मौजूदा सरकार में महात्मा गांधी की विरासत को खतरा है, ये संगठन कभी आजादी के लिए नहीं लड़े, पुरजोर विरोध किया

नई दिल्ली कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो रही है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम नेता इसमें शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इसमें शामिल नहीं हो सकी हैं. उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी को लेटर लिखा है. इसमें कहा, मौजूदा सरकार में महात्मा गांधी की विरासत को खतरा है. ये संगठन कभी आजादी के लिए नहीं लड़े, बल्कि महात्मा गांधी का पुरजोर विरोध किया. इन संगठनों ने ऐसा जहरीला माहौल तैयार किया, जिसने महात्मा गांधी की हत्या का रास्ता साफ किया. ये लोग महात्मा गांधी के हत्यारों को गौरवान्वित करते हैं. सोनिया गांधी ने कहा, देश में अलग-अलग स्थानों पर पर गांधीवादी संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं. इसलिए ये जरूरी है कि इस बैठक को नव सत्याग्रह बैठक कहा जाए. अब हमारा ये कर्तव्य है कि हम इन ताकतों का पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ मुकाबला करने के अपने संकल्प को दोहराएं. हमारे संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का मुद्दा भी आज उठेगा. सोनिया गांधी ने कहा, यह हमारे देश के इतिहास में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर था. आज हम महात्मा गांधी की विरासत को संरक्षित, सुरक्षित और बढ़ावा देने के लिए खुद को फिर से समर्पित करते हैं. वो हमारी प्रेरणा का मूल स्रोत रहे हैं और रहेंगे. उन्होंने ही उस पीढ़ी के हमारे सभी उल्लेखनीय नेताओं को गढ़ा और उनका मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा, उनकी विरासत नई दिल्ली में सत्ता में बैठे लोगों और उन्हें पोषित करने वाली विचारधाराओं और संस्थानों से खतरे में है. इन संगठनों ने कभी हमारी आजादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी. उन्होंने महात्मा गांधी का विरोध किया. उन्होंने एक जहरीला माहौल बनाया, जिसके कारण उनकी हत्या हुई. वो उनके हत्यारों का महिमामंडन करते हैं. recent visitors 81

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई, खरगे ने कहा कि चुनाव परिणामों से सबक लेकर कठोर निर्णय लेने होंगे

नई दिल्ली अखिल भारतीय कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार पर मंथन किया। बैठक में खरगे ने कहा कि चुनाव परिणामों से सबक लेकर कठोर निर्णय लेने होंगे। जवाबदेही तय करनी होगी और खामियों को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। अंदरूनी कलह से होता है नुकसान कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की कलह पर मंथन किया। उनका मानना है कि इसकी वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एकजुटता की कमी और अपने ही पार्टी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी से काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जब तक हम एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी बंद नहीं करेंगे और एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे तब तक अपने विरोधियों को कैसे हरा पाएंगे। सभी को कड़ाई से अनुशासन का पालन करना होगा। सभी को यह सोचना होगा कि कांग्रेस पार्टी की जीत हमारी जीत है और पार्टी की हार हमारी हार है। हमारी ताकत पार्टी की ताकत में है।   ईवीएम पर उठाया सवाल बैठक में ईवीएम पर भी सवाल उठाया गया। खरगे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया। देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। चुनाव परिणाम हमारे लिए संदेश हैं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि I.N.D.I.A के दलों ने चार में से दो राज्यों पर सरकार बनाई है। मगर कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। यह चुनाव रिजल्ट एक संदेश हैं। हमें चुनाव परिणामों से तुरंत सीख लेने और संगठनात्मक स्तर पर अपनी सभी कमजोरियों और कमियों को दूर करने की जरूरत है। हम माहौल का फायदा क्यों नहीं उठा पाए? खरगे ने कहा कि चुनाव के दौरान माहौल कांग्रेस के पक्ष में था। मगर सिर्फ माहौल का कांग्रेस के पक्ष में होना जीत की गारंटी नहीं है। हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा। क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं? उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करनी होगी। समय पर रणनीति बनानी होगी। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा। मतदाता सूची बनाने से मतगणना तक सतर्क और सावधान रहना होगा। चुनाव लड़ने के तरीके बदल गए हैं खरगे ने कहा कि जाति जनगणना आज एक अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छह महीने पहले लोकसभा में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के पक्ष में जिस तरह के नतीजे आए, उसके बाद विधानसभा चुनाव के नतीजे राजनीतिक पंडितों की समझ से परे हैं। नतीजों को कोई भी अंकगणित सही नहीं ठहरा पा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि समय बदल गया है और चुनाव लड़ने के तरीके भी बदल गए हैं। पार्टी को अपनी सूक्ष्म संचार रणनीति को अपने विरोधियों से बेहतर बनाना होगा। प्रचार और गलत सूचना से लड़ने के तरीके भी खोजने होंगे। हमें पिछले परिणामों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा। कमियों को दूर करना होगा। आत्मविश्वास के साथ कठोर निर्णय लेने होंगे। बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे हैं। recent visitors 73