Thursday, July 16, 2026 10:25 am

9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए लड़ाई अब भाजपा और सपा के बीच ही लड़ी जाएगी , BJP की नई चाल

लखनऊ यूपी में 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा और सपा के प्रत्याशी नामाकंन दाखिल कर चुके हैं। प्रदेश में इतना तो साफ हो चुका है कि यह लड़ाई अब भाजपा और सपा के बीच ही लड़ी जाएगी। अब राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है कि यह लड़ाई पार्टियों की नहीं बल्कि CM योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के स्वाभिमान की लड़ाई है। खैर हम बात करेंगे गठबंधन की उस PDA के बारे में जिसका काट अभी तक भाजपा को नहीं मिला था और उसका खामियाजा लोकसभा के चुनाव में भुगतना पड़ा था। लेकिन अब भाजपा सपा के PDA का मुकाबला करने के लिए तैयार है और इस बार प्रदेश में PDA का सामना अपने PDA से करने वाली है। इस उपचुनाव में आपको दो PDA नजर आने वाले हैं एक वो गठबधंन का PDA जिसका पूरा नाम है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है और दूसरा PDA भाजपा का है। इस का फुल फॉर्म है पिछड़ा, दलित और अगड़ा। भाजपा ने इस PDA का अविष्कार यूं ही हवा में नहीं किया है बल्कि इस फॉर्मुले का परिक्षण हरियाणा के विधानसभा चुनाव में किया और परिणाम आया तो वक्त, हालात, जज्बात सब कुछ एक साथ बदल गया। अब भाजपा अपने इस PDA का इस्तेमाल टिकट बंटवारा हो या देश का कोई भी चुनाव अल्पसंख्यक को छोड़कर पिछड़े, दलित और अगड़ा फर अपना फोकस कर रही है। उपचुनाम में टिकट का बंटवारा इस उपचुनाव में सपा और भाजपा ने जिस हिसाब से टिकट का बंटवारा किया है उसी से साफ दिखाई दे रहा है कि किस कदर प्रदेश में PDA बनाम PDA की लड़ाई चल रही है। पहले सपा के प्रत्याशियों को देख लेते हैं। सपा ने कुल नौ प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चार पर अल्पसंख्यकों को टिकट दिया है। तीन ओबीसी और दो दलित प्रत्याशियों को टिकट दिया है। भाजपा ने 4 आबीसी प्रत्याशी इतारे वहीं, अब भाजपा के प्रत्याशियों को देख लेते हैं कि वह अपने PDA यानि पिछड़ा दलित अगड़ा के आधार पर किस तरह से टिकट दिया गया है। भाजपा ने आठ प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा चार ओबीसी को टिकट दिया है। इसके अलावा तीन सवर्ण और एक दलित को प्रत्याशी बनाया है। सहयोगी पार्टी आरएलडी ने ओबीसी को मैदान में उतारा है। इस तरह देखा जाए तो ओबीसी और दलित पर सपा और भाजपा दोनों ने दांव लगाया है। सपा ने अल्पसंख्यकों को महत्व दिया है लेकिन भाजपा को भलीभांति पता है कि अल्पसंख्यक वोटर उसके तरफ कभी नहीं जाएंगे इसलिए BJP ने अल्पसंख्यक की जगह पर अगड़ा यानि सवर्णों को महत्व दिया है। क्यों PDA की पड़ी जरूरत अब सवाल है कि प्रदेश में आखिर PDA बनाम PDA कैसे हो गया… इसकी क्या वजह थी। दरअसल, PDA जो शब्द है वह अपने अंदर एक विशालकाय वोट बैंक को समेटा हुआ है। चलिए इसकी तह में घुसते और जानते हैं कि प्रदेश में पार्टियों को PDA की जरूरत कैसे पड़ गई…. भाजपा ने की सपा के वोट बैंक में सेंधमारी एक वक्त था जब उत्तर प्रदेश में ओबीसी एक बड़ा वोट बैंक समाजवादी पार्टी का हुआ करता है और जो दलित वोट था वह बसपा का हुआ करता था। लेकिन समय बदला वक्त बदला और आज का दिन देखा जाए तो आलम यह है कि भाजपा ने गैर यादवों को अपनी तरफ करके सपा के ओबीसी वोटबैंक में सेंध लगा दी है। इसी तरह गैर जाटवों को अपनी तरफ करके बसपा के वोटबैंक में सेंध लगाई। इसका लाभ भी भाजपा को मिला। PDA के दम पर गठबंधन अब अपने इन वोटरों को पाने के लिए इंडिया गठंधन ने फिर से पिछले लोकसभा के चुनाव में PDA का नारा बुलंद किया। पिछड़े, दलितों और अल्पसंख्यकों को अपनी ओर करने के लिए PDA का नारा तो दिया ही था, इसके साथ ही सपा ने संविधान और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों को उठाया और परिणाम सबके सामने था कि किस कदर लोकसभा में भाजपा की सीटे कम हुई । सपा कांग्रेस दोनों ने 80 में से 43 सीटें जीतीं और भाजपा को भारी नुकसान हुआ। PDA बनाम PDA तब से भाजपा को इस बात की चुभन थी कि इंडिया के PDA का कैसे काट निकाले… फिर लोकसभा चुनाव के ठीक बाद हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुछ प्रयोग किया। भाजपा को लगा कि जाट वोटर उससे कुछ नाराज हैं और अल्पसंख्यक I.N.D.I.A. का वोटबैंक है। ऐसे में उसने सबसे ज्यादा पिछड़ों पर फोकस किया और दलितों के साथ ही सवर्णों को साधा। वहां की बड़ी जीत के बाद अब भाजपा यूपी में ओबीसी, दलित और अगड़े प्रत्याशी उतार कर PDA की काट PDA करने की कोशिश की है। recent visitors 73

योगी आदित्यनाथ ने कहा- हर पात्र व्यक्ति को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हर पात्र व्यक्ति को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। जिनके पास आवास नहीं है उन्हें पीएम-सीएम योजना के तहत पक्का आवास दिलाया जाए और जो किसी सामाजिक पेंशन योजना के दायरे में आने की अर्हता रखते हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए। सीएम योगी ने उक्त निर्देश रविवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए दिए। मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक सीएम खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याओं को सुनते हुए आश्वस्त किया कि हर समस्या का समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपरक निस्तारण किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनी। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही। इस दौरान एक महिला ने आवास की समस्या बताई। इस पर सीएम योगी ने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला की समस्या को संवेदनशीलता से देखें। पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। जमीन कब्जा करने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। राजस्व व पुलिस से संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन कल्याण के कार्यों को सदैव प्राथमिकता पर रखें और हर पीड़ित की समस्या का त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करें। इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि पैसे के अभाव में किसी का भी इलाज नहीं रोका जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस्टीमेट की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध कराएं। शासन से इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ आए नन्हे मुन्ने बच्चों को दुलार कर मुख्यमंत्री ने उन्हें चॉकलेट भी गिफ्ट की।   recent visitors 88

योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, डीएम-कमिश्नर को देना होगा निवेश-रोजगार का ब्योरा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अधिकारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, अब सभी डीएम और कमिश्नर को अपने-अपने जिलों में निवेश और रोजगार सृजन के संबंध में एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) देनी होगी। बताया जा रहा है कि आने वाले दो तीन हफ्तों के अंदर इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। यह जानकारी मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने दी। इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी पहला राज्य बनेगा। वहीं, इस फैसले को लेकर मनोज सिंह ने कहा- बेहतर कार्य करने वाले जिलाधिकारियों की ACR भी बेहतर बनेगी। वार्षिक आधार पर निवेश और सीडी रेशियो की मॉनिटरिंग होगी।   recent visitors 62

यूपी में सक्रिय सदस्यता अभियान की हुई शुरुआत, सीएम योगी ने सक्रिय सदस्य बनकर इस अभियान की शुरुआत की

लखनऊ भाजपा ने यूपी में सक्रिय सदस्यता अभियान की शुरुआत की। सीएम योगी ने शनिवार को पार्टी के पहले सक्रिय सदस्य बनकर इस अभियान की शुरुआत की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन महापर्व में हमने साधारण सदस्यता के लक्ष्य की प्राप्ति के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को सदस्य बनाकर सक्रिय सदस्यता अभियान की शुरुआत की है। हम सभी कार्यकर्ता मिलकर डेढ़ लाख नए सदस्यों को जोड़ने के अभियान के साथ आगे बढ़ेंगे। आज के दिन ही हम डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक को भी सक्रिय सदस्य बनाकर इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के पहले सक्रिय सदस्य बने थे। पार्टी के पहले सक्रिय सदस्य बनने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को बधाई दी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा एक राष्ट्रनिष्ठ, लोकनिष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ और कार्यकर्ता आधारित दल है। देवतुल्य कार्यकर्ता ही हमारी शक्ति और सामर्थ्य हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी का प्रथम सक्रिय सदस्य बनकर इस भावना को और अधिक मजबूती प्रदान की है।” उन्होंने आगे लिखा था कि मैं उत्तर प्रदेश के सभी सम्मानित नागरिकों का आह्वान करता हूं कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा आरंभ किए गए इस विशेष अभियान से जुड़ें और ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ की निर्माण यात्रा में सहभागी बनें। बता दें कि भाजपा देश भर में बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चला रही है। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर सदस्यता कैंप लगाए गए हैं, जहां लोग आसानी से भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीतियां तैयार की हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इसमें भाग ले सकें। इस सदस्यता अभियान की शुरुआत से भाजपा को उम्मीद है कि वह प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगी।   recent visitors 70

सीएम योगी ने सुनी फरियादियों की फरियाद, कहा- नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने को प्रतिबद्ध राज्य सरकार

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में हर बार की तरह जनता दर्शन किया। उन्होंने इस जनता दर्शन में आए हुए सभी फरियादियों की समस्याएं सुनी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी के भी साथ अन्याय न होने देने और हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने को प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने लोगों की समस्याओं को निस्तारण के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। अवैध कब्जा करने वाले बख्शे न जाएः योगी   बता दें कि जनता दर्शन में योगी ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग किन्हीं कारणों से सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए। योगी ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान करीब 300 लोगों से मुलाकात की। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठे लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगीः योगी   मुख्मयंत्री योगी ने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतोषजनक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या के समाधान के लिए कृत संकल्प है। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में हर बार की भांति इस बार भी कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। जनता के ऐसे प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने इलाज से जुड़ी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को भी पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए। recent visitors 82

सीएम की मां की तबीयत बिगड़ी, उन्हें हरादून के जॉलीग्रांट अस्‍पताल में भर्ती कराया गया

लखनऊ सीएम योगी आदित्‍यनाथ की मां की तबीयत अचानक खराब हो गई है। उन्‍हें देहरादून के जॉलीग्रांट अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। मां की तबीयत के बारे में पता चलते ही सीएम योगी आदितयनाथ उनसे मुलाकात करने के लिए गोरखपुर से देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम योगी 12:40 बजे देहरादून पहुंचेंगे। वह सीधे जॉलीग्रांट अस्‍पताल जाएंगे। अस्‍पताल से लौटकर वह फिर देहरादून पहुंचेंगे। दोपहर बाद सवा तीन बजे के करीब वह नई दिल्‍ली पहुंच सकते हैं। दिल्‍ली में आज भाजपा की महत्‍वपूर्ण बैठक होने वाली है। यूपी उपचुनाव के संदर्भ में होने वाली इस बैठक में सीएम के अलावा दोनों डिप्‍टी सीएम और भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी मौजूद रहेंगे। सीएम योगी की मां सावित्री देवी 80 वर्ष की हैं। इसके पहले भी कई बार उनकी सेहत बिगड़ चुकी है। इसी साल जून महीने में उन्‍हें ऋषिकेश के एम्‍स अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। तब भी सीएम योगी उनसे मिलने गए थे। वह उत्‍तराखंड के यमकेश्‍वर ब्‍लॉक के पंचूर गांव में रहती हैं। अलर्ट पर प्रशासन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीएम योगी के आगमन को लेकर उत्‍तराखंड पुलिस और देहरादून प्रशासन अलर्ट पर है। अस्‍पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक अस्‍पताल की ओर से सीएम योगी की मां की सेहत के बारे में कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्‍टरों की एक टीम उनकी सेहत की निगरानी कर रही है। recent visitors 79

सीएम योगी ने दी प्रतिक्रिया, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया

लखनऊ केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण (टैक्स रिवॉल्यूशन) जारी किया है, इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश को 31,962 करोड़ रुपये मिले हैं। त्योहारों से पहले मिली यह राशि राज्यों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कर हस्तांतरण के हिस्से के रूप में उत्तर प्रदेश को मिली धनराशि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया है। इंटरनेट मीडिया अकाउंट एक्स पर किए गए पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा कि, यह अग्रिम किस्त त्योहारों के मौसम की तैयारियों को बढ़ावा और पूरे राज्य में विकास व कल्याण की पहल को गति देगी। हम सभी मिलकर मजबूत व समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं।   recent visitors 79