Friday, July 10, 2026 2:12 am

मप्र के छतरपुर में राजीनामा न करने पर फायरिंग, एक मौत और आधा दर्जन घायल

छतरपुर। जिले के एक गांव में आपसी रंजिश को लेकर दो पक्षों में फायरिंग की वारदात हो गई। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई और लगभग आधा दर्जन लोग घायल है। घायलों को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के खिरवा गांव की है। दोपहर में चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में मामूली विवाद हुआ था। विवाद सुलह होने के बाद देर रात फिर फायरिंग की बड़ी घटना हो गई जिससे भुज्जन पाल 40 वर्ष की मौत हो गई है। घायल पक्ष का आरोप है कि 307 के मामले में मृतक पक्ष पर आरोपी पक्ष आपसी राजीनामा का दबाब बना रहा था। इसी बात को लेकर की आधा दर्जन लोगों ने फायरिंग कर दी। 100 डायल के जरिए घायलों को जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लगते ही देर रात काग्रेस के पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों से चर्चा। जानकारी घायल सज्जन पटेल ने दी। recent visitors 112

मोहन सरकार 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्याक्ता को परिवार पेंशन का लाभ देगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए नए नियम लागू करेगी। ये नियम पेंशन और छुट्टियों से जुड़े हैं। अविवाहित, विधवा और परित्यक्ता बेटियों को भी परिवार पेंशन मिलेगी। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को अब सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव होंगे। वित्त विभाग ने इन बदलावों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इन नियमों के तहत 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी क्योंकि अब सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लंबे समय से हो रही थी बदलावों की मांग वित्त विभाग की एक समिति ने इन नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है। पेंशनर्स एसोसिएशन लंबे समय से पेंशन नियमों में बदलाव की मांग कर रही थी। सरकार ने उनकी मांगों को सुनते हुए यह कदम उठाया है। इस समिति में वित्त विभाग के सदस्यों के अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक और रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर भी शामिल थे। समिति की बैठक में पेंशन नियमों में कई अहम बदलावों पर सहमति बनी। पेंशनर्स की मांगों को सरकार ने मांगा पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से पेंशन नियमों में सुधार करने और नए पेंशन नियम लागू करने की मांग की जा रही थी. इसके लिए राज्य सरकार ने वित्त विभाग की एक समिति गठित की थी. इस समिति में सदस्यों के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक, रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर को रखा गया है. समिति की बैठक में नए पेंशन नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया गया. बैठक में तय किया गया है कि परिवार पेंशन में न्यूनतम आयु सीमा के नियमों को बदला जा सकता है. मोहन सरकार ला रही नए पेंशन नियम – राज्य सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में करीबन 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है. इसके तहत भर्ती होने वाले नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा. नए अवकाश नियमों को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की है. – इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्यक्ता को भी परिवार पेंशन का लाभ दिया जा सकता है. – वहीं अभी तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब इसे खत्म करने का निर्णय लिया गया है. क्योंकि अब ऑनलाइन व्यवस्था होने के चलते पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए इसे अलग से भेजने की जरूरत ही नहीं है. – यदि पेंशनर्स पर आश्रित की दिव्यांगता 25 वर्ष की आयु के पहले होती है तो ही उसे परिवार पेंशन की आजीवन पात्रता का लाभ मिलेगा. इस आयु सीमा के बाद दिव्यांग होने पर उसे परिवार पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा. – वसूली के मामलों में पेंशन से राशि उसी स्थिति में काटी जा सकेगी, जिसमें वसूली की सूचना रिटायरमेंट के पहले दी जा चुकी हो. इस तरह के मामलों में कोर्ट भी कई बार निर्णय दे चुकी है. सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में लगभग 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है। नए नियमों के तहत नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने नए अवकाश नियमों पर विस्तार से चर्चा की है। अब सेवा पुस्तिका की ज़रूरत नहीं 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन देने का प्रावधान किया जा रहा है। अब तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चूंकि सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए सेवा पुस्तिका भेजने की ज़रूरत नहीं है। दिव्यांगता पेंशन पर बड़ा अपडेट अगर किसी पेंशनधारी के आश्रित की दिव्यांगता 25 साल की उम्र से पहले होती है, तो उसे ही आजीवन परिवार पेंशन मिलेगी। इस उम्र के बाद दिव्यांग होने पर परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। वसूली के मामलों में पेंशन से राशि तभी काटी जा सकेगी, जब वसूली की सूचना रिटायरमेंट से पहले दी गई हो। कोर्ट भी इस तरह के मामलों में कई बार फैसला दे चुकी है। जल्द लागू होंगे नए फैसले नए नियमों को जल्द ही लागू किया जाएगा। समिति द्वारा तैयार किए गए प्रारूप पर एक बार फिर उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद इसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने पेश किया जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद ही नए नियम लागू होंगे। केंद्र सरकार ने पेंशन और अवकाश नियमों को लेकर कई फैसले लिए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में अभी तक इनके आधार पर संशोधन नहीं किए गए थे। recent visitors 61

टीकमगढ़ विधायक के बेटे और पूर्व विधायक के बीच मारपीट का मामला, विधायक के बेटे व भतीजे पर मामला दर्ज

टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले में BJP के पूर्व विधायक पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस विधायक के बेटे और भतीजे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. बीजेपी के पूर्व विधायक राकेश गिरि के सुरक्षा गार्ड लोकेंद्र सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर स्थानीय कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह के बेटे आकाश सिंह और उनके भतीजे अंश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. कोतवाली थाने के प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने बुधवार रात एक विवाह समारोह में गिरि और उनके परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की. उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121 (1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना), 296 (अश्लील कृत्य) और अन्य के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है. recent visitors 90

एमपी में शीतलहर, जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम यह कि शहडोल जिले के कल्याणपुर न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। सूबे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस खंडवा में रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीत लहर चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान विभिन्न जिलों में शीत लहर चलने का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन, सिहोर, शाजापुर, भोपाल, शहडोल, जबलपुर जिलों में कहीं कहीं तीव्र शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की आशंकाएं भी जताई गई हैं। वहीं नर्मदापुरम, बड़वानी, रतलाम, देवास, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं कहीं शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। नीमच, राजगढ़, बैतूल, धार, इंदौर, उज्जैन, सीधी और नरसिंहपुर जिलों में कहीं-कहीं शीतल दिन देखा जा सकता है। कुछ जगहों पर शीत लहर भी चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर को मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति देखी जाएगी। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 15 दिसंबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। 14-16 दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, 15 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा जबकि 17 से 20 दिसंबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान, 15 से 20 दिसंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान और 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश में कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। recent visitors 44

72 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से दो राज्यों का होगा कायापलट, बनेंगे 21 बांध-बैराज

भोपाल केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाला पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट देश के दो प्रमुख राज्यों राजस्थान और मध्यप्रदेश की कायापलट कर देगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव व सचिवों की उपस्थिति में 28 जनवरी को इस प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। 72 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट में कुल 21 बांध, बैराज और बैलेंसिंग रिजर्वायर आदि बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट अगले 5 साल में पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे संबंधित एक अहम अपडेट सामने आया है।  पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट में मालवा इलाके के सभी घटकों का काम अब पहले चरण में ही होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों के बाद यह संशोधन किया गया है। पहले सिंचाई और पेयजल संबंधित घटकों का निर्माण फेस-2 में रखा गया था। संशोधन के बाद मालवा को सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक प्रयोजन के लिए योजना के पहले चरण में ही पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाएगा। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट से प्रदेश के चंबल और मालवा इलाके के लाखों किसानों का जीवन बदल जाएगा। उन्हें न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा बल्कि यहां पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश की 17 परियोजनाएं और राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल है। प्रोजेक्ट पूरा हो जाने के बाद मध्यप्रदेश के करीब 6.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। पेयजल और उद्योगों के लिए 172 मि.घ.मी. पानी भी मिलेगा। प्रदेश के करीब 40 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश से निकलनेवाली वाली पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा और अन्य सहायक नदियों के पानी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। प्रदेश में प्रोजेक्ट में कुल 35 हजार करोड़ रूपए के काम प्रस्तावित हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स में 4 बांध बनेंगे। ये बांध कटीला, सोनपुर, पावा और धनवाड़ी में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही श्यामपुर, नैनागढ में 2 बैराज बनेंगे। कुम्भराज कॉम्पलेक्स में 2 बांध तथा 7 अन्य बांध भी इसमें शामिल हैं। गांधी सागर बांध की अप-स्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे कई बांधों का निर्माण भी किया जाएगा। प्रोजेक्ट से एमपी के मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड, श्योपुर, इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास एवं राजगढ़ को लाभ होगा। इन 13 जिलों में सिंचाई, पेयजल, और औद्योगिक प्रयोजन के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर और मध्यप्रदेश में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक आधुनिक बनाया जाएगा। इससे प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड जिलों को आवंटित पानी मिल सकेगा। अधिकारियों के अनुसार संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 6 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है।इन्हें राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को भेजा जा चुका है। शेष डीपीआर की प्रक्रिया चल रही है। recent visitors 92

मौसम विभाग ने जारी किया 7 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस

भोपाल मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर से यू-टर्न लेने वाला है। कड़ाके की ठंड के साथ बारिश का दौर भी शुरु हो सकता है। इस बार नवंबर में ठंड ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में 36 साल में पहली बार नवंबर की रात में पारा सबसे कम रहा है। कल रात का पारा भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।  मौसम विभाग की ओर से कल सुबह 8:30 तक के लिए जारी बुलेटिन में साफ किया गया है कि डिंडोरी और बालाघाट जिले में बारिश का अनुमान है। वहीं, राजगढ़ और शाजापुर जिले में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। 7 जिलों बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से बैतूल, पाढूंर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि चक्रवाती तूफान फेंगल पूर्वी हिस्से में एक्टिव है। जिसका असर पड़ा रहा है। इसी वजह से बारिश के आसार हैं। एमपी में यहां पर रहा सबसे कम पारा शाजापुर के गिरवर में सबसे कम 5.9 पारा दर्ज किया गया है। नौगांव में 7.9 डिग्री, सीहोर 7.9, राजगढ़ में 8 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.5 डिग्री, रायसेन में 9 डिग्री, टीकमगढ़ में 9 डिग्री ऐसे ही प्रदेश के बुंदेलखंड और बघेलखंड रीजन में मौसम रहा। recent visitors 70

अब MP के स्कूलों में पढ़ाया जायेगा यातायात का पाठ, बांटी जाएंगी 87 लाख पुस्तकें

भोपाल भोपाल। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब स्कूली विद्यार्थियों को यातायात का पाठ पढ़ाएगी। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र (2025-26) से कक्षा पांच के विद्यार्थियों से होगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय 87 लाख पुस्तकें छपवा रहा है। पांचवीं से 12वीं तक क्रमश: हर वर्ष नई कक्षा में नई पुस्तक पढ़ाई जाएंगी। कैसा रहेगा पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम भी इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि इसमें दोहराव न हो। साथ ही उनकी सामग्री विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर के अनुकूल हो। पांचवीं की पुस्तक में आठ अध्याय हैं। इसमें वाहन सड़क में कैसे, किस दिशा में चलाएं, रोटरी क्या है। प्रदूषण के मापदंड के अनुसार वाहन कितने प्रकार के होते हैं। लाइसेंस कितने तरह के होते हैं, जैसी जानकारियों को शामिल किया गया है। सख्ती के साथ सोच बदलना भी जरूरी पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सख्ती के साथ ही लोगों का सोच बदलना भी जरूरी है और इसकी शुरुआत के लिए विद्यार्थियों से अच्छा कोई समूह नहीं हो सकता। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) संजीव शमी ने बताया कि पाठ्यक्रम समिति ने इसे स्वीकृति दे दी है। पाठ्यक्रम में इन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से शामिल किया जाएगा कि नहीं यह अभी तय होना है। पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाने के बाद भी विद्यार्थियों को यह पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। इसलिए पड़ी आवश्यकता कोरोना संक्रमण काल का समय छोड़ दें तो प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इसमें जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यातायात के नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्ती के बाद भी घटनाएं बढ़ रही हैं। चिंता की दूसरी बात यह भी है कि दुर्घटनाएं जिस अनुपात में बढ़ी हैं उससे कहीं ज्यादा मृतकों की संख्या बढ़ी है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति वर्ष दुर्घटनाएं घायल मौत 2017 53,399 57,532 10,117 2018 51,397 54,662 10,706 2019 50,669 52,816 11,249 2020 45,266 46,456 11,141 2021 48,877 48,956 12,057 2022 54,432 55,168 13,427 2023 55,327 55,769 13,798 2024 – – – recent visitors 62