कहेंगे : CMअब्दुल्ला

जम्मू जम्मू कश्मीर के नए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस केवल मुस्लिमों की पार्टी नहीं है। यदि ऐसा होता तो किसी भी हिंदू को उपमुख्यमंत्री नहीं बनाते। परिणाम के बाद ही कुछ लोग कहना शुरू हो गए थे कि नेकां मुसलमानों और कश्मीरियों की पार्टी है, जिसमें जम्मू को कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन हमने जम्मू से हिंदू उपमुख्यमंत्री बनाया।कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि हिंदू उपमुख्यमंत्री बनाना उन लोगों को जवाब है, जो नेकां को परिवारवाद वाली पार्टी कहते थे। उपमुख्यमंत्री हिंदू है और जम्मू का है और मेरे परिवार से संबंध नहीं रखता है। पहले उपमुख्यमंत्री गठबंधन की मजबूरी में बनाए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। बिना किसी मजबूरी या दबाव में हमने उपमुख्यमंत्री बनाया। पहली बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों एक पार्टी से हैं। अब हमारे विरोधी क्या कहेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला  पहली बार जम्मू पहुंचे। पार्टी कार्यालय में उनका कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उमर भाजपा पर हमलावर रहे। सीएम ने कहा, कुछ लोगों ने बीते आठ सालों में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को खत्म करने के लिए हर हथकंडा अपनाया। जिस तरह से परिसीमन करवाया, आरक्षण में बदलाव किया, उसका उद्देश्य सिर्फ एक पार्टी को लाभ पहुंचना था, लेकिन लोगों ने उस सब को एक तरफ रखकर सोच-समझकर वोट दिया। भाजपा पर आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा कि बीते आठ सालों में हमारे नेताओं को डराया गया। कुछ लोग पार्टी छोड़ गए तो उन्हें लगा था, उनके जाने से पार्टी खत्म हो जाएगी, लेकिन नेकां कार्यकर्ताओं ने साबित कर दिया कि पार्टी नेताओं की नहीं कार्यकर्ताओं की है। चुनाव में जीते निर्दलीय उम्मीदवारों ने बिना किसी शर्त के पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला लिया। खुद के लिए कुछ नहीं मांगा। अब फैसले कार्यालय या सचिवालय में नहीं लिए जाएंगेसीएम ने कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं को सरकार से उम्मीद है। उन्हें भी कई साल हुए हैं सचिवालय गए हुए। अधिकारियों को कुछ समय दो, उन्हें आदत हो जाए कि अब लोगों की सरकार है। अब फैसले बिना लोगों की राय के सचिवालय या अधिकारियों के कार्यालयों में नहीं लिए जाएंगे। अब प्रोजेक्ट और डीपीआर बनेंगे। लोग जो चाहेंगे, वह काम उनके इलाके में होगा।   recent visitors 149