Friday, July 10, 2026 1:03 am

एमपी में शीतलहर, जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम यह कि शहडोल जिले के कल्याणपुर न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। सूबे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस खंडवा में रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीत लहर चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान विभिन्न जिलों में शीत लहर चलने का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन, सिहोर, शाजापुर, भोपाल, शहडोल, जबलपुर जिलों में कहीं कहीं तीव्र शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की आशंकाएं भी जताई गई हैं। वहीं नर्मदापुरम, बड़वानी, रतलाम, देवास, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं कहीं शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। नीमच, राजगढ़, बैतूल, धार, इंदौर, उज्जैन, सीधी और नरसिंहपुर जिलों में कहीं-कहीं शीतल दिन देखा जा सकता है। कुछ जगहों पर शीत लहर भी चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर को मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति देखी जाएगी। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 15 दिसंबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। 14-16 दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, 15 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा जबकि 17 से 20 दिसंबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान, 15 से 20 दिसंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान और 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश में कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। recent visitors 44

शीतलहर : अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए

भोपाल आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी ने शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिसम्बर और जनवरी माह में शीतलहर के दौरान सर्द हवाओं से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत सावधानियों और तैयारियों के वृहद निर्देश आदेश में शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा "नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट" जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में शीतलहर से बचाव हेतु व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जिला और विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त स्वास्थ्य ने दिये हैं। साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिये कहा गया है। सुरक्षात्मक उपाय एवं सावधानियाँ स्थानीय स्तर पर संचार माध्यमों से मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के प्रति जागरूक रहने की नागरिकों को सलाह दी गयी है। मौसम के पूर्वानुमानों का पालन करें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के अंदर ही रहें। ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें। ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बंद कमरों में अंगीठी/कोयले का उपयोग न करें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से होता है, जिससे जान का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बंद कमरों में अंगीठी फायर पॉट का प्रयोग न करें। फ्रॉस्टबाइट के दौरान त्वचा सफेद या फीकी पड़ सकती है। कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं और उसे गर्म स्थान पर रखें। कंबल, तौलिया या चादर से शरीर को ढकें। गर्म पेय पदार्थ देकर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। लक्षणों के बढ़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को घटाता है और रक्त धमनियों में संकुचन करता है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, इससे और अधिक नुकसान हो सकता है। बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।   recent visitors 61

मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी, सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

भोपाल मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। खासकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे शहरों में सर्दी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई है। सोमवार रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दो वर्षों का सबसे कम तापमान रहा है। प्रदेश के अन्य शहरों का हाल: इंदौर: 8.7 डिग्री ग्वालियर: 8.5 डिग्री उज्जैन: 10 डिग्री जबलपुर: 7 डिग्री पचमढ़ी: सबसे ठंडा, 3.5 डिग्री इसके साथ ही मौसम विभाग ने कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। 11 से 13 दिसंबर के बीच धार, गुना, और अशोकनगर में कोल्ड वेव की संभावना है। उत्तरी एमपी (ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग) में सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर रहने की उम्मीद जताई गई है। जेट स्ट्रीम और बर्फबारी का प्रभाव जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बर्फबारी से एमपी में ठिठुरन बढ़ी है। जेट स्ट्रीम हवाएं 277 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड तेज हो गई है। आने वाले 48 घंटे का अनुमान दिन और रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। रात का पारा 2-3 डिग्री और गिर सकता है। दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड: भोपाल में दिसंबर में ठंड का ट्रेंड तेज होता है।  11 दिसंबर 1966 को पारा 3.1 डिग्री पर पहुंचा था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 2021 में तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलने पर कान और गले को ढंकें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा, और कोल्ड वेव की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। recent visitors 51

अगले तीन दिन एक दर्जन जिलों में चलेगी शीतलहर, राजस्थान-बर्फीली हवाओं से तापमान लुढ़का

जयपुर. उत्तर से चल रही बर्फीली हवालों के प्रभाव से राजस्थान में अचानक बहुत तेज ठंड पड़नी शुरू हो गई है। रात के साथ दिन के तापमान में भी तेज गिरावट आई है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 12 दिसंबर तक शीतलहर चलेगी। इसमें आज मंगलवार को इन 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चूरू, झुंझुनू, अलवर, करौली, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जालौर और जैसलमेर शामिल हैं। सर्द हवा के कारण शहरों में सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 5 डिग्री से भी नीचे गिर गया। हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादलों के प्रभाव के चलते दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। इसके चलते प्रदेश के कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में भी 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान सीकर में सबसे ठंडा दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हनुमानगढ़, फतेहपुर में भी दिन का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सबसे ज्यादा तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। जयपुर में कल देर रात तेज सर्द हवा चलने से जबरदस्त सर्दी रही। यहां दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों-बुजुर्गों के साथ सांस और दिल की बीमारी से जुड़े मरीजों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इन लोगों को सुबह और शाम को सूरज ढलने के बाद घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा गया है। साथ ही सुबह-शाम हल्के गुनगुने पानी का सेवन करने की सलाह दी है, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके। recent visitors 63

शीतलहर की चेतावनी, राजस्थान-उत्तरी इलाकों में तेजी से नीचे लुढ़का पारा

जयपुर. राजस्थान में ठंड के साथ अब शीतलहर की एंट्री भी हो गई है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 10 से 12 दिसंबर के बीच उत्तरी इलाकों तथा शेखावाटी में शीतलहर चलने की संभावना है। इस दौरान यहां न्यूनतम तापमान 6 से 3 डिग्री के बीच रह सकता है। शीतलहर की चेतावनी को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। शीतलहर से फसलों में भी पाला पड़ने की आशंका रहती है। प्रदेश में 9 से 15 दिसंबर के बीच मावठ की भी संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में और ज्यादा गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह के बीच न्यूनतम पारे में 6 से 7 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान जताया जा रहा है, जबकि अगले 2 से 3 दिन में राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 9 से 15 दिसंबर के बीच राज्य के उत्तरी भागों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम पारा तेजी से लुढ़क गया है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र संगरिया सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया है। चूरू में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया, माउंट आबू में न्यूनतम पारा 6  डिग्री रहा। पिलानी में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री, अजमेर में अधिकतम तापमान 27.8 व न्यूनतम तापमान 9.9, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम 9.1, अलवर में अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 8 औरजयपुर में अधिकतम तापमान 26.1 व न्यूनतम 12.2 डिग्री रहा। recent visitors 58

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बढ़ा ठंड का प्रकोप, तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में गुरुवार को तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जबकि शोपियां और पहलगाम में तापमान क्रमशः शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। ये सबसे ठंडे स्थान रहे। मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार श्रीनगर में मौसम की सबसे ठंडी रात रही क्योंकि देर रात तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात यह शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस था, जो राजधानी के लिये औसत से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम है। पहलगाम के पर्यटन स्थल में गुरुवार को तापमान शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया,जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। दक्षिण कश्मीर स्थित शोपियां शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। अनंतनाग में शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस, कोनीबल में शून्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस, पुलवामा में शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस और कुलगाम में शून्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं। गंदेरबल जिले के सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में कश्मीर के प्रवेशद्वार शहर काजीगुंड में शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का सुधार हुआ और यह पिछली रात के शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले आज शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। कोकरनाग में तापमान शून्य से कम दर्ज किया गया और पिछली रात 0.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कुपवाड़ा में एक दिन पहले दर्ज किए गए शून्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम है। केन्द्र शासित प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने और 29-30 नवंबर को कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान है।   recent visitors 63

सरगुजा में पारा 8.8 डिग्री पर पहुंचा, नवंबर में 10 साल में पारा इतना नीचे पहुंचा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं का आगमन तेजी से हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर सरगुजा सम्भाग में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर और सूरजपुर में अगले 24 घंटे में शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की है। ठिठुराने वाली हवाओं के चलने से सरगुजा संभाग में पारा तेजी से नीचे गिर गया है। यहां नवंबर के तीसरे हफ्ते में ही पारा 8.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग की मानें तो साल 2014 के बाद पहली बार नवंबर के तीसरे हफ्ते में सरगुजा का पारा इतना नीचे पहुंचा है। यानी सर्दी ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह है वजह मौसम विभाग ने अचानक से तापमान गिरने के पीछे का कारण चक्रवातीय परिवर्तन को बताया है। सरगुजा सम्भाग में सर्दी बढ़ने से ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को अभी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बीमार पड़ने लगे हैं। दिन में भी गर्म कपड़े पहनकर निकल रहे हैं। हवा से नमी गायब मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी शांत बनी हुई है। इस दिशा से नमी का आगमन नहीं हो रहा है। लगातार पश्चिम और उत्तर से सर्द हवा आ रही है। बीते दिनों उत्तर भारत में कई जगहों पर बर्फबारी हुई। इसके चलते उस दिशा से सर्द हवा आ रही है। आसमान पूरी तरह से साफ है। प्रदेश समेत उत्तर छत्तीसगढ़ का तापमान सर्द हवाओं की वजह से गिरा है। अभी पहाड़ी इलाकों में पारा और नीचे जाएगा। ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, आगामी पांच दिनों में तापमान में क्रमिक गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है। recent visitors 71