सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है – कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में अब भूतपूर्व सैनिक भी उतर आए हैं। पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्र की सेवा करती है। सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है। बतौर पूर्व सैनिक हमें सेना के अपमान ने बहुत आघात पहुंचाया है। अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने की दलील गलत है। सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है। वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा। सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है। सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है। recent visitors 50

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी. recent visitors 52

कांग्रेस शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे, दीपू यादव और चिंटू चौकसे पर चर्चा

इंदौर  एमपी के इंदौर शहर में कांग्रेस के जिला-शहर अध्यक्ष के बदलाव को लेकर चल रही कवायद फिर से तेज हो गई है। माना जा रहा था कि गुजरात अधिवेशन के बाद इंदौर के जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। इसके बाद पिछले दिनों भोपाल के अलावा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में नामों को लेकर बड़े नेताओं से चर्चा की थी। शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे हैं। हटाने की कवायद तेज मालूम हो कि लंबे समय तक शहर अध्यक्ष पद खाली रहने के बाद सुरजीत सिंह चड्ढा को कुर्सी मिली थी। वे कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष होने के समय बनाए गए थे। विधानसभा की सभी सीटें हारने के बाद चड्ढा और जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को हटाने की कवायद चल रही है। गांधी भवन में कैलाश विजयवर्गीय की आवभगत करने के बाद अध्यक्ष बड़े नेताओं के निशाने पर हैं। चड्ढा को जब अध्यक्ष बनाया था तब अरविंद बागड़ी और अमन बजाज ही दावेदार थे। इन नामों पर चर्चा अब नए समीकरण के तहत नए नाम सामने आए हैं। इनमें दीपू यादव और चिंटू चौकसे का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि चिंटू राजी नहीं है। ऐसे में यादव के नाम पर विचार चल रहा है। जिला अध्यक्ष के लिए राधेश्याम पटेल दावेदार है। बताया जा रहा है कि दावेदारों ने अपने नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। recent visitors 44

गुजरात में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद होगी एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल कांग्रेस गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इस वजह से दूसरे प्रदेशों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति रुक गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन का कहना है कि गुजरात के तर्ज पर ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगा। यही वजह है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों की लिस्ट रुक गई है।  हालांकि जिन जिलों में अध्यक्षों के पद खाली है वहां एक सप्ताह के भीतर नाम की घोषणा हो जाएगी। दरअसल कांग्रेस के इतिहास में पहली बार अब जिलाध्यक्षों की सीधी नियुक्ति खुद हाईकमान कर रहा। इसके तहत सबसे पहले गुजरात राज्य को राहुल गांधी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। अब स्थानीय नेताओं की सिफारिश के बजाय पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष चुनेंगे। केवल 30 फीसदी बदले जाएंगे अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ.संजय कामले में बताया कि मध्य प्रदेश में ज्यादा जिला अध्यक्षों के बदलाव नहीं किए जाएंगे केवल 30 फ़ीसदी अध्यक्ष ही बदले जा सकते हैं क्योंकि एक-दो साल पहले ही ज्यादातर जिला अध्यक्ष बदले गए थे उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बदलने की संभावना है। ज्यादातर पुराने नाम पर ही सहमति बन गई है। गुजरात में जिला अध्यक्षों को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। गुजरात में जिला अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद मध्य प्रदेश उसी तर्ज पर जिला अध्यक्षों की लिस्ट तैयार की जाएगी। जिला अध्यक्ष होंगे पावरफुल संगठन की मजबूती के मिशन में जुटे कांग्रेस आलाकमान ने अब जिला अध्यक्षों को फिर से पावरफुल बनाने की दिशा में धरातल पर ऑपरेशन शुरु कर दिया है। जिम्मेदारी के साथ जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने के लिए अब उनके चयन से जुड़ा कांग्रेस ने नया फार्मूला चुना है। अब विधायक और सांसदों सहित अन्य सीनियर लीडर की सिफारिशों पर जिला अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। अब नियुक्ति से पहले बाकायदा हर एंगल और समीकरणों के मद्देनजर रखते हुए पड़ताल की जाएगी। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनाने का नया फार्मूला 1- अब बड़े नेताओं की नहीं चलेगी चयन में पसंद-नापसंद 2- अब हाईकमान खुद करेगा जिला अध्यक्षों का चयन 3- गुजरात से चयन का पायलट प्रोजेक्ट किया शुरु 4- कांग्रेस के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा 5- जब पर्यवेक्षक करेंगे जिला अध्यक्ष का चयन 6- पर्यवेक्षक 5-5 नामों का करेंगे पैनल तैयार 7- हाईकमान हर एंगल से पैनल के नामों को करेगा क्रॉस चेक 8- उसके बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की होगी सूची जारी होगी। राहुल गांधी की ड्रीम प्रोजेक्ट खास बात है कि  खुद राहुल गांधी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी का इसके पीछे मकसद है कि अब पार्टी को संगठन खास तौर से जिला अध्यक्षों के भरोसे चलाया जाए. इसलिए टिकट वितरण जैसे बड़े काम में उनका रोल तय होगा। लिहाजा वो चाहते है कि जिला अध्यक्ष ऐसा बने जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हुआ हो। इसलिए उनका साफ कहना है कि जिला अध्यक्षों के चयन में कोई समझौता अब नहीं होगा।   recent visitors 45

पहलगाम हमले के बाद देश में आक्रोश, कांग्रेस नेता का भारत विरोधी पोस्ट, लिखा – पाकिस्तान से हार निश्चित है

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है। इसी बीच कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने ऐसा पोस्ट किया है जिसके बाद सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। कुनकरी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे यूडी मिंज ने अपने सोशल मीडिया में भारत और सेना के खिलाफ विवादित पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि अगर पाकिस्तान से भारत युद्ध करता है तो उसकी हार निश्चित है। विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट पर तेजी से वायरल हो रही है। क्या लिखा है कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस विधायक यूडी मिंज ने अपने फेसबुक में लिखा है- " जो आज पाकिस्तान के विरुद्ध निर्णायक युद्ध की बात कर रहे हैं वे जान लें कि इस बार पाकिस्तान के साथ-साथ भारत को चीन से भी लड़ना होगा और ऐसी स्थिति में भारत की हार सुनिश्चित है। पीओके के महत्वपूर्ण हिस्से में चीन ने अंधाधुंध निवेश किया है। पुराने सिल्क रोड को खोल दिया गया है। यही हाल बलूचिस्तान का भी है। ग्वादर पोर्ट को चीन ने डेवलप किया है और उसकी सेना सुरक्षाकर्मियों के नाम पर वहां पर तैनात है। बलूच विद्रोहियों की औकात नहीं है कि वे चीनी सैनिकों का मुकाबला कर सके। यही दोनों जगह हैं जहां से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ऑपरेट करते हैं। एटबबाबाद भी इन्ही जगहों में है, जहां से लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क काम करता है। अब अगर भारत इन स्थानों पर सीधे हमला करे तो चीन स्वत: इस युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा। नतीजा सोच लीजिए। इसलिए पुलवामा पार्ट-2 के बाद बालाकोट कौवा मार स्ट्राइक पार्ट-2 के लिए तैयार रहिए।" इकोनॉमी को लेकर की की टिप्पणी पूर्व विधायक यूडी मिंज ने आगे लिखा- "जहां तक बात इकोनॉमी की है तो भारत अगर पूरी तरह से युद्ध में जाता है तो देश की अस्सी करोड़ आबादी को राशन देने के पैसे छह महीने में ही खत्म हो जाएंगे। मुद्रस्फीति दर वैसे ही डबल डिजिट में है, कहां तक जाएगी ये पता नहीं है। डॉलर के अलावे भी अन्य वैश्विक मुद्राओ के मुकाबले रुपया2.5 फीसदी कमजोर हुआ है। अमरीकी टैरिफ के चलके निर्यात न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। महंगाई बेलगाम हो गई है। ऐसी स्थिति में कोई भी युद्ध आत्मघाती होगा और दोनों देशों की मेहनतकश जनता पर असहनीय बोझ पड़ेगा। यह समय भारत, पाकिस्तान और चीन के लीडरशिप को साथ बैठकर आतंकवाद की समस्या का निदान ढूंढने का है किसी भी प्रकार का राजनीति में जाने का नहीं। वैसे जो भारतीय युद्ध का समर्थन करते हैं उन सबको अग्निवीर बनाकर बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।" विवादित पोस्ट के बाद दी सफाई यूडी मिंज की पोस्ट सोल मीडिया में वायरल हुई तो पूर्व विधायक ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा- "मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मेरा फेसबुक अकाउंट हाल ही में हैक हो गया है। इस दौरान मेरे अकाउंट से कुछ ऐसी गतिविधियां हुई हैं, जो मेरे नियंत्रण में नहीं थीं, और इससे कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मैं इस असुविधा के लिए दिल से माफी मांगता हूं। मैंने इस समस्या को ठीक करने के लिए फेसबुक सपोर्ट से संपर्क किया है और अपने अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा हूं। कृपया मेरे अकाउंट से आए किसी भी संदिग्ध मैसेज, लिंक या पोस्ट पर ध्यान न दें और न ही उसका जवाब दें।" recent visitors 49

पहलगाम हमले पर कांग्रेस की मांग-खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की जांच की जाए

Congress demands investigation into Pahalgam attack- intelligence failures and security lapses दिल्ली ! कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई. पार्टी ने 25 अप्रैल को देशव्यापी कैंडल मार्च का ऐलान किया और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की. कांग्रेस ने पाकिस्तान पर हमला बोला और सरकार से खुफिया चूक की जांच की मांग की है. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा. इसके अलावा एक प्रस्ताव भी पास किया गया. बैठक के बाद कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस प्रस्ताव की जानकारी दी. कांग्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने यह कायराना साजिश रची और देश में भावनाएं भड़काने के लिए हिंदुओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया. कांग्रेस ने खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक का भी जिक्र किया और सरकार से जांच की मांग की. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पवन खेड़ा ने अमरनाथ यात्रा को लेकर चिंता जाहिर की है, उन्होंने सरकार से मांग की है कि यात्रा के दौरान पुख्ता इंतेजाम किए जाएं, ताकि किसी भी यात्री को कोई समस्या न हो. सुरक्षा चूक की हो जांच-पवन खेड़ापवन खेड़ा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है. ऐसे में यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. पहलगाम एक बहुत सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है. ऐसे में यह अत्यावश्यक है कि इस केंद्र शासित प्रदेश- जो सीधे-सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है- में इस प्रकार के हमले को अंजाम देने में हुई खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की व्यापक और गहन जांच की जाए. इन सवालों को व्यापक जनहित में उठाना आवश्यक है. यही एकमात्र रास्ता है, जिससे पीड़ित परिवारों के साथ न्याय होते हुए देखा जा सकता है. जानबूझकर हिंदुओं को बनाया निशानापाकिस्तान की तरफ से रची गई यह कायरतापूर्ण और सुनियोजित आतंकी कार्रवाई हमारे गणतंत्र के मूल्यों पर सीधा हमला है. पूरे देश में भावनाओं को भड़काने के लिए हिंदुओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. हम इस गंभीर उकसावे के सामने शांति की अपील करते हैं और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए अपनी सामूहिक शक्ति की पुष्टि करते हैं. सीडब्ल्यूसी शांति की अपील करती है. बीजेपी दे रही कलह को बढ़ावाकांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस नरसंहार की जम्मू और कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों और इसके नागरिकों के एक बड़े वर्ग ने निंदा की है. हालांकि, यह चौंकाने वाला है कि बीजेपी आधिकारिक और प्रॉक्सी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से इस गंभीर त्रासदी का फायदा उठाकर ऐसे समय में और अधिक कलह, अविश्वास, ध्रुवीकरण और विभाजन को बढ़ावा दे रही है, जब एकता और एकजुटता की सबसे अधिक आवश्यकता है. आतंक का पेड़ जड़ से पूरी तरह हो खत्म: ओवैसीAimim चीफ ओवैसी ने पहलगाम हमले पर कहा कि आतंकी आये तो कैसे आए इस पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस जगह हमला हुआ वहां से सीआरपीएफ को क्यों हटाया गया. ओवैसी ने साफ कहा कि आतंक का ये पेड़ पूरी तरह खत्म होना चाहिए. इस घटना के बाद पीएम को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए. recent visitors 103

खरगे की बक्सर में फ्लॉप रैली की गाज जिलाध्यक्ष पर गिरी, कांग्रेस ने मनोज पांडेय को किया निलंबित

बक्सर बक्सर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे को पार्टी ने किया निलंबित कर दिया है. उन पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. कहा गया है कि कोऑर्डिनेशन स्थापित नहीं करने के कारण पार्टी से उनको निलंबित किया गया है. रविवार को खरगे की सभा में भीड़ नहीं होने के कारण सत्ता पक्ष ने जनसभा पर कसा तंज था. पार्टी ने क्या आरोप लगाया पार्टी का आरोप है कि पांडे ने खड़गे के कार्यक्रम को सही तरीके से संभाला नहीं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित नहीं कर पाए. नतीजतन, खड़गे की जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. जब सभा में भीड़ कम दिखी, तो विपक्ष ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी अपना जन समर्थन खो रही है. गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बक्सर में एक जनसभा को संबोधित किया था, जिसमें कम संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पार्टी में असंतोष फैल गया और पांडे पर यह कार्रवाई की गई. 90 प्रतिशत कुर्सियां रहीं खाली जिला अध्यक्ष ने 40 हजार लोगों के जुटने का दावा किया था। उन्होंने 25 हजार कुर्सियां लगवाई थीं। लेकिन खड़गे के मंच पर पहुंचने तक केवल दो हजार लोग ही मौजूद थे। मैदान में 90 प्रतिशत कुर्सियां खाली रहीं। इस स्थिति से खड़गे भी नाराज दिखे। पार्टी में खलबली बिहार प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय सचिव द्वारा जारी एक्शन पत्र ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मचा दी है. इस पत्र के बाद बक्सर जिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बक्सर और राजपुर के विधायकों में भी खलबली मच गई है. इस घटना ने आगामी विधानसभा चुनावों में विधायकों को टिकट मिलने को लेकर भी चिंता सताने लगी है. जिसके चलते जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसके बाद जिला कांग्रेस की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने के साथी हड़कंप मच गया है। इसके अलावा अब भविष्य की राजनीति को लेकर अटकलें का बाजार भी गर्म हो गया है। स्थानीय नेताओं ने भीषण गर्मी को कम उपस्थिति का कारण बताया। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन की विफलता माना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस दौरे को आगामी चुनाव की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मान रहा था। बक्सर के दोनों कांग्रेस विधायक भी संगठन को सक्रिय करने में विफल रहे। इससे उनकी टिकट की दावेदारी कमजोर हुई है। पार्टी जल्द ही नए जिला अध्यक्ष की घोषणा करेगी। साथ ही लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। गर्मी के कारण भीड़ रही कम- विधायक खड़गे के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर बक्सर के सदर विधायक संजय तिवारी से बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि 'भीषण गर्मी के कारण लोग सभा स्थल तक नहीं पहुंचे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है, इसलिए लोग आसपास के बगीचे में बैठे थे।' वहीं, कांग्रेस के राजपुर के विधायक विश्वनाथ राम ने कहा कि 'आज बहुत चिलचिलाती धूप और शादी विवाह का दिन है। कार्यकर्ताओं ने सहयोग भी नहीं किया, जिससे हमलोग खुद शर्मिंदा हैं।' recent visitors 54