Friday, July 10, 2026 3:20 am

ग्रामीणों ने ही किया रेस्क्यू, छत्तीसगढ़-कोरबा में बाघ के बाद अब मगरमच्छ की दहशत

कोरबा। कोरबा के कटघोरा वन मंडल में अलग-अलग प्रकार के जंगली जानवरों की आमदगी लगातार बनी हुई है। पाली रेंज के चेतमा इलाके में जहां पहले बाघ देखे जाने की खबर सामने आई थी। वहीं अब इसी क्षेत्र के शिवपुर में मगरमच्छ के मिलने से सनसनी फैल गई। मगरमच्छ शिवपुर के तालाब से निकलकर सड़क पर आ गया। जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया। फिर वन विभाग को सूचना दी गई। कोरबा के पड़ोसी जीपीएम जिले से जंगली जानवर लगातार कोरबा जिले की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। कटघोरा वन मंडल के चैतमा जंगल में बाघ को देखे जाने की खबर सामने आई थी। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। वन विभाग के साथ ही ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया था। बताया तो यह भी जा रहा है कि बाघ ने किसी मवेशी का शिकार भी किया। वहीं अब पाली के शिवपुर में मगरमच्छ मिला है। बताया जा रहा है,कि मगरमच्छ गांव के तालाब से निकलकर सड़क पर आ गया था। जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने बिना डरे मगरमच्छ को रस्सी से बांध लिया और वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया। recent visitors 115

सुबह किया सुरक्षित रेस्क्यू, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में रात को घर में घुसा मगरमच्छ

चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी क्षेत्र में आने वाले धोरडिया गांव में एक परिवार के सदस्य सोमवार सुबह उस समय हक्के-बक्के रह गए। जब घर में करीब पांच फीट लंबा मगरमच्छ दिखा। इसे देखकर सभी के होश उड़ गए। तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। इस पर उपवन संरक्षक के निर्देश पर एक टीम मौके पर पहुंची तथा मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। यह मगरमच्छ रात को ही बाड़े के रास्ते से घर में घुस गया था। गनीमत रही कि इसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। जानकारी में सामने आया कि धोरडिया निवासी रामलाल गुर्जर के मकान में सोमवार सुबह करीब सात बजे एक मगरमच्छ बरामदे में दिखाई दिया। गांव में रहने वाले इसके रिश्तेदार घर पहुंचे थे तो बच्चों के झूले के पास यह मगरमच्छ था। इसे देख कर महिला रिश्तेदार चिल्लाई। इस पर रामलाल गुर्जर के परिवारजन और आस-पड़ोस के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए। बाद में वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। इस पर उपवन संरक्षक विजय शंकर पांडे के निर्देश पर मनीष तिवारी के नेतृत्व में एक रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू कर लिया गया। वन विभाग ने इसे बस्सी सेंचुरी के निकट बांध में छोड़ने का निर्णय किया है। ऐसे में इस मगरमच्छ को बस्सी सेंचुरी में छोड़ा जाएगा। इधर, जानकारी मिली है कि रामलाल गुर्जर के मकान का दरवाजा बंद था। इससे आशंका जताई जा रही है कि पीछे बाड़े के रास्ते से मगरमच्छ घर में आया हो। लेकिन गनीमत यह रही  कि मगरमच्छ ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। वरना बड़ी घटना हो सकती थी। धोरडिया गांव के निकट ही बेडच नदी बहती है, जबकि गांव के पास एक नाला है जो नदी से जुड़ा हुआ है। आशंका है कि मगरमच्छ नदी से नाले में होते हुए गांव में पहुंचा हो। घर से नाले की दूरी करीब आधा किलोमीटर बताई गई है। मगरमच्छ के किसी पर हमला नहीं करने और सुरक्षित रेस्क्यू कर लेने से सभी ने राहत की सांस ली है। मौके पर टीम में वन विभाग से नाथू सिंह सहित मनीष तिवारी, पीयूष कामले, रामकुमार साहू, मुबारिक खान, कन्हैया लाल सालवी रेस्क्यू करने पहुंचे। recent visitors 92

सतना में आ गया मगरमच्छ, वृद्ध महिला को ऐसे जकड़ा जबड़ों में, नहीं बची…

मैहर.  मध्य प्रदेश के मैहर जिले से दिल दहला देने वाली खबर है. यहां मगरमच्छ ने बुजुर्ग महिला को शिकार बनाया है. यह घटना उस वक्त हुई जब महिला प्राकृतिक काम से घर से बाहर निकली थी. महिला की उम्र 75 साल बताई जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. गांववाले इकट्ठे होकर मगरमच्छ पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी है. दूसरी ओर, सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. उसने शव जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने प्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है. घटना मैहर के झिन्ना गांव में घटी. पुलिस ने बताया कि गांववालों ने घटना की जब सूचना दी तो टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की. महिला के शव को जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. महिला के शरीर पर चोट के काफी निशान थे. पुलिस की टीम ने पड़ोसियों के बयान लेने के बाद मामला दर्ज कर लिया. महिला की पहचान 75 साल की रामवती कोरी के रूप में हुई है. गांववालों ने सुनाई ये कहनी गांववालों ने पुलिस को बताया, ‘रामदुलारे की पत्नी रामवती प्राकृतिक काम करने घर से बाहर निकली थी. वह जहां गई, वहां एक छोटा तालाब बना हुआ है. यहां मौजूद मगरमच्छ ने उसे दबोच लिया. उसके दबाचते ही महिला की चीखें सुनाई देने लगीं. वह उन्हें जबड़े में दबाए खींच रहा था. महिला की चीखें सुन हम लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि मगरमच्छ ने उन्हें बुरी तरह घायल दिया है. हमने आवाजें करने लगे. इसके बाद हमें देखकर मगरमच्छ वापस चला गया. हमने रामवती को पास जाकर देखा तो वह मर चुकी थी. recent visitors 61

नदी से निकलकर गांव में पहुंचे मगरमच्छ से मचा हड़कंप, वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा

तेंदूखेड़ा दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के केवलारी गांव में व्यारमा नदी से निकलकर एक मगरमच्छ मंगलवार सुबह मुख्य सड़क पर आ गया। ग्रामीणों ने सात फीट लंबे मगरमच्छ को देखा तो उनके होश उड़ गए, उन्होंने तत्काल वन अमले को सूचना दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे नोरादेही के चकाई तालाब में छोड़ा गया। मामला तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र के वीट केवलारी का है। यहां से व्यारमा नदी निकली हुई है, जिसमें सैकड़ों मगरमच्छ रहते हैं। उन्ही में से एक मगरमच्छ निकलकर रास्ते में पहुंच गया था। गनीमत यह रही कि जब मगरमच्छ नदी से निकलकर मुख्य मार्ग पर आया, उस  समय रामजी यादव की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने पूरे मामले की सूचना तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी को दी। जिसके बाद वन अमला मौके पर भेजा और रेस्क्यू कर मगरमच्छ को सिंगोरगढ़ जलाशय में छोड़ दिया गया। बाला बब्बा के समीप था मगरमच्छ केवलारी गांव में बाला बब्बा के पास नदी से निकलकर यह मगरमच्छ मुख्य मार्ग पर बैठ गया था। सड़क से कुछ ही दूरी पर किसानों ने अपनी फसल की रखवाली के लिए झोपड़ी बनाई है, जिनमें वह रहते हैं। अगर, रामजी यादव की नजर सही समय पर मगरमच्छ पर नहीं पड़ती तो वह झोपड़ी के पास भी जा सकता था। तेंदूखेड़ा रेंजर सृष्टि जैन ने बताया कि सूचना पर स्टाफ को भेजकर सात फीट लंबे मगरमच्छ का रेस्क्यू किया गया और झापन रेज में नोरादेही के चकाई तालाब में छोड़ दिया गया। recent visitors 117