रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी। recent visitors 42

जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।   recent visitors 53

सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सिक्योरटी और बढ़ा दी है।अब सीएम की सुरक्षा में तीन नए डीएसपी तैनात होंगे, जबकि एक डीएसपी को हटाया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद अब सीएम की सुरक्षा का कोटा भी पूरा हो गया है।चुंकी मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते में छह डीएसपी के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से दो पद रिक्त थे।अब उनकी सुरक्षा में 3 नए डीएसपी तैनात अफसरों किए गए है जिससे जितने पद खाली थे वे भर गए है। वही सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया है। इन 3 अफसरों को मिला सीएम की सुरक्षा का जिम्मा मध्य प्रदेश गृह विभाग ने सीएम की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी को हटाकर तीन नए डीएसपी की पोस्टिंग की है। गुरुवार को शासन द्वारा जारी आदेश में एसडीओपी भांडेर-दतिया कर्णिक श्रीवास्तव को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है। एसडीओपी पवई-पन्ना सौरभ रत्नाकर और सहायक सेनानी आर-एपीटीसी इंदौर हेमेंद्र सूर्यवंशी को भी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है।ये तीनों अधिकारी अभी अलग-अलग जिम्मेदारियों में थे, लेकिन अब इन्हें सीएम मोहन की सुरक्षा में तैनात किया गया है। फरवरी में सामने आया था सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला दरअसल, फरवरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर क्षेत्र में बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बल भी तैनात किया गया था, इसी दौरान एक संदिग्ध युवक कोट पेंट पहने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम मोहन यादव के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था, युवक के गले में एक आईडी कार्ड और हाथ में वॉकी-टॉकी भी था। जैसे ही एडिशनल एसपी नितेश भार्गव की नजर उस पर पड़ी पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर महाकाल थाना भेज दिया गया था। recent visitors 70

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 71

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।   recent visitors 94

आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला। औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।   recent visitors 70

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।   recent visitors 59