देवास जिले से सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की

देवास लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,553 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि अब बहनों को धीरे-धीरे 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसानों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के तहत 81 लाख किसानों के खातों में ₹1,624 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों को ₹337 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 144 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 102 करोड़ रुपये की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 42 करोड़ रुपये की लागत से 16 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी ली। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्जवलन कर कन्या पूजन किया। कलश यात्रा का समापन कर पार्वती, कालीसिंध और चम्बल तीनों नदियों के जल से जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में उन्होंने संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लेकर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रियंका गांधी को नकली गांधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भगवान और सनातन के प्रति दुर्भावना है। गांधी परिवार अयोध्या दर्शन के लिए नहीं गया। प्रयागराज भी नहीं गया। उन्होंने कहा कि रंजीत सागर सिंचाई परियोजना में क्षेत्र के 52 गांव डूबने वाले थे, परंतु अब पार्वती-कालीसिंध- चम्बल लिंक परियोजना से 66 गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में धीरे धीरे 3 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल और देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर की घोषणा भी की। recent visitors 58

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही 'द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन' (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत 'एक जिला-एक उत्पाद' के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।   recent visitors 61

पीएससी अंतर्गत तीन वर्ष के पद एक ही वर्ष में भरे जाएंगे, परीक्षाएं होंगी अलग-अलग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आरंभ की गई है। युवा अपने सपनों को साकार करें, जीवन में आगे बढ़ें, प्रदेश और समाज को आगे बढ़ाएं, इस उद्देश्य से राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है। युवाओं के जीवन में एक नया सूर्य ऊगे, वे अपने जीवन को आलौकिक करें, अपनी ऊर्जा का समाज हित में उपयोग करें, युवा दिवस के संदर्भ में युवाओं से यही अपील है। इसी क्रम में राज्य सरकार 12 जनवरी से प्रदेश में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन का क्रियान्वयन भी आरंभ कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को जनवरी माह की अनुदान राशि का अंतरण कालापीपल जिला शाजापुर से किया जाएगा। युवाओं को उन्नति और प्रगति के सभी अवसर प्राप्त हों इस उद्देश्य से राज्य सरकार बहुआयामी गतिविधियां संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बैकलॉग के पदों को भरने जा रही है। पीएससी के अंतर्गत गत तीन वर्ष के जो पद हैं, उनको ही एक ही वर्ष में तीन अलग-अलग परीक्षा कराकर भरने का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का मुख्य आधार प्रदेश की युवा शक्ति है। युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर प्राप्त हों, इस उद्देश्य से कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में आरंभ हुए रीवा, उज्जैन सहित अन्य आई.टी. पार्कों के माध्यम से युवाओं को अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के परिणामस्वरूप रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि के साथ ही शासकीय विभागों में भर्ती की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज आरंभ किए गए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी के कॉलेज आरंभ किए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल को सम्मिलित करते हुए 2 वर्ष में 25 मेडिकल कॉलेज आरंभ किए जाएंगे।   recent visitors 105

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 70

मुख्यमंत्री ने किया निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन, मई माह में होगा पूर्ण

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलेगी। यहाँ कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का गौरव कला संकुल मई माह में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 35 करोड़ रूपये की लागत वाला कला संकुल एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जमीन पर इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। कला संकुल परिसर के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। अवलोकन के दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री दिव्यांक सिंह सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर श्रीमती महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कला संकुल के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में तैयार हो रहे कला क्षेत्र के इस बड़े गौरव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को कलेक्टर श्री आशीष सिंह और श्री दिव्यांक सिंह ने कला संकुल की प्रगति के बारे में बताया। कला संकुल से मिलेगा पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा इन्दौर नगर निगम द्वारा इन्दौर शहर में कला क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को ध्यान में रखते हुए शहर के कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े अनेक कलाकारों के लिये उचित संस्थान देने के लिये यह संकुल तैयार किया जा रहा है। इससे शहर की अपनी पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन देने हेतु इन्दौर नगर निगम द्वारा जन-प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन एवं कला और संस्कृति से जुडे़ कलाकारों के साथ विचार-विमर्श कर शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जीर्ण-शीर्ण मराठी स्कूल भवन की उक्त भूमि पर सर्वसुविधा युक्त इससे कला संकुल की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कला संकुल का निर्माण अंतिम चरण में है, अगले मई माह में इस कला संकुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। इसके तैयार होने से शहर एवं देश-प्रदेश से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक और कला गतिविधियों के आयोजन के लिये बेहतर मंच मिल सकेगा। यह संकुल एक लाख 70 हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा है। तलघर के अलावा इसमें तल मंजिल, प्रथम मंजिल, द्वितीय मंजिल तथा तृतीय मंजिल है। इसमें 11850 स्क्वायर फीट का ओपन एयर एम्फीथियेटर बनाया गया है। इसकी क्षमता 500 की है। इसी तरह 6620 वर्ग फीट में एक मल्टीपरपज हॉल बनाया गया है, इसकी क्षमता 400 है। इसी तरह 550 दर्शकों की क्षमता का 7230 वर्गफीट में ऑडिटोरियम भी निर्मित किया गया है। साथ ही 1313 वर्गफीट में आर्ट गैलरी, 9092 वर्गफीट में डाँस एण्ड ड्रामा हॉल, 1314 वर्ग फीट में लायब्रेरी बनायी गयी है। भवन में रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट की व्यवस्था भी रहेगी। मराठी कला संकुल में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य आयोजनों में आने वाले कलाकारों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था होगी। यहाँ 08 शयनकक्षों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 20-20 व्यक्तियों के ठहरने के लिये 04 डोरमेट्री भी तैयार की गयी है। कला संकुल की साज-सजावट और उसे अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। तलघर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। पार्किंग का एक प्रवेश द्वार एम.जी.रोड़ मुख्य मार्ग पर और एक द्वार शिवाजी मार्केट मार्ग पर होगा। भवन में भव्य  प्रवेश पोडियम एवं स्वागत क्षेत्र का निर्माण किया गया है। संकुल का सुचारू रूप से संचालन एवं संधारण करने के लिये कला संबंधी दुकानों का निर्माण किया गया है, जिसमें 300-400 वर्गफीट की 09 दुकानें एवं 1600 वर्गफीट के डबल हाईट 04 शोरूम का निर्माण किया गया है। संकुल में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। संकुल में वातानुकूल की व्यवस्था की जायेगी। सर्व सुविधायुक्त 20 शौचालयों का निर्माण किया गया है। कलाकारों के लिये ग्रीन रूम, फोटो गैलेरी, संगीत एवं कला संबंधी पुस्तकालय, नृत्य एवं नाट्यों के अभ्यास के लिये 04 अभ्यास कक्ष एवं बहुउद्देशीय हॉल का प्रावधान है। recent visitors 60

मुख्यमंत्री यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जमा रासायनिक कचरे को जलाने के लिए पीथमपुर ले जाने पर जनता की ओर से काफी विरोध हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार की देर रात को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई और साथ ही ऐलान किया कि सरकार जनता का अहित किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर सरकार के रुख की ताजा अपडेट दी। उन्होंने लिखा, "हमारी सरकार ने पीथमपुर घटना के बारे में संज्ञान लिया है। हमारी सरकार जनकल्याणकारी, जनहितैषी तथा जन भावनाओं का आदर करती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यूनियन कार्बाइड के कचरे का परिवहन पीथमपुर में किया गया है। "जनभावनाओं का आदर करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष समस्त परिस्थितियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट के साथी कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों के साथ अति आवश्यक बैठक ली।" उन्होंने आगे कहा, "मैं जनता से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह या भ्रम की खबरों पर विश्वास नहीं करे। मैं और मेरी सरकार आपके साथ है।" उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिक्षेत्र में बीते 40 साल से रासायनिक कचरा जमा था, जिसे न्यायालय के निर्देश पर पीथमपुर ले जाया गया है। इस कचरे को रामकी इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। सरकार की ओर से की गई इस कोशिश का इंदौर सहित पीथमपुर और अन्य स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। पीथमपुर में तो दो युवकों ने आत्मदाह करने तक की कोशिश की। इंदौर तथा आसपास के इलाकों में बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया है। सभी को न्यायालय के आदेश के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह का नुकसान न होने का भी दावा किया गया है। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार की रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यूनियन कार्बाइड के कचरे के परिवहन एवं पीथमपुर के निकट डंप एवं निष्पादन किए जाने के संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधिवेत्ताओं से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर पहुंचाने का परिपालन किया गया है। हमने न्यायालय की याचिकाओं और आदेशों के तारतम्य में सुरक्षा मापदंडों का परिपालन करते हुए केवल परिवहन किया है। न्यायालय को 6 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित थी। सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया तो राज्य सरकार यह प्रयास करेगी कि न्यायालय के समक्ष यह विषय प्रस्तुत हो। इसके बाद न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।   recent visitors 71

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं। भारत को जानने के लिए भारत में प्राचीनकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति को जानना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीनकाल से चली आ रही भारत की योग परंपरा को संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरे विश्व में मान्यता दिलाई स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाथ संप्रदाय ने दुनिया को योग का वास्तविक अर्थ समझाया है। आदि गुरु गोरखनाथ के मार्गदर्शन में योग के विश्व के सर्वाधिक प्रसार में नाथ संप्रदाय का प्रमुख योगदान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बुधनी तहसील के ग्राम जर्रापुर में आयोजित नाथ संप्रदाय के संत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य की आत्मा में परमात्मा विराजमान हैं। उन परमात्मा को जानने का सबसे सुगम माध्यम योग है। गुरू गोरखनाथ अपनी योग्यता एवं कुशलता से अपने जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों एवं विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना लेते थे। यह सत्य है कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। मृत्यु से पहले अपने आप को जानने की कला गुरू गोरखनाथ ने दुनिया को सिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि भारत की भूमि पर ऐसे संत हुए है, जिन्होंने इस भूमि को अपनी जन-कल्याण की भावना से पावन किया है। गंगा अपना अमृत समान जिस प्रकार जल सभी प्राणियों को निस्वार्थ भाव से उनके कल्याण के लिए प्रदान करती है, उसी प्रकार संत अपने जीवन के सभी सुखों को त्याग कर सभी प्राणियों एवं समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरू गोरखनाथ ने संत श्री भृतहरी के जीवन में आत्म चेतना को जगा कर उनका जीवन बदल दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से ही विश्व में अनेक संस्कृतियां रही हैं, पर समय के साथ अनेक संस्कृतियां विलुप्त हो गई पर भारत की सनातन संस्कृति अपनी मानव कल्याण की भावना के साथ सदैव अक्षुण बनी रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का वर्चस्व पूरी दुनिया में बढ़ रहा है। आज जब हमारे देश में विदेश से अतिथि आते है तो वे भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण, महाभारत, श्रीमदभगवत गीता हमारे भारत की सनातन संस्कृति के पवित्र ग्रंथ है। हमें इनका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। ये ग्रंथ हमारे भारत में प्राचीनकाल से प्रचलित सनातन संस्कृति की पहचान भी है। उन्होंने संतों की मांग पर बुधनी में नर्मदा के किनारे घाट निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार साधु संतों की सेवा के निरंतर तत्पर है और उनकी आवश्यकतानुसार उज्जैन में भी आश्रम के लिये वैधानिक तौर पर भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। गुरू पार्श्वनाथ जी, योगी बालकनाथ जी एवं राज्यसभा सदस्य बाल योगी श्री उमेशनाथ ने भी संबोधित किया। महंत श्री नरहरि नाथ जी, योगी श्री कृष्ण नाथ जी महाराज, महंत श्री पंचम नाथ जी, महंत श्री रूपनाथ जी, महंत सूरज नाथ जी सहित देश भर से आए नाथ संप्रदाय के साधु संत शामिल हुए। संत समारोह में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, नर्मदापुरम सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, सांसद श्रीमती माया नारोलिया, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह, आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।   recent visitors 70