Tuesday, July 7, 2026 9:33 am

स्कूल के मैदान खुद रही थी कब्र, कब्रिस्तान बनाने की थी तैयारी, तभी कलेक्टर को पहुंचा कॉल, हो गया तगड़ा एक्शन

सागर  स्कूल को शिक्षा का मंदिर माना जाता है लेकिन तब क्या जब स्कूल को कब्रिस्तान बना दिया जाए। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले के सानौधा इलाके से सामने आया है। यहां के गिरवर में स्कूल परिसर के मैदान को कब्रिस्तान बनाने और यहां कब्र खोदकर मृतक को सुपुर्दे खाक करने की तैयारी का खुलासा हुआ है। जानकारी पर जब प्रशासन पहुंचा तो वहां मौजूद लोग विवाद करने लगे। प्रशासन ने कब्र को बंद कराकर मृतक को दफनाने के लिए दूसरी जगह दी है। हालांकि इस दौरान लोग विवाद करने पर अमादा हो गए थे। पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी, धमकी दी तब कहीं जाकर गांव वाले माने। मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संबंधितों को नोटिस भी जारी किए हैं। ये है पूरा मामला जानकारी के अनुसार जिले के सीमावर्ती गिरवर गांव में शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल के मैदान में कुछ लोग किसी मृतक को दफनाने के लिए कब्र खोद रहे थे। किसी ने इसकी खबर मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह को दी। उन्होंने तत्काल कलेक्टर संदीप जीआर को मामले की सूचना दी तो प्रशासन हरकत में आया। पुलिसकर्मी यहां पहुंचे और कब्र खोदने और सुपुर्दे खाक की प्रक्रिया रोकने की बात कही तो मृतक के परिजन व समाज के लोग पुलिस को ही धमकी देने लगे। धमकी के बाद एएसपी दलबल के साथ पहुंचे स्थानीय पुलिस से जब मामला नहीं संभला और लोग शव को थाने में रखकर प्रदर्शन की धमकी देने लगे तो मामला बिगड़ता देख एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा और प्रशासन का अमला भारी पुलिसबल के साथ गिरवर पहुंच गया। यहां उन्होंने समाज और परिवार के लोगों को समझाइश दी। लोगों का कहना था कि यहां हमारा कब्रिस्तान पहले से था, लेकिन इसके बाजू में स्कूल बना दी गई है। काफी मशक्कत के बाद लोग माने। प्रशासन ने उन्हें मृतक को दफनाने के लिए दूसरी जगह दी है। छुट्टी के दिन दफनाते हैं शव, 3 महीने पहले भी दफनाया था जानकारी अनुसार गिरवर के सरकारी स्कूल परिसर में दूसरी दफा कब्र खोदकर मृतक को दफनाने की तैयारी चल रही थी। बीते 14—15 अगस्त को सरकारी अवकाश के दिन यहां पर कब्र खोदकर गांव के किसी व्यक्ति को सुपुर्दे खाक किया गया था। कब्र पर पत्थर भी बकायदा लगाया गया था। अब शुक्रवार 15 नवंबर को भी छुट्टी का दिन था और स्कूल परिसर में कब्र खोदी जा रही थी। यदि समय पर सूचना नहीं मिलती तो लोग दफनाने की प्रक्रिया पूरी कर देते और स्कूल परिसर में दूसरी कब्र तैयार हो जाती। प्रशासन की गलती है, नोटिस जारी किए हैं मप्र बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने नवभारत टाइम्स को जानकारी देते हुए बताया कि गिरवर में करीब 3 महीने में दूसरी दफा शव दफनाने का काम चल रहा था। शुक्रवार को अवकाश था, अगस्त महीने में भी अवकाश के दिन ही शव दफनाया गया था। यह गलत है। प्रशासन को मौके पर जाकर देखना था, इसे रोकना था। उस समय रोका जाता तो अभी यह स्थिति नहीं बनती। मामले में आयोग ने संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब—तलब किया है। recent visitors 96

शरीर पर नहीं कोई चोट, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में पहाड़ी पर मिला अज्ञात का तीन-चार दिन पुराना शव मिला

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पहाड़ी में एक अज्ञात युवक का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची, पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पूरे मामले को जांच में ले लिया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, तमनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मिलूपारा-बांजीखोल रोड के पहाड़ी में अज्ञात शख्स की तीन से चार दिन पुरानी लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक युवक की उम्र 25 साल के आसपास बताई जा रही है और बॉडी खराब हो जाने के चलते उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था। बताया जा रहा है कि शव पुराना होने की वजह से शरीर में किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। मृतक युवक के सीधे हैंड में काला धागा और ब्रेसलेट है। साथ ही नीले रंग की जींस और भूरे रंग की शर्ट पहने हुए है। रविवार दोपहर पहाड़ी में अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिलते ही तमनार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले को जांच में लेते हुए मृतक की शिनाख्त में जुट गई है। recent visitors 69

स्टील एलाइज कंपनी में काम करता था मृतक, छत्तीसगढ़-रायगढ़ के सेफ्टिक टैंक में मिली लाश

रायगढ़. रायगढ़ जिला मुख्यालय में शुक्रवार की सुबह सेफ्टिक टैंक में एक व्यक्ति की लाश मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मृतक गांव में ही स्थित एन स्टील एलाइज कंपनी में काम करते आ रहा था और दो दिन पहले गांव घूमने जाने के नाम से घर से निकला था। उक्त मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मृतक चरण सिंह मांझी पिता शालिक राम मांझी 47 साल ग्राम किरारी बाराद्वारा का रहने वाला था और वह पिछले 4-5 सालों से रायगढ़ के भेलवाटिकरा एन स्टील एलाइज कंपनी में काम करते आ रहा था। बताया जा रहा है कि मृत अपने पत्नी के अलावा अन्य 8-10 लोगों के साथ प्लांट के अंदर ही चाल बनाकर रहते थे। इस प्लांट में फ्लाइएश के छानकर लोहा निकालते थे। जिसे वापस प्लांट में बेचा जाता था। 9 अक्टूबर की रात मृतक चरण सिंह मांझी गांव घुमने जा रहा हूं कहकर निकला था। तब से वह लापता हो गया था। प्लांट के बगल में मिला शव परिजनों के अलावा प्लांट के अन्य कर्मचारियों के द्वारा उसकी खोजबीन की जा रही थी। इसी बीच आज सुबह प्लांट के बंगल में स्थित लखन यादव के बिल्डिंग के सैप्टिक टैंक में युवक का शव मिला। गांव के ग्रामीणों ने बताया कि आखरी बार कल शाम को ही युवक को आखरी बार देखा गया था। इस संबंध में उद्योगपति दीपक चटर्जी ने बताया कि उसके यहां के एक मजदूर चरण सिंह मांझी रात करीब 9 बजकर 40 मिनट से यहां से निकला था और रातभर घर नही पहंुचा जिसके बाद सुबह से ही उसकी खोजबीन की जा रही थी। साथ ही गांव के अन्य उसके रिश्तेदार के अलावा गांव में उसकी खोजबीन कर रहे थे। बेटे ने लिखाई थी थाने में रिपोर्ट इस मामले में मृतक के बेटे लव मांझी ने कल दोपहर 3 बजे चक्रधर नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखाई थी। इस बीच आज सुबह सेफ्टिक टैंक में उसकी लाश मिली है। उन्होंने बताया कि मृतक अपने घर में इकलौता कमाने वाला शख्स था और बीच-बीच में काम छोडकर खेती किसानी करने चले जाता था। भेलवाटिकरा गांव के पूर्व सरपंच हेमंत डनसेना ने बताया कि यह प्लांट बीते साढ़े चार-पांच साल पहले कमला राठिया के कार्यकाल के दौरान चालू हुआ था। यहां अलग-अलग जगहों से 20 से 25 मजदूर आते थे और काम करके वापस चले जाते थे। मृतक के परिजनों को मिले मुआवजा पूर्व सरपंच ने बताया कि इस प्लांट के जरिये लोगों का जीवन यापन हो रहा था। यह कोई बड़ा प्लांट नही है, यहां वेस्टेज आयरन लाते हैं और कुटाई और सफाई करके पुनः बाजार में बेचा जाता है। मृतक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ यहां रहता था, प्लांट के मालिक को चाहिए कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। recent visitors 76

बांस में बांधकर शव ले गए ग्रामीण, छत्तीसगढ़-सरगुजा के गांव में अब तक नहीं पहुंची सड़क

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के पटकुरा पंचायत के आश्रित गांव घटोन में एक बार फिर से बुनियादी सुविधाओं की कमी का गंभीर मामला सामने आया है. सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक शव को बांस के सहारे ढोकर घर तक ले जाना पड़ा. इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सरकार की विकास योजनाओं और दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं. भले ही सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी देश के कई गांव बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी से वंचित हैं. घटोन गांव इसका एक जीता-जागता उदाहरण है. पहाड़ी गांव में लोगों ने खुद बनाई सड़क पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर कोई सड़क नहीं है. ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाई है, लेकिन बरसात के मौसम में यह भी खराब हो जाती है, जिससे वाहनों का पहुंचना असंभव हो जाता है. इसी कारण गांव में एंबुलेंस सेवा भी नहीं पहुंच पाती. शव को बांस में बांधकर ले जाना पड़ा घटना के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, और सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों ने शव को बांस में बांधकर गांव तक पहुंचाया. यह पहली बार नहीं है जब इस गांव के लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो. पहले भी कई बार यहां के लोग शवों को इसी तरीके से ले जाने के लिए मजबूर हुए हैं. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया, "मौत के बाद हमने परिजनों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी थी, लेकिन एंबुलेंस आखिरकार घर तक क्यों नहीं पहुंची, यह जांच का विषय है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी." ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई जाती, तब तक उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा. recent visitors 67