पाकिस्तान से आई CM फडणवीस को मारने की धमकी, मुंबई पुलिस ने शुरू की जांच

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस पर हमला करने की धमकी मिली है. मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप पर धमकी भरा संदेश भेजा गया है. धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी है. मुंबई के ट्रैफिक पुलिस को पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज आया है. धमकी मिलते ही पुलिस अलर्ट पर है और जांच शुरू कर दी गई है. धमकी देने वाले शख्स ने अपना नाम मलिक शाहबाज हुमायूं राजा देव बताया है. पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि संदेश भेजने वाला शख्स भारत से ही है या बाहर का है. पहले डिप्टी सीएम की गाड़ी को उड़ाने की मिली थी धमकी बता दें, पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. शिंदे की गाड़ी को उड़ाने की धमकी देना वाल ईमेल गोरेगांव और जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन, सीएमओ और विभिन्न मंत्रालयों सहित कई आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था. गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है. क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी ने कुबूल कर लिया है कि वह ईमेल उसने ही भेजा था. मुंबई पुलिस सहित अन्य जांच एजेंसियां इसके बाद से धमकी देने के मुख्य कारण का पता लगा रही हैं. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिली धमकी के मामले पुलिस ने बीएनएस की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. 3 साल पहले भी मिली थी 26/11 जैसे हमले की धमकी पाकिस्तान के एक नंबर से 20 अगस्त 2022 को भी धमकी भरा एक मैसेज मुंबई पुलिस को मिला था. धमकी देते हुए शख्स ने कहा कि मुंबई में फिर से 26-11 जैसा हमला होगा. ये मैसेज भी मुंबई के ट्रैफिक पुलिस को व्हाट्सएप पर भेजा गया था. मामले में गोरेगांव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) और 353(2) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. बाद में बुलढाणा जिले से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय मंगेश वायल और 22 वर्षीय अभय शिंगणे के रूप में हुई थी. recent visitors 41

CM फडणवीस अब लव जिहाद कानून लाने की तैयारी, एक्शन में सरकार, पैनल का किया गठन

मुंबई  महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार अब लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। सरकार ने ऐसे मामलों के खिलाफ नए कानून के अध्ययन करने के मकसद से राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, विधि एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव और गृह विभाग के उप सचिव शामिल हैं।  सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, यह समिति राज्य में मौजूदा स्थिति का अध्ययन करेगी और लव जिहाद एवं जबरन धर्मांतरण की शिकायतों से निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों के संबंध में सुझाव देगी। यह समिति कानूनी पहलुओं और अन्य राज्यों में बनाये गये कानूनों पर भी विचार करेगी। इसके साथ ही वह जबरन धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ की घटनाओं को रोकने के लिए कानून की सिफारिश करेगी। दिल्ली में अमित शाह के साथ फडणवीस की मीटिंग इससे पहले नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों में तीन नए आपराधिक कानूनों को जल्द से जल्द लागू करने को कहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार को नए आपराधिक कानूनों के अनुसार अभियोजन निदेशालय बनाना चाहिए। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने क्रमशः औपनिवेशिक युग की भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 का स्थान लिया है। ये नए कानून पिछले साल एक जुलाई से लागू हुए। अमित शाह ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द राज्य के सभी आयुक्तालयों में नए आपराधिक कानूनों को लागू करना चाहिए।’’ बैठक में राज्य में पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की द्वि-साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए, जबकि मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए। recent visitors 44